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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#28
**अपडेट 26**

फिर अंकल ने मम्मी को घुमाकर गजरा मम्मी के बालों में लगा दिया और मम्मी की साड़ी को पकड़ा और खींचने लगे और मम्मी की साड़ी उतार दी और अब मम्मी ब्लाउज-पेटीकोट में थीं।

फिर अंकल ने मम्मी को किस करने लगे और दोनों कुछ करने लगे। फिर अंकल ने मम्मी के ब्लाउज के हुक खोले और फिर ब्रा और इसी तरह मम्मी का पेटीकोट और पैंटी और मम्मी से पूछा “किट कहाँ है?” मम्मी ने कहा “सामने बेड पे रखी है।” और अंकल ने किट उठाई और मम्मी को भी गोद में उठाया और बाथरूम में ले गए। फिर मैं भी बाथरूम की खिड़की पे गया।

तो देखा मम्मी अंकल की गोद में थीं और मम्मी हँस रही थीं “प्लीज नीचे उतारो।” और अंकल ने मम्मी को नीचे उतारा तो मम्मी ने कहा “बाहर जाओ।”

अंकल : “तेरी चुत के बाल साफ करने हैं।”

मम्मी : “मैं खुद कर लूँगी।”

अंकल : “नहीं मैं करूँगा।” और अंकल ने मम्मी से कहा “नीचे लेट।” और
मम्मी नीचे फर्श पे लेट गईं।

फिर मम्मी कहने लगीं “आप बाहर जाओ। अंकुश से मुझे शर्म आएगी। आप बाहर जाओ।”

अंकल : “नहीं चुपचाप लेटी रह।” और अंकल ने पहले मम्मी की चुत पे क्रीम लगाई और हाथ से मालिश करने लगे।
और थोड़ी देर बाद अंकल ने मम्मी की चुत पे फोम लगाया और रेजर से बाल साफ करने लगे।

मम्मी : “धीरे प्लीज। बाल खिंच रहे हैं।”

अंकल : “धीरे ही रेजर चला रहा हूँ मेरी रानी।”

और धीरे-धीरे अंकल ने मम्मी की चुत के बाल साफ कर दिए और मम्मी की चुत एकदम चिकनी हो गई।

फिर अंकल ने कहा “तेरे आर्म्स के बाल भी साफ कर दूँ?”

मम्मी : “नहीं मैं कर लूँगी।”

अंकल : “नहीं मैं करूँगा।” और फिर मम्मी ने अपने हाथ ऊपर किए जिससे मम्मी की कंख खुल गईं और अंकल ने कंख के बाल भी साफ कर दिए। फिर मम्मी ने कहा “मैं आपके भी साफ कर दूँ?”

अंकल : “नहीं मैं तेरे बेटे से करवाऊँगा अपने बाल साफ।”

मम्मी : “नहीं उससे मत करवाइए। वो मेरा बेटा है।”

अंकल : “उसी से करवाऊँगा ताकि मेरे बाल तेरी चुत पे न चुभें।”

मम्मी : “प्लीज मैं कर देती हूँ।”

अंकल : “नहीं और तू चुत पे क्रीम लगा लेना जिससे तेरी चुत एकदम कुँवारी बन जाए।”

मम्मी : “हाँ लगा लूँगी।”

अंकल : “और अंकुश से तू ही बोलना वो मेरे लंड के बाल साफ करे।”

मम्मी : “नो मैं नहीं बोलूँगी प्लीज।”

अंकल : “ठीक है।” और फिर अंकल ने कहा “चलो बाहर जाता हूँ। तू नहाकर बाहर आ जाना और मैं तेरे लिए एक ड्रेस भेज रहा हूँ अंकुश से। तू उसी को पहनना।”

मम्मी : “कौन सी वाली?”

