23-08-2026, 08:52 PM
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मैं मम्मी के मोबाइल में पिक देख रहा था। मम्मी गाड़ी में अंकल का लंड चूस रही थीं सफेद सूट में।
तभी अचानक अंकल आ गए। और बोले। बेटा मम्मी के मोबाइल में मम्मी की चुदाई पिक देख रहे हो।
मैं: नहीं अंकल। सिर्फ आपका लंड चूसने की पिक है। और आपको कैसे पता मैं मम्मी के मोबाइल में क्या देख रहा हूँ।
अंकल: बेटा तेरी मम्मी ने खुद चुदाई की वीडियो बनवाई है। और कई पिक भी। ताकि वो तुझे दिखा सके। उसने मुझसे कहा था। मेरी चुदाई की वीडियो बनाओ। और अंकुश को दिखाना। आज उसी की वजह से मुझे ये सुख मिल रहा है। वो तुझसे डायरेक्ट ये तो नहीं बोल सकती कि मेरी चुदाई की वीडियो देख। पिक देख। इसलिए तुझे गेम खेलने के बहाने से मोबाइल देकर गई होगी।
मैं: हाँ अंकल। आपको कैसे पता।
अंकल: उसने मुझे पहले ही बता दिया था।
मैं: ओह अंकल। पर अंकल इस मम्मी की चुदाई की पिक नहीं है।
अंकल: बेटा है। उसी में मैंने एक फोल्डर बनाया है। उसी ने बनाया है। योगेश अंकल और अंकुश की वर्षा मम्मी की चुदाई।
मैंने फिर मोबाइल में फोल्डर देखा। तो उसमें मम्मी की चुदाई के कई वीडियो पिक थीं।
मैं: अंकल वाउ। पर मम्मी ये कुछ नहीं किया का नाटक क्यों करती हैं।
अंकल: बेटा वो एक माँ है। और कोई माँ अपने बेटे की नजरों में नहीं गिरना चाहती है।
मैं: जी अंकल।
अंकल: वर्षा कहाँ है।
मैं: रूम में सोने गई है।
अंकल: सोने नहीं गई है। बल्कि चुदने के लिए रेडी होगी रूम में।
मैं: आपको कैसे पता।
अंकल: उसी ने कहा था। आप घर आ जाना थोड़ी देर बाद। मैं जा रही हूँ। और पूरे दिन मेरी चूत फाड़ना। क्योंकि कल मेरा पति आ जाएगा। इसलिए आप घर आ जाना। और पूरे दिन मेरी चूत फाड़ना। और अंकुश को किसी बहाने से बाहर भेज देना।
मैं: ओके अंकल। आप जाइए। लेकिन मैं आज घर पे रहूँगा।
अंकल उठे। और मम्मी के रूम में गए। और थोड़ी देर बाद वापस आए। और बोले। बेटा तेरी मम्मी जिद कर रही है तुझे घर से बाहर भेजने की।
मैं: क्या अंकल। एक तरफ तो मम्मी वीडियो बनवाकर मुझे दिखवा रही है। और बाहर भेज रहे हो।
अंकल: बेटा वो तुझे वीडियो अनजान बनकर दिखा रही है। लेकिन तू यहाँ रहेगा तो उसकी आवाज चुदने की आएगी। तो उसे शर्म आएगी।
मैं: ओके अंकल। और मैं मम्मी के रूम में गया अंकल के साथ। मम्मी बेड पे बैठी थीं एक गाउन में।
मैं: मम्मी मुझे दोस्त के घर जाना है। रात को 9 बजे तक आऊँगा। और आते समय मार्केट से खाना भी पैक करा लाऊँगा। और आप अंकल से कंप्यूटर सीखिए।
मम्मी: ओके बेटा।
और मैं घर से निकल गया। और रात को 9 बजे मैंने अंकल को कॉल किया। अंकल ने कॉल रिसीव नहीं किया। फिर अंकल ने मैसेज किया। आधे घंटे बाद आना। और फिर मैं आधे घंटे बाद घर पहुँचा। और डुप्लीकेट की से गेट खोला। तो हॉल में कोई नहीं था। फिर मैं मम्मी के रूम के गेट पर पहुँचा। तो गेट खुला था। लेकिन पर्दा लगा था। मम्मी की उई माँ ओह फक मी की आवाज आ रही थी।
मैं समझ गया अभी चुदाई चालू है। मैं फिर किचन गया। और खाना रखकर वापस हॉल में गया। और ईयरफोन लगाकर गाने सुनने लगा। थोड़ी देर बाद मम्मी अंकल दोनों आए। मम्मी ने गाउन पहना था। मम्मी के बाल बिखरे थे। पूरा चेहरा का मेकअप भी हट गया था। माँग में जो सिंदूर था वो पसीने से बहकर नीचे गालों पर आ रहा था। और माथे पे बिंदिया भी नहीं थी। और मम्मी अपना सिर नीचे लटकाए हुए सोफे पे बैठ गईं। और अंकल ने लोअर बनियान पहन रखी थी। मम्मी के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।
अंकल: बेटा कब आया।
मैं: अंकल अभी एक मिनट पहले आते ही सीधा किचन में गया। खाना रखकर ईयरफोन लगाकर गाने सुनने ही बैठा। आप दोनों आ गए। और आपने मम्मी को कंप्यूटर सिखा दिया।
अंकल: बेचारी डरी हुई। देख कैसे इसका चेहरा मुरझाया हुआ।
मैं: क्यों मम्मी।
अंकल: बेटा इस डर की वजह से। कोई क्या सोचेगा। एक मर्द के साथ घर में अकेली है।
मैं: मम्मी आप भी। और मम्मी के पास जाकर मम्मी का चेहरा अपने हाथों में लेकर। मम्मी किसको कुछ नहीं पता। और वैसे आप तो कंप्यूटर सीखने रही थीं।
मम्मी: बेटा सच बता। तू कितनी देर पहले आया था। तुझे मेरी कसम।
मैं: जस्ट आया था। और किचन में खाना रखकर बाहर आया कि आप दोनों भी रूम से आ गए।
मम्मी: क्या तू मेरे रूम में। गेट खुला था तो क्या तूने अंदर आए। चुप हो गईं।
मैं: नहीं मम्मी। मैं आपके रूम की तरफ नहीं गया। क्यों आप ऐसे क्यों पूछ रही हो।
मम्मी: कुछ नहीं बेटा। बस ऐसे ही। और मुझे एक बार मेरे सिर पे चूमा। और किचन में चली गईं।
फिर हम तीनों ने साथ में खाना खाया।
अंकल: बेटा कल तेरे पापा आ जाएँगे। तो मैं सोच रहा था वर्षा को आज रात अपने घर ले जाकर कंप्यूटर सिखा देता।
मम्मी: नहीं। मैं नहीं जाऊँगी। पिछले कई दिनों से आपके साथ थी। आज मैं अपने बेटे के साथ रहूँगी।
मैं: मम्मी आप जाइए।
मम्मी: चिल्लाकर। चुप।
अंकल: हाँ बेटा। वर्षा सही कह रही हैं। और फिर अंकल अपने घर चले गए।
