2 hours ago
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मेरी मम्मी जानती थीं कि अंकल किस मीठे की बात कर रहे हैं। लेकिन मेरी मम्मी अनजान बनते हुए बोलीं।
मेरी मम्मी: जी योगेश। अभी लाती हूँ। गुलाब जामुन गरम करके।
अंकल: डार्लिंग तुम्हें कुछ गरम करने की क्या जरूरत है। तुम तो खुद ही बहुत हॉट। हाथ में पकड़ लोगी तो वो ऐसे ही ऐसे ही गरम हो जाएगा।
और मुस्कुराते अपने हाथ को पैंट में खड़े अपने लंड पर फिराने लगे।
मेरी मम्मी शर्माते मुस्कुराते वहाँ से जाने लगीं। तो अंकल ने मेरी मम्मी का हाथ पकड़ लिया। और बोले। कहाँ जा रही हो।
मेरी मम्मी: योगेश जी। आप ही तो बोल रहे मीठे का। वो लेने जा रही हूँ।
अंकल: डार्लिंग तुम खुद ऊपर से ले कर नीचे तक शहद की तरह मीठी हो। तुम बस अपने होठों से लगी अपनी लिपस्टिक का स्वाद चखा दो।
मेरी मम्मी अपने यार के इस रोमांटिक अंदाज पर मुस्कुराते हुए ना में गर्दन हिलाने लगीं। तो अंकल बोले।
अंकल: डार्लिंग मुँह तो मीठा करवा दो।
अंकल के इतना बोलते ही मेरी मम्मी बोलीं।
मेरी मम्मी: अच्छा योगेश जी। अभी मैं आपको अपनी लिपस्टिक ला कर देती हूँ। फिर जितना आपका दिल करे खा कर मुँह मीठा करते रहना।
अंकल: मेरी मम्मी की कलाई पकड़े। मेरी मम्मी को खींच लिए। तो मेरी मम्मी उनकी गोद में जा गिरीं। अंकल मेरी मम्मी को बाँहों में कसते बोले। किसी का कत्ल करना तो तुम जैसे हसीनाओं से सीखे।
अंकल की इस बात पर मेरी मम्मी ने मुस्कुराते अपनी आँखें झपका कर बोलीं।
मेरी मम्मी: किसी भी लड़की को अपने वश में करना तो कोई आप से सीखे। मुझे नहीं पता था कि योगेश जी आप ऐसे मुँह मीठा करते हैं।
एक तरह उनकी गोद में बैठी मेरी मम्मी खुद भी चाहने लगी थीं कि अंकल उन्हें चूमें।
अंकल: डार्लिंग करवा दो मुँह मीठा।
अब मेरी मम्मी अपने यार योगेश जी जो कि दुनिया समाज के सामने उनके पति नहीं थे। लेकिन वो हिन्दू मम्मी ने अपना जिस्म सॉफ्ट दिया था। पिछले 6 महीनों से उनसे चुद रही थीं। और जवानी के मजे ले रही थीं। जो कि मेरी मम्मी को मेरा नामर्द बाप नहीं दे रहा था। अब अंकल को ही वो अपना पति परमेश्वर स्वामी मानती थीं। अब अंकल को मेरी मम्मी के होठों का रस चूसने का अधिकार भी था। क्योंकि मम्मी ने भले ही अंकल से शादी नहीं की थी। पर कल बिना शादी के ही सुहागरात मनाई थी। वो भी पूरी रात अपनी चूत में उनका लंड घुसवाकर। मेरी मम्मी अब अंकल के लंड के बिना जिंदा नहीं रह सकती थीं।
मेरी मम्मी ने मुस्कुराते हुए अपनी बाँहें अंकल के गले में डाल कर। अंकल के गालों को प्यार से चूमने लगीं। और अंकल के गालों को चूमते चूमते मेरी मम्मी अपने होठों को अपने यार योगेश जी के होठों पर ले आईं। और वो दोनों एक दूसरे के होठों को चूसने लगे।
उस समय घर में मेरी मम्मी और अंकल के अलावा और दो लड़कियाँ भी थीं। पर वो दूसरे रूम में थीं। इसलिए अंकल मेरी मम्मी दोनों ही सही हॉल में बैठे। एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे। और चूस भी रहे थे। मेरी मम्मी और अंकल एक दूसरे के होठों को चूस रहे थे। और दोनों ही एक दूसरे का पूरा पूरा साथ दे रहे थे।
अंकल के होठ जहाँ मेरी मम्मी के नाजुक रस भरे होठों को चूम रहे थे। वहीं उनके हाथ मेरी मम्मी के संगमरमर फूल जैसे नाजुक मखमली बदन पर रेंग रहे थे। और मेरी मम्मी के बदन पर हाथ फेरते फेरते बड़बड़ा रहे थे। वर्षा कितना रस भरा हुआ है तुम में। कितनी मीठी हो मेरी जान।
और अपने हाथ को नीचे मेरी मम्मी की साड़ी की गांठ पर ले आए। और उन्होंने मेरी मम्मी की साड़ी की गांठ को खींच दिया। जो खुल कर मेरी मम्मी के बदन से लिपटी थी। अंकल उठे। और मेरी मम्मी की साड़ी को मेरी मम्मी के बदन से निकालने लगे। तो मेरी मम्मी ने भी अपनी साड़ी निकालने में अंकल की मदद करने लगीं। अब मेरी मम्मी की साड़ी नीचे जमीन पर पड़ी थी। अंकल ने मेरी मम्मी को फिर से अपने बदन से चिपका लिया। और मेरी मम्मी के बालों से खेलते हुए मेरी मम्मी के बाल खोल दिए। कभी उनके होठ मेरी मम्मी के होठों पर। कभी मेरी मम्मी के गालों। और कभी मेरी मम्मी की गर्दन पर पड़ रहे थे।
मेरी मम्मी भी अंकल की इस हरकत पर बहुत ज्यादा गरम हो रही थीं। मेरी मम्मी ने अपनी बाँहें अपने यार के गले में कस कर कसमसाते हुए बोलीं। योगेश जी आह... क्या कर रहे हैं। क्या खा जाएँगे क्या।
अंकल: वर्षा तू है ही ऐसी चीज। कोई भी अगर तुम्हें चखे हमेशा हमेशा के लिए तुम्हारा दीवाना हो जाए। सच डार्लिंग तुम आग हो। आग मेरी जान वर्षा। मेरे अंकुश की मम्मी।
तभी अंकल ने अपना एक हाथ मेरी मम्मी के टाइट ब्लाउज में कैद चुची पर रख दिया। और उसे जोर से दबाया।