अंकल : “वो रेड वाली कल की थी।”

मम्मी : “नहीं वो बहुत छोटी है। उसे पहनने में मुझे शर्म आएगी अंकुश के सामने।”

अंकल : “चुप मादरचोद रंडी।” और अंकल बाहर आ गए और मैं भी अंकल के पास हॉल में सोफे पे आकर बैठा।

अंकल : “चल तुझे एक ड्रेस देता हूँ। आज वर्षा को वो ही पहनाना।”

मैं : “अंकल क्या आप मम्मी को नहीं देखोगे उस ड्रेस में?”

अंकल : “हाँ बेटा। एक काम कर तू जाकर ले आ मेरे बेड पे रखी है।” और मैं अंकल के घर गया और दो पैकेट जो बेड पे रखे थे ले आया।

अंकल ने कहा “तू तो दोनों उठा लाया। कोई बात नहीं।” और अंकल ने मुझे एक पैकेट दिया और एक अपने पास रख लिया और बोले “जाकर उसे तेरी मम्मी को दे और उससे तू ही कहेगा तो वो पहन लेगी नहीं तो वो नहीं पहनेगी। ये तेरा ही काम है।”

और मैं मम्मी के रूम में गया तो मम्मी बाथरूम से नहाकर निकल रही थीं और मम्मी ने एक टॉवल लपेट रखा था।

मम्मी मुझे देखकर स्माइल करने लगीं।

मैं : “मम्मी आप नहाई क्यों?”

मम्मी : “बेटा वो मन किया तो नहा ली।”

और बोलीं –

मम्मी : “बेटा ये क्या लाया है?”

मैं : “मम्मी आपके लिए एक ड्रेस लाया हूँ। आप प्लीज इसे पहन लेना।”

मम्मी : “बेटा ये ड्रेस तू लाया है या योगेश जी भिजवाई हैं?”

मैं : “मम्मी वो अंकल ही लाए हैं पर प्लीज मम्मी आप उसे पहन लेना।”

मम्मी : “नहीं बेटा वो आजकल कुछ ज्यादा ही लिमिट क्रॉस करने लगे हैं। उन्होंने आज भी मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। बेटा मैं ये ड्रेस नहीं पहनूँगी।”

मैं : “प्लीज मम्मी एक बार देख तो लो।”

मम्मी ने पैकेट लिया और खोलकर ड्रेस निकाली तो चिल्लाने लगीं “बेटा देख ये कैसी ड्रेस है!”

मैं : “मम्मी प्लीज इसे पहन लो।”

मम्मी : “नहीं बेटा ये बहुत छोटी है।”

मैं : “प्लीज मम्मी एक बार पहन के अंकल को दिखा दो।”

मम्मी : “बेटा तू समझता क्यों नहीं? क्यों बार-बार ऐसी जिद करता है? क्यों तू मुझे एक गैर मर्द के साथ नाजायज संबंध के लिए बोलता है?”

मैं : “मम्मी अंकल कुछ नहीं करेंगे।”

मम्मी : “बेटा वो एक मर्द हैं और मैं इस छोटी सी ड्रेस में जाऊँगी तो उनकी नीयत मेरे प्रति खराब हो जाएगी और मैं ये नहीं चाहती। मैं उसे नहीं पहनूँगी।”

मैं : “मम्मी मैं बाहर जा रहा हूँ। आपको मेरी कसम है आप उसे ही पहनकर आना।”

और मम्मी पीछे से आवाज देने लगीं “बेटा रुक! कसम मत दे।” और मैं बाहर आ गया और अंकल से बोला “मम्मी आएंगी तो देखना।” फिर 10 मिनट के बाद मम्मी रूम से निकलीं।

और गुस्से में मेरे और अंकल के पास आकर मुझसे बोलीं “बेटा कसम मत दिया कर। देख तूने मुझे कितनी छोटी ड्रेस पहनाई है। अब तो देख लिया तूने इस ड्रेस में।”

मैं : “मम्मी आप इस ड्रेस में बहुत सुंदर लग रही हो।”

मम्मी : “नहीं बेटा मुझे बहुत शर्म आ रही है। अब मैं इस ड्रेस में ज्यादा देर नहीं रह सकती।”

मैं : “मम्मी प्लीज बैठ जाइए।”