फिर मैं मम्मी रात को साथ में सोने गए। तो मम्मी ने कहा। बेटा मेरे मोबाइल में कुछ वायरस है। ऐसा लगता है। तू उसे सही कर देना। और मैं सोती हूँ। और फिर मम्मी मेरे साथ बेड पे सो गईं मुझसे चिपक कर। मैं भी मम्मी से चिपक कर सो गया।
नेक्स्ट डे मैं स्टडी कर रहा था हॉल में। आज पापा आने वाले थे रात तक। थोड़ी देर में अंकल भी आ जाते हैं छत के रास्ते से।
मम्मी उस समय सलवार कमीज में थीं। लेकिन वो भी काफी स्किन टाइट थी। जिससे उनके शरीर के हर एक उभार साफ साफ दिखायी दे रहा था। अंकल तो आते ही तड़ने लगे मम्मी को। मम्मी अंकल को इशारे कर रही थीं मेरी ओर देखकर। जैसे मना कर रही हों। अंकुश बेटा है।
अंकल ने मुझसे कहा। बेटा तेरी मम्मी से बोल साड़ी पहन कर आए।
फिर मैंने मम्मी से कहा। मम्मी साड़ी पहन लो ना।
मम्मी: क्यों बेटा।
मैं: प्लीज मम्मी।
मम्मी: ओके।
फिर थोड़ी देर बाद मम्मी साड़ी पहन कर आतीं। और आकर मेरे पास बैठ गईं।
मुझे लगा मैं हूँ यहाँ। सो मम्मी खुल के बातें नहीं कर पा रहे होंगे। सो मैं मम्मी को बोल दिया। मैं अंदर रूम में जा रहा हूँ स्टडी करने। और रूम में चला गया।
फिर मैं अपने रूम से उनकी बातें सुनने लगा। क्योंकि मम्मी मेरे सामने शर्माती हैं।
अंकल: वर्षा आज तो तुम बहुत सुंदर लग रही हो। ऐसा लग रहा है जैसे अभी तुमको खा जाऊँ।
मम्मी: मम्मी बस स्माइल कर रही थीं। फिर शर्मा के कहने लगीं। आप भी ना योगेश जी। झूठ की तारीफ करना कोई आप से सीखे बस। क्या मैं पहले सुंदर नहीं थी। और पिछले 6 महीनों से मुझे खा ही तो रहे हो।
अंकल: सच वर्षा। इस टाइट सूट में तुम एकदम कड़क माल लग रही हो।
मम्मी: स्माइल कर दीं। अच्छा जी।
फिर अचानक अंकल ने मम्मी को कस के पकड़ लिया। उनका एक हाथ मम्मी के बैकलेस पीठ पर रगड़ रहा था। और दूसरा हाथ मम्मी की आस तक चला गया था। उनके होठ मम्मी की नेक को छू रहे थे। मम्मी भी अब मूड में आने लगी थीं। नेक से गाल तक। और गाल से लिप्स तक अब किसेस होने लग गई थीं। और लास्ट में उनके लिप्स एक दूसरे से मिल ही गए।
अंकल जिस जोश से मम्मी को चूम रहे थे। उससे साफ पता चल रहा था कि मम्मी ने उन्हें कितना ज्यादा तड़पाया था उस टाइट सूट में। उनके लिप्स और टंग एक दूसरे से मिल रहे थे। मम्मी अब उम्मम ऐसी आवाजें निकालने लग गई थीं। अंकल ने अब मम्मी को हॉल में सोफे से उठा कर अपनी बाँहों में उठा लिया। और उनको उठाके बेडरूम तक लेके गए। और उनको उसने जोर से बेड पे पटक दिया। उनकी इतनी स्ट्रॉन्ग बॉडी थी कि वो मम्मी को आसानी से कंट्रोल कर रहे थे। ये आप लोगों को पहले भी बता चुका हूँ। मम्मी अंकल के आगे एक बच्ची लगती हैं।
अंकल ने एक झटके से मम्मी का पल्लू हटाया। और साड़ी को निकाल कर फेंक दिया। उनके ब्लाउज को अंकल ने खोलने की ट्राई करी। पर वो अटक गया था। इसलिए अंकल ने उसे सीधा फाड़ दिया। और जोर से साइड में फेंक दिया। मम्मी ने ब्रा नहीं पहनी थी। इसलिए मम्मी के बड़े बड़े बूब्स अंकल के सामने आ गए थे। अंकल तो जैसे पागल हो गए थे। वो उनको जोर जोर से मसलते हुए किस करने लग गए।
दर्द के मारे मम्मी सिसकारियाँ लेते जा रही थीं। और वो बोलीं। आह उफ योगेश जी क्या कर रहे हो। धीरे से करो ना।
अब मम्मी सिर्फ पेटीकोट में थीं। अंकल ने उसे ऊपर उठाया। और मम्मी की सुंदर क्लीन शेव्ड चूत को वो मसलने लग गए। मम्मी की आह निकल गई। क्योंकि नीचे अंकल ने एक उँगली अंदर डाल दी थी।
अंकल: वर्षा डार्लिंग इतने बेशकीमती खजाने को क्यों छुपा के रखा था। मैंने कल रात को तुमसे मेरे घर चलने को कहा। तो क्यों मना किया तुमने। आज तो मैं तुमको इतना चोदूँगा कि तुम्हारी चीखें पूरी कॉलोनी में सुनाई देंगी।
मम्मी: अच्छा जी। इतना गुस्सा। पिछले 6 महीनों से चुदवा रही हूँ। वो क्या। पिछली कई रातों से आपके साथ थी। बेटे से 10 दिन बाद मिली। तो इतना गुस्सा क्यों। क्या एक रात बेटे के साथ माँ बनकर नहीं सो सकती।
अंकल ने झट से अपना टी-शर्ट और पैंट निकाली। उनके अंडरपैंट्स में तंबू बना हुआ था। मम्मी को मजा आ रहा था। अंकल ने जैसे ही अपना अंडरपैंट्स निकाला। तो उनका 8 इंच का खड़ा हुआ लंड बाहर आ गया।
मम्मी तो बिना कुछ बोले बस आँखें फाड़ कर उसे देख रही थीं।
अंकल: ऐसे क्यों देख रही हो। क्या पिछले 6 महीनों से नहीं देखा।
मम्मी: देखा है। पर आज इसको इतना गुस्सा क्यों आ रहा है।
अंकल: कल रात को तूने इसे खुश करने से मना कर दिया था। इसलिए फिर।
अंकल ने मम्मी को खींच कर नीचे बिठाया। और मम्मी कुछ बोलें इससे पहले ही उन्होंने अपना लंड मम्मी के मुँह में डाल दिया। मम्मी भी मजे से उसको चूस रही थीं।
कुछ देर के बाद अंकल अब कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने मम्मी को बेड पे लिटाया। और खुद उनके ऊपर चढ़ गए। उनका बड़ा लंड मम्मी की चूत को टच कर रहा था। उससे मम्मी और तड़प रही थीं।
मम्मी: योगेश जी मुझसे कंट्रोल नहीं होगा। और वेट। जल्दी से अंदर डालो अपना प्लीज।