वैसे अब मेरी मम्मी थोड़ा कम्फर्ट महसूस कर रही थीं। क्योंकि दोनों लड़कियाँ रूम में थीं। और दोनों लड़कियों से मम्मी ने दिन में थोड़ा हंसी मजाक भी किया था। इसलिए मम्मी इन दोनों लड़कियों से थोड़ा खुल भी गई थीं। इसलिए मेरी मम्मी हॉल में अंकल के साथ रोमांस कर रही थीं। ये जानते हुए भी वो दोनों लड़कियाँ कभी भी रूम से निकल कर बाहर आ सकती हैं। और बेखौफ होकर अंकल का साथ दे रही थीं।
अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को जोर जोर से दबाने लगे। तो मेरी मम्मी के मुँह से सिसकारियाँ आह... आह... योगेश जी प्लीज योगेश जी धीरे से दबाएं।
पर वो कहाँ मेरी मम्मी की सुनने वाले थे। वो तो मेरी मम्मी की चुचियों को दबाते मेरी मम्मी की गर्दन को चूम रहे थे।
मेरी मम्मी को चूमते और मेरी मम्मी के बदन को सहलाते मेरे अंकल मेरी मम्मी की आँखों में देख कर मेरी मम्मी से बोले। वर्षा डार्लिंग... आई लव यू।
अपने यार के इस सेक्सी अंदाज ने मेरी मम्मी को आई लव यू कहने पर मेरी मम्मी अंकल की आँखों में देख एक बड़ी अदा से मुस्कुराने लगीं। और फिर मम्मी अपने गले में पड़ी सोने की चेन से खेलने लगीं। तो अंकल फिर मेरी मम्मी के मुलायम गालों को सहलाते मेरी मम्मी से पूछने लगे। जान कुछ जवाब तो दो।
तो फिर मेरी मम्मी ने भी इठलाते हुए कहा। क्या जवाब दूँ।
तब अंकल बोले। वर्षा प्लीज मुझे छोड़ के मत जाना।
अंकल की इस बात पर मेरी मम्मी इमोशनल हो गईं। और बोलीं।
मम्मी: मेरा नामर्द पति ने मुझसे शादी तो की। पर मुझे सुख नहीं दिया। 20 सालों में उसने मुझे 20 बार भी नहीं चोदा।
अंकल: मैं उस नामर्द की तरह नहीं हूँ। मैं उसकी तरह गैर जिम्मेदार नहीं हूँ। तुम्हें कभी चुदाई के लिए नहीं तड़पाने दूँगा। हमेशा मेरा लंड तैयार रहेगा तुम्हारी चूत के लिए।
मम्मी: भले ही मैंने आपसे शादी नहीं की। पर पत्नी होने का हर फर्ज पूरा करूँगी। आपको कभी पत्नी की कमी महसूस नहीं होने दूँगी। मेरी चूत। मेरा जिस्म। मेरे बोब्स। मेरे शरीर का हर एक अंग सिर्फ आपके लिए है।
अंकल मेरी मम्मी की बात सुन कर काफी खुश हुए। कि मेरी मम्मी को गले लगा लिया। और मेरी मम्मी की चुचियों पर अपना सिर रख दिया। उनका वजन ज्यादा था। जिससे मेरी मम्मी सोफे पर ही ढेर हो गईं। और अंकल मेरी मम्मी के ऊपर लेट गए।
अंकल का लंड मेरी मम्मी के पेटीकोट के ऊपर से मेरी मम्मी की चूत पर लग रहा था। और अंकल मेरी मम्मी के ऊपर लेटे मेरी मम्मी के होठों को चूम रहे थे।
अंकल: डार्लिंग सच में इतनी मीठी हो। लगता है कुछ ही दिनों में मुझे डायबिटीज न हो जाए।
और फिर से अंकल ने अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों से चिपका लिया। और मेरी मम्मी की चुचियों को साथ ही दबा रहे थे। मेरी मम्मी भी गरम हो रही थीं। और मेरी मम्मी ने अपनी बाँहों का हार अंकल के गले में डाल दिया। और उन्हें अपनी बाँहों में जोर से कसने लगीं।
मेरी मम्मी नीचे दबाने से मेरी मम्मी की चुचियाँ ब्लाउज में से बाहर निकलने को थीं। जिससे देख कर अंकल और भी उत्तेजित हो रहे थे। अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को देख कर बोले। वर्षा देखो ना। तुम्हारे आम भी कैसे बाहर आने को बेताब हैं। कैसे इनको कैद में रखती हो। कैसे तड़प रहे हैं आजाद होने को।
और उन्होंने अपने होठ मेरी मम्मी के क्लीवेज पर रख कर चूमने लगे। जिससे मेरी मम्मी के क्लीवेज अंकल के चूमने से गीली हो गई थी। वो मेरी मम्मी के ऊपर लेटे फिर से मेरी मम्मी से पूछने लगे। जो कुछ ये था।
अंकल: डू यू लव मी डार्लिंग।
मम्मी कुछ जवाब देतीं उससे पहले मैंने मम्मी को कॉल कर दी। क्योंकि मैं जानता था मम्मी कॉल कट नहीं करती हैं बात होने के बाद। क्योंकि मम्मी किसी का भी कॉल कट नहीं करती हैं। वो सोचती हैं सामने वाला खुद कट कर देगा।
मम्मी: हाँ बोल बेटा। कैसे कॉल किया।
मैं: सॉरी मम्मी। मैं अपने दोस्त की कॉल कर रहा था। गलती से आपको लग गया।
मम्मी: कोई बात नहीं बेटे। और मम्मी ने मोबाइल साइड में रख दिया बिना कट किए ही। मैं जानता था।
फिर अंकल बोले: जवाब दो वर्षा। मैंने पूछा जिसका।
मम्मी: येस लव यू योगेश जी।
अंकल: डू यू मैरि विद मी।
मेरी मम्मी: शर्मा कर। योगेश जी... ये कैसा सवाल है।
अंकल: डू यू मैरि विद मी। तुमसे सिर्फ जानना था।
मेरी मम्मी: मेरी मम्मी के पास कोई जवाब नहीं था। पर मेरी मम्मी इतना बोलीं। योगेश जी मैं आपसे शादी का नहीं बता सकती। पर बस यही चाहती हूँ। हम हमेशा साथ रहें।
मेरी मम्मी का जवाब सुन कर अंकल मेरी मम्मी से बोले।
अंकल: वर्षा बताओ ना डार्लिंग। तुम्हें मेरी कसम।
मम्मी चुप थीं। पर धीरे से मुस्कुरा रही थीं।
अंकल: अच्छा ये बताओ। जब मैं तुम्हें प्यार करता हूँ तो तुम्हें मजा आता है। बताओ ना। तुम्हें मेरी कसम।
