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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#40
update 37

अंकल मेरी मम्मी के पीछे आए। और मेरी मम्मी के नरम चूतड़ों को सहलाते। और कभी प्यार से थप्पड़ मारते। और फिर पीछे से मेरी मम्मी की कमर में हाथ डाल कर मेरी मम्मी को अपने से चिपका लिया और अपने लंड को मेरी मम्मी की चूत पर लगा कर। और दूसरे हाथ से मेरी मम्मी की चुचियों को पकड़ कर एक ही जोरदार धक्का मेरी मम्मी की चूत पर मारा। और उनका लंड दनदनाता हुआ पूरे का पूरा मेरी मम्मी की चूत में चला गया।

अंकल ने मेरी मम्मी की कमर पकड़ कर जोर जोर से मेरी मम्मी की चूत पर धक्के मारने लगे।

मेरी मम्मी की चुचियाँ जो घोड़ी बनाने के कारण नीचे लटक रही थीं। अंकल के धक्कों से वो भी नाचने लगी थीं। तो अंकल ने अपने हाथों को जो मेरी मम्मी की कमर पर थे। उनको मेरी मम्मी की बगल से निकाल कर मेरी मम्मी की लटक रही चुचियों को पकड़ लिया। और मेरी मम्मी की चूत पर धक्के लगाते मेरी मम्मी की चुचियों को दबाने मसलने लगे।

जब वो मेरी मम्मी की चूत पर धक्के मार कर अपना लंड झड़ तक मेरी मम्मी की चूत में घुसाड़ते। उनकी जाँघें मेरी मम्मी के चूतड़ों से टकरातीं। जिससे थप थप की आवाज पूरे रूम में गूँज रही थी।

अंकल का लंड अब गचा गच मेरी मम्मी की चूत के अंदर आ जा रहा था। अंकल धक्के मारते बड़बड़ा रहे थे।
आह... वर्षा... बड़ा मजा आ रहा... आह... मेरी जान कितनी टाइट है तेरी चूत।

मेरी मम्मी भी झड़ने वाली थी। जिससे मेरी मम्मी भी अपनी गाँड को तेजी से चला रही थी। मेरी मम्मी अपनी कमर चलने के साथ साथ जोर जोर से सिसक रही थी। चीख रही थी। क्योंकि मेरी मम्मी जानती थी उनकी चीखें सुन कर अंकल का जोश और भी बढ़ रहा था।

मेरी मम्मी जानती थी कि चुदाई के दौरान औरत की चीखें और सिसकियाँ मर्दों के जोश को बहुत ज्यादा बढ़ा देती हैं। क्योंकि मम्मी को चुदाई का 20 साल का एक्सपीरियंस तो नहीं था। भले ही उनकी शादी को 20 साल हो गए हैं। पर हाँ मेरी मम्मी को चुदाई का 6 महीने का एक्सपीरियंस तो था ही अंकल के साथ।

मेरी मम्मी की सिसकियों को सुन कर अंकल मेरी मम्मी को और तेजी से चोद रहे थे। और करीब 40-50 मिनट के बाद अंकल ने मेरी मम्मी की कमर थाम कर।

और अपने धक्कों की स्पीड और बढ़ा दी। जिससे मेरी मम्मी आह... आह... करती हुई। माँ धीरे योगेश जी करिए जी। दर्द होता है। मर गई।

पर उस समय अंकल किसी शेर की तरह दहाड़ रहे थे। मेरी मम्मी समझ गई थी कि अंकल का फिर से छूटने वाला है। और हुआ भी वही। अंकल 4-5 जोरदार धक्कों के साथ ही।

मेरी मम्मी पर ढेर हो गए। और मेरी मम्मी का भी उसी समय फिर से निकल गया। और अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में कस लिया। अंकल के लंड ने एक बार फिर अपना कीमती माल मेरी मम्मी की चूत में भर दिया था।

कुछ देर अंकल मेरी मम्मी के ऊपर ही पड़े। थोड़ी देर बाद अंकल मेरी मम्मी को फिर से छेड़ने लगे। तो मम्मी बोली। घड़ी में टाइम देखिए। 6:30 am हो गया है। सवेरा हो चुका है। और हम अभी तक सोए भी नहीं।