अंकल ने मम्मी पर अपना पूरा कंट्रोल ले लिया था। उनको पता था मम्मी अब उनके जाल में फँस चुकी हैं। और उसको अपनी गुलाम कैसे बनाना है। अंकल जानबूझकर और देर कर रहे थे। ताकि मम्मी उनके सामने गिड़गिड़ाएँ। और ज्यादा भीख माँगें।
और ऐसा ही हुआ। आखिर अंकल ने अपना लंड जैसे ही अंदर डाला। मम्मी की एक सेकंड के लिए साँस रुक गई। उनकी चूत काफी टाइट थी। क्योंकि रात को मम्मी ने अपनी चूत पे एक क्रीम लगाई थी जिससे चूत टाइट हो जाए। और अंकल का लंड काफी बड़ा था। जब टाइट चूत में बड़ा लंड जाएगा तो ऐसा ही होगा।
मम्मी: आह... योगेश। उई माँ। प्लीज धीरे से।
अंकल ने मम्मी को अनसुना कर के और ताकत से लंड अंदर डाला। तो मम्मी बेड पर ही छटपटाने लग गईं। अंकल ने मम्मी को कस के पकड़ रखा था। तो मम्मी हिल भी नहीं पा रही थीं।
इतने स्ट्रॉन्ग हाथों में मेरी नाजुक कली जैसी मम्मी को रोंगते हुए देख कर मुझे काफी अच्छा लग रहा था। मम्मी की चीखें और भी तेज होती जा रही थीं। पर अंकल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। मम्मी अंकल के सामने अब रोने की हालत में आ गई थीं। उनकी आँख से आँसू आ रहे थे। पर अंकल के सामने उनकी एक नहीं चल रही थी। कुछ देर बाद उनका दर्द कम हुआ। तो अब मम्मी को भी मजा आने लग गया था।
इतने में मम्मी का फोन बजता है। और उस पर पापा का कॉल होता है। मम्मी उठाने ही वाली थीं। कि अंकल ने उनके हाथ से फोन छीन लिया। और दूर फेंक दिया। ये सब मैं विंडो से देख रहा था।
उनका अच्छे से सेक्स चल रहा था। कि तभी घर की बेल बजती है। और मम्मी एकदम से चौंक जाती हैं। पर अंकल उनको हिलने भी नहीं देते। उनको लगा जो होगा चला जाएगा।
मम्मी: छोड़िए। कोई है। बेल बज रही है।
अंकल: तू चुद। अंकुश देख लेगा। जो होगा वो उसे बाहर से भेज देगा।
मम्मी: हो सकता है मेरा नामर्द पति आया हो।
अंकल: वो रात को आएगा। अंकुश ने बोला है।
मम्मी: उसका भरोसा नहीं है। वो अभी भी आ सकता है।
अंकल: चुप। वो अभी नहीं आएगा। तू मेरे लंड को शांत कर। और अंकल मम्मी को चोदने लगे।
लेकिन 5 मिनट बाद सीधा डोर ओपन होता है। और पापा अंदर आ जाते हैं। क्योंकि पापा के पास भी घर की एक की होती है। पापा को देख के मेरे पसीने छूटने लगते हैं।
पापा ने मम्मी को आवाज लगाई। और वो बोले। वर्षा कहाँ हो तुम।
उनकी आवाज सुनते ही मम्मी शॉक में रुक जाती हैं। और अंकल भी रुक जाते हैं। उनको तो पता ही नहीं चला कि कब पापा घर में आ गए हैं। मम्मी अब रोने लगीं। और बोलीं।
मम्मी: अब हम पकड़े जाएँगे। और उनको अब सब पता चल जाएगा।
अंकल ने जल्दी से उनके कपड़े बेड के नीचे सरका दिए। लेकिन मम्मी के कपड़े पड़े थे जो दिख रहे थे। लेकिन अंकल के बेड के नीचे थे जो नहीं दिख रहे थे। और मम्मी को उठा के बाथरूम में घुस गए। लेकिन गेट खुला ही छोड़ दिया। मम्मी रोए जा रही थीं।
पापा मम्मी को मुझे आवाज लगाए हैं। तो मैं भी हॉल में आता हूँ। तब तक पापा मम्मी यानी उनके रूम में घुसने लगते हैं। क्योंकि अंकल मम्मी ने गेट बंद नहीं किया था। तो मैं देखता हूँ पापा उनके रूम में घुस रहे हैं। तो मैं भी पापा के पास पहुँचकर। लेकिन जब तक पापा उनके रूम में घुस गए। और मैं भी।
मैं: पापा कब आए।
पापा: अभी जस्ट। तेरी मम्मी कहाँ हैं।
बाथरूम के अंदर से मम्मी की रोने की थोड़ी आवाज आ रही थी। तो अंकल ने मम्मी के मुँह को अपने हाथ से पकड़ लिया।
मैं: पापा मम्मी पड़ोस में आंटी के घर गई हैं।
पापा: ये आवाज कैसी है।
मैं: कैसी आवाज पापा।
पापा: बेटा ऐसा लग रहा है जैसे तेरी मम्मी बाथरूम में हैं। उसी की रोने जैसी आवाज मुझे लगी।
मैं: नहीं पापा। मम्मी तो मेरे सामने पड़ोस वाली आंटी के घर गई हैं।
पापा: नहीं बेटा। बाथरूम चेक करता हूँ।
मैं: रुकिए पापा। मैं देखता हूँ।
फिर मैंने बाथरूम के गेट पे गया। तो अंदर अंकल मम्मी नंगे थे। मम्मी की चूत में अंकल का लंड फँसा था। मम्मी की पीठ मेरी तरफ थी।
मैं: पापा बाथरूम खाली है।
फिर पापा ने मम्मी को फोन किया। तो उनका फोन बेडरूम में ही बजने लग गया। ये सब अंकल और मम्मी बाथरूम के अंदर से सुन रहे थे। वो दोनों एकदम नंगे। और अंकल के खड़े लंड के साथ बाथरूम में थे।
पापा: देख बेटा। तेरी मम्मी का फोन यहीं बेड पे बज रहा है।
मैं: हाँ पापा। मम्मी मोबाइल ले जाना भूल गईं।
इस मौके का फायदा उठाते अंकल ने पीछे से मम्मी की चूत में लंड डाल दिया। मम्मी की चीख निकल ही जाती। इतने में अंकल ने और जोर से उनका मुँह बंद कर दिया। और धीरे धीरे वो लंड को अंदर बाहर करते जा रहे थे।
बेडरूम में खड़े पापा ने इमेजिन भी नहीं किया होगा कि उनकी घरेलू सेक्सी पत्नी उनके सामने ही बाथरूम में किसी दूसरे आदमी का लंड लेने में बिजी हैं।
पापा ने देखा मम्मी के कपड़े नीचे पड़े हैं। लेकिन अंकल के कपड़े पापा को नहीं दिखे। क्योंकि अंकल ने अपने कपड़े बेड के नीचे कर दिए थे।
