15-08-2026, 07:42 PM
चैताली ने अपने हाथों से ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए। एक-एक करके हुक खुले और ब्लाउज ढीला हो गया। जैसे ही उसने ब्लाउज को अपने कंधों से नीचे गिराया, उसके विशाल 38D मम्मे एक झटके के साथ बाहर आ गए। उसने एक काली लेसी पुश-अप ब्रा पहनी थी, जिसमें उसके मम्मे लगभग छलक रहे थे। निप्पल्स ब्रा के कपड़ों को धक्का दे रहे थे।
"ओह माय गॉड!" आदित्य ने आह भरी। वह कैमरे के साथ उसके मम्मों के इतना करीब आ गया कि वह उसकी सांसों की गर्माहट महसूस कर सकता था।
हरीश ने अपनी उंगलियों से उन भारी मम्मों को ब्रा के ऊपर से गूंथना शुरू किया। "कितने भारी हैं ये... एकदम असली मलाई जैसे। चैताली, तुम्हें कैसा लग रहा है? क्या तुम्हें अच्छा लग रहा है जब ये दो लड़के तुम्हें इस तरह देख रहे हैं?"
चैताली के चेहरे पर एक धीमी, मदहोश मुस्कान उभरी, हालांकि वह अभी भी सम्मोहित थी। "बहुत... अच्छा... लग रहा है," उसकी आवाज़ भारी और कामुक थी।
"अब इस बेकार के कपड़े की ज़रूरत नहीं है," हरीश ने फुसफुसाते हुए उसके पीछे हाथ डाला और ब्रा के हुक को एक झटके में खोल दिया।
ब्रा खुलते ही उसके भारी मम्मे स्वतंत्र हो गए और नीचे की ओर लटके। उसके निप्पल्स गहरे भूरे रंग के थे और उत्तेजना से सख्त हो चुके थे। हरीश ने बिना किसी झिझक के दोनों हाथों से उसके मम्मों को जोर से दबाया और पिंच किया।
"आह!" चैताली के मुँह से एक हल्की कराह निकली।
"देख आदित्य, कैसे कांप रही है यह कुत्तिया," हरीश ने उसके निप्पल्स को अपनी उंगलियों के बीच मरोड़ते हुए कहा। "इतने सालों से दबी हुई है, अब इसका भोसड़ा भी प्यासा होगा।"
हरीश ने आदित्य को इशारा किया। "आजा, तू भी इसे महसूस कर। अपनी माँ के इन मम्मों को चूस, देख कैसा स्वाद है।"
आदित्य हिचकिचाया, लेकिन हरीश के प्रभाव और अपनी वासना के आगे वह हार गया। उसने झुककर चैताली के एक मम्मे को अपने मुँह में भर लिया। उसने निप्पल को अपनी जीभ से सहलाया और फिर जोर से चूसने लगा । चैताली का शरीर धनुष की तरह तन गया।
"शिट, यह तो वाकई में मिलफ है," आदित्य ने मुँह हटाते हुए कहा। उसके होंठों पर चैताली के मम्मों की चमक थी।
हरीश ने अब चैताली को आदेश दिया, "अब अपनी पैंटी उतारो।"


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