मम्मी : “बेटा ये ड्रेस इतनी छोटी है इसमें बैठ पाना मुश्किल है। मैं चेंज करके आती हूँ।”

अंकल बीच में बोले –

अंकल : “ठीक है वर्षा ये लो उसे पहन लेना।” अंकल ने मम्मी को दूसरा पैकेट दिया लेकिन मम्मी –

मम्मी : “नहीं मैं दूसरी ड्रेस पहन लूँगी। मेरे पास है।”

मैं : “मम्मी ले लो। अंकल लाए हैं।”

मम्मी ने मुझे देखते हुए अंकल से दूसरा पैकेट लिया और रूम में चली गईं और 10 मिनट के बाद निकलीं।

मम्मी ने इस वक्त एक रेड कलर की साड़ी और ब्लैक ब्लाउज पहन रखा था। मम्मी ने मॉडर्न साड़ी ही पहनी थी जिसमें मेरी मम्मी की स्किन काफी नजर आ रही थी।

मम्मी चलती हुई हमारे पास आईं मुस्कुराते हुए और बोलीं “अब तो मैंने ये पहन ली।”

अंकल : “वॉव वर्षा वेरी क्यूट एंड ब्यूटीफुल। आप इस साड़ी में बहुत ही सुंदर लग रही हो। सॉरी सॉरी ये साड़ी आप पर बहुत ही सुंदर लग रही हो। क्यों बेटा?”

मैं : “हाँ अंकल मम्मी पे ये साड़ी बहुत ही सुंदर लग रही है।”

मम्मी : “ज्यादा तारीफ मत करो।”

मैं : “मम्मी जो सच है वही बोला।”

मम्मी : “अब बैकवॉश बंद कर तेरी।”

अंकल : “वर्षा उस बेचारे को डाँट रही हो? उसने तो सच बोला है।”

मम्मी : “योगेश जी आप भी...”

मैं : “मम्मी आप कंप्यूटर सीखोगी नहीं आज? अब तो 5 दिन तक दादी-पापा भी नहीं हैं।”

मम्मी : “मुझे नहीं सीखना।”

अंकल : “लेकिन मैं तो सिखाऊँगा और वो भी अपने घर ले जाकर।”

मम्मी : “मैं नहीं जा रही आपके घर।”

मैं : “क्या प्रॉब्लम है मम्मी और आप 5 दिन अंकल के घर ही रहना और कंप्यूटर सीखना।”

मम्मी : “बेटा मैं तुझसे कहा कई बार ये मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करते हैं।”

मैं : “हाँ मम्मी और अंकल ने भी कहा है वो आपसे प्यार करते हैं।”

अंकल : “हाँ वर्षा मैं तुमसे प्यार करता हूँ।”

मम्मी : “मैं आप दोनों को समझा-समझा कर थक चुकी हूँ।”

अंकल : “वर्षा मैं तुम्हारे साथ कभी जबरदस्ती नहीं करूँगा। जिस दिन तुम खुद मेरे प्यार को एक्सेप्ट करोगी उसी दिन का इंतजार करूँगा।”

मम्मी : “वो दिन कभी नहीं आएगा।” और हँसने लगीं।

मैं : “मम्मी वो दिन जल्द ही आएगा।”

मम्मी : “नहीं आएगा।”

मैं : “आएगा।”

अंकल : “लड़ो मत माँ-बेटा। अब मैं चलता हूँ।”

मैं : “अंकल बैठिए ना थोड़ी देर और। अंकल कल आपसे शर्ट से पसीने की गंध आ रही थी।”

अंकल : “बेटा वो अनवांटेड बाल बढ़ गए हैं कंख में।”

मैं : “तो अंकल आप साफ क्यों नहीं करते?”

अंकल : “बेटा सलून की दुकान पे कल जाऊँगा तो साफ करा लूँगा।”

मैं : “आप खुद क्यों नहीं करते?”

