Thread Rating:
  • 21 Vote(s) - 2.48 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Adultery ......काला जामुन ..... A meanie mommy
दोपहर को मैं हाट ( बाजार ) से घर आया। दोपहर का खाना खाने के बाद मैं कमरे में आ गया और आज का दिन भी ऐसा ही निकल जाता है, और शाम हो जाती है।

फिर शाम को मैं जब नीचे हॉल में जाता हूं, तो सब लोग वहीं बैठ के बात करते हैं। कुछ घंटे बाद रात का खाना-पीना हो जाता है। सभी अपने कमरे में चले जाते हैं मैं और मम्मी भी अपने कमरे में आ जाती हैं। कमरे में आने के बाद मम्मी बोलती है-

मम्मी: नयन सुन , थोड़ी देर बाद हम दोनों को मिथलेश के घर जाना है । ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए।

नयन : हां , ठीक है मम्मी और कुछ देर हम दोनों बैठ के बातचीत करते हैं फिर रात 10 बजे मम्मी तैय्यार होना शुरू कर देती है, और लगभाग आधे घंटे बाद मम्मी तैय्यार हो जाती है।

मैं मम्मी को देखता हूँ। मम्मी के खुले बाल, गहरे लाल रंग की लिपस्टिक, लाल रंग का डीप नेक वाला ब्लाउज, जिसमें से मम्मी का आधे चूची बाहर रहते हैं, लाल रंग की साड़ी, वो भी नाभि के नीचे तक, मम्मी का मुलायम पेट, और नभी कमाल का लग रहा था और ऊपर से मम्मी का मदहोश कर देने वाला परफ्यूम आहों मन तो कर रहा था कि अभी मम्मी को चोद दूं । फ़िर मम्मी प्रेगनेंशी रोकने वाला टेबलेट निकलती है और उसमें से 2 टेबलेट खा लेती है। मैं मम्मी को घूरता रहता हूं, तो मम्मी यह देखकर मुझे बोलती है-
मम्मी: कैसी लग रही हुं नयन डार्लिंग?

नयन : सुपर सेक्सी, सेक्स बम लग रही हो मम्मी। मन तो कर रहा है अभी आपको मैं दबाकर चोद दूं।

मम्मी: धन्यवाद , नयन लव यू उम्म्म्हा (मेरे होठों को चूमते हुए) लेकिन अभी नहीं।

नयन : ठीक है मम्मी, मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ।

फिर मम्मी कंडोम का पैकेट साथ रख लेती है और भैया के घर चलने के लिए तैयार थी । मैं और मम्मी कमरे से बाहर निकलने के बाद चुप-चाप हम दोनों घर के पीछे वाले रास्ते से निकलते है, क्यूंकि उस रास्ते पर चारों तरफ़ एकदम अँधेरा था। कुछ मिनट बाद हम दोनों भैया के घर पहुँच जाते है।

हमलोग वह पहुंचे तो घर का दरवाजा पहले से खुला हुआ था और भैया वहीं खड़े होकर हमलोग का इंतजार कर रहे थे । हमलोग जल्दी-जल्दी घर के अंदर जाते है। तब भैया दरवाजा बंद कर देते हैं और हमलोग घर के अंदर जाकर सोफे पर बैठते हैं । तब वह पहले से एक व्यक्ति सोफे पर बैठा था जो देखने में किसी पहलवान की तरह लग रहा था । कुछ देर बाद भैया उस व्यक्ति का परिचय हमलोग से करवाते है । परिचय के दौरान पता चला उसका नाम लोहा पहलवान हैं और भैया का दोस्त है । परिचय कराने के बाद भैया वह से उठकर कमरे में जाकर दो शराब और एक विशकी की बोतल और चार गिलास लेकर आते हैं और सोफ़ा के सामने रखे टेबल पर रख देते हैं । फिर थोड़ी देर बाद चारों गिलास में पैक बनाकर हम सभी को दिया।

मगर मम्मी ने पैक लेने से मना कर दिया और कहा ' हमें यहां इतनी रात को कियुं बुलाये हो '

भैया - पहले पैक खत्म करो बताता हूं । और इतनी जल्दी किस बात कि हैं तुम्हें।

मम्मी भी ज़िद करते हुए बोली " पहले बताओ "

तभी भैया ने कहा "' आज तुम्हें मेरे दोस्त को खुश करना है "

मम्मी यह सुनते ही बोली - मैं कोई रंडी नहीं हुं, मैं एक शादीशुदा औरत हूं और एक बच्चे की मम्मी हुं । प्लीज मेरे साथ ऐसा मत करो। और रोने लगी।

