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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#4
जब हम घर आए तो अंकल भी हमारे साथ घर आ गए थे। मम्मी ने उन्हें घर में बुलाया।

मैं आपको बता दूँ, पापा ऑफिस जा चुके थे और दादी मेरे दोस्त के घर गई थीं भजन-कीर्तन में।

अंकल बोले, “अब मैं चलता हूँ। बहुत टाइम हो गया है।”

मम्मी: “अरे, चाय तो पीके जाइए।”

मैं: “हाँ अंकल, चाय तो पीकर जाइए। और मम्मी को कंप्यूटर भी सिखाना है। पिछले दस दिनों से नहीं सिखाया आपने।”

अंकल: “हाँ बेटा, सही कहा तूने। पर तेरी मम्मी तो मना करती है पिछले दस दिनों से।”

मम्मी: “क्या करूँ? तेरी दादी मेरे ऊपर शक करती है और तेरे पापा तो पिछले बारह दिनों से घर में ही थे। आज ऑफिस गए हैं।”

मैं: “मम्मी, मैं आज ही कुछ करता हूँ।”

फिर अंकल बोले, “हाँ वर्षा जी।” और फिर अंकल मम्मी की ओर आँख मारते हैं।

मम्मी: “ठीक है।”

और अंकल चले जाते हैं। मैं सोने के लिए अपने रूम में जाता हूँ। मम्मी भी बहुत थक चुकी थीं और वे भी अपने रूम में चली जाती हैं।

शाम को मम्मी ने खाने के लिए बुलाया। आज मम्मी को देखा तो बहुत मस्त लग रही थीं। आज उन्होंने गाउन पहना था जिसमें उनकी चूतड़ों की गोलाई और आधी नंगी बाँहें बहुत सेक्सी लग रही थीं। उनकी चूचियाँ तो चलते हुए ऊपर-नीचे हो रही थीं।

मैं खाना खाने बैठ गया और पापा का पूछा तो मम्मी ने कहा, “आज वे ऑफिस में ही रुकेंगे। उनका फोन आया था।” और बोलीं, “कल तू अपने दोस्त के घर से तेरी दादी को ले आना।”

फिर हम मम्मी के साथ खाना खाने लगे। खाने के बाद मैंने मम्मी से कहा, “मम्मी, आज घर पे पापा-दादी नहीं हैं। अंकल को बुला लूँ?”

मम्मी मुस्कुराते हुए बोलीं, “क्यों बुला रहा है?”

मैं: “मेरी प्यारी मम्मी, वे आपको कंप्यूटर सिखा देंगे।”

मम्मी: “नहीं बेटा। मैंने तुझसे कितनी बार कहा है, मुझे कंप्यूटर नहीं सीखना। और तुझे मैंने बताया भी है कि योगेश जी अकेले में मुझे छेड़ते हैं। वे मुझे पापा चाहते हैं। ये ठीक नहीं है बेटा। इसलिए मैं उनसे दूर रहना चाहती हूँ।”

मैं: “मम्मी, मैं जानता हूँ। पर इसमें कुछ गलत नहीं। मैं आपसे कई बार कह चुका हूँ—आपको भी एक मर्द की ज़रूरत है और अंकल को भी एक औरत की। पापा तो आपसे प्यार करते ही नहीं हैं। और उसमें कुछ गलत नहीं है। मैं आपके साथ हूँ।”

मम्मी: “बेटा, ये गलत है। इसमें किसी को पता चल गया तो मैं मुँह दिखाने लायक नहीं रहूँगी। तू समझता क्यों नहीं है?”

मैं: “आप हमेशा एक ही बात क्यों बोलती हो? मैं आपसे कहा है—मैं पहरेदारी करूँगा। किसी को पता नहीं चलेगा। मैं आपके साथ हूँ।”

मम्मी चिल्लाते हुए: “नेवर!”

