Yesterday, 03:17 PM
**अपडेट 24**
अंकल मम्मी के ऊपर झुक जाते हैं। मम्मी अंकल का बड़ा लंड देखकर एक ओर डर भी रही हैं वहीं दूसरी ओर मम्मी से रहा भी नहीं जा रहा।
मम्मी : “आज आपने कौन सी टैबलेट ली जिससे ये और भी बड़ा हो गया है? प्लीज बताइए।”
अंकल : “हाँ ली है। आज तेरी चुत को फाड़ना है इसलिए थोड़ा बड़ा और मोटा हो गया है।”
फिर अंकल मम्मी के पेट पर किस करते हुए ऊपर बढ़ने लगते हैं।
अंकल मम्मी की निप्पल्स के चारों ओर अपनी जीभ से सर्कल बनाने लगते हैं।
और मम्मी के बूब्स को अपने हाथों में भरकर बार-बार मसलने लगते हैं।
मम्मी भी अंकल के बालों में अपने हाथ डालकर अंकल को अपने बूब्स चूसाने लगती हैं। मम्मी बार-बार एक्साइटेड होकर अंकल के बालों को खींचने लगती हैं।
अंकल मम्मी की नेक पर किस करने लगते हैं। और पूरी तरह मम्मी पर लेट जाते हैं। अंकल का लंड मम्मी की जाँघों में तो कभी मम्मी की चुत पर रगड़ने लगते हैं।
मम्मी भी अपनी चुत इधर-उधर हिलाकर अंकल के लंड से उनका मेल कराने की कोशिश करने लगती हैं।
अंकल अपना लंड मम्मी की चुत पर प्रेस करते हुए मम्मी के होठों के पास अपने होठ लाते हैं। हालाँकि मम्मी को अंकल से थोड़ी नाराजगी हो गई थी क्योंकि वे उनको तड़पता छोड़ गए थे लेकिन हवस की आग में इतना आगे बढ़ चुकी हैं कि अंकल के लिए अपने होठ खोल देती हैं और अपनी टंग अंकल को सौंप देती हैं।
दोनों एक-दूसरे को होठों का रस निचोड़ने लगते हैं।
मम्मी अंकल का नाम लेकर बार-बार मोन कर रही हैं।
अंकल भी लगातार मम्मी की चुत पर अपना लंड रगड़ रहे हैं पर अंदर नहीं डालते।
मम्मी – “योगेशजीईईई।”
अंकल – “क्या हुआ मेरी रांड?”
मम्मी – “प्लीज अब डाल दो ना अंदर।”
अंकल – “तू तैयार है ना मेरा लंड लेने के लिए?”
मम्मी – “हाँ प्लीज अब डालो अंदर। अपनी रांड को और मत तड़पाओ अब।”
अंकल मम्मी पर अपना काबू पाकर खुश हो जाते हैं और अपना लंड मम्मी की चुत पर लगाकर अंदर की ओर प्रेस करने लगते हैं।
अंकल का लंड अभी अंदर गया भी नहीं था कि वे दर्द से कराह उठती हैं और पीछे की ओर हटने लगती हैं।
अंकल मम्मी के कंधे पर हाथ रखकर मम्मी को हटने नहीं देते।
अंकल – “क्या हुआ वर्षा?”
