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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
पूजा की साँसें तेज़ हो चुकी थीं। उसका पूरा शरीर पसीने और उत्तेजना से चमक रहा था। बाबाजी की जीभ की नम और गर्म स्पर्श से उसकी चूत अभी भी सिहर रही थी।

“उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़… बाबाजी… क्या कर रहे हो आप…?” पूजा की आवाज़ काँप रही थी, “बता तो दिया करो… मेरी चूत को ऐसे अचानक हमलों की आदत नहीं है।” प्रस्तुतकर्त मैत्री।
 
बाबाजी ने नीचे से मुस्कुराते हुए, अपनी दाढ़ी में चमकते उसके रस को चाटते हुए कहा, “अरे पूजा रानी… अब तो इन हमलों की आदत डाल लो। मुझे तो शिकार को अचानक दबोचकर खाने का शौक है। शिकार जब बेखबर हो, तब जो मजा आता है, वो दुगना होता है।  देखो न, तुम्हारी चूत से कितनी रसीली चाशनी निकल रही है, मेरी जीभ को तृप्त कर रही है।”
 
बाबाजी ने अपने पैर आगे फैला लिए और अपने भारी-भरकम शरीर को गीले फर्श पर टिका दिया। उन्होंने दोनों हाथ ऊपर उठाकर पूजा के दो विशाल, भारी कलशों को अपनी मुट्ठियों में कैद कर लिया। उनमें से रिसता हुआ दूधिया अमृत उनके मुँह पर गिर रहा था। वे लालच भरी तृप्ति से उसे पीने लगे।
 
पूजा ने अपनी कमर हिलाकर पूरा भार बाबाजी के चेहरे पर डाल दिया। अब वह उनकी जीभ और मुँह पर पूरी तरह विराजमान थी- जैसे बाबाजी का मुँह कोई सिंहासन हो। उसकी मोटी, गर्म गांड उनके चेहरे पर दब रही थी।
 
बाबाजी की जीभ साँप की तरह फन फैलाकर पूजा की शहद भरी डिबिया के अंदर तक घुस रही थी। हर बार जब उनकी जीभ अंदर-बाहर होने लगती, पूजा के मुँह से अनियंत्रित कराह निकल जाती। और जब बाबाजी ने उसके फूले हुए क्लिट को अपने होंठों में कैद करके जोर-जोर से चूसना शुरू किया, तो पूजा पागल हो गई।
 
“अह्ह्ह्ह्ह्ह… बाबाजी जी… उmmmmm… हाँ… हाँ… आप कितने निपुण हैं काम-क्रिया में… अह्ह्ह्ह… ऐसा एहसास आज तक कभी नहीं हुआ… और जोर से… और जोर से चूसो मुझे… मुझे निगल जाओ बाबाजी… जॆऎए… अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…”
 
पूजा अब बोलने की हालत में नहीं रही थी। उसका पूरा शरीर तनकर काँपने लगा। बाबाजी ने उसके क्लिट को नींबू की तरह निचोड़कर उसका अंतिम रस पी लिया। पूजा का शरीर एक तेज़ कम्पन के साथ झड़ गया। उसकी चूत से गरम, पारदर्शी रस की धार बाबाजी के मुँह, दाढ़ी और गले पर बाढ़ की तरह बह निकली। वह शिथिल होकर उनके चेहरे पर ढेर हो गई।
 
लेकिन बाबाजी अभी रुकने वाले नहीं थे।
 
उन्होंने पूजा को घुमाकर अपनी छाती की तरफ लाया, अपने शरीर को पूरी तरह फर्श पर बिछा लिया और अपना मोटा, नसों से उभरा हुआ लंड महाराज उसकी अभी भी सिकुड़ रही, रस से लथपथ चूत पर रख दिया। संपादिका फनलवर है।
 
एक जोरदार, गहरा और बेरहम झटका।
 
“आआआह्ह्ह्ह्ह…!” पूजा की आँखें उबल पड़ीं। बाबाजी का मोटा लंड एक ही धक्के में आधी लंबाई तक उसके अंदर समा गया। उसकी चूत की दीवारें तनकर फैल गईं। अभी वह अपने पिछले ऑर्गेज्म से उभर भी नहीं पाई थी कि यह नया हमला उसे फिर से उन्माद की दुनिया में ले गया।
 
पूजा ने झुककर बाबाजी के रस से भीगे होंठों को अपने मुँह में ले लिया। वह उन्हें चूसने लगी - अपने ही मीठे रस का स्वाद लेते हुए। नीचे से बाबाजी ने तेज़-तेज़ धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ पूजा की मोटी गांड थिरक रही थी। उसके भारी स्तन बाबाजी के चेहरे पर पानी के गुब्बारों की तरह टकरा रहे थे।
 
“अह्ह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्ह पूजा… कितना चिकना और गर्म है तेरा शरीर…” बाबाजी कराहे, “मन करता है अपनी सारी साधना अब तेरे इस दिव्य शरीर को समर्पित करके करूँ… अह्ह्ह्ह… तेरी फुद्दी चूसकर आज मैंने अमृत पी लिया है… और ये चूचियाँ… उफ्फ्… कितनी रसीली हैं…”
 
इतना कहकर बाबाजी ने पूजा के एक बोबले को दोनों हाथों से दबाया और पूरा मुंह खोलकर उसे चूसने लगे। दाँत हल्के-हल्के गड़ाते हुए, जीभ से चकती हुए।
 
पूजा अब पूरी तरह पागल हो चुकी थी। वह अपनी कमर हिलाकर बाबाजी के लंड को और गहराई तक ले रही थी। कमरे में चूत और लंड की चप-चप की आवाज़, दोनों की कराहें और मांस-मांस की टकराहट का शोर गूँज रहा था।
 
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जुड़े रहिये दोस्तों।


कहानी जारी है।


Maitri Patel.
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सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 22-08-2026, 01:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Bumchod - 05-10-2026, 05:27 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-10-2026, 08:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-10-2026, 07:50 PM



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