मैं: “ठीक है मम्मी। लेकिन आप कंप्यूटर तो सीख सकती हो। ये बहुत काम आएगा।”

मम्मी: “ठीक है, मैं सीख लूँगी।”

मैं: “मम्मी, आप कहें तो बुला दूँ अंकल को?”

मम्मी: “बुला ले।”

मैंने अंकल को कॉल किया तो अंकल बोले, “उसे यहीं भेज दे।”

मैं: “ओके अंकल।”

मम्मी: “क्या कहा?”

मैं: “मम्मी, अंकल ने कहा आप उनके घर चली जाओ और वहीं सीख लेना।”

मम्मी: “नहीं, मैं नहीं जा रही। नहीं तो वे मेरा…”

मैं: “कुछ नहीं करेंगे। आप चली जाओ।”

मम्मी: “ठीक है, चली जाऊँगी। लेकिन कुछ नहीं करने दूँगी।”

मैं: “ओके मम्मी। अब आप जाओ।”

मम्मी: “चली जाऊँगी तो रूम में जा और सो जा।”

और मैं मम्मी को गुड नाइट बोल के रूम में चला गया। उसके बाद मम्मी ने खाना खाया और बर्तन रख के फिर रूम में चली गईं।

फिर मैं मम्मी के रूम की खिड़की पर गया तो अंदर देखा—मम्मी अंकल से फोन पर बात कर रही हैं और हँस भी रही थीं। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी लेट गईं और पेट के बल बात करने लगीं। और थोड़ी देर बात करने के बाद वे मोबाइल में शायद चैट करने लगी थीं। फिर मोबाइल से कुछ पिक लेने के बाद उसको भेजा। इस तरह से अब दस-साढ़े दस बज गए थे। फिर मम्मी अचानक बिस्तर से उठीं और बाहर आने लगीं तो मैं जल्दी से अपने रूम में आ गया और सोने का नाटक करने लगा। मम्मी भी आईं। मुझे सोता देख मेरे सिर पे चुम्मा दिया और बोलीं, “बेटा, तू मुझे कितना प्यार करता है जो मुझे योगेश से मिलवाने के लिए उसके घर भेज रहा है।” और मम्मी चली गईं।

फिर मैं मम्मी के रूम से निकलने के बाद उठा तो देखा मम्मी बाहर से मेरे रूम की कुंडी लगा गई हैं।

फिर मैंने अंकल को कॉल किया।

अंकल: “बोल बेटे, कैसे कॉल किया?”

मैं: “मम्मी आई क्या अंकल?”

अंकल: “हाँ बेटा, तेरी मम्मी आ गई है। और उसने बताया वो तुझे तेरे रूम में बंद करके आई है।” और मुझे मम्मी के हँसने की आवाज़ आई।

मैं: “अंकल, मम्मी कहाँ हैं? अंकल, यहीं हैं मेरे पास। ले, बात कर।”

और मम्मी ने फोन ले लिया।

मम्मी: “बेटा, अब तू सो जा। मैं कंप्यूटर सीखने तेरे कहने पे आई हूँ। और कंप्यूटर सीखकर एक घंटे में वापस आ जाऊँगी।”

मैं: “नहीं मम्मी। अभी तो ग्यारह बजे हैं। आप सुबह तक कंप्यूटर सीखिए। पूरे आठ घंटे। सुबह सात बजे से पहले मत आना।”

मम्मी: “अरे बाप रे! क्या तू पूरी रात मुझे मरवाएगा? मैं तो मर जाऊँगी पूरी रात में।”

मैं: “ये क्या बोल रही हो मम्मी? आप कंप्यूटर सीख जाइए।”

मम्मी: “ठीक है मेरे लाल। अब तू सो जा।” और अचानक से “उईईईईई… माँआआआआ…” की आवाज़ आई।

मैं: “क्या हुआ मम्मी?”

मम्मी: “छोड़ो मुझे… छोड़ो मुझे…”

मैं: “क्या हुआ मम्मी?”

मम्मी: “बेटा, कुछ नहीं। वो एक चींटी ने काट ली।”

मैं: “क्या? मम्मी, आप भी एक चींटी से डर गईं?”