पापा: देख बेटा। तेरी मम्मी के कपड़े नीचे पड़े हैं। तू मुझे बाथरूम में देखने दे।
मैं: रुकिए पापा। वहीं रहिए पापा। मैंने देख लिया। मम्मी बाथरूम में नहीं हैं। और कपड़े तो आंटी के घर गईं तो चेंज करके गई थीं। शायद इन कपड़ों को अलमारी में रखना भूल गई होंगी।
पापा: ठीक है बेटा। मैं रख देता हूँ।
मैं: नहीं पापा। मैं रख दूँगा। आप हॉल में चलिए।
पापा: नहीं बेटा। बाथरूम में ड्रेस होकर आऊँगा।
मैं: नहीं पापा। आप दूसरे बाथरूम में जाइए।
पापा: क्यों।
मैं: प्लीज पापा।
पापा: ओके।
फिर पापा हॉल में आ गए। लेकिन मैं मम्मी के कपड़े उठाने लगा। कि अंकल ने एक शॉट लगाया मम्मी की चूत में पीछे से। जो मैंने देखा। लेकिन मम्मी की पीठ मेरी तरफ थी। इसलिए मैं उनका चेहरा नहीं देख पा रहा था। अंकल के शॉट से मम्मी की चीख निकली। जो मुझे स्पष्ट सुनाई दी। फिर मैं भी मम्मी के कपड़ों को उठाकर बेड पे रख आया। और हॉल में आते समय मैंने बेडरूम का डोर बंद किया। ताकि मम्मी की आवाजें पापा तक न पहुँचे।
और बाहर आकर हॉल में पापा के पास बैठ गया। और पापा बोले। मैं फ्रेश होकर आता हूँ। तो पापा मेरे बाथरूम में चले गए। और मैं मम्मी की बाथरूम की विंडो पे चला गया। और बाथरूम में देखने लगा।
अंकल ने अब जोर से धक्के लगाने चालू किए। और मम्मी की अब थोड़ी आवाजें भी आने लगीं। मम्मी तो इस दौरान 2 बार झड़ चुकी थीं। अंकल ने अब स्पीड बढ़ाया। और मम्मी को और जोर से धक्के मारने लग गए। अंकल मम्मी के बूब्स दबाए जा रहे थे। और उनके मोटे चूतड़ पर वो थप्पड़ मारते जा रहे थे। अब काफी टाइम हो गया था। करीब आधे घंटे से भी ज्यादा।
अब अंकल ने जोर से एक धक्का लगाया। और अपना पानी मम्मी के चूत के एकदम डीप तक अंदर डाल दिया।
मम्मी ने जैसे ही अंकल का गरम पानी अपने अंदर महसूस किया। तो वो बोलीं। अपने अंदर क्यों निकाला।
अंकल: वर्षा तुझे तो मैं अपने बच्चे की माँ बनाने वाला हूँ। ये बस उसकी ही तैयारी है।
मम्मी: बड़े आए माँ बनाने वाले। अभी पकड़े जाते। वो तो अंकुश ने बचा लिए।
अंकल: हाँ। आज तो उसी ने बचाए।
मम्मी: अब मैं अंकुश से कैसे नजरें मिलाऊँगी। आज उसने मुझे आपसे चुदते हुए देखा है।
अंकल: नहीं। जाने। नहीं देखा।
मम्मी: वो बाथरूम चेक करने आया तो था।
अंकल: उसने कुछ नहीं देखा। पर उसे पता तो है तू मुझसे चुदती है।
मम्मी: उसका सामना कैसे करूँगी।
अंकल: तू ऐसे बिहेव करना जैसे कुछ नहीं हुआ है। नहीं तो अंकुश को बुरा लगेगा। तू उदास रहोगी तो।
मम्मी: हाँ।
अंकल: अब जल्दी से मेरे लंड को पानी से शाइन दे। और तेरी चूत को भी धो ले।
मम्मी: आपके लंड को मैं पानी से नहीं बल्कि अपने मुँह में लाके साफ करूँगी। और फिर।
फिर मम्मी ने अंकल के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसकर साफ किया। और फिर अपनी चूत को बिना साफ किए ही दोनों बाहर रूम में आए। और अंकल ने अपने कपड़े पहने। और मम्मी ने भी जो कपड़े मैंने बेड पे रखे थे जमीन से उठाकर उनको पहनने लगीं। पहले बिना पैंटी के पेटीकोट। फिर अपना फटा ब्लाउज को देखकर बोलीं। आपने फाड़ दिया।
अंकल: दूसरा पहन ले।
तो मम्मी ने अलमारी से दूसरा ब्लाउज निकाला। और पहना। फिर साड़ी।
मम्मी: अब बाहर चलें।
अंकल: बाहर तेरा नामर्द पति होगा।
मम्मी: अंकुश को मैसेज करो।
फिर अंकल मुझे मैसेज भेजने लगे। तो मैं वहाँ से हटकर हॉल में सोफे पे आ गया। जहाँ पापा लैपटॉप में अपना काम कर रहे थे। पापा बाथरूम से कब आए मुझे नहीं पता। फिर कुछ देर बाद अंकल ने व्हाट्सएप पे मैसेज भेजा। तेरे नामर्द बाप को भेज। मुझे रूम से निकलना है। फिर मैंने पापा से कहा। पापा मुझे आइसक्रीम खानी है। प्लीज ले आइए।
पापा: बेटा तू ले आ।
मैं: प्लीज पापा ले आइए।
पापा: लाता हूँ। और घर से बाहर निकल गए।
पापा के जाते ही अंकल मम्मी बाहर आए। मम्मी चुप थीं।
मैं: अंकल आप टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। जब पापा रूम में गए थे तो मैं समझ गया था आप मम्मी बाथरूम में गए होंगे। क्योंकि मैंने आप दोनों को नहीं देखा। पर समझ गया था आप दोनों बाथरूम में छिप गए। लैपटॉप लेकर। क्योंकि लैपटॉप बाहर रहता तो पापा को कुछ शक हो जाता। फिर अंकल चले गए।
ये फिर मम्मी ने मुझे अपने पास बुलाया। मम्मी सोफे पे बैठी थीं।
मम्मी: बेटा।
मैं: मम्मी आप टेंशन न लें। आपने कुछ गलत नहीं किया। आप तो कंप्यूटर सीख रही थीं।
मैंने झूठ जानबूझकर बोला ताकि मम्मी की टेंशन खत्म हो जाए। हालाँकि मम्मी को पता चल चुका था मैं झूठ बोल रहा हूँ। उनकी चुदाई देखकर भी अनजान बन रहा हूँ। फिर मम्मी ने कहा। बेटा कब तक बचाएगा मम्मी को।
मैं: मम्मी हमेशा आपके साथ हूँ।
मम्मी: जानती हूँ। तभी तो आज बच गईं।
मैं: मम्मी आप आराम से कंप्यूटर सीखिए। और अंकल के प्यार को एक्सेप्ट कर लो।
मम्मी: नेवर। कभी नहीं करूँगी। मैं अपने बदन पर किसी को भी हाथ नहीं लगाने दूँगी।
मैं: ओके मम्मी। फिर पापा आइसक्रीम लाए। हमने आइसक्रीम खाई। और रात को खाने के बाद।