मम्मी – “तुम्हारा लंड तो आज कुछ ज्यादा ही बड़ा और मोटा हो गया है। मुझे नहीं लगता मैं ले पाऊँगी।”
अंकल – “वर्षा मैंने तुमसे 6 महीने पहले कहा था ना जब तुमने कहा था बहुत बड़ा है तो मैंने कहा था ऐसा कोई लंड नहीं बना जो चुत में फिट न हो मेरी जान। डर क्यों रही हो? असली मर्द से चुदना है तो थोड़ा दर्द तो झेलना ही पड़ेगा। तो तुमने ले लिया था और 6 महीनों से ले रही हो।
तो आज डर क्यों रही हो? आज मैंने लंड को बड़ा करने की एक टैबलेट ले ली थी पर तुम डरो मत। जैसे 6 महीने पहले लिया वैसे ही आज भी ले लोगी।”
ये कहकर अंकल अपना लंड मम्मी की चुत में पूरा उतार देते हैं।
मम्मी छटपटा उठती हैं। मम्मी को लगता है कि उनकी साँसें उखड़ जाएँगी।
अंकल कुछ देर अपना लंड ऐसे ही मम्मी की चुत में रखते हैं। मम्मी भी दर्द से तड़पती रहती हैं पर कुछ ही देर में उनका दर्द कम होने लगता है।
अंकल भी मम्मी के बदन पर जगह-जगह अपनी टंग फेरते रहते हैं।
धीरे-धीरे मम्मी की सिसकियाँ मोनिंग में बदलने लगती हैं। वे अंकल को अपनी बाहों में भर लेती हैं।
अब अंकल भी अपना लंड धीरे-धीरे मम्मी की चुत में आगे-पीछे करने लगते हैं।
कुछ ही देर में मम्मी फिर से चरमसुख की प्राप्ति के लिए तड़पने लगती हैं।
आह-आह और शरीर के आपस में टकराने की आवाज कमरे में गूँजने लगती है।
अंकल मम्मी की आँखों में देखते हुए मम्मी की चुदाई और तेज कर देते हैं। मम्मी भी हर झटके के साथ “आह योगेशhhhh जीईईई” चिल्लाती हुई चुदाई का आनंद ले रही हैं।
मम्मी अब झड़ने के करीब हैं। मम्मी की मोनिंग और बढ़ जाती है। अंकल मम्मी की आवाज कम करने के लिए मम्मी के मुँह में अपनी उँगलियाँ डाल देते हैं।
मम्मी अपनी आँखें बंद कर लेती हैं। उनका शरीर अकड़ने लगता है।
ये देख अंकल अपनी स्पीड और बढ़ा देते हैं। कुछ ही पलों में मम्मी अपनी चुत का सारा रस अंकल के लंड पर छोड़ने लगती हैं।
मम्मी की चुत झड़ने के बाद उनके शरीर की आग को कुछ शांति मिलती है, पर अंकल अभी भी एक सांड की तरह उनकी चुत मारने में मग्न हैं।
अंकल मम्मी को हर पोज़ में चोदने लगते हैं।
जहाँ अंकल ने स्टार्ट प्यार भरी की थी वहीं अब वे काफी रफ चुदाई कर रहे थे लेकिन इस सब से मम्मी को भी कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि मम्मी की आदत थी चुदने की।
हालाँकि मम्मी का शरीर पूरी तरह से टूट चुका था। जगह-जगह उनके शरीर पर निशान उनकी चुदाई की दास्तान बयां कर रहे थे। पर ये कोई नई बात नहीं थी। ऐसा पिछले 6 महीनों से हो रहा था। ऐसा मजा वे पिछले 6 महीनों से ले रही थीं।
अंकल भी अब झड़ने वाले थे।
अंकल : “वर्षा मेरी रांड आज तेरी चुत अपने माल से भरने वाला हूँ मैं।”
मम्मी – (कराहती हुई आवाज में) – “नहीं... आई पिल्स खत्म हो गई हैं। प्लीज अंदर मत निकालो।”
अंकल – “तो तू ही बता कहाँ निकालूँ फिर?”
मम्मी – “बाहर कहीं भी, बट अंदर चुत में नहीं।”
अंकल इसी का इंतजार भी कर रहे थे।
वे उठकर अपना लंड मम्मी के मुँह के पास ले आते हैं जो पहले से ही मम्मी के पानी से भीगा पड़ा है।
मम्मी लंड को मुँह में लेने से अब हिचकने लगती हैं पर अंकल मम्मी के बालों में हाथ डालकर मम्मी के मुँह को अपने लंड पर दबाते हैं।
मम्मी को भी मुँह खोलना ही पड़ता है क्योंकि मम्मी ने ही चुत को छोड़ कहीं भी करने के लिए हामी भरी थी।
थोड़ी देर मम्मी के मुँह की चुदाई करने के बाद अंकल भी झड़ने वाले हैं। अंकल का शरीर भी अकड़ने लगता है।
अंकल अपना कम मम्मी के मुँह में ही निकालने के लिए तैयार हो जाते हैं पर मम्मी अपना मुँह पीछे खींचने की कोशिश करती हैं।
अंकल मम्मी के मुँह को कसकर पकड़ लेते हैं और अपना सारा माल मम्मी के मुँह में शूट करने लगते हैं।
डिस्चार्ज होने के बाद अंकल वहीं नंगे ही मम्मी के साथ लेट जाते हैं।
और थोड़ी देर बाद अंकल मम्मी से कहते हैं “फिर से करें?”
