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Thriller बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ?
#4
आदित्य यह सब देख रहा था। उसका मुँह खुला का खुला रह गया। "भाई... ये... ये सच में काम कर गया? मम्मी?"

हरीश ने आदित्य की ओर देखा, उसकी आँखों में एक शैतानी चमक थी। "अब देख असली मज़ा। वह अब सिर्फ एक शरीर है, आदित्य। उसकी आत्मा सो रही है, और उसकी वासनाएं अब मेरे हाथ में हैं।"

हरीश चैताली के करीब गया और उसके चेहरे के पास फुसफुसाया, "चैताली, अपनी साड़ी उतारो।"

बिना एक पल की देरी के, चैताली के हाथ उसकी कमर की ओर बढ़े। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था, लेकिन उसकी हरकतें यांत्रिक और सटीक थीं। उसने अपनी साड़ी का पल्लू कंधे से गिराया और फिर धीरे-धीरे कमर के घेरे को खोलना शुरू किया। रेशमी कपड़ा फर्श पर एक ढेर की तरह गिर गया, जिससे उसका भारी शरीर अब केवल एक फिटिंग वाले ब्लाउज और अंदर पहने हुए पेटीकोट में सिमट गया।

आदित्य की सांसें तेज़ हो गईं। उसने अपनी माँ को इस अवस्था में कभी नहीं देखा था। उसका वह शरीर, जो हमेशा साड़ी की परतों में छिपा रहता था, अब उसकी नज़रों के सामने था।

"आदित्य, खड़ा क्या है? अपना कैमरा ला," हरीश ने आदेश दिया। "मुझे इस मिलफ की ऐसी तस्वीरें चाहिए जो दुनिया ने कभी न देखी हों। जा, जल्दी ला!"

आदित्य लड़खड़ाते हुए अपने कमरे में गया और कैमरा लेकर लौटा। वह कांप रहा था, लेकिन उत्तेजना उसके चेहरे पर साफ़ दिख रही थी।

"अब, चैताली, अपने पेटीकोट की डोरी खोलो और उसे नीचे गिराओ," हरीश ने हुक्म दिया।

चैताली ने धीरे से अपने पेट के पास बंधी डोरी को खींचा। पेटीकोट सरक कर उसके पैरों के पास गिर गया। अब वह केवल अपने ब्लाउज और एक पतली काली लेसी पैंटी में खड़ी थीं। उसके मोटे, गोरे पैर और भारी कूल्हे अब पूरी तरह उजागर थे।

"देख रहे हो आदित्य? क्या शानदार शरीर है," हरीश ने चैताली के कूल्हों पर अपना हाथ फेरते हुए कहा। "इतनी बड़ी उम्र में भी यह कितनी कसी हुई है। एकदम लन्ड की भूखी लग रही है।"

आदित्य ने कैमरे का शटर दबाना शुरू किया। 'क्लिक-क्लिक'। वह अलग-अलग एंगल से तस्वीरें ले रहा था—उसके भारी मम्मों का उभार, उसकी कमर का घुमाव और उसकी जांघों की गोराई।

हरीश अब चैताली के सामने खड़ा था। उसने अपने हाथों से उसके भारी कूल्हों को जोर से दबाया। "उफ़, यह मांस! एकदम रसीला है। आदित्य, देख इसे, यह तेरी माँ है, लेकिन इस वक्त यह सिर्फ एक रंडी है जिसे हम अपनी मर्जी से इस्तेमाल कर सकते हैं।"

आदित्य अब पूरी तरह से उत्तेजित हो चुका था। उसका लन्ड उसकी जींस में तंग हो रहा था। वह अपनी माँ के शरीर के पास गया और उसके कंधे को छुआ। "मम्मी... आप कितनी सुंदर लग रही हैं।"

हरीश ने हँसते हुए कहा, "अब बारी है ऊपरी हिस्से की। चैताली, धीरे-धीरे अपना ब्लाउज उतारो।"
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RE: बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) कर लिया... फिर क्या हुआ? - by MohdIqbal - 15-08-2026, 03:46 AM



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