मैं मम्मी के मोबाइल में पिक देख रहा था। मम्मी गाड़ी में अंकल का लंड चूस रही थीं सफेद सूट में।
तभी अचानक अंकल आ गए। और बोले। बेटा मम्मी के मोबाइल में मम्मी की चुदाई पिक देख रहे हो।
मैं: नहीं अंकल। सिर्फ आपका लंड चूसने की पिक है। और आपको कैसे पता मैं मम्मी के मोबाइल में क्या देख रहा हूँ।
अंकल: बेटा तेरी मम्मी ने खुद चुदाई की वीडियो बनवाई है। और कई पिक भी। ताकि वो तुझे दिखा सके। उसने मुझसे कहा था। मेरी चुदाई की वीडियो बनाओ। और अंकुश को दिखाना। आज उसी की वजह से मुझे ये सुख मिल रहा है। वो तुझसे डायरेक्ट ये तो नहीं बोल सकती कि मेरी चुदाई की वीडियो देख। पिक देख। इसलिए तुझे गेम खेलने के बहाने से मोबाइल देकर गई होगी।
मैं: हाँ अंकल। आपको कैसे पता।
अंकल: उसने मुझे पहले ही बता दिया था।
मैं: ओह अंकल। पर अंकल इस मम्मी की चुदाई की पिक नहीं है।
अंकल: बेटा है। उसी में मैंने एक फोल्डर बनाया है। उसी ने बनाया है। योगेश अंकल और अंकुश की वर्षा मम्मी की चुदाई।
मैंने फिर मोबाइल में फोल्डर देखा। तो उसमें मम्मी की चुदाई के कई वीडियो पिक थीं।
मैं: अंकल वाउ। पर मम्मी ये कुछ नहीं किया का नाटक क्यों करती हैं।
अंकल: बेटा वो एक माँ है। और कोई माँ अपने बेटे की नजरों में नहीं गिरना चाहती है।
मैं: जी अंकल।
अंकल: वर्षा कहाँ है।
मैं: रूम में सोने गई है।
अंकल: सोने नहीं गई है। बल्कि चुदने के लिए रेडी होगी रूम में।
मैं: आपको कैसे पता।
अंकल: उसी ने कहा था। आप घर आ जाना थोड़ी देर बाद। मैं जा रही हूँ। और पूरे दिन मेरी चूत फाड़ना। क्योंकि कल मेरा पति आ जाएगा। इसलिए आप घर आ जाना। और पूरे दिन मेरी चूत फाड़ना। और अंकुश को किसी बहाने से बाहर भेज देना।
मैं: ओके अंकल। आप जाइए। लेकिन मैं आज घर पे रहूँगा।
अंकल उठे। और मम्मी के रूम में गए। और थोड़ी देर बाद वापस आए। और बोले। बेटा तेरी मम्मी जिद कर रही है तुझे घर से बाहर भेजने की।
मैं: क्या अंकल। एक तरफ तो मम्मी वीडियो बनवाकर मुझे दिखवा रही है। और बाहर भेज रहे हो।
अंकल: बेटा वो तुझे वीडियो अनजान बनकर दिखा रही है। लेकिन तू यहाँ रहेगा तो उसकी आवाज चुदने की आएगी। तो उसे शर्म आएगी।
मैं: ओके अंकल। और मैं मम्मी के रूम में गया अंकल के साथ। मम्मी बेड पे बैठी थीं एक गाउन में।
मैं: मम्मी मुझे दोस्त के घर जाना है। रात को 9 बजे तक आऊँगा। और आते समय मार्केट से खाना भी पैक करा लाऊँगा। और आप अंकल से कंप्यूटर सीखिए।
मम्मी: ओके बेटा।
और मैं घर से निकल गया। और रात को 9 बजे मैंने अंकल को कॉल किया। अंकल ने कॉल रिसीव नहीं किया। फिर अंकल ने मैसेज किया। आधे घंटे बाद आना। और फिर मैं आधे घंटे बाद घर पहुँचा। और डुप्लीकेट की से गेट खोला। तो हॉल में कोई नहीं था। फिर मैं मम्मी के रूम के गेट पर पहुँचा। तो गेट खुला था। लेकिन पर्दा लगा था। मम्मी की उई माँ ओह फक मी की आवाज आ रही थी।
मैं समझ गया अभी चुदाई चालू है। मैं फिर किचन गया। और खाना रखकर वापस हॉल में गया। और ईयरफोन लगाकर गाने सुनने लगा। थोड़ी देर बाद मम्मी अंकल दोनों आए। मम्मी ने गाउन पहना था। मम्मी के बाल बिखरे थे। पूरा चेहरा का मेकअप भी हट गया था। माँग में जो सिंदूर था वो पसीने से बहकर नीचे गालों पर आ रहा था। और माथे पे बिंदिया भी नहीं थी। और मम्मी अपना सिर नीचे लटकाए हुए सोफे पे बैठ गईं। और अंकल ने लोअर बनियान पहन रखी थी। मम्मी के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।
अंकल: बेटा कब आया।
मैं: अंकल अभी एक मिनट पहले आते ही सीधा किचन में गया। खाना रखकर ईयरफोन लगाकर गाने सुनने ही बैठा। आप दोनों आ गए। और आपने मम्मी को कंप्यूटर सिखा दिया।
अंकल: बेचारी डरी हुई। देख कैसे इसका चेहरा मुरझाया हुआ।
मैं: क्यों मम्मी।
अंकल: बेटा इस डर की वजह से। कोई क्या सोचेगा। एक मर्द के साथ घर में अकेली है।
मैं: मम्मी आप भी। और मम्मी के पास जाकर मम्मी का चेहरा अपने हाथों में लेकर। मम्मी किसको कुछ नहीं पता। और वैसे आप तो कंप्यूटर सीखने रही थीं।
मम्मी: बेटा सच बता। तू कितनी देर पहले आया था। तुझे मेरी कसम।
मैं: जस्ट आया था। और किचन में खाना रखकर बाहर आया कि आप दोनों भी रूम से आ गए।
मम्मी: क्या तू मेरे रूम में। गेट खुला था तो क्या तूने अंदर आए। चुप हो गईं।
मैं: नहीं मम्मी। मैं आपके रूम की तरफ नहीं गया। क्यों आप ऐसे क्यों पूछ रही हो।
मम्मी: कुछ नहीं बेटा। बस ऐसे ही। और मुझे एक बार मेरे सिर पे चूमा। और किचन में चली गईं।
फिर हम तीनों ने साथ में खाना खाया।
अंकल: बेटा कल तेरे पापा आ जाएँगे। तो मैं सोच रहा था वर्षा को आज रात अपने घर ले जाकर कंप्यूटर सिखा देता।
मम्मी: नहीं। मैं नहीं जाऊँगी। पिछले कई दिनों से आपके साथ थी। आज मैं अपने बेटे के साथ रहूँगी।
मैं: मम्मी आप जाइए।
मम्मी: चिल्लाकर। चुप।
अंकल: हाँ बेटा। वर्षा सही कह रही हैं। और फिर अंकल अपने घर चले गए।
