Thread Rating:
  • 1 Vote(s) - 5 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#39
update 36

मेरी मम्मी और अंकल अब फिर से अगले राउंड के लिए तैयार हो चुके थे। मेरी मम्मी की चूत से अंकल का वीर्य बह कर बाहर निकल रहा था। बिस्तर पर मेरी मम्मी और अंकल का काम रस जो 5-6 इंच दायरे में बना धब्बा मेरी मम्मी और अंकल के मिलन की दास्तान सुना रहा था।

तभी अंकल उठे और उन्होंने मेरी मम्मी की पैंटी को उठा कर मेरी मम्मी की चूत को साफ किया। और फिर उसी पैंटी से अपने लंड को साफ किया। ये सब करते वो मेरी मम्मी की आँखों में देख रहे थे। जिससे मेरी मम्मी मुस्कुरा रही थी।

मेरी मम्मी बिस्तर में लेटी थी और मेरी मम्मी ने अपनी टाँगों को खोल दिया। क्योंकि शायद मम्मी को लगा होगा कि अंकल फिर से मेरी मम्मी के ऊपर चढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन अंकल बेड पर लेट गए। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि ये क्या हुआ। वो ऐसे क्यों लेट गए।

मैं सोच ही रहा था कि अंकल मेरी मम्मी से बोले। वर्षा आओ अब तुम इस पर बैठो।

मम्मी सोच रही होंगी अब अंकल उनके ऊपर चढ़ेंगे। लेकिन अंकल ने मेरी मम्मी को अपने ऊपर चढ़ाने की बात कर रहे थे। मेरी मम्मी का अपने यार योगेश अंकल के ऊपर चढ़ना एक अलग ही एक्सपीरियंस था।

सुहागरात में वैसे तो वो अंकल के ऊपर हमेशा चढ़ती है। क्योंकि 20 साल पहले वाली सुहागरात में नामर्द बाप मम्मी पर चढ़ा था जो ना के बराबर कर पाया था। और आज दूसरी सुहागरात थी मेरी मम्मी की। जिसमें अंकल ने एक राउंड में ही मम्मी को पूरी रात कर दी। उसे कहते हैं असली सुहागरात। मेरी मम्मी का ये पहला मौका था सुहागरात में कि वो किसी मर्द के ऊपर पहली बार चढ़ने जा रही है।

अंकल बेड पर लेटे थे और उनका लंड सीधा खड़ा था। मेरी मम्मी ने अपनी दोनों टाँगों को उनकी कमर पर लपेट कर उनके लंड को अपने हाथ में पकड़ा। और उस पर बैठने लगी। और उनका पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया। और धीरे धीरे अपनी कमर चलने लगी।

तो अंकल ने अपना बदन नीचे से थोड़ा ऊपर उठा लिया। और मेरी मम्मी की लटक रही चुचियों को अपने मुँह में भर कर चूसने लगे।

पता नहीं मेरी मम्मी के दिल में अपने यार के लिए कितना प्यार उमड़ने लगा। वाकई में ही क्या दमदार मर्द थे। मेरी मम्मी तो अपने यार की मर्दानगी की दीवानी होती जा रही थी। क्योंकि इतना टाइम तो अंकल ने कभी नहीं लगाया था। फोरप्ले में ही अंकल ने 6 घंटे लगा दिए थे। अंकल का स्टेमिना बहुत ज्यादा था।

अंकल के स्टेमिना के वजह से ही मम्मी अंकल को चाहती थी और उनसे चुदती थी। और मम्मी ने भी अंकल से एक बार कहा था। मैं तुम्हारे स्टेमिना की वजह से ही तुम्हें दिल से चाहने लगी हूँ। और यूँ ही तुम्हारे साथ जिंदगी के अंत तक तुम्हारे साथ रहूँ। और आखिर तक तुम्हारे ही लंड से चुदती रहूँ।

मेरी मम्मी अब अपने यार योगेश अंकल के लंड पर बैठी। और अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को चूसते नीचे से मेरी मम्मी की चूत पर धक्के लगा रहे थे।

उस तरह मेरी मम्मी की चूत में मोटा लंबा लंड और चुची चूसे जाने पर मेरी मम्मी और भी गरम हो उठी। और मेरी मम्मी की कमर भी अब एक रिदम के साथ चलने लगी थी। मुझे अब ऐसा लगने लगा था कि मेरी मम्मी अब झड़ने वाली है। क्योंकि मेरी मम्मी ने अब अपनी कमर को तेज तेज चलाते हुए खुद ही अपने यार योगेश अंकल के लंड पर उछलने लगी।

मेरी मम्मी उस समय किसी शेरनी की तरह बिहेव कर रही थी। अंकल एकदम बेड पर सीधा लेटे। और मेरी मम्मी उनकी छाती पर अपने हाथों को टिका कर तेज तेज अपनी गाँड को उछाल कर उनका लंड अपनी चूत में ले रही थी।

ऐसा करने से मेरी मम्मी की छातियाँ बड़े मस्ताने अंदाज में छलछला रही थीं। ऊपर नीचे उछल रही थीं। और अंकल नीचे लेटे मेरी मम्मी की चुचियों को घूर रहे थे। आखिर अंकल थे तो मर्द। और मेरी मम्मी की चुचियों को इस तरह उछलते देख अपने को रोक नहीं सके। और उन्होंने आगे हाथ बढ़ा कर मेरी मम्मी की चुचियों को अपने हाथ में थाम लिया। और मेरी मम्मी की चुचियों को मसलने लगे।

