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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#37
**अपडेट 34**

मेरी मम्मी की चुत को सहलाते-सहलाते अंकल अपनी उँगली मेरी मम्मी की चुत में डालने की कोशिश करने लगे।तो गलती से या जानबूझकर अंकल की उँगली मेरी मम्मी के दूसरे छेद में घुस गई।
तो मम्मी झट से अंकल जी से बोलीं –

मम्मी : “उई... योगेश जी... वो वाला नहीं...”

मेरी मम्मी का इतना कहना ही था कि मेरे अंकल के चेहरे पर एक शरारत आ गई। और मम्मी से कहने लगे – “वर्षा अगर इस छेद में नहीं तो फिर किस छेद में डालूँ? चलो तुम ही जिस छेद में डालना है वहाँ रख दो।”

मेरी मम्मी तो अंकल की बात का अर्थ समझकर शर्मा गईं। अंकल ने मेरी मम्मी की गाँड से उँगली निकालकर मेरी मम्मी की चुत में इस बार अपनी एक उँगली घुसा दी।
उफ्फ...
योगेश अंकल : “वर्षा जी कितनी टाइट हो गई है ऑपरेशन से तुम्हारी चुत। एकदम कुँवारी लड़की की तरह।”
और अपनी मोटी उँगली को मेरी मम्मी की चुत में पूरा डाल दिया। जैसे ही अंकल ने अपनी मोटी उँगली मेरी मम्मी की चुत में डाली मेरी मम्मी के मुँह से हल्की चीख निकल गई।

अंकल कुछ देर तक मेरी मम्मी की चुत में अपनी उँगली अंदर-बाहर करते रहे।
और फिर अपनी उँगली को मेरी मम्मी की चुत से बाहर निकाल लिया।
और अपनी गीली उँगली को देखने लगे जिस पर मेरी मम्मी की चुत का रस लगा हुआ था।

मेरी मम्मी ने तो शर्म से अपना मुँह तकिए में छुपा लिया। तो अंकल मेरी मम्मी के सामने ही अपनी उँगली को जिस पर मेरी मम्मी की चुत का रस लगा हुआ था उस उँगली को सूँघने लगे।
और फिर अपने मुँह में उँगली डालके चाटने लगे।

अपने यार को इस तरह करते देख मेरी मम्मी ने शर्माकर अपना मुँह दूसरी ओर कर लिया।

अंकल : “हाय मेरी जान तुम्हारा जूस तो कितना टेस्टी है।”

मेरी मम्मी का अब खुद पर से ही कंट्रोल खोने लगा था। मुझे ऐसा लगने लगा कि शायद अंकल चाहते हैं कि मम्मी खुद पहल करें। इसलिए अंकल आगे नहीं बढ़ रहे थे और मम्मी को तड़पा रहे थे।

जबकि मेरी मम्मी अब बेचैन थीं और चाहती थीं कि अंकल अब जल्द से जल्द अपना लंड उनकी चुत में घुसाकर मेरी मम्मी को चोदें।
पर शर्म के मारे मेरी मम्मी ऐसा कुछ बोल नहीं पा रही थीं।

मेरी मम्मी : “योगेश जी प्लीज कंट्रोल...” बस इतना ही बोल पाई थीं कि अंकल बोले –

अंकल : “हाँ मेरी वर्षा रानी मैं जानता हूँ तुम कंट्रोल कर रही हो और तुम आगे नहीं बढ़ोगी।”

जबकि मम्मी तो ये कहना चाहती थीं –
“मैं कंट्रोल नहीं कर पा रही हूँ क्योंकि इस समय मेरी चुत में जबरदस्त आग लगी हुई है और वो आग सिर्फ आपके ही लंड से बुझेगी।”

मम्मी : “नहीं योगेश जी अब कंट्रोल...”

फिर से अंकल बीच में बोल पड़े –

अंकल : “क्या वर्षा तुम कंट्रोल कर रही हो?”