अंकल: जान सो जाएँगे। एक राउंड और।

मम्मी: प्रॉमिस इस राउंड के बाद सो जाएँगे।

अंकल: प्रॉमिस।

फिर मम्मी अंकल दोनों किस करने लगे। और मम्मी अंकल के लंड को सहलाने लगी। पर मुझे नींद आ रही थी तो घर जाने लगा। लेकिन मैंने सोचा पहले उस लड़की को देखूँ जिसे अंकल ने बुलाया था। जिसने मम्मी को रेडी किया। लहंगा पहनाकर।

फिर मैं उस लड़की के रूम के बाहर गया और विंडो से देखा। वो लड़की सो रही थी। फिर मैं अपने घर चला गया और जाकर सो गया।

और फिर दोपहर में 1 pm को मेरी नींद खुली। तो सीधे अंकल के घर गया। तो मैं चुपके से गया। क्योंकि वहाँ पे वो लड़की भी थी। और मुझे उसका डर था। कहीं वो मुझे देख न ले। क्योंकि रात को तो वो सो गई थी। लेकिन अभी दिन है। इसलिए मैं सावधानी से गया।

तो देखा वो लड़की किचन में नाश्ता बना रही थी। फिर मैं अंकल के रूम में गया जहाँ आज सुहागरात हुई थी मम्मी अंकल की। तो गेट अभी भी बंद था। फिर मैं विंडो पे गया। अंकल के बेडरूम में देखा तो दोनों नंगे सो रहे थे।

पता नहीं मम्मी अंकल कितने बजे सोए थे। उनका मिलन रात को 10 बजे स्टार्ट हुआ था। पता नहीं सुबह कितने बजे तक चला। मेरी मम्मी और अंकल एक दूसरे की बाँहों में नंगे सो रहे थे। अब मेरी मम्मी और अंकल की सुहागरात एक यादगार बन चुकी थी। मैं उन दोनों को ही देख रहा था कैसे एक दूसरे की बाँहों में लिपटे सो रहे थे।

फिर तभी वो लड़की अंकल मम्मी के रूम के गेट पे आई। और दरवाजे पे खटखट की। सर मैम नाश्ता तैयार है। आप लोग आ जाइए। दोपहर हो गई है। कितना सोएँगे। और वो लड़की हँसती हुई चली गई।

दरवाजे पे खटखट और उस लड़की की हँसी से मेरी मम्मी की नींद खुली। तो मेरी मम्मी ने देखा अंकल का एक हाथ मेरी मम्मी की चुची पर था। और मेरी मम्मी अंकल की टाँगें एक दूसरे की टाँगों के बीच फँसी हुई थीं। और अंकल का एक हाथ मेरी मम्मी के कुल्हे गाँड के पुट्ठे पर था।

मेरी मम्मी और अंकल दोनों के बदन पर उस समय एक भी कपड़ा नहीं था। और उस समय भी अंकल का लंड मेरी मम्मी की चूत के साथ सटा हुआ था।

मेरी मम्मी ने धीरे से अंकल का हाथ अपनी चुची से हटाया। और उठने लगी। मेरी मम्मी जैसे ही उठने लगी मेरी मम्मी शर्मा गई। क्योंकि मेरी मम्मी की नजर सीधी अंकल के लंड पर चली गई। जो इस वक्त भी कड़क लोहे की रॉड की तरह खड़ा था। जबकि अभी भी वो गहरी नींद में सो रहे थे।

हालाँकि मेरी मम्मी ने पिछले 6 महीनों में अनगिनत बार अंकल का लंड देखा था। पता नहीं क्यों मेरी मम्मी अंकल के लंड को इतने करीब से फिक्स से देख रही थी। और फिर शर्माते हुए मुस्कुराते हुए बिस्तर से उठी। और खड़ी हुई। तो मेरी मम्मी के पूरे बदन में एक मीठा मीठा दर्द था। पर पता नहीं क्यों मेरी मम्मी को पूरा बदन हल्का लग रहा था।

ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मम्मी भी धीमी आवाज में अंकल की ओर देखकर बोली। आज तो मेरा बदन आपने बहुत हल्का कर दिया है। जबकि अंकल सो रहे थे।

