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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#50
update 44

गाड़ी से उतरकर मम्मी अंकल रेस्टोरेंट में गए। और फिर उनके पीछे पीछे मैं भी गया। मैंने अपने फेस पे मास्क लगा लिया ताकि मम्मी मुझे पहचान न सकें। मैं चुपके से उनको देख रहा था।

रेस्टोरेंट में मम्मी अंकल के लिए एक खास ही टेबल बुक की हुई थी। ये स्पेशली न्यूली वेडिंग कपल्स के लिए एक प्राइवेट केबिन। जिसमें वेटर बिना परमिशन के अंदर नहीं आ सकता था। सच कहूँ तो आज पहली बार मम्मी का अंकल के साथ बाहर खाने पे आने पर मम्मी को ये एहसास हो रहा था जैसे कि वो किसी दूसरी दुनिया में आ गई हों। बिल्कुल महारानी की तरह। ऐसा मम्मी के चेहरे से लग रहा था।

सच में बहुत ही रोमांटिक माहौल था रेस्टोरेंट में। उस केबिन में मेरी मम्मी और अंकल अकेले थे। रोमांटिक माहौल का असर मेरी मम्मी पर भी होने लगा था। मम्मी ने मेन्यू कार्ड उठा कर अपने यार की ओर बढ़ा कर कहा। लीजिए आप क्या लेंगे।

अंकल: डार्लिंग मुझे तो सिर्फ तुम्हारी ही लेनी है।

अंकल की बात मेरी मम्मी समझ गईं कि वो उनकी चूत लेने की बात कर रहे हैं। मेरी मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा। क्या योगेश जी आप भी ना। मैं इस समय खाने की बात कर रही हूँ।

अंकल: सरकार हम तो आपके गुलाम हैं। हम तो आपके साथ आए हैं। आज तो आप जो खिलाओगी वही हम खा लेंगे।

मेरी मम्मी समझ गईं कि अंकल जी कुछ नहीं कहेंगे। और वो इसी तरह रोमांटिक होते रहेंगे। तो मम्मी ने खाने का ऑर्डर दिया। तो कुछ ही देर में वेटर खाना लगा कर चला गया।

एक बात थी अंकल से रिलेशनशिप में मेरी मम्मी बहुत खिलती जा रही थीं। पहले वो मुरझाई हुई रहती थीं। अब मेरी मम्मी के यौवन में रात दिन निखार आ रहा था। पहले मम्मी 33 की उम्र में 50 की लगती थीं। लेकिन जब से अंकल के लंड से चुदने लगी हैं 33 की उम्र में 25 की लगती हैं। कोई नहीं कह सकता है वो मेरी मम्मी हैं। और मुझसे 14 साल बड़ी हैं। कोई भी देखेगा यही कहेगा मेरी बड़ी बहन हैं। और मुझसे सिर्फ 5 साल बड़ी हैं।

और अंकल मम्मी से बहुत प्यार करते हैं। मम्मी अंकल का प्यार पाकर बहुत खुश हैं। मम्मी और अंकल के प्यार को कैसे 6 महीने बीत गए पता ही नहीं चला। मेरी मम्मी दिन पे दिन अंकल के प्यार में खिंचती जा रही थीं। अंकल ने हमेशा मेरी मम्मी का ख्याल रखा। मैंने अंकल से एक बार कहा मम्मी को प्रेग्नेंट कर दो। तो अंकल ने खुद कहा। नहीं बेटा। उससे तेरी मम्मी को प्रॉब्लम हो जाएगी। कितनी फिकर करते हैं मेरी मम्मी की। मेरी मम्मी की हर छोटी सी छोटी खुशी का ख्याल रखते हैं।

तो मैंने भी सोचा इन दोनों को एन्जॉय करने दो। तो मैं वहाँ से वापस चला आया बिना रोमांस देखे। और घर आकर सो गया।

और फिर अगले दिन मैं उनके घर गया। तो देखा मम्मी अंकल दोनों नहीं हैं। फिर मैंने अंकल को कॉल किया। तो अंकल ने कहा। बेटा बाहर मार्केट आया था तेरी मम्मी को लेकर। अभी कुछ देर में घर पहुँच जाऊँगा। कुछ काम था।