अंकल : “बेटा मैंने कभी किए नहीं।”

मैं : “अंकल मैं कर देता हूँ।”

अंकल ने मम्मी की तरफ देखा।

मम्मी : “बेटा ये गंदा काम तू मत कर।”

मैं : “मम्मी इसमें क्या गलत है? मैं तो अंकल की हेल्प कर रहा हूँ और कंख के बाल साफ करना कोई गलत नहीं है।”

मम्मी : “ठीक है।”

मैं : “मम्मी पापा की शेविंग किट किधर है?”

मम्मी : “बेटा बाथरूम में है।”

मैं : “अंकल आप बैठिए मैं यहीं लाता हूँ।”

मम्मी : “नहीं बेटा उन्हें बाथरूम में ही ले जा। नहीं तो यहाँ हॉल में बाल हो जाएँगे।”

तो अंकल मम्मी को स्माइल देते हुए उठे और मैं-अंकल मम्मी के बाथरूम में आते हैं और फिर अंकल ने कहा “बेटा रिकॉर्डिंग स्टार्ट कर। तेरी मम्मी को सिखाऊँगा।” और मैंने कैमरे से वीडियो बनाना चालू किया अंकल के मोबाइल से और फिर मैंने ही अंकल के लंड के बाल साफ किए और कंख के भी। फिर आधे घंटे बाद अंकल और मैं बाथरूम से निकलने लगे तो अंकल ने मम्मी को वीडियो सेंड कर दिया। फिर मैं-अंकल जब बेडरूम से बाहर हॉल में आए तो मम्मी वीडियो देख रही थीं और हँस रही थीं।

मैं : “मम्मी क्या देख रही हो?”

अंकल : “बेटा मैंने तेरी मम्मी को एक मूवी सेंड की है। वो देख रही हैं।” मैं समझा अंकल ने मैंने उनके लंड के बाल साफ किए इसका वीडियो है।

मम्मी : “बेटा वो एक कॉमेडी वीडियो है जिसको देखकर हँसी आ गई।”

मैं : “मम्मी मुझे भी दिखाई।”

मम्मी : “नहीं नहीं बेटा ये सिर्फ मैं देखूँगी।” और फिर अंकल ने कहा “बेटा जरा मुझे वर्षा से अकेले में 2 मिनट बात करनी है। तू रूम में जा।”

मम्मी : “क्या बात करनी है? अंकुश के सामने ही करो।”

लेकिन मैं रूम में चला गया। मम्मी ने मुझे रोका लेकिन मैं नहीं रुका और मेरे रूम में जाते ही अंकल ने मम्मी को अपने गले से लगा लिया और दोनों किस करने लगे।

मम्मी : “आप भी क्या करते हो? उसे रूम में क्यों भेजा? मुझे शर्म आती है।”

अंकल : “जब तू शर्माती है तो तेरी शर्म को देखकर मुझे मजा आता है।
और हाँ आज ब्यूटी पार्लर जाना है।”

मम्मी : “हाँ पहले मैंने मेहंदी वाली को बोला है। उसके बाद शाम को ब्यूटी पार्लर जाऊँगी लेकिन आप ही अंकुश से कहना वो मुझे ले जाएँ।”

अंकल : “मैं बोल दूँगा और हाँ आज मैंने रूम को सजा दिया है। आज से 5 दिन तू मेरे ही घर में रहेगी।”

मम्मी : “हाँ और आप अंकुश...”

अंकल : “मैं सब संभाल लूँगा।” और फिर किस करके अंकल चले गए और मम्मी ने आवाज देकर मुझे बुलाया। मैं जब हॉल में आया तो मम्मी ने कहा “बेटा तू तो समझदार है फिर भी ऐसी जिद क्यों करता है?”

मैं : “मम्मी अंकल आपसे बहुत प्यार करते हैं इसलिए वो आपको उस ड्रेस में देखना चाहते थे इसलिए।”

मैं : “मम्मी अंकल बहुत अच्छे हैं। आप प्लीज अंकल के प्यार को एक्सेप्ट कर लो।”

मम्मी : “मैं नहीं करूँगी और तू ऐसी जिद मत किया कर।”

मैं : “मम्मी आप आज मेहंदी लगाओगी?”

मम्मी : “क्यों? आज क्या स्पेशल है?”