मम्मी : अंकल की आँखों में देख मुस्कुराते हुए धीरे से – “अब कंट्रोल नहीं होगा।”

और मम्मी ने धीरे से शर्माकर अपनी ओर से अंकल को ग्रीन सिग्नल दे दिया कि वे आगे बढ़ें और मैं चुदवाने को तैयार हूँ। मेरी चुदाई करो अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। ये मम्मी ने बिना बोले ही अंकल को बता दिया केवल आँखों में देखकर शर्माकर।

मम्मी का इस तरह ग्रीन सिग्नल देने से अंकल भी मम्मी की आँखों में देखते हुए मुस्कुराने लगे।
और मेरी मम्मी के ऊपर से खड़े हुए।

तो मेरी मम्मी उनकी ओर देखने लगीं।
चौड़ा सीना और अंडरवियर में बना तंबू।
मेरी मम्मी की तो नजर वहीं टिकी हुई थी।
क्योंकि आज उनकी सुहागरात थी और मर्द सामने था।

फिर अंकल ने अपनी उँगलियाँ अपने अंडरवियर में फँसा लीं। और वे अपने अंडरवियर को नीचे खिसकाने लगे।

मेरी मम्मी की आँखें तो बस वहीं जमी हुई थीं।
वे अंकल के लंड को पिछले 6 महीनों से ले रही थीं।
फिर आज वे देखने के लिए उतावली हो रही थीं जैसे उन्होंने कभी देखा न हो। आज पहली बार देखने वाली हों। और वैसे भी आज उनकी सुहागरात थी तो सुहागरात में तो पहली बार ही देखते हैं।

जैसे-जैसे अंकल अपना अंडरवियर नीचे खिसकाते जा रहे थे वैसे-वैसे मेरी मम्मी के दिल की धड़कन भी तेज होती जा रही थी।
मेरी मम्मी का हाथ खुद अपनी चुचियों पर चला गया था।
और मम्मी अंकल को देखती बेशरमों की तरह खुद ही अपनी चुचियों को सहला रही थीं।

और जैसे ही अंकल ने अपना अंडरवियर नीचे खिसकाया उनका अजगर के जैसे लंड फनफनाता ऐसे बाहर निकला जैसे बरसों बाद किसी की कैद से आजाद हुआ हो।

सच कहूँ तो मेरी मम्मी की आँखें अंकल का लंड देखकर फटी की फटी रह गईं।
जबकि मम्मी पिछले 6 महीनों से ले रही थीं।
फिर भी आज तो ऐसे देख रही थीं जैसे पहली बार देखा हो।

आपकी मैं पहले ही बता चुका हूँ अंकल का लंड का साइज 9+ इंच लंबा और 4 इंच मोटा।
और अंकल का लंड मम्मी की आँखों के सामने 90 डिग्री के एंगल पर किसी लोहे की रॉड की तरह खड़ा था।

मेरी मम्मी की आँखों के सामने था।
और मेरी मम्मी को देखके ऐसा लग रहा था जैसे वे आज पहली बार अंकल के लंड को इतना भयंकर रूप में देख रही थीं।
और अंकल के लंड को देखकर मेरी मम्मी का मुँह खुला का खुला ही रह गया था।

मुझे भी आश्चर्य हुआ मम्मी को क्या हुआ।
मम्मी तो पिछले 6 महीनों से ले रही थीं फिर भी ऐसे शॉक्ड क्यों हो गईं।

और मम्मी ने अपने मुँह के नीचे ठुड्डी पे हाथ रखकर कुछ सोचने लगीं।
शायद वे अंकल के लंड को लेकर ही सोच रही थीं।
पर इसमें सोचने वाली भी कोई बात नहीं थी क्योंकि उनके लिए अंकल का लंड न्यू नहीं था।
पर सुहागरात में न्यू होता है।

और हाँ इतना जरूर कहूँगा यदि मम्मी की जगह कोई और लड़की या कहूँ कोई औरत भी होती जो रोज लंड खाती हो तो वो डर ही जाती जैसे उसने कोई बहुत बड़ा अजूबा देख लिया हो।
उसे तो अपनी आँखों पे विश्वास ही नहीं होता कि क्या किसी मर्द का इतना बड़ा होता है।
अगर होता है तो कोई औरत इतना बड़ा अपने अंदर कैसे ले सकती है। ये तो मेरे अंदर आगे से जाकर पीछे से निकल जाएगा।
वो मन ही मन में ये सोचकर मैं इतना बड़ा नहीं ले पाऊँगी।

लेकिन एक मर्द का लंड की ताकत ही औरत की खुशी होती है।
औरत की लंड देखकर जितना डर लगता है उससे ज्यादा खुशी भी होती है।

कोई भी लड़की या औरत अगर किसी मर्द का लंड देखकर उसकी लंबाई और उस लंड के कड़कपन देखकर उसके लंड पर सम्मोहित हो जाए तो ये उस मर्द के लिए कितने गर्व की बात है।

