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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#8
Update 6

मम्मी जब लहंगा पहनकर फंक्शन में आईं तब सब के सब उनको देखते ही रह गए। अंकल कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे। शायद वे बाद में आने वाले थे।

आंटी ने अपनी बेटी के ससुराल वालों की ज़िम्मेदारी मम्मी पर दी थी कि वे उनका ख्याल रखें। इस वजह से मम्मी भी अच्छे से सब देख रही थीं।

उनमें जो उनकी बेटी के ससुर थे, वे बहुत देर से मम्मी पर ही आँखें जमा कर बैठे थे।

मम्मी और आंटी बातें कर रही थीं। तभी वे मम्मी के पीछे एकदम पास आकर खड़े हो गए।

तभी आंटी—

आंटी: “अरे समधी जी, आप आइए… आइए। आप कैसे हैं? सब इंतज़ाम अच्छा तो हुआ है ना?”

उनका नाम मिस्टर गांडू था।
दोस्तों, मैं उनका नाम गलत लिख रहा हूँ।
मैं ससुर को गांडू और उनकी बेटी को गुड़िया दीदी लिखूँगा।

तभी मम्मी एकदम से पीछे मुड़ीं तो मम्मी की चूचियाँ बिल्कुल उनके सामने थीं। वे उनसे नज़रें नहीं हटा पा रहे थे।

गांडू: “अरे समधिन जी, मैं तो एकदम ठीक हूँ। बाकी इंतज़ाम तो बढ़िया दिख रहा है।”

वे मम्मी की चूचियों को ही देख रहे थे।

गांडू अंकल बिल्कुल हट्टे-कट्टे, 6 फ़ीट के थे। उनका रंग साँवला था। उन्होंने पैंट-शर्ट पहना था। उनकी उम्र करीब 48 साल की होगी। पेट थोड़ा बाहर निकला हुआ था।

गांडू: “वैसे ये बहन जी कौन? ये इनको तो मैंने शादी में भी देखा था।”

आंटी मम्मी की मुलाकात उनसे करवा देती हैं।

आंटी: “अरे ये मेरी सहेली हैं वर्षा। मेरी बहन जैसी ही हैं। वर्षा, ये गुड़िया के ससुर गांडू जी हैं।”

मम्मी ने उन्हें नमस्ते कहा।

तभी आंटी वहाँ से चली जाती हैं और मम्मी और गांडू वहीं पे थे।

गांडू: “तो वर्षा, आप समधिन जी की सहेली हैं?”

मम्मी: “हाँ।”

गांडू अंकल: “मुझे लगा कि गुड़िया की सहेली होंगी।”

मम्मी: “अरे नहीं-नहीं, ऐसा नहीं है।”

गांडू: “लेकिन लगती तो आप वैसे ही हैं।”

गांडू मम्मी पर लाइन मार रहे थे।

गांडू: “आप हमेशा की तरह बहुत खूबसूरत दिख रही हैं वर्षा जी।”

मम्मी: “हमेशा की तरह मतलब?”

गांडू अंकल: “मतलब जैसे शादी में दिख रही थीं।”

मम्मी: “ओह… मतलब आप मुझे शादी के दिन भी देख रहे थे?”

गांडू: “अरे, हमारी तो नज़र नहीं हट रही थी आपके ऊपर से।”

मम्मी हँसते हुए—

मम्मी: “आप भी ना…”
और उनके छाती के ऊपर हाथ रख दिया।

गांडू अंकल ने भी मौके का फायदा उठाते हुए मम्मी का हाथ पकड़ लिया।

तभी गांडू अंकल ने मम्मी से कहा—

गांडू अंकल: “क्या आपने गुड़िया के जेवर और कपड़े देखे जो हमने उसे शादी में दिए थे?”

मम्मी: “नहीं… नहीं देखे।”

गांडू: “आइए, चलिए। मैं आपको दिखाता हूँ।”
और गांडू अंकल ने मम्मी की नंगी कमर में हाथ डाला और उनको रूम में ले जाने लगे।

मम्मी भी आराम से उनके साथ जाने लगीं।

योगेश अंकल कुछ देर बाद आए तो वे मम्मी को देख रहे थे लेकिन मम्मी उन्हें दिख नहीं रही थीं। दिखेगी कैसे? अब उनका नेटवर्क किसी और जगह व्यस्त था।

मुझे भी समझ नहीं आ रहा था मम्मी कैसे गांडू से घुल-मिल गईं।

इधर मम्मी और गांडू अंकल गुड़िया के कमरे में चले गए। गुड़िया भी वहाँ पर थी।
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RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - 7 hours ago



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