अंकल के इस सवाल पर मम्मी ने शर्म से बस अपना सिर हिला दिया। कि तभी फोन की रिंग बजने लगती है। और अंकल रिंग को इग्नोर करते हुए मेरी मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से ही मेरी मम्मी की चुची चूसने लगे। मेरी मम्मी के निप्पल भी खड़े हो चुके थे। एक तो मेरी मम्मी के ब्लाउज का कपड़ा पतला था। ऊपर से अंकल के थूक से गीला होने की वजह से मेरी मम्मी की चुची साफ दिखने लगी। कि तभी फोन की रिंग दोबारा बजने लगी। तो अंकल गाली देते हुए। मादरचोद पता नहीं क्यों बार तंग कर रहा है साला।
और इस बार अंकल ने मेरी मम्मी को छोड़ कर फोन उठा लिया। जैसे ही अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों से आजाद किया। मेरी मम्मी झट से एकदम खड़ी हो गईं। और अपने बाल बाँधने लगीं। और वहीं जमीन पर पड़ी अपनी साड़ी को और अपने मोबाइल को उठा कर बेडरूम की ओर भागने लगीं।
दोस्तों मम्मी का मोबाइल अभी भी चालू है।
मेरी मम्मी मान ही मान अपने यार को इस तरह प्यार करने पर खुश थीं। और बेडरूम की ओर जाते समय मेरी मम्मी (धीमी आवाज में जो मुझे मोबाइल से सुनाई दे रही थी क्योंकि मोबाइल चालू था) बोल रही थीं। मैं जानती हूँ योगेश जी आप मेरी गाँड को जरूर निहार रहे होंगे। क्योंकि मैं ये बात अच्छे से जानती हूँ कि मेरी ये लचकती कमर और तराजू की तरह बड़ी उभरी गाँड हमेशा से ही मर्दों की नजरों में रहती है। और इस जन्नत के किले को फतेह करने का ख्वाब ना जाने कितने मर्दों ने देखा है योगेश जी। पर इस किले पर एक दिन आप ही फतेह प्राप्त करोगे। मेरी ये गाँड सिर्फ आपके लिए है योगेश जी। मेरे उस नामर्द पति ने तो मेरी चूत भी ढंग से नहीं खोली। 20 सालों में 20 बार भी मेरी चूत पे सवारी नहीं कर पाया। सिर्फ आप ही हो जिसने मेरी चूत फाड़ी। और गाँड भी एक दिन आपको ही दूँगी। मेरी इस जन्नत के किले जैसी गाँड पे सिर्फ आपका ही लंड चढ़ाई करके फतेह प्राप्त करेगा। और मेरी गाँड का कचूमर बना देगा।
मैं जानती हूँ योगेश जी। इस समय आप फोन पे नहीं बल्कि मेरी ऊपर नीचे होती गाँड को देख कर उत्तेजित हो रहे होंगे। यही बोलकर मेरी मम्मी अपनी गाँड को एक खास तरीके से उछालने लगीं। और मेरी मम्मी ने पीछे मुड़ कर देखा। और अपने यार को और उकसाने के लिए अपना अंगूठा दिखा कर चिढ़ाती हुईं। अपना अंगूठा इस तरह दिखाने पर मेरी मम्मी की चुची का उभार तो उस समय और भी ज्यादा जानलेवा बन गया था। जिससे अंकल ने झट से फोन को काट दिया। और मेरी मम्मी की ओर भागने लगे।
इससे पहले कि वो मेरी मम्मी को पकड़ते। मेरी मम्मी भाग कर बेडरूम की ओर भागने लगीं। पर उन्होंने मेरी मम्मी को बेडरूम में पहुँचने से पहले ही पकड़ लिया। मेरी मम्मी उनकी बाँहों में मुस्कुराते इठलाते हुए बोलीं। हाय योगेश जी। ये आप क्या कर रहे हैं। छोड़िए ना।
पर वो कहाँ अब मेरी मम्मी को छोड़ने वाले थे। मेरी मम्मी शर्माते दीवार की तरफ मुँह किए खड़ी शर्मा रही थीं। उन्होंने पीछे से मेरी मम्मी को पकड़ कर मेरी मम्मी के कान को अपने होठों में दबा लिया। और मेरी मम्मी को पकड़ कर पलट दिया। और मेरी मम्मी को अपने से चिपका लिया। मेरी मम्मी की दोनों चुचियों को मुट्ठी में भर कर गुब्बारों की तरह दबाने लगे। मेरी मम्मी और अंकल दोनों की गरम साँसें एक दूसरे की साँसों से टकराने लगीं। और मेरी मम्मी अंकल की आँखों में देख कहने लगीं। छोड़िए ना योगेश जी।
अंकल: डार्लिंग ये हाथ मैंने छोड़ने के लिए नहीं पकड़ा है। वैसे वहाँ सोफे पर प्यार करने में मजा भी नहीं आ रहा था। चलो ना डार्लिंग बेड पर। वहाँ प्यार करते हैं।
मेरी मम्मी: योगेश जी आपका मन नहीं भरता मुझे प्यार करने में। देखिए ना दोपहर में ही तो क्या है। अब कल करेंगे।
अंकल: मेरी मम्मी के गालों और होठों और मेरी मम्मी की गर्दन को चूमते। डार्लिंग कल तो करेंगे ही। लेकिन अभी देखो मुझसे रहा नहीं जा रहा। प्लीज अब मत रोको मेरी जान। आओ ना मेरी जान बेड पर चलते हैं।
और मेरी मम्मी को अपनी गोद में उठा कर बेड पर लिटा दिया।
अंकल मेरी मम्मी के ऊपर चढ़े। अपने होठ मेरी मम्मी की नाभि पर रख दिए। और मेरी मम्मी की नाभि को अपने होठों में कस कर चूसने लगे। जिससे उनके होठों की छाप मेरी मम्मी के बदन पर छूट रही थी। मेरी मम्मी मस्ती में।
मम्मी: ऊच... योगेश जी। आपने क्या किया। अब साड़ी पहनूँगी तो सबको दिख जाएगा। क्योंकि मेरी मम्मी की नाभि के ऊपर अंकल के होठों के निशान पड़ चुके थे।
मम्मी: कल रात को भी आपने कितनी जोर से सारे बदन पर काटा था। कैसे लाल निशान पड़ गए थे। पता है आपके दोस्तों की पत्नियाँ मुझे देख कर हँस रही थीं। मुझे बार बार एक दूसरे से बोल रही थीं। लगता है भाई साहब रात को बुरी तरह से मसला है। पता है मुझे कितनी शर्म आ रही थी मिसेज गुप्ता के सामने।
अंकल: तो पता पड़ना चाहिए। कि हम पति पत्नी हैं। और ये हमारा प्यार है। हमको किसका डर। मैंने तुम्हें पहले ही कहा था। मैंने उनसे बोला है मेरी वाइफ आई है। मैंने तुमको उनसे अपनी वाइफ के रूप में मिलवाया था।