मेरी मम्मी के इस तरह लालची नजरों से अपने लंड को देखने पर अंकल एकदम खुश हो गए कि मेरी मम्मी एक जवान औरत या कहूँ एक लड़की 33 साल की जो 21 साल की लगती है कैसे उनके लंड को देखकर खुश हो रही हैं।
और अपनी उम्र से 14 साल बड़े 47 साल के आदमी की मर्दानगी पर मोहित हैं।
और खुश होकर उनसे पिछले 6 महीनों से चुद रही हैं।

(ये अंकल के लिए गर्व की बात है क्योंकि अंकल 47 के मम्मी 33 की।)

और अंकल मेरी मम्मी के सामने ही अपने दमदार लंड पे हाथ फेरते अपने लंड को पकड़कर आगे-पीछे करते हैं।
मेरी मम्मी की आँखों में देखकर मुस्कुराने लगे।
मेरी मम्मी का तो अब शर्म से बुरा हाल था।

अब ये तो पक्का हो गया था कि अब मेरी मम्मी की तड़प खत्म होने वाली है जो कि मम्मी कई घंटों से तड़प रही थीं और अंकल उनको तड़पा रहे थे।
और अब जल्द ही मेरी मम्मी और अंकल का मन से साथ-साथ तन का मिलन होने वाला है।

मेरी मम्मी ने 32 साल की उम्र में शादी।
19 साल और 6 महीने बाद असली आज से 6 महीने पहले पहली बार अपनी लाइफ में किसी संपूर्ण मर्द का लंड देखा था।
उससे पहले तो 19 साल और 6 महीने तक सिर्फ मेरे नामर्द बाप की लिल्ली देखी थी जो कि अंकल के लंड के आगे ना के बराबर थी।

और अंकल का लंड एक काले नाग की तरह फुंकार रहा था।
और हवा में लहराता हुआ मेरी मम्मी को सलामी दे रहा था।

अंकल के लंड को देखकर मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे कोई पागल सांड किसी लहलहाते खेतों के बाहर खड़ा उसे उजाड़ने की तैयारी कर रहा हो।
उसी तरह अंकल ये मूसल लंड मेरी मम्मी की चुत रूपी खेत को पूरी तरह से उजाड़ने की तैयारी कर रहे थे। क्योंकि आज मेरी मम्मी की चुत सील पैक थी ऑपरेशन के वजह से।

और तभी अंकल मेरी मम्मी की दोनों टाँगों को पूरी तरह से खोलकर मेरी मम्मी की दोनों टाँगों के बीच में आ गए।
और मेरी मम्मी की खुली टाँगों के बीच बैठ गए।
और अपना मुँह नीचे लाते हुए अपनी नाक मेरी मम्मी की चुत के करीब ले जाकर मेरी मम्मी की चुत की खुशबू को सूँघने लगे।

और अपने होठों को मेरी मम्मी की चुत के होठों पर रख दिए।
और मेरी मम्मी की चुत के गुलाबी होठों को चूमने लगे।
अंकल के होठ मेरी मम्मी की नंगी चुत पर पाकर मेरी मम्मी तो मस्ती में उड़ने लगीं।

योगेश अंकल मेरी मम्मी की चुत के होठों को कभी अपने होठों में दबाकर चूस रहे थे।
और कभी मेरी मम्मी की चुत के होठों को अपने दाँतों से काट रहे थे।

तभी अंकल ने ऐसी हरकत की न चाहते हुए भी मेरी मम्मी का हाथ उनके सिर पर चला गया।
उन्होंने अपनी जीभ निकालकर मेरी मम्मी की चुत के अंदर डाल दी।

और मेरी मम्मी की चुत में अपनी जीभ को नोकिली बनाकर चाटने लगे।
और अपनी जीभ से ही मेरी मम्मी की चुत को चोदने लगे।

अंकल मेरी मम्मी की चुत को ऐसे चाट रहे थे मानो कोई बच्चा आइसक्रीम चाट रहा हो।
वैसे ही वे मेरी मम्मी की चुत चाट रहे थे।
जबकि उनके हाथ मेरी मम्मी की चुचियाँ मसल रहे थे।

मस्ती में मेरी मम्मी –
“आह योगेश जी बस कीजिए मैं मर जाऊँगी प्लीज...”