मम्मी: “बेटा, तू नहीं समझेगा। इसलिए कह रही हूँ—एक घंटे में आ जाऊँगी।”

मैं: “नो मम्मी। आपकी मेरी कसम। सुबह सात बजे से पहले नहीं आना।”

मम्मी: “ठीक है बेटा।” फिर अंकल ने मोबाइल ले लिया।

अंकल: “बेटा, तू सो जा।”

और फिर से “उईईईईई… माँआआआआ… आआआ…”

मैं: “क्या हुआ अंकल?”

अंकल: “बेटा, तू सो जा। ये तेरी मम्मी की आवाज़ है।”

मैं: “मम्मी को फोन दो।”

मम्मी: “अब तू फोन रख। मुझे कंप्यूटर सीखने दे।” और मम्मी ने मोबाइल बिना कट किए ही रख दिया।

मम्मी अंकल से बोलीं, “नालायक… मुझे चुदने के लिए खुद आपके पास भेजा और कुछ रहा है कैसे आवाज़ है… इतना भी नहीं समझ रहा है। जब मम्मी के दूध आप दबाओगे तो मम्मी के मुँह से आवाज़ तो आएगी ना?”

अंकल: “हाँ मेरी चमकछल्लो। अब तो उसने कह दिया पूरी रात मम्मी को चोदो।”

मम्मी: “हाँ तो चोदिए ना उसकी मम्मी को। अपने दमदार पावरफुल लंड से मेरे राजा… फाड़िए उस चुत को।”

और फिर उनका सेशन शुरू हो गया। लेकिन अचानक ही मेरा मोबाइल स्विच ऑफ हो गया बैटरी लो के कारण। फिर मुझे सोना पड़ा।

फिर सुबह सात बजे मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि मेरे मोबाइल पे व्हाट्सऐप मैसेज है अंकल का।

अंकल ने लिखा था: “बेटा, मैंने आकर तेरी रूम की कुंडी खोल दी है और मैं तेरी मम्मी की चुत फाड़ रहा हूँ। और मैं उसे भर-भर के चोदूँगा। मैं आज उसकी पूरी बारह घंटे चुदाई करूँगा—रात को ग्यारह से सुबह ग्यारह तक। इसलिए तू कॉलेज चला जाना और गेट को लॉक कर जाना।”

लेकिन मैंने मम्मी को कॉल लगाया तो मम्मी ने कॉल रिसीव किया।

मम्मी: “हाँआआआ… बेेेेताआआ… बोल…”

मैं: “आप मम्मी कब आओगी?”

मम्मी: “बेटा, योगेश जी आने नहीं दे रहे।” और फिर अंकल ने फोन मम्मी से लेकर बोले, “बेटा, तू कॉल रख। मैं तेरी मम्मी को कंप्यूटर सिखा रहा हूँ।” और अंकल ने बिना कट किया फोन साइड में रखा।

मम्मी: “उईईईईई… माँआआआआ… और जोोर्र्र्र्र… आस्सेेेे… ओओओओओ… माँआआआआ… फक्क्क्क… मीीीी… आआआह्ह्ह्ह… और तेेेेज़… फाड़ दो… मेरे राजा… अपनी वर्षा रांडी की चुत फाड़ दो…”

मैं समझ गया उनका सेशन चालू है और मैंने ही कॉल कट कर दिया और कॉलेज चला गया। शाम को चार बजे कॉलेज से वापस आया तो मम्मी अभी भी नहीं आई थीं। फिर मैं अंकल के घर गया तो देखा दोनों रूम में एकदम नंगे चिपके कर सो रहे थे। तो मैं वापस आ गया और टीवी देखने लगा। फिर शाम को सात बजे मम्मी वापस आईं। मम्मी नहाकर तैयार होकर आई थीं।

मम्मी: “बेटा सॉरी… मम्मी से कोई जवाब नहीं लग रहा था।”