फिर मेरी मम्मी नंगी ही अपने कपड़े ढूँढने लगी। तो मेरी मम्मी ने देखा उनकी ब्रा और पैंटी अंकल के नीचे दबी हुई हैं। फिर मम्मी धीरे से बोली। अब क्या करूँ। ब्रा पैंटी तो उनके नीचे है। अगर मैंने ब्रा पैंटी खींचकर योगेश जी के नीचे से निकाली तो योगेश जी जाग जाएँगे। अब क्या करूँ।

मम्मी बोल रही थी जो मुझे सुनाई दे रहा था। अब क्या... अब क्या करूँ। बार बार यही बोल रही थी। फिर अचानक मम्मी मुस्कुराने लगी। और बाथरूम की ओर चल पड़ी। लेकिन मम्मी ठीक से नहीं चल पा रही थी। और लड़खड़ाते हुए जाने लगी। क्योंकि आज उनकी चूत की सील टूटी थी। जो ऑपरेशन से सील पैक हुई थी। वो सील उनकी चूत की अंकल ने अपने दमदार लंड से तोड़ दी। और मेरी मम्मी की चाल बदल दी अंकल के लंड ने।

फिर मम्मी नहाकर बाथरूम से नंगी बाहर आई यानी रूम में।

पता नहीं क्यों नई नवेली दुल्हन को सुहागरात के बाद भी पति के सामने नंगी आने में शर्म आती है। पर मम्मी को शर्म नहीं बल्कि रूम में बाथरूम से नंगी आने में एक अलग ही तरह की एक्साइटमेंट और मजा आ रहा था।

मेरी मम्मी ने अपनी नजर मेरे अंकल यानी उनके यार योगेश जी पर डाली। जो कि अभी भी गहरी नींद में नंगे सो रहे थे। और उनका लंड बिल्कुल कड़क होकर सीधा खड़ा हुआ था। जैसे कि मेरी मम्मी को सलामी दे रहे हों।

जब मेरी मम्मी ने आईने में अपने आप को देखा तो खुद ही शर्मा गई। मेरी मम्मी के बदन पर कई जगह अंकल जी के होठों के काटने के निशान थे। मेरी मम्मी के गालों। मेरी मम्मी की चुचियों। मेरी मम्मी के पेट। और मेरी मम्मी की चिकनी गोरी जाँघों पर अंकल ने अपने प्यार की छाप छोड़ दी।

और सच कहूँ कोई भी औरत अपने बदन पर अपने यार के द्वारा दिए गए निशानों से उसकी दीवानी हो जाती थी। और अब मेरी मम्मी तो अपने यार योगेश जी की मर्दानगी की कायल हो गई थी। जिस तरह से योगेश जी ने मेरी मम्मी को रात भर जिस तरह से मसला और निचोड़ा था। मेरी मम्मी की जगह कोई और लड़की भी होती वो भी ऐसा ही सोचती।

मेरी मम्मी अपने आप को तैयार करते बोलने लगी जो कि मुझे सुनाई दे रहा था। योगेश जी कितने स्ट्रॉन्ग मर्द हैं। इस 47 साल की उम्र में मेरे जैसी 33 साल की लड़की को मसल। पिछले 6 महीनों से लगातार मसल रहे हैं। जो कि मेरे नामर्द पति भी मुझे 20 सालों में एक बार भी ढंग से नहीं मसल पाए।

मुझे जो मजा योगेश जी साथ पिछले 6 महीनों से मिल रहा है वो मेरे नामर्द पति ने 20 सालों में एक बार भी नहीं दिया। मैं 20 साल तड़पी शादी के बाद भी। और ऐसा लगता है आज मेरी दूसरी नहीं पहली सुहागरात हुई है। असली सीख मुझे 6 महीने पहले ही मिली। मुझे जब योगेश जी ने 6 महीने पहले कली से फूल बनाया।

मुझे भी 6 महीने पता चला मर्द का असली प्यार क्या होता है। योगेश जी मेरे पति ने भले ही मुझे माँ बना दिया। पर असली सीख आपने ही दी।

पता नहीं योगेश जी आज मुझे आपकी मौजूदगी में तैयार होने में एक अलग ही आनंद मिल रहा है। मुझे जो आनंद मिल रहा है वो आनंद मुझे 20 सालों में कभी नहीं मिला।

