20-08-2026, 12:17 AM
(This post was last modified: 28-08-2026, 11:11 PM by MohdIqbal. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
चैताली बिना कीसी हिचकीचाहट के नीचे झुकी और घुटनों के बल बैठ गई। उसने अपना मुंह खोला और हरीश के लन्ड के ऊपरी हिस्से को अपनी जीभ से चाटा। फिर उसने धीरे-धीरे उसे अपने मुंह के अंदर लेना शुरू कीया।
"हाँ... ऐसे ही। पूरी तरह अंदर ले, कुतिया," हरीश ने उसके सिर के बालों को पकड़ते हुए उसे अंदर-बाहर धकेला।
चैताली के मुंह से लार टपक रही थी और वह 'गल्प-गल्प' की आवाज़ें निकाल रही थी। वह पूरी तरह से समर्पित थी। जब हरीश को महसूस हुआ की वह चरम सीमा पर पहुँचने वाला है, उसने अचानक अपना लन्ड उसके मुंह से बाहर खींच लिया।
चैताली ने खालीपन महसूस कीया और शून्य नजरों से उसे देखती रही।
"अभी नहीं। पहले थोड़ा पानी पियो," हरीश ने उसे पास रखे गिलास से पानी पिलाया और फिर उसे खड़ा कीया।
"अब डाइनिंग टेबल पर लेट जाओ," उसने आदेश दिया।
चैताली टेबल पर अपनी पीठ के बल लेट गई। उसके भारी मम्मे टेबल की सतह पर फैल गए। हरीश उसके पैरों के बीच आया और उसने उसकी सूती पैंटी को एक तरफ खिसका दिया। वहां की त्वचा गुलाबी और नम थी।
"हाँ... ऐसे ही। पूरी तरह अंदर ले, कुतिया," हरीश ने उसके सिर के बालों को पकड़ते हुए उसे अंदर-बाहर धकेला।
चैताली के मुंह से लार टपक रही थी और वह 'गल्प-गल्प' की आवाज़ें निकाल रही थी। वह पूरी तरह से समर्पित थी। जब हरीश को महसूस हुआ की वह चरम सीमा पर पहुँचने वाला है, उसने अचानक अपना लन्ड उसके मुंह से बाहर खींच लिया।
चैताली ने खालीपन महसूस कीया और शून्य नजरों से उसे देखती रही।
"अभी नहीं। पहले थोड़ा पानी पियो," हरीश ने उसे पास रखे गिलास से पानी पिलाया और फिर उसे खड़ा कीया।
"अब डाइनिंग टेबल पर लेट जाओ," उसने आदेश दिया।
चैताली टेबल पर अपनी पीठ के बल लेट गई। उसके भारी मम्मे टेबल की सतह पर फैल गए। हरीश उसके पैरों के बीच आया और उसने उसकी सूती पैंटी को एक तरफ खिसका दिया। वहां की त्वचा गुलाबी और नम थी।


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