मेरी मम्मी: धत्त... आप भी ना। मैं आपकी तरह बेशर्म नहीं हूँ। और मुस्कुराने लगीं।
तभी अंकल और और नीचे झुक कर मेरी मम्मी की कमर को चूमने लगे। उनके हाथ मेरी मम्मी के चूतड़ों से खेल रहे थे। और उनके होठ मेरी मम्मी की नाभि पर अपना कारनामा दिखा रहे थे।
कि उन्होंने अपनी जीभ निकाल कर मेरी मम्मी की नाभि में घुसा। तो मेरी मम्मी तो पागल हो उठीं। और उनको कस कस दबोच लिया। और कराहने लगीं। आह... योगेश जी। बस कीजिए।
पर वो थे कि रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। कुछ देर बाद वो खड़े हुए। और मेरी मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा खोलने लगे। तो मम्मी ने कहा। योगेश जी क्या कोई आ जाएगा। और बेडरूम की ओर देखने लगीं। जिससे अंकल भी समझ गए। और मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में उठा लिया। और बेडरूम की ओर चल पड़े।
(कोई सोच भी नहीं सकता था। जिनका जवान बेटा 19 का है। और उसकी मम्मी एक गैर मर्द के साथ मजे कर रही हैं। ये जानते हुए भी उसके बेटे को सब पता है। वो यहाँ चुदने आती हैं। और एक बेटा खुद अपनी जवान 33 साल की मम्मी को मस्ती करवा रहा है। एक गैर मर्द 47 साल के आदमी के साथ। अपने 58 साल के पिता को धोखा दे रहा है।)
और बेडरूम में आ कर मेरी मम्मी को बिस्तर पर गिरा दिया। मेरी मम्मी बिस्तर पर लेटी उनको देख कर मुस्कुरा रही थीं। मानो उनको और जोश दिला रही थीं। वो बिस्तर के पास खड़े अपने कपड़े उतारने लगे। पहले उन्होंने अपनी टी शर्ट के साथ बनियान। और बाद में अपना पैंट भी उतार दिया। अब वो ब्रीफ में मेरी मम्मी के सामने खड़े थे। और उनका लंड ऐसा लग रहा था मानो अभी उसको फाड़ कर बाहर आ जाएगा।
मेरी मम्मी उनके खड़े लंड को देख कर गरम हो रही थीं। और अपने होठ काटने लगीं। और अपने यार की आँखों में देख कर मुस्कुराते हुए बोलीं। योगेश जी। आपका हर समय खड़ा ही रहता है।
अंकल: अपने लंड को सहलाते। डार्लिंग ये तो तुम्हारे हुस्न का नतीजा है। वैसे भी जिसकी तुम्हारे जैसे खूबसूरत गर्लफ्रेंड हो तो उसका तो खड़ा रहेगा ही ना। और वो भी बिना देर किए मेरी मम्मी के साथ मेरी मम्मी के बगल में आ कर लेट गए।
मेरी मम्मी की बगल में लेटे ही अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में कस लिया। और मेरी मम्मी के ब्लाउज के हुक खोलने लगे। और मेरी मम्मी का ब्लाउज खोल कर मेरी मम्मी की चुचियों को ब्रा के ऊपर से दबाने लगे। मेरी मम्मी अंकल की आँखों में देख कर मुस्कुराईं। तो अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को दबाते हुए बोले। वर्षा... कितने बड़े हैं ये तुम्हारे आम। और कितने रसीले हैं।
और इतना बोलते ही अपने होठ मेरी मम्मी की चुचियों के ऊपर रख कर चूमने लगे। और साथ ही अपने हाथ को मेरी मम्मी की पीठ पर ले गए। और मेरी मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया। मेरी मम्मी की ब्रा खुलते ही वो मेरी मम्मी की ब्रा को मेरी मम्मी के बाजुओं से बाहर निकालने लगे। तो मेरी मम्मी ने भी अपने हाथ उठा कर अपनी ब्रा निकालने में अंकल की मदद की। अब मेरी मम्मी की ब्रा उनके हाथ में थी। जो उन्होंने नीचे जमीन पर फेंक दिया। और मेरी मम्मी की एक चुची को अपने हाथ में पकड़ कर दबाने लगे। और दूसरी को अपने मुँह में भर कर चूसने लगे।
मेरी मम्मी को भी इतना मजा आ रहा था कि मेरी मम्मी उनके बालों में अपनी उँगलियाँ चलाने लगीं। अंकल थे जो अपनी जीभ निकाल कर मेरी मम्मी के निप्पल के कभी चारों ओर घुमाते। और कभी मेरी मम्मी के निप्पल्स को अपनी जीभ से छेड़ते। और कभी मेरी मम्मी के निप्पल्स को अपने होठों में दबा कर चूसते। और कभी उसे जोर से होठों से खींचते। मेरी मम्मी तो जैसे पागल सी हो रही थीं। मानो मेरी मम्मी को कंट्रोल ही नहीं हो रहा था।
एक समय था जब अंकल ने मेरी मम्मी को प्रपोज किया था। तो मम्मी ने उसे ठुकरा दिया। और बोली थीं। मैं अपने पति के अलावा किसी की और तरफ देखूँगी भी नहीं। और पिछले 6 महीनों से मेरी मम्मी उन्हीं अंकल के साथ चुद रही हैं। मेरी मम्मी अंकल को रोकने की बजाय खुद उनको अपने आगोश में ले रही हैं। और खुद अंकल का साथ दे रही हैं।
अंकल कुछ देर मेरी मम्मी की चुचियों को चूसने के बाद अंकल नीचे मेरी मम्मी की कमर पर आए।
और फिर मेरे अंकल जी ने मेरी मम्मी की कमर पे अपनी जीभ से चाटने लगे। तो मेरी मम्मी तो मानो पागल ही हो गई थीं। अंकल नीचे होते गए। और उन्होंने अपनी जीभ को मेरी मम्मी की चिकनी गोरी मस्त जाँघों पर रखा। और मेरी मम्मी की चिकनी जाँघों को चाटने लगे। और मेरी मम्मी के मुँह से आह आह निकल रही थी। और फिर अंकल अपनी जीभ को नीचे ले जाते हुए मेरी मम्मी के पैर को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे। मेरी मम्मी तो मानो दूसरी दुनिया में ही खो सी गई थीं।