फिर मैं मम्मी रात को साथ में सोने गए। तो मम्मी ने कहा। बेटा मेरे मोबाइल में कुछ वायरस है। ऐसा लगता है। तू उसे सही कर देना। और मैं सोती हूँ। और फिर मम्मी मेरे साथ बेड पे सो गईं मुझसे चिपक कर। मैं भी मम्मी से चिपक कर सो गया।
नेक्स्ट डे मैं स्टडी कर रहा था हॉल में। आज पापा आने वाले थे रात तक। थोड़ी देर में अंकल भी आ जाते हैं छत के रास्ते से।
मम्मी उस समय सलवार कमीज में थीं। लेकिन वो भी काफी स्किन टाइट थी। जिससे उनके शरीर के हर एक उभार साफ साफ दिखायी दे रहा था। अंकल तो आते ही तड़ने लगे मम्मी को। मम्मी अंकल को इशारे कर रही थीं मेरी ओर देखकर। जैसे मना कर रही हों। अंकुश बेटा है।
अंकल ने मुझसे कहा। बेटा तेरी मम्मी से बोल साड़ी पहन कर आए।
फिर मैंने मम्मी से कहा। मम्मी साड़ी पहन लो ना।
मम्मी: क्यों बेटा।
मैं: प्लीज मम्मी।
मम्मी: ओके।
फिर थोड़ी देर बाद मम्मी साड़ी पहन कर आतीं। और आकर मेरे पास बैठ गईं।
मुझे लगा मैं हूँ यहाँ। सो मम्मी खुल के बातें नहीं कर पा रहे होंगे। सो मैं मम्मी को बोल दिया। मैं अंदर रूम में जा रहा हूँ स्टडी करने। और रूम में चला गया।
फिर मैं अपने रूम से उनकी बातें सुनने लगा। क्योंकि मम्मी मेरे सामने शर्माती हैं।
अंकल: वर्षा आज तो तुम बहुत सुंदर लग रही हो। ऐसा लग रहा है जैसे अभी तुमको खा जाऊँ।
मम्मी: मम्मी बस स्माइल कर रही थीं। फिर शर्मा के कहने लगीं। आप भी ना योगेश जी। झूठ की तारीफ करना कोई आप से सीखे बस। क्या मैं पहले सुंदर नहीं थी। और पिछले 6 महीनों से मुझे खा ही तो रहे हो।
अंकल: सच वर्षा। इस टाइट सूट में तुम एकदम कड़क माल लग रही हो।
मम्मी: स्माइल कर दीं। अच्छा जी।
फिर अचानक अंकल ने मम्मी को कस के पकड़ लिया। उनका एक हाथ मम्मी के बैकलेस पीठ पर रगड़ रहा था। और दूसरा हाथ मम्मी की आस तक चला गया था। उनके होठ मम्मी की नेक को छू रहे थे। मम्मी भी अब मूड में आने लगी थीं। नेक से गाल तक। और गाल से लिप्स तक अब किसेस होने लग गई थीं। और लास्ट में उनके लिप्स एक दूसरे से मिल ही गए।
अंकल जिस जोश से मम्मी को चूम रहे थे। उससे साफ पता चल रहा था कि मम्मी ने उन्हें कितना ज्यादा तड़पाया था उस टाइट सूट में। उनके लिप्स और टंग एक दूसरे से मिल रहे थे। मम्मी अब उम्मम ऐसी आवाजें निकालने लग गई थीं। अंकल ने अब मम्मी को हॉल में सोफे से उठा कर अपनी बाँहों में उठा लिया। और उनको उठाके बेडरूम तक लेके गए। और उनको उसने जोर से बेड पे पटक दिया। उनकी इतनी स्ट्रॉन्ग बॉडी थी कि वो मम्मी को आसानी से कंट्रोल कर रहे थे। ये आप लोगों को पहले भी बता चुका हूँ। मम्मी अंकल के आगे एक बच्ची लगती हैं।
अंकल ने एक झटके से मम्मी का पल्लू हटाया। और साड़ी को निकाल कर फेंक दिया। उनके ब्लाउज को अंकल ने खोलने की ट्राई करी। पर वो अटक गया था। इसलिए अंकल ने उसे सीधा फाड़ दिया। और जोर से साइड में फेंक दिया। मम्मी ने ब्रा नहीं पहनी थी। इसलिए मम्मी के बड़े बड़े बूब्स अंकल के सामने आ गए थे। अंकल तो जैसे पागल हो गए थे। वो उनको जोर जोर से मसलते हुए किस करने लग गए।
दर्द के मारे मम्मी सिसकारियाँ लेते जा रही थीं। और वो बोलीं। आह उफ योगेश जी क्या कर रहे हो। धीरे से करो ना।
अब मम्मी सिर्फ पेटीकोट में थीं। अंकल ने उसे ऊपर उठाया। और मम्मी की सुंदर क्लीन शेव्ड चूत को वो मसलने लग गए। मम्मी की आह निकल गई। क्योंकि नीचे अंकल ने एक उँगली अंदर डाल दी थी।
अंकल: वर्षा डार्लिंग इतने बेशकीमती खजाने को क्यों छुपा के रखा था। मैंने कल रात को तुमसे मेरे घर चलने को कहा। तो क्यों मना किया तुमने। आज तो मैं तुमको इतना चोदूँगा कि तुम्हारी चीखें पूरी कॉलोनी में सुनाई देंगी।
मम्मी: अच्छा जी। इतना गुस्सा। पिछले 6 महीनों से चुदवा रही हूँ। वो क्या। पिछली कई रातों से आपके साथ थी। बेटे से 10 दिन बाद मिली। तो इतना गुस्सा क्यों। क्या एक रात बेटे के साथ माँ बनकर नहीं सो सकती।
अंकल ने झट से अपना टी-शर्ट और पैंट निकाली। उनके अंडरपैंट्स में तंबू बना हुआ था। मम्मी को मजा आ रहा था। अंकल ने जैसे ही अपना अंडरपैंट्स निकाला। तो उनका 8 इंच का खड़ा हुआ लंड बाहर आ गया।
मम्मी तो बिना कुछ बोले बस आँखें फाड़ कर उसे देख रही थीं।
अंकल: ऐसे क्यों देख रही हो। क्या पिछले 6 महीनों से नहीं देखा।
मम्मी: देखा है। पर आज इसको इतना गुस्सा क्यों आ रहा है।
अंकल: कल रात को तूने इसे खुश करने से मना कर दिया था। इसलिए फिर।
अंकल ने मम्मी को खींच कर नीचे बिठाया। और मम्मी कुछ बोलें इससे पहले ही उन्होंने अपना लंड मम्मी के मुँह में डाल दिया। मम्मी भी मजे से उसको चूस रही थीं।
कुछ देर के बाद अंकल अब कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने मम्मी को बेड पे लिटाया। और खुद उनके ऊपर चढ़ गए। उनका बड़ा लंड मम्मी की चूत को टच कर रहा था। उससे मम्मी और तड़प रही थीं।
मम्मी: योगेश जी मुझसे कंट्रोल नहीं होगा। और वेट। जल्दी से अंदर डालो अपना प्लीज।