मैं: “कोई बात नहीं मम्मी। मैं जानता हूँ अंकल ने आपको आने नहीं दिया होगा। वे आपको कंप्यूटर सिखाने लग गए होंगे।”

मम्मी नीचे सिर करके बैठी रहीं और कुछ नहीं बोलीं। फिर मैं किचन में जाकर दो कप चाय बनाकर लाया और मम्मी को चाय दी। मम्मी ने मुस्कुराते हुए चाय ली और बोलीं, “बेटा, आज रात का खाना तेरे पापा से बोल दे। वे पैक करा लाएँगे।”

मैंने पापा को बोल दिया और फिर आठ बजे पापा दादी को ले आए और साथ में खाना भी लाए। और फिर मैं दादी के साथ सो गया।

अगले दिन पापा ऑफिस चले गए तो अंकल ने मुझे कॉल किया, “आज कैसे भी तू तेरी मम्मी को घर से बाहर ले आ।”

फिर मैंने मम्मी से कहा, “मम्मी, आज आपको मेरे कॉलेज आना है।” तो दादी बीच में बोलीं, “क्यों बेटा?”

मैं: “दादी, आज कॉलेज में पेरेंट्स मीटिंग है। आप मम्मी को ग्यारह बजे घर से भेज देना। और आज मैं मम्मी को लेकर मेरे दोस्त के घर भी जाऊँगा। वहाँ से हम दोनों साथ में रात को आठ बजे वापस आएँगे। आप प्लीज़ फोन मत करना।”

दादी: “भेज दूँगी।” और दादी ने मम्मी से कहा, “वर्षा, तू ग्यारह बजे कॉलेज चली जाना।”

मैंने मम्मी के पास जाकर कहा, “आज कॉलेज नहीं। अंकल के घर कंप्यूटर सिखाने जाना है। रात को आठ बजे तक पूरे नौ घंटे कंप्यूटर सिखाना।”

मम्मी: “नालायक! तू पिटेगा मेरे हाथों से। मैं नहीं जाऊँगी।”

मैं: “मम्मी, आपको मेरी कसम है।”

फिर मैं कॉलेज गया और अंकल से कॉल करके बोला, “आप मम्मी को घुमाने ले जाना ग्यारह बजे।” अंकल ने कहा, “तू आएगा?”

मैं: “नहीं, मैं नहीं आऊँगा। आप दोनों फुल एन्जॉय करना।”

फिर मैं कॉलेज नहीं गया। कॉलेज के बाहर बैठा रहा। ग्यारह बजे अंकल का मैसेज आया, “मैं आज तेरी मम्मी को XXX रेस्टोरेंट में लाया हूँ।”

मैंने सोचा क्यों न चलकर देखा जाए और मैं XXX रेस्टोरेंट चला गया।

वहाँ से घर ज़्यादा दूर नहीं था। घूमते-घूमते देखा तो रेस्टोरेंट के लाउंज में मम्मी और अंकल बैठे थे। मम्मी ने आज बहुत दिनों के बाद एक टाइट लेगिंग और एक शॉर्ट कुर्ता जो स्ट्रैप वाला था वो पहना था। दुपट्टे को कंधे पर रखा था एक तरफ़ और उनकी 36डी चूचियाँ एकदम टाइट थीं।

मैंने सोचा चलो कम से कम मम्मी बाहर तो निकालीं क्योंकि वे कभी भी दादी के डर से बाहर नहीं आती थीं। लेकिन मैं उनके पास नहीं गया क्योंकि मम्मी मेरे सामने एन्जॉय नहीं कर पातीं।

फिर अंकल ने मम्मी का हाथ पकड़ा और दोनों लोग वहाँ से उठ गए। मैं उनकी नज़र में न आऊँ इसलिए दूर रहता था। फिर मम्मी और अंकल एक शॉप में गए जो अंडरगारमेंट्स की दुकान थी। वहाँ पर मम्मी ने शायद कुछ लिया। फिर दोनों बाहर आए। अंकल ने मुझे देख लिया लेकिन मम्मी ने नहीं देखा तो अंकल ने मुझे मैसेज किया, “घर पहुँच रे। मैं तेरी माँ को वहीं ला रहा हूँ चोदने के लिए। लाइव देखना ही तो हमसे पहले मेरे घर पहुँच जा।” और अंकल-मम्मी गाड़ी में बैठ गए और निकल गए।

