2 hours ago
update 43
मेरी मम्मी बहुत गरम हो गई थीं। और ये खड़ी हुईं। और अपने यार के ऊपर आ गईं। और ऊपर आते ही मेरी मम्मी अपने यार के पूरे बदन को चूमने लगीं। और उनकी बॉडी को चूमते मेरी मम्मी के होठ अंकल के निप्पल पर आ गए। तो मम्मी ने उनके निप्पल को अपने होठों में दबा कर चूसने लगीं।
मेरी मम्मी के इस तरह उनके निप्पल को चूसने से अब अंकल के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगीं। और उन्होंने मेरी मम्मी को फिर से अपने ऊपर से उठा कर नीचे लिटा दिया। और मेरी मम्मी अंकल के सामने सिर्फ अपनी पैंटी पहने लेटी थीं।
अंकल ने झट से अपनी उँगलियाँ मेरी मम्मी की पैंटी में फँसाईं। और मेरी मम्मी की पैंटी को खींच कर मेरी मम्मी की टाँगों से बाहर निकाल दिया। और मेरी मम्मी बिल्कुल नंगी हो गईं।
नंगी होते ही मेरी मम्मी ने अपनी चूत अपने हाथों से ढक ली। और शर्मा कर अपने यार को कनखियों से देखने लगीं। तो अंकल मेरी मम्मी की टाँगों को चौड़ी करके मेरी मम्मी की टाँगों के बीच में बैठ गए। और मेरी मम्मी की चूत पर अपना मुँह लगा दिया।
मेरी मम्मी को अपने यार की गरम साँसें अपनी चूत पर महसूस होते ही मेरी मम्मी के अंदर की आग और भी तेज भड़कने लगी।
पहले अंकल ने मेरी जवान मम्मी और अपनी जवान रखैल वर्षा की चूत को खूब सूँघा। मेरी मम्मी की चूत से निकलती सौंधी सौंधी खुशबू अंकल की नाक में भर गई। वो बड़े चाव से मेरी मम्मी की चूत को सूँघने लगे।
थोड़ी देर के बाद मेरे अंकल ने अपनी जीभ निकाल कर मेरी मम्मी की चूत को चाटना शुरू कर दिया। और जैसे ही अंकल जी की जीभ मेरी मम्मी की मस्त चिकनी साफ चूत में घुसी। तो मेरी मम्मी जो कि पलंग पर लेटी थीं। मेरी मम्मी ने अपने पैरों को पूरा फैला दिया। और खुद ही अपनी चूत अपने यार योगेश अंकल से चटवाने लगीं।
थोड़ी देर तक मेरी मम्मी की चूत को चाटने के बाद मेरे अंकल ने अपनी जीभ मेरी मम्मी की चूत के अंदर डाल दी। और अपनी जीभ को घुमा घुमा कर मेरी मम्मी की चूत को चूसने लगे।
अपनी चूत चटाई से मेरी मम्मी भी बहुत गरम हो गईं। और मेरी मम्मी ने अपने हाथों से अंकल का सिर पर अपना हाथ रख कर फिराने लगीं। और अंकल मेरी मम्मी की चूत को ऐसे चाट रहे थे जैसे मेरी मम्मी की चूत पर कोई रसमलाई लगी हुई हो। और मेरी मम्मी उनके सिर पर प्यार से सहलाती अपनी चूत की रसमलाई चटवा रही थीं।
और मेरी मम्मी के मुँह से सी सी की आवाजें भी निकलने लगीं।
आह... योगेश जी रुक जाइए। मैं झड़ जाऊँगी। आह... अंदर मत घुसाइए। उई माँ योगेश जी आह...
अब मेरी मम्मी नीचे से अपनी गाँड उठा उठा कर अपने यार को अपनी चूत चटवा रही थीं। मेरी मम्मी से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। तो मेरी मम्मी बोलीं। योगेश जी आओ ना। ओह प्लीज योगेश जी आओ ना। अब देर मत करो। अब मुझे चोदो ना। अब और कितनी देर चाटेंगे आप। प्लीज योगेश जी अब बर्दाश्त नहीं हो रहा। आह... मर जाऊँगी। प्लीज आओ ना। आह...