मम्मी : “पहले अंकुश को घर से बाहर भेजो फिर पूरे दिन कर लेना।”
फिर अंकल ने मुझे कॉल किया।
तो मैं सोफे पे आकर अंकल का कॉल रिसीव किया।
अंकल : “बेटा क्या तू घर से बाहर जा सकता है?”
मैं : “क्यों अंकल?”
अंकल : “बेटा आज तेरी मम्मी को पूरे दिन चोदना चाहता हूँ लेकिन वे तेरी वजह से शर्मा रही हैं। तू चला जा।”
मैं : “अंकल चला जाता हूँ और अंकल आज पापा नहीं आएंगे। आप मम्मी को बता देना।”
अंकल : “क्या?”
मैं : “पापा ने मैसेज किया था और मैं जाता हूँ। रात को 10 बजे वापस आ जाऊँगा।”
अंकल : “आज तेरा नामर्द बाप नहीं आएगा इसलिए तू कल आना। आज दोस्त के घर रुक जाना। मैं आज रात में भी तेरी मम्मी की चुत फाड़ूँगा।”
मैं : “ओके अंकल। वैसे मम्मी कहाँ हैं?”
अंकल : “वे बाथरूम में हैं।” मुझे मम्मी की धीमी आवाज आ रही थी। वे हँस रही थीं।
फिर मैंने कॉल कट किया और दोस्त के घर चला जाता हूँ।
फिर अगले दिन सुबह 9 बजे वापस आता हूँ और घर की डुप्लीकेट की से गेट खोलकर अंदर आता हूँ तो मम्मी के रूम में खिड़की से देखता हूँ अंकल-मम्मी रूम में नंगे सो रहे होते हैं चिपककर। फिर मैं अंकल को कॉल करता हूँ तो अंकल रिसीव कर लेते हैं। मैं बोलता हूँ “बाहर आओ।”
फिर अंकल रूम का गेट खोलते हैं।
मैं गेट पे ही खड़ा मिलता हूँ और अंकल नंगे ही गेट खोलते हैं और मुझे सामने खड़े देख मुस्कुराते हैं और पीछे मुड़कर मम्मी की ओर इशारा करते हैं। अंदर मम्मी नंगी सो रही थीं।
मैं : “मम्मी कब सोईं?”
अंकल : “सुबह 6 बजे।”
मैं : “क्या? कितनी बार चोदा?”
अंकल : “काउंटिंग नहीं की पर 10 बार तो चोदा रंडी को।”
फिर मैं भी अंकल के साथ बेड पे आता हूँ। मम्मी बेसुध होकर सो रही थीं। नंगी ही। मम्मी के शरीर पे कई निशान बन गए थे। जिन्हें देख मैंने अंकल से इशारा किया।
अंकल : “ये सब मैंने किया है ...”
फिर अंकल कहते हैं “बेटा तू 2 घंटे के लिए फिर से चला जा नहीं तो वर्षा को तेरे सामने शर्म आएगी।” फिर मैं मम्मी को नंगी उसी हाल में छोड़कर वापस घर से निकल गया।
फिर 11 बजे आया तो घर पे अंकल हॉल में बैठे थे और मम्मी नजर नहीं आईं तो मैं मम्मी के बारे में पूछने ही वाला था कि अचानक से मम्मी पूजा घर से निकलीं और उनके हाथ में आरती का दीपक था जैसा इस फोटो में है। सेम मम्मी ने पीले कलर की साड़ी पहनी थी। गले में मंगलसूत्र, बाल खुले हुए आधे बाल दूध पे आधे बाल पीछे, हाथों में कंगन, माँग में सिंदूर।
मम्मी आरती का दीपक लेकर निकलीं। पहले बोलीं “बेटा आ गया मेरे लाल। रात को क्यों नहीं आया? मैं तेरा पूरी रात इंतजार करती रही।”
मैं : “मम्मी वो दोस्त के घर रुक गया। सॉरी।”
मम्मी : “एक फोन तो कर देता।”
मैं : “सॉरी मम्मी और अंकल कब आए?”
अंकल कुछ बोलते उससे पहले मम्मी बोलीं –
मम्मी : “जस्ट थोड़ी देर पहले आए।”
मम्मी ने झूठ बोला।
मैं : “मम्मी आज रात को आपने अंकल से कंप्यूटर सिखा?”