फिर मैं तुरंत अपनी स्कूटी से वहाँ से निकला और शॉर्टकट से अंकल के घर पहुँचा। पीछे के रास्ते से और स्कूटी को पेड़ों की साइड में छुपा दिया और डुप्लीकेट चाबी से गेट खोलकर अंदर चला गया। और घर की छत पे चला गया। फिर देखा कि गाड़ी से पीछे के रास्ते से मम्मी-अंकल आए और मम्मी-अंकल उतरे। दोनों अंदर आए। फिर मम्मी ने दरवाज़ा बंद किया। दोनों अंदर गए।

फिर मैं आराम से नीचे उतरा और धीरे से देखा तो ड्रॉइंग रूम में कोई नहीं था, मतलब मम्मी और अंकल रूम में थे। मैं थोड़ी देर रुका रहा। फिर बीस मिनट बाद रूम के पास गया और सोच रहा था कि दरवाज़ा न खुले। फिर खिड़की खुली थी और उसमें झाँका तो मम्मी का दुपट्टा बिस्तर पर पड़ा था। और अंकल बैठे थे, मम्मी नज़र नहीं आ रही थीं। फिर देखा तो मम्मी आईं। और क्या लग रही थीं। शायद मम्मी अंकल के रूम के अटैच्ड बाथरूम में थीं। उन्होंने एक शॉर्ट ड्रेस पहनी थी जो केवल जाँघ से थोड़ा नीचे थी, और ऊपर से केवल एक धागे से बंधी थी। उसमें मम्मी एक हाई क्लास रांडी लग रही थीं। एकदम डार्क मेकअप किया था और बाल खुले हुए थे। शायद ये उन्होंने अभी थोड़ी देर पहले शॉप से खरीदी थी जिसको खरीदकर वे आए हैं।

मम्मी ने टेबल पे रखा दूध का गिलास उठाया और जाकर अंकल की गोद में बैठ गईं। शायद बीस मिनट में मम्मी किचन से दूध ले आई होंगी। अंकल ने मम्मी की कमर में हाथ डाल दिया।

मम्मी अंकल को अपने हाथों से दूध पिलाने लगीं। आधा गिलास पीने के बाद अंकल ने दूध मम्मी को दे दिया। आधा गिलास मम्मी ने पी लिया और फिर मम्मी ने अंकल को हल्का सा धक्का देकर बिस्तर पर सुला दिया।

अंकल: “ओहो! मेरी जान।”

मम्मी ने स्माइल करते हुए और कातिल नज़रों से अंकल को देखते हुए अपने बाल खुले कर दिए। अंकल ने अपना शर्ट और बनियान निकाल दिए। फिर मम्मी अंकल के ऊपर लेट गईं।

अंकल ने मम्मी की कमर में हाथ डालते हुए मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया।

अंकल: “ओह वर्षा! तुम तो मुझे पागल कर दोगी।”

मम्मी नशीली आँखों से अंकल को देखने लगीं और अंकल के फेस पर उँगली फेरते हुए अंकल के होठों पर अपने रसीले होठ रख दिए। उफ्फ्फ… अंकल मम्मी के होठों का रसपान करने लगे।

दोनों बड़े ही प्यार से एक-दूसरे को किस कर रहे थे। अंकल ने मम्मी की पीठ और कमर पर हाथ घुमाते हुए मम्मी की बड़ी गाँड को शॉर्ट्स के ऊपर से ही मसलने लगे। फिर अंकल ने मम्मी को नीचे कर दिया और मम्मी को चूमने लगे।

अंकल मम्मी की गर्दन पर जीभ घुमा रहे थे और मम्मी के नाइटी के बटन खोलने लगे। अंकल ने मम्मी के नाइटी को खोल दिया और उसको नीचे करने लगे।