मैं: जी अंकल। मम्मी से मिलना था।

अंकल: बेटा कल दिन में मिल लेना। अभी घर पहुँच कर तेरी मम्मी को चोदना है।

मैं: ओके अंकल।

फिर कॉल डिस्कनेक्ट हुआ। तो मैं वहीं छुप गया। थोड़ी देर बाद घर का गेट खुला। मम्मी अंकल दोनों आए। और दोनों जैसे ही घर आए मम्मी रूम में आते ही अंकल से बोलीं।

मम्मी: योगेश जी आज बहुत थक गई हूँ।

तो अंकल मेरी मम्मी के पीछे से मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में भरते हुए बोले। सरकार इस गुलाम को हुक्म दीजिए। अगर तुम कहो तो पैर दबा दूँ।

मम्मी: बस बस। बातें बनाना कोई आप से सीखे। किसी को अपने वश में कैसे किया जाता है ये आप अच्छे से जानते हैं।

अंकल: क्या डियर। तुम्हें लगता है मैं बातें बना रहा हूँ। सरकार सच में हम आपके गुलाम। आप चाहो तो कोरे कागज पर लिखवा लो।

और अंकल मेरी मम्मी के पीछे खड़े मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में कस लिया। और मेरी मम्मी की गर्दन पर किस करने लगे।

वो अच्छे से जानते हैं इस तरह से मेरी मम्मी बहुत जल्दी से गरम हो जाती हैं। और खुद ही उनका साथ देने को मजबूर हो जाती हैं। मेरी मम्मी की साँसें भारी होने लगीं। तो मेरी मम्मी ने कहा।

मम्मी: योगेश जी छोड़िए ना। चेंज तो करने दीजिए।

अंकल: यार चेंज करके क्या करोगी। अभी कुछ देर में उसको भी तो उतारना ही पड़ेगा।

मेरी मम्मी: फिर भी योगेश जी। ये साड़ी तो नई। खराब हो जाएगी। मैं दूसरी पहन लेती हूँ।

अंकल: ठीक। पर जान आज तुम वो नाइटी पहनो ना।

मेरी मम्मी मुस्कुराने लगीं। शायद मम्मी समझ गई होंगी अंकल कौन सी नाइटी की बात कर रहे हैं। क्योंकि मम्मी के चेहरे से पता चल रहा है। लेकिन फिर भी मम्मी अनजान बनते हुए बोलीं।

मम्मी: कौन सी नाइटी मेरे राजा।

अंकल: वही व्हाइट वाली।

मम्मी: शर्मा कर। धत्त। मुझे शर्म आती है।

वो नाइटी ही सिर्फ एक नेट की है। जिसको पहन कर बदन का हर हिस्सा साफ दिखाई देता है।

अंकल: यार अब हम में शर्म क्या काम। प्लीज एक बार पहन कर दिखाओ ना।

मम्मी: शर्म से अपनी आँखें नीचे किए ना में अपना सिर हिलाने लगीं।

अंकल: जान तुम्हें मेरी कसम।

तो मेरी मम्मी इनकार नहीं कर सकीं। तो अलमारी से वो नाइटी निकाल कर बाथरूम की ओर जाने लगीं। तो अंकल बोले।

अंकल: कहाँ जा रही हो।

मम्मी: बाथरूम में चेंज करके आती हूँ।

अंकल: यहीं कर लो। यहाँ दूसरा कौन है।

मम्मी: मैं इतनी भी बेशर्म नहीं हूँ। और मेरी मम्मी मुस्कुराने लगीं।

अंकल: डार्लिंग नहीं तो मैं बना दूँगा।

और अंकल के साथ मम्मी भी हँसने लगीं। और साथ ही वो नाइटी ले कर बाथरूम में घुस गईं।

फिर मैं भी अंकल की बाथरूम की विंडो पे गया। और स्टूल पे चढ़ कर अंदर देखने लगा।

मम्मी ने अपने बदन से साड़ी पेटीकोट ब्लाउज उतारा। और फिर मुस्कुराते हुए ब्रा पैंटी भी उतार दी। और वो नाइटी पहनने लगीं। और खुद ही देख कर शर्म से पानी पानी हो गईं। क्योंकि वो नाइटी पहन कर ऐसा लग रहा था कि मानो कुछ पहना ही न हो। सब कुछ साफ साफ दिख रहा था।