मम्मी : “नहीं बेटा।”
फिर मम्मी ने अंकल को आरती दी फिर मुझे। उसके बाद मम्मी मुझे गले लगा लेती हैं।
फिर पूरे दिन ऐसे ही निकला। रात को पापा आ गए।
अंकल मम्मी के ऊपर झुक जाते हैं। मम्मी अंकल का बड़ा लंड देखकर एक ओर डर भी रही हैं वहीं दूसरी ओर मम्मी से रहा भी नहीं जा रहा।
मम्मी : “आज आपने कौन सी टैबलेट ली जिससे ये और भी बड़ा हो गया है? प्लीज बताइए।”
अंकल : “हाँ ली है। आज तेरी चुत को फाड़ना है इसलिए थोड़ा बड़ा और मोटा हो गया है।”
फिर अंकल मम्मी के पेट पर किस करते हुए ऊपर बढ़ने लगते हैं।
अंकल मम्मी की निप्पल्स के चारों ओर अपनी जीभ से सर्कल बनाने लगते हैं।
और मम्मी के बूब्स को अपने हाथों में भरकर बार-बार मसलने लगते हैं।
मम्मी भी अंकल के बालों में अपने हाथ डालकर अंकल को अपने बूब्स चूसाने लगती हैं। मम्मी बार-बार एक्साइटेड होकर अंकल के बालों को खींचने लगती हैं।
अंकल मम्मी की नेक पर किस करने लगते हैं। और पूरी तरह मम्मी पर लेट जाते हैं। अंकल का लंड मम्मी की जाँघों में तो कभी मम्मी की चुत पर रगड़ने लगते हैं।
मम्मी भी अपनी चुत इधर-उधर हिलाकर अंकल के लंड से उनका मेल कराने की कोशिश करने लगती हैं।
अंकल अपना लंड मम्मी की चुत पर प्रेस करते हुए मम्मी के होठों के पास अपने होठ लाते हैं। हालाँकि मम्मी को अंकल से थोड़ी नाराजगी हो गई थी क्योंकि वे उनको तड़पता छोड़ गए थे लेकिन हवस की आग में इतना आगे बढ़ चुकी हैं कि अंकल के लिए अपने होठ खोल देती हैं और अपनी टंग अंकल को सौंप देती हैं।
दोनों एक-दूसरे को होठों का रस निचोड़ने लगते हैं।
मम्मी अंकल का नाम लेकर बार-बार मोन कर रही हैं।
अंकल भी लगातार मम्मी की चुत पर अपना लंड रगड़ रहे हैं पर अंदर नहीं डालते।
मम्मी – “योगेशजीईईई।”
अंकल – “क्या हुआ मेरी रांड?”
मम्मी – “प्लीज अब डाल दो ना अंदर।”
अंकल – “तू तैयार है ना मेरा लंड लेने के लिए?”
मम्मी – “हाँ प्लीज अब डालो अंदर। अपनी रांड को और मत तड़पाओ अब।”
अंकल मम्मी पर अपना काबू पाकर खुश हो जाते हैं और अपना लंड मम्मी की चुत पर लगाकर अंदर की ओर प्रेस करने लगते हैं।
अंकल का लंड अभी अंदर गया भी नहीं था कि वे दर्द से कराह उठती हैं और पीछे की ओर हटने लगती हैं।
अंकल मम्मी के कंधे पर हाथ रखकर मम्मी को हटने नहीं देते।
अंकल – “क्या हुआ वर्षा?”