मम्मी की जाँघें व्हाइट पैंटी में बहुत सेक्सी लग रही थीं। अंकल ने नाइटी को मम्मी की टाँगों से बाहर निकाल दिया। अब मम्मी सिर्फ़ पैंटी में ही थीं। अंकल ने भी अपना पैंट निकाल दिया और अब अंकल भी सिर्फ़ अंडरवियर में ही रह गए थे। अंकल ने मम्मी की ब्रा से बूब्स को बाहर निकाल दिया और मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स को अपने हाथों से मसलने लगे और एक बूब को मुँह में डालकर चूसने लगे। मम्मी अंकल का मोबाइल उठाकर देखने लगीं।

अंकल: “तुम भी देखती हो, या नहीं?”

मम्मी: “हट बेशरम।”

अंकल: “हाय! तुम्हारी ये अदा मुझे बहुत पसंद है।”

अंकल मम्मी के बूब्स को चूस रहे थे और अपना हाथ मम्मी के जिस्म पर फेर रहे थे। अंकल मम्मी को फिर से अपनी बाँहों में लेकर चूमने लगे। मम्मी भी अंकल के साथ फुल मज़ा ले रही थीं। अंकल ने मम्मी को उल्टा मुँह के बल लिटा दिया और खुद मम्मी के ऊपर लेटकर मम्मी की ब्रा खोल दी और मम्मी की नंगी पीठ को चूमने लगे।

मम्मी: “आआआह्ह्ह…”

अंकल का मूसल लंड मम्मी की गाँड में चुभ रहा था। अंकल मम्मी की नंगी पीठ को जीभ से चाट रहे थे। और मम्मी अंकल के चुंबन से पागल हो रही थीं। अंकल चूमते हुए नीचे की तरफ़ आए और मम्मी की लचकदार कमर को चाटने लगे और अपने हाथों से मम्मी की फूली हुई गाँड को दबाने लगे।

मम्मी के मुँह से मीठी-मीठी आहें निकल रही थीं। अंकल मम्मी की गाँड को पैंटी के ऊपर से चूमते हुए नीचे आए और मम्मी के पैरों को चूमने लगे और अपनी जीभ से चाटने लगे। अंकल अपनी जुबान से मम्मी की जुबान चूस रहे थे। मम्मी भी अपनी जीभ अंकल से चूसवा रही थीं।

फिर अंकल ने मम्मी को सीधा कर दिया। मम्मी ने अपनी ब्रा निकाल दी। अंकल मम्मी को बाँहों में भरकर चूमने लगे और मम्मी ने भी अपने हाथ अंकल के गले में हार बनाकर डाले और अंकल को अपने जिस्म से चिपका लिया।

अंकल ने मम्मी के फेस को जीभ से चाट-चाट कर गीला कर दिया था। मम्मी के मुँह से लंबी-लंबी सिसकारियाँ निकलने लगी थीं।

अंकल: “आआह्ह्ह… वर्षा… उम्म…”

अंकल की चेस्ट में मम्मी के बूब्स दब चुके थे। अंकल मम्मी के हाथ ऊपर करके मम्मी की आर्मपिट्स को अपनी जीभ से चाटने लगे।

मम्मी: “ओओओउईउऊऊ…”

अंकल का लंड मम्मी की चुत पर ठोकर मार रहा था। अंकल मम्मी के होठों का रसपान करते हुए नीचे आए और मम्मी के निप्पल को बारी-बारी मुँह में डालकर चूसने लगे। बूब्स को हल्के-हल्के मालिश करने लगे, मसलने लगे। मेरी मम्मी के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं। अंकल मम्मी के बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहे थे।

मम्मी: “आआह्ह्ह…”