मेरी साँसें यहीं सोच कर कि अब मेरी मम्मी बाहर कैसे अपने यार के सामने जाएँगी। क्योंकि मम्मी ने आज से पहले उनके सामने इस तरह की ड्रेस नहीं पहनी थी। और अंकल मेरी मम्मी को इस नाइटी में देख कर उनकी क्या हालत होगी ये मैं अच्छे से जानता था। क्योंकि जब भी अंकल को मौका मिलता है वो मेरी मम्मी को अपने से चिपका लेते हैं। और आज मेरी मम्मी को इस नाइटी में देखकर उनका जोश तो पता नहीं आज क्या हाल करेंगे मेरी मम्मी का।

उस बात का अंदाजा हालाँकि मम्मी को हो रहा था। क्योंकि वो मंद मंद मुस्कुरा रही थीं। वैसे तो मेरी मम्मी पिछले 6 महीनों में अनगिनत बार नंगी हुई हैं अंकल के सामने। पर आज इस नाइटी में बात ही कुछ अलग है। क्योंकि मम्मी शर्मा भी रही थीं। एक औरत कितना भी चुदवा ले लेकिन औरत की शर्म कभी नहीं जाती है। यही तो संस्कार है एक औरत के। उसका सबसे बड़ा गहना शर्म ही होती है। चुदते समय एक वेश्या। और चुदने से पहले और चुदने के बाद शर्माकर संस्कारी सतीसावित्री बनना औरत की आदत होती है।

फिर मम्मी ने शर्माते हुए बाथरूम का गेट खोला। तो मैं तुरंत रूम की विंडो पे गया। मैंने देखा मम्मी शर्माते हुए बाथरूम से निकल रही हैं। अंकल मम्मी को देखकर अपनी आँखें झपकाना भूल जाते हैं। जैसे उन्होंने मम्मी को पहली बार देखा हो।

मम्मी अंकल को इस तरह अपने बदन को घूरते देख कर।

मम्मी: योगेश जी ऐसा क्या देख रहे हैं। मुझे शर्म आती है।

अंकल जो मेरी मम्मी के इस रूप को देख कर उनके मुँह से तो जैसे शब्द ही नहीं निकल रहे थे। बोले। वर्षा सच कहूँ ऐसा लग रहा है जैसे कोई स्वर्ग की अप्सरा धरती पर बिजलियाँ गिराने आई हो।

मेरी मम्मी ने शर्म से अपना मुँह घुमा लिया। और बोलीं। क्या आप भी ना योगेश जी। मुझे शर्म आती है। लाइट तो बंद कर दीजिए।

लेकिन अंकल उठे। और मेरी मम्मी को पीछे से उठा कर बेड पर ले गए। और फिर कब मेरी मम्मी के बदन से नाइटी उतर गई मुझे पता ही नहीं चला। और फिर मेरी मम्मी और अंकल के दोनों के दो बदन से एक बदन हो गए। सारी रात चुदाई के कितने राउंड चले मुझे भी नहीं पता चला। मैं लगातार देख रहा था। सुबह के 5 बज गए। मुझे नींद आ रही थी। दोस्तों मैं यहाँ चुदाई नहीं लिख रहा हूँ।

मेरी मम्मी अपने यार के प्यार में उड़ती चली जा रही थीं। मेरी मम्मी के तन के साथ अब मेरी मम्मी का मन भी उनको अपने पति के रूप में स्वीकारने लगा था। मेरी मम्मी तो उनकी मर्दानगी की कायल उनकी दीवानी होती जा रही थीं। हालाँकि मम्मी अंकल की शादी नहीं हुई थी। फिर भी अंकल पति धर्म निभा रहे थे। उनकी चुदाई करके। जो मेरा नामर्द बाप नहीं कर पाता है।
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RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - 23-08-2026, 06:20 PM



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