मेरी मम्मी जानती थीं कि अंकल किस मीठे की बात कर रहे हैं। लेकिन मेरी मम्मी अनजान बनते हुए बोलीं।
मेरी मम्मी: जी योगेश। अभी लाती हूँ। गुलाब जामुन गरम करके।
अंकल: डार्लिंग तुम्हें कुछ गरम करने की क्या जरूरत है। तुम तो खुद ही बहुत हॉट। हाथ में पकड़ लोगी तो वो ऐसे ही ऐसे ही गरम हो जाएगा।
और मुस्कुराते अपने हाथ को पैंट में खड़े अपने लंड पर फिराने लगे।
मेरी मम्मी शर्माते मुस्कुराते वहाँ से जाने लगीं। तो अंकल ने मेरी मम्मी का हाथ पकड़ लिया। और बोले। कहाँ जा रही हो।
मेरी मम्मी: योगेश जी। आप ही तो बोल रहे मीठे का। वो लेने जा रही हूँ।
अंकल: डार्लिंग तुम खुद ऊपर से ले कर नीचे तक शहद की तरह मीठी हो। तुम बस अपने होठों से लगी अपनी लिपस्टिक का स्वाद चखा दो।
मेरी मम्मी अपने यार के इस रोमांटिक अंदाज पर मुस्कुराते हुए ना में गर्दन हिलाने लगीं। तो अंकल बोले।
अंकल: डार्लिंग मुँह तो मीठा करवा दो।
अंकल के इतना बोलते ही मेरी मम्मी बोलीं।
मेरी मम्मी: अच्छा योगेश जी। अभी मैं आपको अपनी लिपस्टिक ला कर देती हूँ। फिर जितना आपका दिल करे खा कर मुँह मीठा करते रहना।
अंकल: मेरी मम्मी की कलाई पकड़े। मेरी मम्मी को खींच लिए। तो मेरी मम्मी उनकी गोद में जा गिरीं। अंकल मेरी मम्मी को बाँहों में कसते बोले। किसी का कत्ल करना तो तुम जैसे हसीनाओं से सीखे।
अंकल की इस बात पर मेरी मम्मी ने मुस्कुराते अपनी आँखें झपका कर बोलीं।
मेरी मम्मी: किसी भी लड़की को अपने वश में करना तो कोई आप से सीखे। मुझे नहीं पता था कि योगेश जी आप ऐसे मुँह मीठा करते हैं।
एक तरह उनकी गोद में बैठी मेरी मम्मी खुद भी चाहने लगी थीं कि अंकल उन्हें चूमें।
अंकल: डार्लिंग करवा दो मुँह मीठा।
अब मेरी मम्मी अपने यार योगेश जी जो कि दुनिया समाज के सामने उनके पति नहीं थे। लेकिन वो हिन्दू मम्मी ने अपना जिस्म सॉफ्ट दिया था। पिछले 6 महीनों से उनसे चुद रही थीं। और जवानी के मजे ले रही थीं। जो कि मेरी मम्मी को मेरा नामर्द बाप नहीं दे रहा था। अब अंकल को ही वो अपना पति परमेश्वर स्वामी मानती थीं। अब अंकल को मेरी मम्मी के होठों का रस चूसने का अधिकार भी था। क्योंकि मम्मी ने भले ही अंकल से शादी नहीं की थी। पर कल बिना शादी के ही सुहागरात मनाई थी। वो भी पूरी रात अपनी चूत में उनका लंड घुसवाकर। मेरी मम्मी अब अंकल के लंड के बिना जिंदा नहीं रह सकती थीं।
मेरी मम्मी ने मुस्कुराते हुए अपनी बाँहें अंकल के गले में डाल कर। अंकल के गालों को प्यार से चूमने लगीं। और अंकल के गालों को चूमते चूमते मेरी मम्मी अपने होठों को अपने यार योगेश जी के होठों पर ले आईं। और वो दोनों एक दूसरे के होठों को चूसने लगे।
उस समय घर में मेरी मम्मी और अंकल के अलावा और दो लड़कियाँ भी थीं। पर वो दूसरे रूम में थीं। इसलिए अंकल मेरी मम्मी दोनों ही सही हॉल में बैठे। एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे। और चूस भी रहे थे। मेरी मम्मी और अंकल एक दूसरे के होठों को चूस रहे थे। और दोनों ही एक दूसरे का पूरा पूरा साथ दे रहे थे।
अंकल के होठ जहाँ मेरी मम्मी के नाजुक रस भरे होठों को चूम रहे थे। वहीं उनके हाथ मेरी मम्मी के संगमरमर फूल जैसे नाजुक मखमली बदन पर रेंग रहे थे। और मेरी मम्मी के बदन पर हाथ फेरते फेरते बड़बड़ा रहे थे। वर्षा कितना रस भरा हुआ है तुम में। कितनी मीठी हो मेरी जान।
और अपने हाथ को नीचे मेरी मम्मी की साड़ी की गांठ पर ले आए। और उन्होंने मेरी मम्मी की साड़ी की गांठ को खींच दिया। जो खुल कर मेरी मम्मी के बदन से लिपटी थी। अंकल उठे। और मेरी मम्मी की साड़ी को मेरी मम्मी के बदन से निकालने लगे। तो मेरी मम्मी ने भी अपनी साड़ी निकालने में अंकल की मदद करने लगीं। अब मेरी मम्मी की साड़ी नीचे जमीन पर पड़ी थी। अंकल ने मेरी मम्मी को फिर से अपने बदन से चिपका लिया। और मेरी मम्मी के बालों से खेलते हुए मेरी मम्मी के बाल खोल दिए। कभी उनके होठ मेरी मम्मी के होठों पर। कभी मेरी मम्मी के गालों। और कभी मेरी मम्मी की गर्दन पर पड़ रहे थे।
मेरी मम्मी भी अंकल की इस हरकत पर बहुत ज्यादा गरम हो रही थीं। मेरी मम्मी ने अपनी बाँहें अपने यार के गले में कस कर कसमसाते हुए बोलीं। योगेश जी आह... क्या कर रहे हैं। क्या खा जाएँगे क्या।
अंकल: वर्षा तू है ही ऐसी चीज। कोई भी अगर तुम्हें चखे हमेशा हमेशा के लिए तुम्हारा दीवाना हो जाए। सच डार्लिंग तुम आग हो। आग मेरी जान वर्षा। मेरे अंकुश की मम्मी।
तभी अंकल ने अपना एक हाथ मेरी मम्मी के टाइट ब्लाउज में कैद चुची पर रख दिया। और उसे जोर से दबाया।
वैसे अब मेरी मम्मी थोड़ा कम्फर्ट महसूस कर रही थीं। क्योंकि दोनों लड़कियाँ रूम में थीं। और दोनों लड़कियों से मम्मी ने दिन में थोड़ा हंसी मजाक भी किया था। इसलिए मम्मी इन दोनों लड़कियों से थोड़ा खुल भी गई थीं। इसलिए मेरी मम्मी हॉल में अंकल के साथ रोमांस कर रही थीं। ये जानते हुए भी वो दोनों लड़कियाँ कभी भी रूम से निकल कर बाहर आ सकती हैं। और बेखौफ होकर अंकल का साथ दे रही थीं।
अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को जोर जोर से दबाने लगे। तो मेरी मम्मी के मुँह से सिसकारियाँ आह... आह... योगेश जी प्लीज योगेश जी धीरे से दबाएं।
पर वो कहाँ मेरी मम्मी की सुनने वाले थे। वो तो मेरी मम्मी की चुचियों को दबाते मेरी मम्मी की गर्दन को चूम रहे थे।
मेरी मम्मी को चूमते और मेरी मम्मी के बदन को सहलाते मेरे अंकल मेरी मम्मी की आँखों में देख कर मेरी मम्मी से बोले। वर्षा डार्लिंग... आई लव यू।
अपने यार के इस सेक्सी अंदाज ने मेरी मम्मी को आई लव यू कहने पर मेरी मम्मी अंकल की आँखों में देख एक बड़ी अदा से मुस्कुराने लगीं। और फिर मम्मी अपने गले में पड़ी सोने की चेन से खेलने लगीं। तो अंकल फिर मेरी मम्मी के मुलायम गालों को सहलाते मेरी मम्मी से पूछने लगे। जान कुछ जवाब तो दो।
तो फिर मेरी मम्मी ने भी इठलाते हुए कहा। क्या जवाब दूँ।
तब अंकल बोले। वर्षा प्लीज मुझे छोड़ के मत जाना।
अंकल की इस बात पर मेरी मम्मी इमोशनल हो गईं। और बोलीं।
मम्मी: मेरा नामर्द पति ने मुझसे शादी तो की। पर मुझे सुख नहीं दिया। 20 सालों में उसने मुझे 20 बार भी नहीं चोदा।
अंकल: मैं उस नामर्द की तरह नहीं हूँ। मैं उसकी तरह गैर जिम्मेदार नहीं हूँ। तुम्हें कभी चुदाई के लिए नहीं तड़पाने दूँगा। हमेशा मेरा लंड तैयार रहेगा तुम्हारी चूत के लिए।
मम्मी: भले ही मैंने आपसे शादी नहीं की। पर पत्नी होने का हर फर्ज पूरा करूँगी। आपको कभी पत्नी की कमी महसूस नहीं होने दूँगी। मेरी चूत। मेरा जिस्म। मेरे बोब्स। मेरे शरीर का हर एक अंग सिर्फ आपके लिए है।
अंकल मेरी मम्मी की बात सुन कर काफी खुश हुए। कि मेरी मम्मी को गले लगा लिया। और मेरी मम्मी की चुचियों पर अपना सिर रख दिया। उनका वजन ज्यादा था। जिससे मेरी मम्मी सोफे पर ही ढेर हो गईं। और अंकल मेरी मम्मी के ऊपर लेट गए।
अंकल का लंड मेरी मम्मी के पेटीकोट के ऊपर से मेरी मम्मी की चूत पर लग रहा था। और अंकल मेरी मम्मी के ऊपर लेटे मेरी मम्मी के होठों को चूम रहे थे।
अंकल: डार्लिंग सच में इतनी मीठी हो। लगता है कुछ ही दिनों में मुझे डायबिटीज न हो जाए।
और फिर से अंकल ने अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों से चिपका लिया। और मेरी मम्मी की चुचियों को साथ ही दबा रहे थे। मेरी मम्मी भी गरम हो रही थीं। और मेरी मम्मी ने अपनी बाँहों का हार अंकल के गले में डाल दिया। और उन्हें अपनी बाँहों में जोर से कसने लगीं।
मेरी मम्मी नीचे दबाने से मेरी मम्मी की चुचियाँ ब्लाउज में से बाहर निकलने को थीं। जिससे देख कर अंकल और भी उत्तेजित हो रहे थे। अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को देख कर बोले। वर्षा देखो ना। तुम्हारे आम भी कैसे बाहर आने को बेताब हैं। कैसे इनको कैद में रखती हो। कैसे तड़प रहे हैं आजाद होने को।
और उन्होंने अपने होठ मेरी मम्मी के क्लीवेज पर रख कर चूमने लगे। जिससे मेरी मम्मी के क्लीवेज अंकल के चूमने से गीली हो गई थी। वो मेरी मम्मी के ऊपर लेटे फिर से मेरी मम्मी से पूछने लगे। जो कुछ ये था।
अंकल: डू यू लव मी डार्लिंग।
मम्मी कुछ जवाब देतीं उससे पहले मैंने मम्मी को कॉल कर दी। क्योंकि मैं जानता था मम्मी कॉल कट नहीं करती हैं बात होने के बाद। क्योंकि मम्मी किसी का भी कॉल कट नहीं करती हैं। वो सोचती हैं सामने वाला खुद कट कर देगा।
मम्मी: हाँ बोल बेटा। कैसे कॉल किया।
मैं: सॉरी मम्मी। मैं अपने दोस्त की कॉल कर रहा था। गलती से आपको लग गया।
मम्मी: कोई बात नहीं बेटे। और मम्मी ने मोबाइल साइड में रख दिया बिना कट किए ही। मैं जानता था।
फिर अंकल बोले: जवाब दो वर्षा। मैंने पूछा जिसका।
मम्मी: येस लव यू योगेश जी।
अंकल: डू यू मैरि विद मी।
मेरी मम्मी: शर्मा कर। योगेश जी... ये कैसा सवाल है।
अंकल: डू यू मैरि विद मी। तुमसे सिर्फ जानना था।
मेरी मम्मी: मेरी मम्मी के पास कोई जवाब नहीं था। पर मेरी मम्मी इतना बोलीं। योगेश जी मैं आपसे शादी का नहीं बता सकती। पर बस यही चाहती हूँ। हम हमेशा साथ रहें।
मेरी मम्मी का जवाब सुन कर अंकल मेरी मम्मी से बोले।
अंकल: वर्षा बताओ ना डार्लिंग। तुम्हें मेरी कसम।
मम्मी चुप थीं। पर धीरे से मुस्कुरा रही थीं।
अंकल: अच्छा ये बताओ। जब मैं तुम्हें प्यार करता हूँ तो तुम्हें मजा आता है। बताओ ना। तुम्हें मेरी कसम।