मम्मी ने अलमारी से ब्रा पैंटी निकाली। वो पहनी। फिर ब्लाउज पेटीकोट ब्लैक कलर का पहना। फिर ट्रांसपेरेंट साड़ी निकाली और उसको पहनने लगी। आज मम्मी ब्लैक पहन रही थीं जो मम्मी पर बहुत जचते हैं। ट्रांसपेरेंट साड़ी में मम्मी का पेट पूरा दिखता है।

मम्मी ब्लाउज पेटीकोट पहन चुकी थीं। ब्लाउज ऐसा था जिसमें सिर्फ दूध ढके। कंधे नंगे थे। जैसा फोटो में है।

साड़ी को पहले पेटीकोट में हाथ डालकर पेटीकोट के अंदर डाला। जैसे इस फोटो में है।

फिर मम्मी साड़ी को कमर में लपेटने लगीं। और सभी तरफ से पेटीकोट में घुसा रही थीं।

वो अब साड़ी को पहन लेती हैं... और साड़ी का पल्लू ऐसे लेती हैं जिसमें उसकी नाभि और बूब्स के दर्शन आसानी से होते रहें। वैसे तो साड़ी ट्रांसपेरेंट थी। सबसे बड़ी बात वो साड़ी इतनी टाइट बाँधती हैं जिससे मेरी मम्मी की बॉडी का नाप आँखों से आसानी से लिया जा सके।

और मेरी मम्मी की वो नाभि जिस पर अंकल ने रात को बड़े मस्त तरीके से चाटा था। साफ दिखाई दे रही थी उनके होठों के निशान। और मेरी मम्मी के ब्लाउज भी ऐसा था जो साइड से मेरी मम्मी की चुची के पूरे उभार को दिखा रहा था। मेरी मम्मी उस समय किसी मेच्योर औरत की तरह लग रही थीं।

तैयार होकर मेरी मम्मी बेड के पास आईं। तो अंकल अभी भी सो रहे थे। अंकल अभी भी गहरी नींद में सो रहे थे। मेरी मम्मी बेड के पास खड़ी थोड़ी झुक कर अंकल को जगाने लगीं।

मम्मी: योगेश जी... योगेश जी... योगेश जी उठिए। दोपहर हो गई है। 2 बज गए हैं। उठिए।

अंकल ने जैसे ही करवट बदली तो मेरी मम्मी की नजर अंकल के नीचे पड़ी। मेरी मम्मी की ब्रा पर पड़ी। तो मेरी मम्मी ने उसको उठाने के लिए आगे हाथ बढ़ाया। तो अंकल की आँख खुल गई। तो अंकल ने अपने हाथ मेरी मम्मी की कमर पर बढ़ा कर मेरी मम्मी को खींच लिया। और मेरी मम्मी की नंगी कमर को चूमने लगे।

उम्म... उम्म... उम्म... मेरी जान आई लव यू।

अंकल की इस हरकत पर मेरी मम्मी चौंक गईं। और बोलीं। ये क्या कर रहे हैं योगेश जी। बाहर वो लड़की है। लेकिन अंकल थे वो मान ही नहीं रहे थे। मेरी मम्मी तो बस उस समय एक हाथ से बेड और दूसरे हाथ से अंकल जी के सिर को पकड़े हुए थीं।

मेरे अंकल थे जो लगातार मेरी मम्मी के चिकने पेट को चूम रहे थे। चाट रहे थे। मेरी मम्मी के मुँह से सिसकियाँ भी निकल रही थीं। और साथ ही डर भी था कि कहीं फिर से वो लड़की हमें बुलाने न आए। वैसे तो मेरी मम्मी कोई गलत काम नहीं कर रही थीं। अपने यार के साथ ही प्यार का खेल रही थीं। ये वो लड़की भी जानती थी।

मेरी मम्मी का सारा ध्यान दरवाजे की ओर ही था। और अंकल मेरी मम्मी को अपने से चिपकाए मेरी मम्मी की नाभि को चाट रहे थे।

मुझे लगने लगा कि अगर अंकल कुछ देर और मेरी मम्मी की नाभि को ऐसे ही चूमते रहें तो मेरी मम्मी खुद ही अपना कंट्रोल न खो दें। और मेरी मम्मी ने अंकल को जल्दी से धक्का दिया। और खुद उनसे दूर जा खड़ी हुईं।
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RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - Yesterday, 10:53 PM



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