मैं : “मम्मी वैसे ही आप लगा लो मेहंदी।”

मम्मी : “नहीं।”

मैं : “प्लीज लगा लो।”

मम्मी : “लेकिन लगाएगा कौन?”

मैं : “ब्यूटी पार्लर वाली लगा देगी और आपको अच्छे से मेकअप भी कर देगी।”

मम्मी : “नहीं फालतू खर्च नहीं करते।”

मैं : “मम्मी आप रेडी हो जाओ। मैं कॉल करता हूँ ब्यूटी पार्लर वाली को।” और मैंने कॉल कर दिया।

मम्मी ने कहा “क्या जरूरत थी?”

और फिर आधे घंटे बाद एक लड़की आई और मैंने उसे मम्मी को मेहंदी लगाने को बोला और वो मम्मी को मेहंदी लगाने के लिए रूम में ले गई और साथ में भी रूम में गया। मैंने उस लड़की से पहले ही बोल दिया मम्मी के बूब्स पे भी लगानी है। इस लड़की ने मम्मी से कपड़े उतारने को कहा तो मम्मी ने कहा “क्यों? मेहंदी तो हाथों में लगेगी तो कपड़े क्यों उतारूँ?”

गर्ल : “मैम आपके बेटे ने कहा है।”

मैं : “मम्मी प्लीज आप एक दुल्हन की तरह लगवाओ।”

मम्मी : “नहीं तू बहुत जिद करने लगा है।”

मैं : “मम्मी आप लगवाइए और मैं बाहर जा रहा हूँ।” और मैंने उस लड़की के कान में कहा “मम्मी के साथ पापा का नाम योगेश लिखना।”

क्योंकि मैं उस लड़की को नहीं बताना चाहता था कि योगेश मेरे पापा नहीं हैं।
और रूम से निकल आया।

लड़की : “लगता है आज आपकी एनिवर्सरी है।”

मम्मी : “नहीं पर मेरे हसबैंड चाहते हैं।”

लड़की : “तो आप आपके बेटे के सामने तो मना कर रही थीं।”

मम्मी : “वो बेटा है मेरा इसलिए।
और आप मेरे पूरे बदन को सजा दो। आज मुझे दुल्हन बना दो और मेरे बदन पे मेरे हसबैंड योगेश का नाम लिखना मेरे बूब्स पे और मेरी चुत पे।”

लड़की : “आज मैं आपको दुल्हन ही बनाऊँगी।”

और फिर मैं अंकल के घर गया तो अंकल ने पूरे घर को अच्छे से डेकोरेशन करवा रहे थे।

मैंने कहा “क्या अंकल?”

अंकल : “आज मैं तेरी मम्मी के साथ इस घर में सुहागरात मनाऊँगा और ले जोड़ा उसे आज पहनकर वर्षा को भेजना।”

और फिर मैं पूरे 4 घंटे के बाद घर वापस आया तो मैंने मम्मी का गेट बजाया तो मम्मी ने गेट खोला। मम्मी के मेहंदी लग चुकी थी और वो लड़की भी वहाँ थी।

मैंने मम्मी को वो जोड़ा दिया तो मम्मी –

मम्मी : “ये क्या है?”

मैं : “लड़की से मैम मुझे मम्मी से बात करनी है। आप प्लीज 5 मिनट हॉल में जाइए।”

और लड़की हॉल में चली गई।

मैं : “मम्मी ये अंकल ने दिया है। आप उसे पहन लीजिए।”

मम्मी : मम्मी ने मुझे एक चाटा मारा और बोलीं “नालायक बेशरम! तू मुझे इस जोड़े को पहनाकर एक गैर मर्द के साथ सुलाना चाहता है?”