अंकल ने मम्मी पर अपना पूरा कंट्रोल ले लिया था। उनको पता था मम्मी अब उनके जाल में फँस चुकी हैं। और उसको अपनी गुलाम कैसे बनाना है। अंकल जानबूझकर और देर कर रहे थे। ताकि मम्मी उनके सामने गिड़गिड़ाएँ। और ज्यादा भीख माँगें।
और ऐसा ही हुआ। आखिर अंकल ने अपना लंड जैसे ही अंदर डाला। मम्मी की एक सेकंड के लिए साँस रुक गई। उनकी चूत काफी टाइट थी। क्योंकि रात को मम्मी ने अपनी चूत पे एक क्रीम लगाई थी जिससे चूत टाइट हो जाए। और अंकल का लंड काफी बड़ा था। जब टाइट चूत में बड़ा लंड जाएगा तो ऐसा ही होगा।
मम्मी: आह... योगेश। उई माँ। प्लीज धीरे से।
अंकल ने मम्मी को अनसुना कर के और ताकत से लंड अंदर डाला। तो मम्मी बेड पर ही छटपटाने लग गईं। अंकल ने मम्मी को कस के पकड़ रखा था। तो मम्मी हिल भी नहीं पा रही थीं।
इतने स्ट्रॉन्ग हाथों में मेरी नाजुक कली जैसी मम्मी को रोंगते हुए देख कर मुझे काफी अच्छा लग रहा था। मम्मी की चीखें और भी तेज होती जा रही थीं। पर अंकल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। मम्मी अंकल के सामने अब रोने की हालत में आ गई थीं। उनकी आँख से आँसू आ रहे थे। पर अंकल के सामने उनकी एक नहीं चल रही थी। कुछ देर बाद उनका दर्द कम हुआ। तो अब मम्मी को भी मजा आने लग गया था।
इतने में मम्मी का फोन बजता है। और उस पर पापा का कॉल होता है। मम्मी उठाने ही वाली थीं। कि अंकल ने उनके हाथ से फोन छीन लिया। और दूर फेंक दिया। ये सब मैं विंडो से देख रहा था।
उनका अच्छे से सेक्स चल रहा था। कि तभी घर की बेल बजती है। और मम्मी एकदम से चौंक जाती हैं। पर अंकल उनको हिलने भी नहीं देते। उनको लगा जो होगा चला जाएगा।
मम्मी: छोड़िए। कोई है। बेल बज रही है।
अंकल: तू चुद। अंकुश देख लेगा। जो होगा वो उसे बाहर से भेज देगा।
मम्मी: हो सकता है मेरा नामर्द पति आया हो।
अंकल: वो रात को आएगा। अंकुश ने बोला है।
मम्मी: उसका भरोसा नहीं है। वो अभी भी आ सकता है।
अंकल: चुप। वो अभी नहीं आएगा। तू मेरे लंड को शांत कर। और अंकल मम्मी को चोदने लगे।
लेकिन 5 मिनट बाद सीधा डोर ओपन होता है। और पापा अंदर आ जाते हैं। क्योंकि पापा के पास भी घर की एक की होती है। पापा को देख के मेरे पसीने छूटने लगते हैं।
पापा ने मम्मी को आवाज लगाई। और वो बोले। वर्षा कहाँ हो तुम।
उनकी आवाज सुनते ही मम्मी शॉक में रुक जाती हैं। और अंकल भी रुक जाते हैं। उनको तो पता ही नहीं चला कि कब पापा घर में आ गए हैं। मम्मी अब रोने लगीं। और बोलीं।
मम्मी: अब हम पकड़े जाएँगे। और उनको अब सब पता चल जाएगा।
अंकल ने जल्दी से उनके कपड़े बेड के नीचे सरका दिए। लेकिन मम्मी के कपड़े पड़े थे जो दिख रहे थे। लेकिन अंकल के बेड के नीचे थे जो नहीं दिख रहे थे। और मम्मी को उठा के बाथरूम में घुस गए। लेकिन गेट खुला ही छोड़ दिया। मम्मी रोए जा रही थीं।
पापा मम्मी को मुझे आवाज लगाए हैं। तो मैं भी हॉल में आता हूँ। तब तक पापा मम्मी यानी उनके रूम में घुसने लगते हैं। क्योंकि अंकल मम्मी ने गेट बंद नहीं किया था। तो मैं देखता हूँ पापा उनके रूम में घुस रहे हैं। तो मैं भी पापा के पास पहुँचकर। लेकिन जब तक पापा उनके रूम में घुस गए। और मैं भी।
मैं: पापा कब आए।
पापा: अभी जस्ट। तेरी मम्मी कहाँ हैं।
बाथरूम के अंदर से मम्मी की रोने की थोड़ी आवाज आ रही थी। तो अंकल ने मम्मी के मुँह को अपने हाथ से पकड़ लिया।
मैं: पापा मम्मी पड़ोस में आंटी के घर गई हैं।
पापा: ये आवाज कैसी है।
मैं: कैसी आवाज पापा।
पापा: बेटा ऐसा लग रहा है जैसे तेरी मम्मी बाथरूम में हैं। उसी की रोने जैसी आवाज मुझे लगी।
मैं: नहीं पापा। मम्मी तो मेरे सामने पड़ोस वाली आंटी के घर गई हैं।
पापा: नहीं बेटा। बाथरूम चेक करता हूँ।
मैं: रुकिए पापा। मैं देखता हूँ।
फिर मैंने बाथरूम के गेट पे गया। तो अंदर अंकल मम्मी नंगे थे। मम्मी की चूत में अंकल का लंड फँसा था। मम्मी की पीठ मेरी तरफ थी।
मैं: पापा बाथरूम खाली है।
फिर पापा ने मम्मी को फोन किया। तो उनका फोन बेडरूम में ही बजने लग गया। ये सब अंकल और मम्मी बाथरूम के अंदर से सुन रहे थे। वो दोनों एकदम नंगे। और अंकल के खड़े लंड के साथ बाथरूम में थे।
पापा: देख बेटा। तेरी मम्मी का फोन यहीं बेड पे बज रहा है।
मैं: हाँ पापा। मम्मी मोबाइल ले जाना भूल गईं।
इस मौके का फायदा उठाते अंकल ने पीछे से मम्मी की चूत में लंड डाल दिया। मम्मी की चीख निकल ही जाती। इतने में अंकल ने और जोर से उनका मुँह बंद कर दिया। और धीरे धीरे वो लंड को अंदर बाहर करते जा रहे थे।
बेडरूम में खड़े पापा ने इमेजिन भी नहीं किया होगा कि उनकी घरेलू सेक्सी पत्नी उनके सामने ही बाथरूम में किसी दूसरे आदमी का लंड लेने में बिजी हैं।
पापा ने देखा मम्मी के कपड़े नीचे पड़े हैं। लेकिन अंकल के कपड़े पापा को नहीं दिखे। क्योंकि अंकल ने अपने कपड़े बेड के नीचे कर दिए थे।
पापा: देख बेटा। तेरी मम्मी के कपड़े नीचे पड़े हैं। तू मुझे बाथरूम में देखने दे।