अंकल के इस सवाल पर मम्मी ने शर्म से बस अपना सिर हिला दिया। कि तभी फोन की रिंग बजने लगती है। और अंकल रिंग को इग्नोर करते हुए मेरी मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से ही मेरी मम्मी की चुची चूसने लगे। मेरी मम्मी के निप्पल भी खड़े हो चुके थे। एक तो मेरी मम्मी के ब्लाउज का कपड़ा पतला था। ऊपर से अंकल के थूक से गीला होने की वजह से मेरी मम्मी की चुची साफ दिखने लगी। कि तभी फोन की रिंग दोबारा बजने लगी। तो अंकल गाली देते हुए। मादरचोद पता नहीं क्यों बार तंग कर रहा है साला।
और इस बार अंकल ने मेरी मम्मी को छोड़ कर फोन उठा लिया। जैसे ही अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों से आजाद किया। मेरी मम्मी झट से एकदम खड़ी हो गईं। और अपने बाल बाँधने लगीं। और वहीं जमीन पर पड़ी अपनी साड़ी को और अपने मोबाइल को उठा कर बेडरूम की ओर भागने लगीं।
दोस्तों मम्मी का मोबाइल अभी भी चालू है।
मेरी मम्मी मान ही मान अपने यार को इस तरह प्यार करने पर खुश थीं। और बेडरूम की ओर जाते समय मेरी मम्मी (धीमी आवाज में जो मुझे मोबाइल से सुनाई दे रही थी क्योंकि मोबाइल चालू था) बोल रही थीं। मैं जानती हूँ योगेश जी आप मेरी गाँड को जरूर निहार रहे होंगे। क्योंकि मैं ये बात अच्छे से जानती हूँ कि मेरी ये लचकती कमर और तराजू की तरह बड़ी उभरी गाँड हमेशा से ही मर्दों की नजरों में रहती है। और इस जन्नत के किले को फतेह करने का ख्वाब ना जाने कितने मर्दों ने देखा है योगेश जी। पर इस किले पर एक दिन आप ही फतेह प्राप्त करोगे। मेरी ये गाँड सिर्फ आपके लिए है योगेश जी। मेरे उस नामर्द पति ने तो मेरी चूत भी ढंग से नहीं खोली। 20 सालों में 20 बार भी मेरी चूत पे सवारी नहीं कर पाया। सिर्फ आप ही हो जिसने मेरी चूत फाड़ी। और गाँड भी एक दिन आपको ही दूँगी। मेरी इस जन्नत के किले जैसी गाँड पे सिर्फ आपका ही लंड चढ़ाई करके फतेह प्राप्त करेगा। और मेरी गाँड का कचूमर बना देगा।
मैं जानती हूँ योगेश जी। इस समय आप फोन पे नहीं बल्कि मेरी ऊपर नीचे होती गाँड को देख कर उत्तेजित हो रहे होंगे। यही बोलकर मेरी मम्मी अपनी गाँड को एक खास तरीके से उछालने लगीं। और मेरी मम्मी ने पीछे मुड़ कर देखा। और अपने यार को और उकसाने के लिए अपना अंगूठा दिखा कर चिढ़ाती हुईं। अपना अंगूठा इस तरह दिखाने पर मेरी मम्मी की चुची का उभार तो उस समय और भी ज्यादा जानलेवा बन गया था। जिससे अंकल ने झट से फोन को काट दिया। और मेरी मम्मी की ओर भागने लगे।
इससे पहले कि वो मेरी मम्मी को पकड़ते। मेरी मम्मी भाग कर बेडरूम की ओर भागने लगीं। पर उन्होंने मेरी मम्मी को बेडरूम में पहुँचने से पहले ही पकड़ लिया। मेरी मम्मी उनकी बाँहों में मुस्कुराते इठलाते हुए बोलीं। हाय योगेश जी। ये आप क्या कर रहे हैं। छोड़िए ना।
पर वो कहाँ अब मेरी मम्मी को छोड़ने वाले थे। मेरी मम्मी शर्माते दीवार की तरफ मुँह किए खड़ी शर्मा रही थीं। उन्होंने पीछे से मेरी मम्मी को पकड़ कर मेरी मम्मी के कान को अपने होठों में दबा लिया। और मेरी मम्मी को पकड़ कर पलट दिया। और मेरी मम्मी को अपने से चिपका लिया। मेरी मम्मी की दोनों चुचियों को मुट्ठी में भर कर गुब्बारों की तरह दबाने लगे। मेरी मम्मी और अंकल दोनों की गरम साँसें एक दूसरे की साँसों से टकराने लगीं। और मेरी मम्मी अंकल की आँखों में देख कहने लगीं। छोड़िए ना योगेश जी।
अंकल: डार्लिंग ये हाथ मैंने छोड़ने के लिए नहीं पकड़ा है। वैसे वहाँ सोफे पर प्यार करने में मजा भी नहीं आ रहा था। चलो ना डार्लिंग बेड पर। वहाँ प्यार करते हैं।
मेरी मम्मी: योगेश जी आपका मन नहीं भरता मुझे प्यार करने में। देखिए ना दोपहर में ही तो क्या है। अब कल करेंगे।
अंकल: मेरी मम्मी के गालों और होठों और मेरी मम्मी की गर्दन को चूमते। डार्लिंग कल तो करेंगे ही। लेकिन अभी देखो मुझसे रहा नहीं जा रहा। प्लीज अब मत रोको मेरी जान। आओ ना मेरी जान बेड पर चलते हैं।
और मेरी मम्मी को अपनी गोद में उठा कर बेड पर लिटा दिया।
अंकल मेरी मम्मी के ऊपर चढ़े। अपने होठ मेरी मम्मी की नाभि पर रख दिए। और मेरी मम्मी की नाभि को अपने होठों में कस कर चूसने लगे। जिससे उनके होठों की छाप मेरी मम्मी के बदन पर छूट रही थी। मेरी मम्मी मस्ती में।
मम्मी: ऊच... योगेश जी। आपने क्या किया। अब साड़ी पहनूँगी तो सबको दिख जाएगा। क्योंकि मेरी मम्मी की नाभि के ऊपर अंकल के होठों के निशान पड़ चुके थे।
मम्मी: कल रात को भी आपने कितनी जोर से सारे बदन पर काटा था। कैसे लाल निशान पड़ गए थे। पता है आपके दोस्तों की पत्नियाँ मुझे देख कर हँस रही थीं। मुझे बार बार एक दूसरे से बोल रही थीं। लगता है भाई साहब रात को बुरी तरह से मसला है। पता है मुझे कितनी शर्म आ रही थी मिसेज गुप्ता के सामने।
अंकल: तो पता पड़ना चाहिए। कि हम पति पत्नी हैं। और ये हमारा प्यार है। हमको किसका डर। मैंने तुम्हें पहले ही कहा था। मैंने उनसे बोला है मेरी वाइफ आई है। मैंने तुमको उनसे अपनी वाइफ के रूप में मिलवाया था।
मेरी मम्मी: धत्त... आप भी ना। मैं आपकी तरह बेशर्म नहीं हूँ। और मुस्कुराने लगीं।