मम्मी के सिर पर हाथ घुमा रही थीं। फिर अंकल मम्मी के पेट और नाभि को चूमने लगे। वे अपनी जीभ मम्मी की गहरी नाभि में डालकर चाट रहे थे और मम्मी की पैंटी के अंदर हाथ डाल रहे थे। मेरी मम्मी मछली की तरह तड़पने लगी थीं। अंकल मम्मी की कमर को चूमते हुए नीचे आए और मम्मी की जाँघों को चूमने लगे। जाँघों के बाद वे मम्मी के घुटनों को चूमने लगे।

फिर अंकल ने मम्मी की पैंटी नीचे की और मम्मी के पैरों से बाहर निकाल दी। अब मम्मी की चुत के बाल दिखने लग गए थे। बालों में से मम्मी की चुत भी दिखने लगी थी।

मम्मी माँदरजात नंगी हो चुकी थीं। अंकल ने मम्मी के दोनों पैरों को चौड़ा किया, जिससे मम्मी की चुत खुल गई। अंकल मम्मी की चुत पर हाथ रखकर उसको उँगली से सहलाने लगे। अंकल के हाथ लगते ही मम्मी के मुँह से तेज़ सिसकारी निकली।

अंकल: “वर्षा, क्या चुत है तेरी… वाह!”

फिर अंकल अपनी उँगली मम्मी की चुत में डालकर उसको अंदर-बाहर करने लगे।

मम्मी: “आआह्ह्ह…”

अंकल: “उफ्फ्फ…”

अब अंकल मम्मी की चुत को मुँह लगाकर चूमने लगे थे।

मम्मी (हँसती हुई): “छी!”

अंकल ने मम्मी के पैरों को चौड़ा करके मम्मी की चुत पर अपना मुँह रखा और चाटने लगे।

मम्मी: “हाय… आआह्ह्ह… हुह…”

अंकल: “उफ्फ्फ… वर्षा, बहुत नमकीन पानी है तुम्हारी चुत का।”

मम्मी हँसती हुई अंकल को देख रही थीं। मम्मी की चुत से पानी निकल रहा था जिसे अंकल अपनी जीभ से चाट रहे थे।

मम्मी: “आआआह्ह्हआआ… बस भी कीजिए अब।”

फिर अंकल मम्मी के ऊपर लेट गए और मम्मी ने स्माइल करते हुए अंकल को देखा।

मम्मी: “छी गंदे…”

अंकल भी हँसते हुए मम्मी को चूमने लगे। वे मम्मी के होठों को चूसने लग गए और मम्मी के गालों को हल्के-हल्के अपने दाँतों से काटने लगे। काटने से मम्मी के गालों पर अंकल के दाँतों के निशान छप गए।

फिर मम्मी ने अंकल को नीचे कर दिया और खुद अंकल के ऊपर लेट गईं। मम्मी ने अंकल के फेस पर चुंबन की बरसात कर दी और अब मम्मी अंकल के फेस को अपनी जीभ से चाट रही थीं।

फिर मम्मी अंकल की चेस्ट पर हाथ घुमाती हुईं अंकल की कमर और अंकल के अंडरवियर पर हाथ घुमाने लगीं। अब मम्मी अंकल की जाल में पूरी तरह फँस चुकी थीं।

मम्मी को देखकर विश्वास नहीं होता कि मम्मी ऐसा भी कर सकती हैं। मम्मी आज हवस में पूरी तरह पागल हो गई थीं।

मम्मी अंकल की चेस्ट को चूमती हुईं नीचे आईं और अंकल के अंडरवियर को नीचे करके निकालने लगीं। अंकल का मोटा लंबा तगड़ा लंड मम्मी को सलामी दे रहा था।

मम्मी अंकल के लंड को देखकर शर्माने लगीं। फिर मम्मी ने अंकल के लंड को अपने हाथ में ले लिया। अंकल का लंड मम्मी के हाथों में आते ही झटके मारने लगा। फिर मम्मी अंकल के लंड की मुठ मारने लगीं।

अंकल ने मम्मी को लंड मुँह में लेने का इशारा किया, लेकिन मम्मी मना करने लगीं।
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RE: Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - 21-08-2026, 06:17 PM



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