मैं: रुकिए पापा। वहीं रहिए पापा। मैंने देख लिया। मम्मी बाथरूम में नहीं हैं। और कपड़े तो आंटी के घर गईं तो चेंज करके गई थीं। शायद इन कपड़ों को अलमारी में रखना भूल गई होंगी।
पापा: ठीक है बेटा। मैं रख देता हूँ।
मैं: नहीं पापा। मैं रख दूँगा। आप हॉल में चलिए।
पापा: नहीं बेटा। बाथरूम में ड्रेस होकर आऊँगा।
मैं: नहीं पापा। आप दूसरे बाथरूम में जाइए।
पापा: क्यों।
मैं: प्लीज पापा।
पापा: ओके।
फिर पापा हॉल में आ गए। लेकिन मैं मम्मी के कपड़े उठाने लगा। कि अंकल ने एक शॉट लगाया मम्मी की चूत में पीछे से। जो मैंने देखा। लेकिन मम्मी की पीठ मेरी तरफ थी। इसलिए मैं उनका चेहरा नहीं देख पा रहा था। अंकल के शॉट से मम्मी की चीख निकली। जो मुझे स्पष्ट सुनाई दी। फिर मैं भी मम्मी के कपड़ों को उठाकर बेड पे रख आया। और हॉल में आते समय मैंने बेडरूम का डोर बंद किया। ताकि मम्मी की आवाजें पापा तक न पहुँचे।
और बाहर आकर हॉल में पापा के पास बैठ गया। और पापा बोले। मैं फ्रेश होकर आता हूँ। तो पापा मेरे बाथरूम में चले गए। और मैं मम्मी की बाथरूम की विंडो पे चला गया। और बाथरूम में देखने लगा।
अंकल ने अब जोर से धक्के लगाने चालू किए। और मम्मी की अब थोड़ी आवाजें भी आने लगीं। मम्मी तो इस दौरान 2 बार झड़ चुकी थीं। अंकल ने अब स्पीड बढ़ाया। और मम्मी को और जोर से धक्के मारने लग गए। अंकल मम्मी के बूब्स दबाए जा रहे थे। और उनके मोटे चूतड़ पर वो थप्पड़ मारते जा रहे थे। अब काफी टाइम हो गया था। करीब आधे घंटे से भी ज्यादा।
अब अंकल ने जोर से एक धक्का लगाया। और अपना पानी मम्मी के चूत के एकदम डीप तक अंदर डाल दिया।
मम्मी ने जैसे ही अंकल का गरम पानी अपने अंदर महसूस किया। तो वो बोलीं। अपने अंदर क्यों निकाला।
अंकल: वर्षा तुझे तो मैं अपने बच्चे की माँ बनाने वाला हूँ। ये बस उसकी ही तैयारी है।
मम्मी: बड़े आए माँ बनाने वाले। अभी पकड़े जाते। वो तो अंकुश ने बचा लिए।
अंकल: हाँ। आज तो उसी ने बचाए।
मम्मी: अब मैं अंकुश से कैसे नजरें मिलाऊँगी। आज उसने मुझे आपसे चुदते हुए देखा है।
अंकल: नहीं। जाने। नहीं देखा।
मम्मी: वो बाथरूम चेक करने आया तो था।
अंकल: उसने कुछ नहीं देखा। पर उसे पता तो है तू मुझसे चुदती है।
मम्मी: उसका सामना कैसे करूँगी।
अंकल: तू ऐसे बिहेव करना जैसे कुछ नहीं हुआ है। नहीं तो अंकुश को बुरा लगेगा। तू उदास रहोगी तो।
मम्मी: हाँ।
अंकल: अब जल्दी से मेरे लंड को पानी से शाइन दे। और तेरी चूत को भी धो ले।
मम्मी: आपके लंड को मैं पानी से नहीं बल्कि अपने मुँह में लाके साफ करूँगी। और फिर।
फिर मम्मी ने अंकल के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसकर साफ किया। और फिर अपनी चूत को बिना साफ किए ही दोनों बाहर रूम में आए। और अंकल ने अपने कपड़े पहने। और मम्मी ने भी जो कपड़े मैंने बेड पे रखे थे जमीन से उठाकर उनको पहनने लगीं। पहले बिना पैंटी के पेटीकोट। फिर अपना फटा ब्लाउज को देखकर बोलीं। आपने फाड़ दिया।
अंकल: दूसरा पहन ले।
तो मम्मी ने अलमारी से दूसरा ब्लाउज निकाला। और पहना। फिर साड़ी।
मम्मी: अब बाहर चलें।
अंकल: बाहर तेरा नामर्द पति होगा।
मम्मी: अंकुश को मैसेज करो।
फिर अंकल मुझे मैसेज भेजने लगे। तो मैं वहाँ से हटकर हॉल में सोफे पे आ गया। जहाँ पापा लैपटॉप में अपना काम कर रहे थे। पापा बाथरूम से कब आए मुझे नहीं पता। फिर कुछ देर बाद अंकल ने व्हाट्सएप पे मैसेज भेजा। तेरे नामर्द बाप को भेज। मुझे रूम से निकलना है। फिर मैंने पापा से कहा। पापा मुझे आइसक्रीम खानी है। प्लीज ले आइए।
पापा: बेटा तू ले आ।
मैं: प्लीज पापा ले आइए।
पापा: लाता हूँ। और घर से बाहर निकल गए।
पापा के जाते ही अंकल मम्मी बाहर आए। मम्मी चुप थीं।
मैं: अंकल आप टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। जब पापा रूम में गए थे तो मैं समझ गया था आप मम्मी बाथरूम में गए होंगे। क्योंकि मैंने आप दोनों को नहीं देखा। पर समझ गया था आप दोनों बाथरूम में छिप गए। लैपटॉप लेकर। क्योंकि लैपटॉप बाहर रहता तो पापा को कुछ शक हो जाता। फिर अंकल चले गए।
ये फिर मम्मी ने मुझे अपने पास बुलाया। मम्मी सोफे पे बैठी थीं।
मम्मी: बेटा।
मैं: मम्मी आप टेंशन न लें। आपने कुछ गलत नहीं किया। आप तो कंप्यूटर सीख रही थीं।
मैंने झूठ जानबूझकर बोला ताकि मम्मी की टेंशन खत्म हो जाए। हालाँकि मम्मी को पता चल चुका था मैं झूठ बोल रहा हूँ। उनकी चुदाई देखकर भी अनजान बन रहा हूँ। फिर मम्मी ने कहा। बेटा कब तक बचाएगा मम्मी को।
मैं: मम्मी हमेशा आपके साथ हूँ।
मम्मी: जानती हूँ। तभी तो आज बच गईं।
मैं: मम्मी आप आराम से कंप्यूटर सीखिए। और अंकल के प्यार को एक्सेप्ट कर लो।
मम्मी: नेवर। कभी नहीं करूँगी। मैं अपने बदन पर किसी को भी हाथ नहीं लगाने दूँगी।
मैं: ओके मम्मी। फिर पापा आइसक्रीम लाए। हमने आइसक्रीम खाई। और रात को खाने के बाद।


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