मेरी मम्मी अपनी चूत की खुजली से पागल हुए जा रही थीं। मुझे पता था कि अगर अंकल कुछ देर और मेरी मम्मी की चूत ऐसे ही चाटते रहें तो मेरी मम्मी जरूर उनके मुँह पर ही झड़ जाएँगी। और हुआ भी यही।
मम्मी ने भी कहा। बस योगेश जी अब और नहीं। अगर आप ऐसे ही मेरी चूत चाटते रहोगे तो मैं आपके मुँह पर ही झड़ जाऊँगी।
और मेरी मम्मी के इतना कहते ही अंकल उठे। तो मेरी मम्मी की नजर उनके अंडरवियर में खड़े उनके लंड पर गई।
वो मेरी मम्मी को देख कर मुस्कुरा रहे थे। तो मेरी मम्मी ने अंकल को आँखों से इशारे से कहा। ये देखिए आपका कैसा खड़ा है।
तो मेरे अंकल मुस्कुराते अपने लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाते हुए मेरी मम्मी की आँखों में देखते। मेरी मम्मी को उन्होंने इशारे से मेरी मम्मी को अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालने के लिए कहा।
मेरी मम्मी ने शर्म से ना में गर्दन हिला दी। तो फिर अंकल मेरी मम्मी के पास आए। और मेरी मम्मी के सामने बोले। वर्षा निकालो ना।
तो इस बार मेरी मम्मी धीरे से उनका अंडरवियर नीचे खिसकाना चाहती थीं। लेकिन उनका लंड खड़े होने के कारण वो नीचे खिसक ही नहीं रहा था। तो मम्मी ने पहले लंड अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाया। और थोड़ी देर बाद।
मम्मी ने एक बार अपनी उँगलियाँ अंकल के अंडरवियर में फँसाईं। और उसको थोड़ा खींचा। और अपना हाथ उनके अंडरवियर के अंदर डाल कर पकड़ कर बाहर निकाला।
अब उनका फनफनाता उनका मस्त कड़क लंड मेरी मम्मी की आँखों के सामने था। जिसको देख कर तो मेरी मम्मी की चूत और भी पानी छोड़ने लगी।
मेरे अंकल नीचे झुके। और उन्होंने अपना लंड मेरी मम्मी की चूत पर रख कर धक्का मारने लगे। तो मेरी जवान सेक्सी गोरी मम्मी ने अंकल को रोक कर कहा। रुकिए योगेश जी।
अंकल: क्या हुआ वर्षा।
मेरी मम्मी: योगेश जी इस पर वो चढ़ा लीजिए।
अंकल: यार अब रहने दो ना। रात को ऐसे ही किया था। और सुबह भी। अब उसकी क्या जरूरत है।
मेरी मम्मी: योगेश जी पिछले 6 महीनों से मैं आई पिल ले रही थी। लेकिन वो अब खत्म हो गई थी। तो मैंने आज दिन में आपको लाने को बोला था। तो आप ले आए थे कंडोम के साथ। पर आपने कहा था आई पिल मत लिया करो। तो मैं आज आई पिल नहीं लूँगी। और बच्चा होने से रोकने के लिए या तो आई पिल या कंडोम लेना होगा। नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मेरा नामर्द पति और सास मुझे घर से निकाल देंगे। और कल रात को भी मेरे पास एक टैबलेट थी। तो मैंने ले ली थी। लेकिन अब कंडोम लगा लीजिए।
अंकल: और यदि कभी मेरी बिना कंडोम के करने की इच्छा हुई तो।
मम्मी: आप बिना कंडोम के करना। और मैं आई पिल ले लूँगी।
अंकल: वर्षा ठीक है। पर अब वो इस समय कहाँ है। अगली बार जब करेंगे तो पहले ही साथ में रखेंगे। ओके।
मम्मी: मैं जानती थी आप रुकेंगे नहीं। इसलिए मैंने उसको पहले से ही वो क्यूपबोर्ड में रखा है।
अंकल: कौन सी क्यूपबोर्ड।
मम्मी: बेड के साथ लगी क्यूपबोर्ड की ओर इशारा करके। ये इस क्यूपबोर्ड में।
अंकल ने बेड के साथ लगी क्यूपबोर्ड से एक कंडोम निकाला। और मेरी मम्मी की ओर बढ़ा कर बोले। लो।
मम्मी: अंकल की आँखों में देखकर। मैं इसका क्या करूँ। आप लगाइए।
अंकल: यार अब इसको तुम ही लगाओ। कहा था कि इसको तुम ही लगाओगी।
मम्मी: मुस्कुरा कर। क्या आप भी ना योगेश जी। लगा लीजिए ना।