मेरी मम्मी अब झड़ने के बहुत ही करीब थी। शायद मेरी मम्मी को ऐसा लगने लगा था कि उनकी चूत किसी भी पल पानी छोड़ सकती है। इस कारण मेरी मम्मी ने अपनी गाँड तेजी से हिला रही थी। और खुद ही अपनी एक चुची पकड़ कर अपने यार योगेश अंकल के मुँह में देते बोली। इसको चूसिए योगेश जी।

अब अंकल मेरी मम्मी की चुची को चूसते नीचे से अपने चूतड़ उठा कर मेरी मम्मी को चोद रहे थे। मेरी मम्मी तो जैसे जन्नत में उड़ने लगी। कमरे में अब पुच पुच या फिर मेरी मम्मी की सिसकियों की ही आवाजें गूँज रही थीं।

मेरी मम्मी के मुँह से खुद ही आवाजें निकलने लगीं।
आह... योगेश जी आह... जी आह... धीरे... धीरे... आह...

अब मेरे अंकल भी नीचे से अपनी गाँड उठा कर मेरी मम्मी के धक्के का जवाब दे कर मेरी मम्मी को चोद रहे थे। कि तभी मेरी मम्मी की चूत ने पानी छोड़ दिया। और मेरी मम्मी अपने यार योगेश अंकल के ऊपर ही निढाल हो कर गिर पड़ी।

तभी अंकल ने मेरी मम्मी को बाँहों में लिया। ही पलट कर मेरी मम्मी को अपने नीचे लिटा लिया। और मेरी मम्मी की टाँगें उठा कर मेरी मम्मी की चूत में तेजी से अपने लंड को अंदर बाहर करने लगे। और इसी तरह लगातार मम्मी को चोद रहे थे।

और 30 मिनट के बाद। अब अंकल भी शायद झड़ने के काफी करीब थे। तभी अंकल भी अब मस्ती में बड़बड़ा रहे थे।
आह... मेरी जान... आह... मेरी रानी... आह... क्या चूत है... आह... आज असली मजा आया है... आह... मेरी जान... आह... वर्षा... आह...

मैं भी झड़ने वाला हूँ वर्षा।

और उस समय बेड ऐसे हिल रहा था जैसे कमरे में भूचाल आ गया हो। अंकल इतनी तेज तेज धक्के मेरी मम्मी की चूत पर मार रहे थे। जितनी तेजी से उनका लौडा मेरी मम्मी की चूत से बाहर आता। अंकल उतनी ही तेजी से गचक करते अपने लंड मेरी मम्मी की चूत में घुसाड़ देते।

इसके साथ अंकल के लंड से एक जोरदार पिचकारी फिर से मेरी मम्मी की चूत के अंदर मार दी। जैसे ही अंकल के लंड ने मेरी मम्मी के अंदर अपनी पिचकारी छोड़ी। मेरी मम्मी को ऐसा लगा कि किसी ने मेरी मम्मी की चूत के अंदर गरमा गरम कोई फुव्वारा खुला छोड़ दिया हो।

मेरी मम्मी की चूत में ऐसा लग रहा था जैसे मेरी मम्मी की नाजुक सी छोटी सी चूत फिर से अंकल के वीर्य से भर गई हो। और मेरी मम्मी अंकल फिर से लंबी लंबी साँसें लेते एक दूसरे की बाँहों में लुढ़क गए।

मेरी मम्मी और अंकल कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे की बाँहों में लेटे आराम करते रहे। साथ में अंकल मेरी मम्मी के बदन को सहला भी रहे थे।

मैंने देखा 5 बज गए हैं। इस बार दूसरा राउंड एक घंटे में ही कंप्लीट हो गया था। और अंकल मेरी मम्मी को तीसरे राउंड के लिए तैयार कर रहे थे।

मेरी मम्मी भी हैरान हो गई। बोली। आप भी सोने का नाम नहीं ले रहे हो। सुबह के 5 बज गए हैं। अब सोते हैं। कितना करोगे। मैं तो थक गई हूँ। और आप हो कि थकने का नाम ही नहीं ले रहे हो। आज क्या खाया आपने।

अंकल: तेरी चूत का रस। उससे एनर्जी मिली।

और अब अंकल ने मेरी मम्मी को इस राउंड में आगे हाथ बढ़ा कर घोड़ी बनने को कहा। वैसे चुदाई के इस पोज में मर्दों के साथ औरतों को भी बड़ा मजा आता है। तो मेरी मम्मी अब बिना कुछ कहे अंकल के सामने अपने हाथों को आगे बढ़ा कर घोड़ी के जैसे बन गई।

अंकल मेरी मम्मी के पीछे आए। और मेरी मम्मी के नरम चूतड़ों को सहलाते। और कभी प्यार से थप्पड़ मारते। और फिर पीछे से मेरी मम्मी की कमर में हाथ डाल कर मेरी मम्मी को अपने से चिपका लिया।
Like Reply


Messages In This Thread
RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - 11 hours ago



Users browsing this thread: Rahulraj306, 7 Guest(s)