मस्ती में आकर मेरी मम्मी ने अपनी दोनों टाँगें उनके इर्द-गिर्द कस लीं।
और उनका सिर अपनी जाँघों के बीच कस लिया।
और खुद ही उनका सिर पकड़कर अपनी चुत पर दबाने लगीं।

मेरी मम्मी के मुँह से मस्ती भरी सिसकारियाँ निकल रही थीं –
“हाय योगेश जी... ये क्या कर रहे हैं... मर गई मैं... हाय योगेश जी प्लीज... मर जाऊँगी मैं...”

पता नहीं उस समय मेरी मम्मी की चुत कितना पानी छोड़ रही थी।
मेरी मम्मी नीचे से अपने चूतड़ों को उठाकर खुद अंकल को अपनी चुत चटवा रही थीं।
और अंकल थे मेरी मम्मी की चुत पर ही अपना मुँह लगाए मेरी मम्मी की चुत से निकले जूस को पी रहे थे।

अंकल मेरी मम्मी के बगल में लेट गए और मेरी मम्मी के होठों को चूमने लगे।
जबकि उनके हाथ मेरी मम्मी की टाँगों के बीच मेरी मम्मी की चुत पर था।

मेरे योगेश अंकल मेरी मम्मी की चुत से निकले रस को चाटकर खड़े हुए।
और मेरी मम्मी की टाँगों के बीच आकर मेरी मम्मी की दोनों टाँगों को पूरी तरह से खोल दिया।

अंकल ने मेरी मम्मी की दोनों टाँगों को पकड़ मेरी मम्मी की टाँगों के बीच थे।
उनका एकदम खड़ा लंड ठीक मेरी मम्मी की चुत के सामने था।
जिसे अंकल पकड़कर मेरी मम्मी की चुत के ऊपर रख दिया।
और अपना मस्त मूसल लंड मेरी मम्मी की चुत पर रखकर रगड़ने लगे।

बस अंकल के एक धक्के के साथ ही मेरी मम्मी और अंकल की पवित्र सुहागरात कंप्लीट होने वाली थी।
मेरी मम्मी अपनी चुत पर अपने यार और मेरे योगेश अंकल का लंड पड़ते ही मम्मी को ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे किसी ने उनकी चुत के ऊपर कोई आग का गोला रख दिया हो।

और मुझे भी ऐसा ही लग रहा था क्योंकि उनके लंड से मेरी मम्मी की चुत का छेद की लाइन सिकुड़ना बंद हो गई थी।

अब पहली बार मुझे इस बात का डर लगने लगा कि मेरी मम्मी की सील पैक चुत जो कि एक बहुत ही छोटा सा छेद है या कहूँ एक बहुत ही छोटी सी लाइन थी उसमें अंकल का विशाल सांड जैसा लंड कैसे घुसेगा।

पहले तो मम्मी का छेद थोड़ा बड़ा होता था लेकिन आज तो एक बहुत ही पतली सी लाइन थी चुत की।
ऐसा लग रहा था कोई 21 साल की लड़की की चुत हो।
और एक 47 साल का सांड का लंड मेरी मम्मी कैसे ले पाएगी अपनी बहुत ही नाजुक फूल जैसी चुत में।

ये तो मेरी मम्मी की चुत को फाड़कर तार-तार कर देगा।
मैं ये सोच ही रहा था कि मैंने देखा अचानक मम्मी सिहर उठीं “उई...”।
और अंकल ने अपना लंड मेरी मम्मी की चुत पे रखकर धीरे से एक धक्का मारा।

ये दूसरा लंड था जिसने मेरी चुत के होठों को छुआ था पिछले 6 महीने से।
लेकिन जो पहला लंड जो मेरी मम्मी ने अपनी चुत में लिया था वो मेरे नामर्द बाप का था जिससे मेरी मम्मी चुदी न चुदी बराबर थी।
असली चुदाई तो उनकी अंकल के ही लंड से 6 महीने पहले शुरू हुई थी।

और 20 साल पहले सुहागरात में तो मम्मी को पता ही नहीं चला सुहागरात हुई भी या नहीं हुई।
लेकिन 20 साल बाद आज जो सुहागरात हो रही है इसमें तो अंकल के लंड ने मेरी मम्मी की चुत को जैसे ही छुआ वो मेरी मम्मी की चुत के अंदर गए बिना ही मेरी मम्मी की दिल की गहराई में बस गया था।

अंकल का लंड इतना बड़ा था मेरी मम्मी की चुत के लिए लग रहा था मम्मी की फाड़ के रख देगा।
और मम्मी एक महीने तक बिस्तर से उठ नहीं पाएंगी।