तभी अंकल और और नीचे झुक कर मेरी मम्मी की कमर को चूमने लगे। उनके हाथ मेरी मम्मी के चूतड़ों से खेल रहे थे। और उनके होठ मेरी मम्मी की नाभि पर अपना कारनामा दिखा रहे थे।
कि उन्होंने अपनी जीभ निकाल कर मेरी मम्मी की नाभि में घुसा। तो मेरी मम्मी तो पागल हो उठीं। और उनको कस कस दबोच लिया। और कराहने लगीं। आह... योगेश जी। बस कीजिए।
पर वो थे कि रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। कुछ देर बाद वो खड़े हुए। और मेरी मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा खोलने लगे। तो मम्मी ने कहा। योगेश जी क्या कोई आ जाएगा। और बेडरूम की ओर देखने लगीं। जिससे अंकल भी समझ गए। और मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में उठा लिया। और बेडरूम की ओर चल पड़े।
(कोई सोच भी नहीं सकता था। जिनका जवान बेटा 19 का है। और उसकी मम्मी एक गैर मर्द के साथ मजे कर रही हैं। ये जानते हुए भी उसके बेटे को सब पता है। वो यहाँ चुदने आती हैं। और एक बेटा खुद अपनी जवान 33 साल की मम्मी को मस्ती करवा रहा है। एक गैर मर्द 47 साल के आदमी के साथ। अपने 58 साल के पिता को धोखा दे रहा है।)
और बेडरूम में आ कर मेरी मम्मी को बिस्तर पर गिरा दिया। मेरी मम्मी बिस्तर पर लेटी उनको देख कर मुस्कुरा रही थीं। मानो उनको और जोश दिला रही थीं। वो बिस्तर के पास खड़े अपने कपड़े उतारने लगे। पहले उन्होंने अपनी टी शर्ट के साथ बनियान। और बाद में अपना पैंट भी उतार दिया। अब वो ब्रीफ में मेरी मम्मी के सामने खड़े थे। और उनका लंड ऐसा लग रहा था मानो अभी उसको फाड़ कर बाहर आ जाएगा।
मेरी मम्मी उनके खड़े लंड को देख कर गरम हो रही थीं। और अपने होठ काटने लगीं। और अपने यार की आँखों में देख कर मुस्कुराते हुए बोलीं। योगेश जी। आपका हर समय खड़ा ही रहता है।
अंकल: अपने लंड को सहलाते। डार्लिंग ये तो तुम्हारे हुस्न का नतीजा है। वैसे भी जिसकी तुम्हारे जैसे खूबसूरत गर्लफ्रेंड हो तो उसका तो खड़ा रहेगा ही ना। और वो भी बिना देर किए मेरी मम्मी के साथ मेरी मम्मी के बगल में आ कर लेट गए।
मेरी मम्मी की बगल में लेटे ही अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में कस लिया। और मेरी मम्मी के ब्लाउज के हुक खोलने लगे। और मेरी मम्मी का ब्लाउज खोल कर मेरी मम्मी की चुचियों को ब्रा के ऊपर से दबाने लगे। मेरी मम्मी अंकल की आँखों में देख कर मुस्कुराईं। तो अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को दबाते हुए बोले। वर्षा... कितने बड़े हैं ये तुम्हारे आम। और कितने रसीले हैं।
और इतना बोलते ही अपने होठ मेरी मम्मी की चुचियों के ऊपर रख कर चूमने लगे। और साथ ही अपने हाथ को मेरी मम्मी की पीठ पर ले गए। और मेरी मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया। मेरी मम्मी की ब्रा खुलते ही वो मेरी मम्मी की ब्रा को मेरी मम्मी के बाजुओं से बाहर निकालने लगे। तो मेरी मम्मी ने भी अपने हाथ उठा कर अपनी ब्रा निकालने में अंकल की मदद की। अब मेरी मम्मी की ब्रा उनके हाथ में थी। जो उन्होंने नीचे जमीन पर फेंक दिया। और मेरी मम्मी की एक चुची को अपने हाथ में पकड़ कर दबाने लगे। और दूसरी को अपने मुँह में भर कर चूसने लगे।
मेरी मम्मी को भी इतना मजा आ रहा था कि मेरी मम्मी उनके बालों में अपनी उँगलियाँ चलाने लगीं। अंकल थे जो अपनी जीभ निकाल कर मेरी मम्मी के निप्पल के कभी चारों ओर घुमाते। और कभी मेरी मम्मी के निप्पल्स को अपनी जीभ से छेड़ते। और कभी मेरी मम्मी के निप्पल्स को अपने होठों में दबा कर चूसते। और कभी उसे जोर से होठों से खींचते। मेरी मम्मी तो जैसे पागल सी हो रही थीं। मानो मेरी मम्मी को कंट्रोल ही नहीं हो रहा था।
एक समय था जब अंकल ने मेरी मम्मी को प्रपोज किया था। तो मम्मी ने उसे ठुकरा दिया। और बोली थीं। मैं अपने पति के अलावा किसी की और तरफ देखूँगी भी नहीं। और पिछले 6 महीनों से मेरी मम्मी उन्हीं अंकल के साथ चुद रही हैं। मेरी मम्मी अंकल को रोकने की बजाय खुद उनको अपने आगोश में ले रही हैं। और खुद अंकल का साथ दे रही हैं।
अंकल कुछ देर मेरी मम्मी की चुचियों को चूसने के बाद अंकल नीचे मेरी मम्मी की कमर पर आए।
और फिर मेरे अंकल जी ने मेरी मम्मी की कमर पे अपनी जीभ से चाटने लगे। तो मेरी मम्मी तो मानो पागल ही हो गई थीं। अंकल नीचे होते गए। और उन्होंने अपनी जीभ को मेरी मम्मी की चिकनी गोरी मस्त जाँघों पर रखा। और मेरी मम्मी की चिकनी जाँघों को चाटने लगे। और मेरी मम्मी के मुँह से आह आह निकल रही थी। और फिर अंकल अपनी जीभ को नीचे ले जाते हुए मेरी मम्मी के पैर को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे। मेरी मम्मी तो मानो दूसरी दुनिया में ही खो सी गई थीं।


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