अंकल मुस्कुराकर मेरी मम्मी की आँखों में देखते हुए मेरी मम्मी के हाथों में देते हुए बोले। यार अब इसको तुम ही लगाओगी।
मेरी मम्मी ने अंकल के हाथ से कंडोम ले कर मुस्कुरा कर उस कंडोम के पैकेट को फाड़ते हुए कहा। आप भी बड़े जिद्दी हैं। और कंडोम को अपने यार के लंड पर चढ़ाने लगीं।
अब अंकल का लंड मेरी मम्मी की चूत का फिर से कब्जा करने को एकदम से तैयार था।
मेरी मम्मी बहुत गरम हो गई थीं। और ये खड़ी हुईं। और अपने यार के ऊपर आ गईं। और ऊपर आते ही मेरी मम्मी अपने यार के पूरे बदन को चूमने लगीं। और उनकी बॉडी को चूमते मेरी मम्मी के होठ अंकल के निप्पल पर आ गए। तो मम्मी ने उनके निप्पल को अपने होठों में दबा कर चूसने लगीं।
मेरी मम्मी के इस तरह उनके निप्पल को चूसने से अब अंकल के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगीं। और उन्होंने मेरी मम्मी को फिर से अपने ऊपर से उठा कर नीचे लिटा दिया। और मेरी मम्मी अंकल के सामने सिर्फ अपनी पैंटी पहने लेटी थीं।
अंकल ने झट से अपनी उँगलियाँ मेरी मम्मी की पैंटी में फँसाईं। और मेरी मम्मी की पैंटी को खींच कर मेरी मम्मी की टाँगों से बाहर निकाल दिया। और मेरी मम्मी बिल्कुल नंगी हो गईं।
नंगी होते ही मेरी मम्मी ने अपनी चूत अपने हाथों से ढक ली। और शर्मा कर अपने यार को कनखियों से देखने लगीं। तो अंकल मेरी मम्मी की टाँगों को चौड़ी करके मेरी मम्मी की टाँगों के बीच में बैठ गए। और मेरी मम्मी की चूत पर अपना मुँह लगा दिया।
मेरी मम्मी को अपने यार की गरम साँसें अपनी चूत पर महसूस होते ही मेरी मम्मी के अंदर की आग और भी तेज भड़कने लगी।
पहले अंकल ने मेरी जवान मम्मी और अपनी जवान रखैल वर्षा की चूत को खूब सूँघा। मेरी मम्मी की चूत से निकलती सौंधी सौंधी खुशबू अंकल की नाक में भर गई। वो बड़े चाव से मेरी मम्मी की चूत को सूँघने लगे।
थोड़ी देर के बाद मेरे अंकल ने अपनी जीभ निकाल कर मेरी मम्मी की चूत को चाटना शुरू कर दिया। और जैसे ही अंकल जी की जीभ मेरी मम्मी की मस्त चिकनी साफ चूत में घुसी। तो मेरी मम्मी जो कि पलंग पर लेटी थीं। मेरी मम्मी ने अपने पैरों को पूरा फैला दिया। और खुद ही अपनी चूत अपने यार योगेश अंकल से चटवाने लगीं।
थोड़ी देर तक मेरी मम्मी की चूत को चाटने के बाद मेरे अंकल ने अपनी जीभ मेरी मम्मी की चूत के अंदर डाल दी। और अपनी जीभ को घुमा घुमा कर मेरी मम्मी की चूत को चूसने लगे।
अपनी चूत चटाई से मेरी मम्मी भी बहुत गरम हो गईं। और मेरी मम्मी ने अपने हाथों से अंकल का सिर पर अपना हाथ रख कर फिराने लगीं। और अंकल मेरी मम्मी की चूत को ऐसे चाट रहे थे जैसे मेरी मम्मी की चूत पर कोई रसमलाई लगी हुई हो। और मेरी मम्मी उनके सिर पर प्यार से सहलाती अपनी चूत की रसमलाई चटवा रही थीं।
और मेरी मम्मी के मुँह से सी सी की आवाजें भी निकलने लगीं।
आह... योगेश जी रुक जाइए। मैं झड़ जाऊँगी। आह... अंदर मत घुसाइए। उई माँ योगेश जी आह...
अब मेरी मम्मी नीचे से अपनी गाँड उठा उठा कर अपने यार को अपनी चूत चटवा रही थीं। मेरी मम्मी से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। तो मेरी मम्मी बोलीं। योगेश जी आओ ना। ओह प्लीज योगेश जी आओ ना। अब देर मत करो। अब मुझे चोदो ना। अब और कितनी देर चाटेंगे आप। प्लीज योगेश जी अब बर्दाश्त नहीं हो रहा। आह... मर जाऊँगी। प्लीज आओ ना। आह...