मैं : “मम्मी अंकल आपसे बहुत प्यार करते हैं और वो आपको इस जोड़े में देखना चाहते हैं और वो आपके साथ कोई जबरदस्ती नहीं करेंगे। जो भी आपकी मर्जी से।”

मम्मी : “चुप। मैं उसे नहीं पहनूँगी।”

मैं : “मम्मी आपको मेरी कसम है आप मेरा मरहुआ मुँह देखोगी यदि आपने उसे नहीं पहना और आप आज रात को इसे पहनकर अंकल के घर जाओगी और अंकल ने वादा किया है वो आपके साथ कुछ गलत नहीं करेंगे और जो भी होगा आपकी मर्जी से होगा।”

मम्मी : “बेटा तू ही तो मेरा सहारा है मेरे लाल। मुझे कसम क्यों देता है और बेटा मैं उनके पास गई तो मैं बहक जाऊँगी और वो मुझे नंगी करके...”

मैं : “मम्मी अंकल ने कहा आप बहक जाओगी तो भी वो आपके साथ कुछ नहीं करेंगे जब तक मैं परमिशन नहीं दूँगा।”

मम्मी : “बेटा मैं जानती हूँ तू उन्हें परमिशन जरूर देगा।”

मैं : “नहीं मम्मी और अंकल आज आपके साथ कुछ नहीं करेंगे। सिर्फ वो आपको दुल्हन के रूप में देखना चाहते हैं। प्लीज मम्मी।”

मम्मी : “तूने कसम ही दे दी इसलिए माननी पड़ेगी।” और मम्मी ने उस लड़की को रूम में बुलाया और मैं बाहर आ गया और एक घंटे बाद करीबन 7 pm को वो लड़की रूम से निकली और ओके कहा और फिर मैंने उसे 5000 रुपये दिए और वो चली गई।

फिर मैं रूम में गया तो देखा मम्मी एकदम दुल्हन लग रही हैं।

मैं : “मम्मी वॉव वेरी ब्यूटीफुल क्यूट मम्मी।”

मम्मी : “बेटा ये सब गलत है। यदि मैं आज योगेश जी के पास गई तो मैं...”

मैं : “मम्मी कुछ नहीं होगा। प्लीज मम्मी वो सिर्फ आपको दुल्हन के रूप में देखना चाहते हैं।”

मैं : “मम्मी आपने ये जोड़ा क्यों नहीं पहना?”

मम्मी : “बेटा क्या मैं इस साड़ी में अच्छी नहीं लग रही हूँ?”

मैं : “मम्मी आप इस साड़ी में बहुत सुंदर लग रही हो लेकिन अंकल जो लहंगा लाए...”

मम्मी : “इसे उनके ही घर पे पहन लूँगी यदि वो जिद करेंगे तो।”

मैं : “ओके मम्मी और चलिए मैं आपको लेकर चलता हूँ।”

मम्मी : “रहने दे तू यहीं रुक। क्या करने जाएगा मेरे साथ?”

मैं : “मम्मी आपको छोड़ने।”

मम्मी : “मैं खुद चली जाऊँगी और वहाँ जाकर क्या देखेगा योगेश जी मुझे कैसे नंगी करेंगे ये देखेगा क्या?”

मैं : “मम्मी आप गलत समझ रही हो।”

मम्मी : “तो क्या समझूँ बेटा जब तू मुझे दुल्हन की तरह सजाकर एक गैर मर्द के पास भेज रहा है तो मुझे क्या पूरी रात आरती उतारेगा?”

मैं : “नहीं मम्मी।”

मम्मी : “तो तू ही सोच क्या करेगा पूरी रात? मुझे नंगी ही तो करेगा और तू भी तो यही चाहता है। पिछले 6 महीनों से तू कितनी बार कह चुका है अंकल का प्यार एक्सेप्ट कर लो और आज तो तू मुझे दुल्हन बनाकर भेज रहा है तो क्या वो मुझे नंगी नहीं करेगा?”

मैं : “मम्मी मैं आपके साथ रहूँगा। कुछ नहीं होने दूँगा।”

मम्मी : “बेटा जब तू साथ होगा तो मुझे और जलील होना पड़ेगा इसलिए तू यहीं रुक।”

मैं : “मम्मी अंकल कुछ नहीं करेंगे।”

मम्मी : “चुप। मैं जा रही हूँ।”
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RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - Yesterday, 03:38 PM



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