मम्मी – “तुम्हारा लंड तो आज कुछ ज्यादा ही बड़ा और मोटा हो गया है। मुझे नहीं लगता मैं ले पाऊँगी।”
अंकल – “वर्षा मैंने तुमसे 6 महीने पहले कहा था ना जब तुमने कहा था बहुत बड़ा है तो मैंने कहा था ऐसा कोई लंड नहीं बना जो चुत में फिट न हो मेरी जान। डर क्यों रही हो? असली मर्द से चुदना है तो थोड़ा दर्द तो झेलना ही पड़ेगा। तो तुमने ले लिया था और 6 महीनों से ले रही हो।
तो आज डर क्यों रही हो? आज मैंने लंड को बड़ा करने की एक टैबलेट ले ली थी पर तुम डरो मत। जैसे 6 महीने पहले लिया वैसे ही आज भी ले लोगी।”
ये कहकर अंकल अपना लंड मम्मी की चुत में पूरा उतार देते हैं।
मम्मी छटपटा उठती हैं। मम्मी को लगता है कि उनकी साँसें उखड़ जाएँगी।
अंकल कुछ देर अपना लंड ऐसे ही मम्मी की चुत में रखते हैं। मम्मी भी दर्द से तड़पती रहती हैं पर कुछ ही देर में उनका दर्द कम होने लगता है।
अंकल भी मम्मी के बदन पर जगह-जगह अपनी टंग फेरते रहते हैं।
धीरे-धीरे मम्मी की सिसकियाँ मोनिंग में बदलने लगती हैं। वे अंकल को अपनी बाहों में भर लेती हैं।
अब अंकल भी अपना लंड धीरे-धीरे मम्मी की चुत में आगे-पीछे करने लगते हैं।
कुछ ही देर में मम्मी फिर से चरमसुख की प्राप्ति के लिए तड़पने लगती हैं।
आह-आह और शरीर के आपस में टकराने की आवाज कमरे में गूँजने लगती है।
अंकल मम्मी की आँखों में देखते हुए मम्मी की चुदाई और तेज कर देते हैं। मम्मी भी हर झटके के साथ “आह योगेशhhhh जीईईई” चिल्लाती हुई चुदाई का आनंद ले रही हैं।
मम्मी अब झड़ने के करीब हैं। मम्मी की मोनिंग और बढ़ जाती है। अंकल मम्मी की आवाज कम करने के लिए मम्मी के मुँह में अपनी उँगलियाँ डाल देते हैं।
मम्मी अपनी आँखें बंद कर लेती हैं। उनका शरीर अकड़ने लगता है।
ये देख अंकल अपनी स्पीड और बढ़ा देते हैं। कुछ ही पलों में मम्मी अपनी चुत का सारा रस अंकल के लंड पर छोड़ने लगती हैं।
मम्मी की चुत झड़ने के बाद उनके शरीर की आग को कुछ शांति मिलती है, पर अंकल अभी भी एक सांड की तरह उनकी चुत मारने में मग्न हैं।
अंकल मम्मी को हर पोज़ में चोदने लगते हैं।
जहाँ अंकल ने स्टार्ट प्यार भरी की थी वहीं अब वे काफी रफ चुदाई कर रहे थे लेकिन इस सब से मम्मी को भी कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि मम्मी की आदत थी चुदने की।
हालाँकि मम्मी का शरीर पूरी तरह से टूट चुका था। जगह-जगह उनके शरीर पर निशान उनकी चुदाई की दास्तान बयां कर रहे थे। पर ये कोई नई बात नहीं थी। ऐसा पिछले 6 महीनों से हो रहा था। ऐसा मजा वे पिछले 6 महीनों से ले रही थीं।
अंकल भी अब झड़ने वाले थे।
अंकल : “वर्षा मेरी रांड आज तेरी चुत अपने माल से भरने वाला हूँ मैं।”
मम्मी – (कराहती हुई आवाज में) – “नहीं... आई पिल्स खत्म हो गई हैं। प्लीज अंदर मत निकालो।”
अंकल – “तो तू ही बता कहाँ निकालूँ फिर?”
मम्मी – “बाहर कहीं भी, बट अंदर चुत में नहीं।”
अंकल इसी का इंतजार भी कर रहे थे।
वे उठकर अपना लंड मम्मी के मुँह के पास ले आते हैं जो पहले से ही मम्मी के पानी से भीगा पड़ा है।
मम्मी लंड को मुँह में लेने से अब हिचकने लगती हैं पर अंकल मम्मी के बालों में हाथ डालकर मम्मी के मुँह को अपने लंड पर दबाते हैं।
मम्मी को भी मुँह खोलना ही पड़ता है क्योंकि मम्मी ने ही चुत को छोड़ कहीं भी करने के लिए हामी भरी थी।
थोड़ी देर मम्मी के मुँह की चुदाई करने के बाद अंकल भी झड़ने वाले हैं। अंकल का शरीर भी अकड़ने लगता है।
अंकल अपना कम मम्मी के मुँह में ही निकालने के लिए तैयार हो जाते हैं पर मम्मी अपना मुँह पीछे खींचने की कोशिश करती हैं।
अंकल मम्मी के मुँह को कसकर पकड़ लेते हैं और अपना सारा माल मम्मी के मुँह में शूट करने लगते हैं।
डिस्चार्ज होने के बाद अंकल वहीं नंगे ही मम्मी के साथ लेट जाते हैं।
और थोड़ी देर बाद अंकल मम्मी से कहते हैं “फिर से करें?”