और जैसे ही अंकल जी ने अपना लंड मेरी मम्मी की चुत पर रखकर हल्का सा धक्का मारा वो स्लिप होकर नीचे की ओर चला गया।
तो अंकल ने उससे फिर से पकड़कर मेरी मम्मी की चुत के ऊपर टिका दिया।
और फिर से एक धक्का मारा।
पर लंड मोटा होने की वजह से फिर स्लिप होकर नीचे की ओर चला गया।

तो अंकल ने मेरी मम्मी से बोले –
“वर्षा तुम पकड़कर लगाओ ना।”

तो मेरी मम्मी इतनी गरम थीं कि उनके कहने पर मेरी मम्मी ने उनका लंड पकड़ा।
ये पहली बार नहीं था कि मम्मी ने अंकल का नंगा लंड अपने हाथ में पकड़ा था।
वे पिछले 6 महीनों से पकड़ रही हैं।

और मैं पूरे यकीन से कह सकता हूँ आज यदि मम्मी की जगह कोई और लड़की अंकल का लंड को अपने हाथों में पकड़ती तो उसे ऐसा लगता जैसे उसने कोई गरम लोहे की पाइप पकड़ ली हो।
पर मम्मी को तो आदत है।
और अंकल का लंड तो मम्मी के हाथों में भी पूरा नहीं आ रहा था।
और पिछले 6 महीनों से भी कभी पूरा लंड मम्मी के हाथों में नहीं आया फिर भी लेती हैं हाथ, मुँह, चुत में।

मम्मी इतनी शर्मा रही थीं कि मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था।
जो मम्मी पिछले 6 महीनों से अंकल की रखैल बनी हुई हैं और आज उन्हीं अंकल के साथ शादी रही हैं।

शर्म के मारे मम्मी की तो हिम्मत ही नहीं हो रही थी कि वे अंकल का लंड पकड़के अपनी चुत पे लगाएँ।
मम्मी तो बस अंकल का लंड पकड़कर लेटी थीं।

अंकल : “क्या हुआ वर्षा? लगाओ ना इसे अपनी चुत पे।”

मम्मी : धीरे से शर्म की वजह से – “बहुत मोटा लंबा है।”

अंकल : “वर्षा पिछले 6 महीनों से ले रही हो फिर भी...”

मम्मी : धीरे से – “आज नहीं। मेरी चुत सील पैक है।”

अंकल : “सील पैक में ही तो मजा आएगा।”

मेरी मम्मी : “नहीं योगेश जी नहीं ले पाऊँगी मैं। ये मर जाऊँगी मैं।”

अंकल : “कुछ नहीं होगा डार्लिंग। ये बताओ क्या आज तक कोई लड़की किसी का लंड लेने से मरी है? बस एक बार थोड़ा सा दर्द होगा फिर तो मजा ही मजा है।”

मम्मी : “लेकिन मेरी सील पैक चुत है। ऑपरेशन के बाद अभी तक लंड नहीं गया।”

अंकल : “जब लड़की पहली बार चुदती है तो उसका पहली बार ही होता है। और जब तुम 20 साल पहले पहली चुदी तब...”

मम्मी : “वो नामर्द था और आप मर्द।”

अंकल : “ठीक है पर हर लड़की की सील पैक होती है और कोई न कोई मर्द पहली बार उसे चोदता है। उसका भी मेरा जैसा ही होता है। फिर तो वो नहीं मरती तो तुम क्यों डर रही हो? मजे लो वर्षा।”

मम्मी : “ठीक है आप सही कह रहे हैं। जब लड़की पहली बार चुत में लंड लेती है तो दर्द होता ही है और कोई मरती भी नहीं है। एक न एक दिन सील पैक वाली लड़की को भी दर्द सहना ही होगा। और आपने मेरी चुत को ऑपरेशन करवाकर इसलिए सील पैक करवाया ताकि आप मुझे दर्द दे सको और मेरी चुत का कचूमर बना सको और मेरी चुत से खून निकालकर इस चादर को लाल कर सको। मेरी आँखों से आँसू निकलें और मैं कई दिनों तक चल ही न पाऊँ।”

अंकल : “हाँ वर्षा। अब लगाओ अपनी चुत पे मेरा लंड।”

और फिर मम्मी ने अपनी चुत के छेद पे अंकल का लंड पकड़के लगाया।
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RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - 10 hours ago



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