मेरी मम्मी अपनी चूत की खुजली से पागल हुए जा रही थीं। मुझे पता था कि अगर अंकल कुछ देर और मेरी मम्मी की चूत ऐसे ही चाटते रहें तो मेरी मम्मी जरूर उनके मुँह पर ही झड़ जाएँगी। और हुआ भी यही।
मम्मी ने भी कहा। बस योगेश जी अब और नहीं। अगर आप ऐसे ही मेरी चूत चाटते रहोगे तो मैं आपके मुँह पर ही झड़ जाऊँगी।
और मेरी मम्मी के इतना कहते ही अंकल उठे। तो मेरी मम्मी की नजर उनके अंडरवियर में खड़े उनके लंड पर गई।
वो मेरी मम्मी को देख कर मुस्कुरा रहे थे। तो मेरी मम्मी ने अंकल को आँखों से इशारे से कहा। ये देखिए आपका कैसा खड़ा है।
तो मेरे अंकल मुस्कुराते अपने लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाते हुए मेरी मम्मी की आँखों में देखते। मेरी मम्मी को उन्होंने इशारे से मेरी मम्मी को अपना लंड अंडरवियर से बाहर निकालने के लिए कहा।
मेरी मम्मी ने शर्म से ना में गर्दन हिला दी। तो फिर अंकल मेरी मम्मी के पास आए। और मेरी मम्मी के सामने बोले। वर्षा निकालो ना।
तो इस बार मेरी मम्मी धीरे से उनका अंडरवियर नीचे खिसकाना चाहती थीं। लेकिन उनका लंड खड़े होने के कारण वो नीचे खिसक ही नहीं रहा था। तो मम्मी ने पहले लंड अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाया। और थोड़ी देर बाद।
मम्मी ने एक बार अपनी उँगलियाँ अंकल के अंडरवियर में फँसाईं। और उसको थोड़ा खींचा। और अपना हाथ उनके अंडरवियर के अंदर डाल कर पकड़ कर बाहर निकाला।
अब उनका फनफनाता उनका मस्त कड़क लंड मेरी मम्मी की आँखों के सामने था। जिसको देख कर तो मेरी मम्मी की चूत और भी पानी छोड़ने लगी।
मेरे अंकल नीचे झुके। और उन्होंने अपना लंड मेरी मम्मी की चूत पर रख कर धक्का मारने लगे। तो मेरी जवान सेक्सी गोरी मम्मी ने अंकल को रोक कर कहा। रुकिए योगेश जी।
अंकल: क्या हुआ वर्षा।
मेरी मम्मी: योगेश जी इस पर वो चढ़ा लीजिए।
अंकल: यार अब रहने दो ना। रात को ऐसे ही किया था। और सुबह भी। अब उसकी क्या जरूरत है।
मेरी मम्मी: योगेश जी पिछले 6 महीनों से मैं आई पिल ले रही थी। लेकिन वो अब खत्म हो गई थी। तो मैंने आज दिन में आपको लाने को बोला था। तो आप ले आए थे कंडोम के साथ। पर आपने कहा था आई पिल मत लिया करो। तो मैं आज आई पिल नहीं लूँगी। और बच्चा होने से रोकने के लिए या तो आई पिल या कंडोम लेना होगा। नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मेरा नामर्द पति और सास मुझे घर से निकाल देंगे। और कल रात को भी मेरे पास एक टैबलेट थी। तो मैंने ले ली थी। लेकिन अब कंडोम लगा लीजिए।
अंकल: और यदि कभी मेरी बिना कंडोम के करने की इच्छा हुई तो।
मम्मी: आप बिना कंडोम के करना। और मैं आई पिल ले लूँगी।
अंकल: वर्षा ठीक है। पर अब वो इस समय कहाँ है। अगली बार जब करेंगे तो पहले ही साथ में रखेंगे। ओके।
मम्मी: मैं जानती थी आप रुकेंगे नहीं। इसलिए मैंने उसको पहले से ही वो क्यूपबोर्ड में रखा है।
अंकल: कौन सी क्यूपबोर्ड।
मम्मी: बेड के साथ लगी क्यूपबोर्ड की ओर इशारा करके। ये इस क्यूपबोर्ड में।
अंकल ने बेड के साथ लगी क्यूपबोर्ड से एक कंडोम निकाला। और मेरी मम्मी की ओर बढ़ा कर बोले। लो।
मम्मी: अंकल की आँखों में देखकर। मैं इसका क्या करूँ। आप लगाइए।
अंकल: यार अब इसको तुम ही लगाओ। कहा था कि इसको तुम ही लगाओगी।
मम्मी: मुस्कुरा कर। क्या आप भी ना योगेश जी। लगा लीजिए ना।
अंकल मुस्कुराकर मेरी मम्मी की आँखों में देखते हुए मेरी मम्मी के हाथों में देते हुए बोले। यार अब इसको तुम ही लगाओगी।
मेरी मम्मी ने अंकल के हाथ से कंडोम ले कर मुस्कुरा कर उस कंडोम के पैकेट को फाड़ते हुए कहा। आप भी बड़े जिद्दी हैं। और कंडोम को अपने यार के लंड पर चढ़ाने लगीं।
अब अंकल का लंड मेरी मम्मी की चूत का फिर से कब्जा करने को एकदम से तैयार था।


![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)