मम्मी : “पहले अंकुश को घर से बाहर भेजो फिर पूरे दिन कर लेना।”
फिर अंकल ने मुझे कॉल किया।
तो मैं सोफे पे आकर अंकल का कॉल रिसीव किया।
अंकल : “बेटा क्या तू घर से बाहर जा सकता है?”
मैं : “क्यों अंकल?”
अंकल : “बेटा आज तेरी मम्मी को पूरे दिन चोदना चाहता हूँ लेकिन वे तेरी वजह से शर्मा रही हैं। तू चला जा।”
मैं : “अंकल चला जाता हूँ और अंकल आज पापा नहीं आएंगे। आप मम्मी को बता देना।”
अंकल : “क्या?”
मैं : “पापा ने मैसेज किया था और मैं जाता हूँ। रात को 10 बजे वापस आ जाऊँगा।”
अंकल : “आज तेरा नामर्द बाप नहीं आएगा इसलिए तू कल आना। आज दोस्त के घर रुक जाना। मैं आज रात में भी तेरी मम्मी की चुत फाड़ूँगा।”
मैं : “ओके अंकल। वैसे मम्मी कहाँ हैं?”
अंकल : “वे बाथरूम में हैं।” मुझे मम्मी की धीमी आवाज आ रही थी। वे हँस रही थीं।
फिर मैंने कॉल कट किया और दोस्त के घर चला जाता हूँ।
फिर अगले दिन सुबह 9 बजे वापस आता हूँ और घर की डुप्लीकेट की से गेट खोलकर अंदर आता हूँ तो मम्मी के रूम में खिड़की से देखता हूँ अंकल-मम्मी रूम में नंगे सो रहे होते हैं चिपककर। फिर मैं अंकल को कॉल करता हूँ तो अंकल रिसीव कर लेते हैं। मैं बोलता हूँ “बाहर आओ।”
फिर अंकल रूम का गेट खोलते हैं।
मैं गेट पे ही खड़ा मिलता हूँ और अंकल नंगे ही गेट खोलते हैं और मुझे सामने खड़े देख मुस्कुराते हैं और पीछे मुड़कर मम्मी की ओर इशारा करते हैं। अंदर मम्मी नंगी सो रही थीं।
मैं : “मम्मी कब सोईं?”
अंकल : “सुबह 6 बजे।”
मैं : “क्या? कितनी बार चोदा?”
अंकल : “काउंटिंग नहीं की पर 10 बार तो चोदा रंडी को।”
फिर मैं भी अंकल के साथ बेड पे आता हूँ। मम्मी बेसुध होकर सो रही थीं। नंगी ही। मम्मी के शरीर पे कई निशान बन गए थे। जिन्हें देख मैंने अंकल से इशारा किया।
अंकल : “ये सब मैंने किया है ...”
फिर अंकल कहते हैं “बेटा तू 2 घंटे के लिए फिर से चला जा नहीं तो वर्षा को तेरे सामने शर्म आएगी।” फिर मैं मम्मी को नंगी उसी हाल में छोड़कर वापस घर से निकल गया।
फिर 11 बजे आया तो घर पे अंकल हॉल में बैठे थे और मम्मी नजर नहीं आईं तो मैं मम्मी के बारे में पूछने ही वाला था कि अचानक से मम्मी पूजा घर से निकलीं और उनके हाथ में आरती का दीपक था जैसा इस फोटो में है। सेम मम्मी ने पीले कलर की साड़ी पहनी थी। गले में मंगलसूत्र, बाल खुले हुए आधे बाल दूध पे आधे बाल पीछे, हाथों में कंगन, माँग में सिंदूर।
मम्मी आरती का दीपक लेकर निकलीं। पहले बोलीं “बेटा आ गया मेरे लाल। रात को क्यों नहीं आया? मैं तेरा पूरी रात इंतजार करती रही।”
मैं : “मम्मी वो दोस्त के घर रुक गया। सॉरी।”
मम्मी : “एक फोन तो कर देता।”
मैं : “सॉरी मम्मी और अंकल कब आए?”
अंकल कुछ बोलते उससे पहले मम्मी बोलीं –
मम्मी : “जस्ट थोड़ी देर पहले आए।”
मम्मी ने झूठ बोला।
मैं : “मम्मी आज रात को आपने अंकल से कंप्यूटर सिखा?”
मम्मी : “नहीं बेटा।”
फिर मम्मी ने अंकल को आरती दी फिर मुझे। उसके बाद मम्मी मुझे गले लगा लेती हैं।
फिर पूरे दिन ऐसे ही निकला। रात को पापा आ गए।


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