तब भैया - लगता है तुम ऐसे नहीं मानेगी । वह वीडियो तुम्हारे पति को भेज ही देता हूं। और सोफे से उठकर कमरे में जाकर लेपटोप लाकर भेजने ही वाले थे कि तभी मम्मी उसे बिनती करते हुए कहती हैं - तुम जैसे बोलोगे मैं वैसा ही करूंगी प्लीज़ वीडियो मत भेजना।

भैया रूक गये और बोले - " यह हुईं ना समझदारी वाली बात " और फिर एक पैक बनाकर मम्मी को दिया और मम्मी एक ही सांस में पुरा पी गई इस तरह मम्मी टोटल चार पैक पी गई। थोड़ी ही देर बाद शराब के नशे में मम्मी बड़बड़ाने लगी ।

यह देखकर भैया ने अपने दोस्त से कुछ इशारा में कहा वह सोफे से उठकर मम्मी के बगल में बैठ गया और बोले -

लोहा पहलवान - आज रात तेरे को ऐसा चोदूंगा कि कल तू ठीक से चल नहीं पाएगी।

मम्मी ( नशे में ) - इसीलिये तो मैं आपके पास आई हूं लोहा जी, रगड़ के चोदो मेरे को। मैं तो सालों से आपसे चुदने के लिए तरस रही हूँ।

लोहा पहलवान : आज तेरी सारी इच्छा पूरी हो जाएगी और लोहा पहलवान मम्मी की पीठ को अपने हाथों से सहलाते रहते हैं। इससे मम्मी बहुत जोश में आ जाती है और लोहा पहलवान को ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लेता है। इस दौरान लोहा पहलवान मम्मी के होठों को चुमने लगता है और मम्मी भी लोहा पहलवान के होंठ चूमने लगती हैं।

अब दोनों एक-दूसरे को पूरे जोश में आकर एक-दूसरे के होठों को चुमते रहते हैं। कुछ देर बाद भैया उन दोनों को आवाज लगाकर रोकते हैं और बोलते हैं -" सारा मजा यही लेने का विचार है किया , जाओ कमरे में और रगड़ - रगड़ के मजे लो " तभी लोहा पहलवान ने मम्मी को बाहों में उठाकर कमरे के अंदर ले गया।

इधर मैं और भैया सोफे पर बैठकर इधर उधर की बात करने लगे तभी भैया ने मुझे दो पैक बनाने को बोला मैंने झट से दो पैक भैया को दिया । भैया ने एक बार में पुरा दोनों पी लिया । अभी तक भैया का टोटल 6 पैक पुरा हो चुका था और मेरा दो पैक।

6 पैक पुरा होने के कुछ देर बाद भैया खड़ा होकर अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी वहीं सोफे पर रख दिया और नशे के हालात में बड़बड़ाते हुए मुझसे कहा - " चल तू मेरे लौड़े को हिलाने में लग जा " और वह सोफे पर लेट गए । मैं उसके करीब गया और लौड़े को हाथ से पकड़ हिलाने लगा। थोड़ी ही देर बाद उसका लौड़े बिल्कुल लोहे जैसा सख़्त हो गया था और भैया नशे में मदहोश होकर कहराने लगे । मैंने इसी चीज़ का फैदा उठाते हुए उससे उसके लैपटॉप और मोबाइल का पासवर्ड पुछ लिया । वह नशे में चूर होने के कारण मुझे पासवर्ड बताया दिया । मैंने झट से अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। करीब 40 मिनट तक उसके लौड़े को एक ही रफ्तार में हिलाने के बाद उसके लौड़े ने माला छोड़ा । लौड़े का माला छोड़ते ही वह गहरी नींद में चला गया।

मैंने बिना देर किए उसके लैपटॉप में पासवर्ड डालकर खोलकर मम्मी की सारी वीडियो मिटाना चालु कर दिया। कुछ ही देर में सारा वीडियो मिटा दिया। अब मैं उसके मोबाइल को खोजने लगा। मोबाइल खोजते हुए मैं दुसरे कमरे तक पहुंच वह मिला। मैंने बिना देर किए उसमें पासवर्ड डालकर खोलकर और सारी वीडियो मिटा दिया और मोबाइल को वैसे ही रख दिया और कमरे के बाहर निकल आया। और जाकर सोफे पर बैठने ही वाला था कि मुझे लोहा पहलवान की कहराने की आवाज आई और मैं कमरे के खिड़की के पास जाकर देखा। अंदर का नजारा बिल्कुल कामुक से भरा हुआ था । लोहा पहलवान पुरा नंगा हो चुका था और मम्मी भी ( ऊपर ) आधी नंगी हो चुकी थी। ( अब कमरे के अंदर का नजारा )


लोहा पहलवान: आहा..... हा वाह..... क्या आनंद आ रहा है.

मम्मी एक-दम रंडी जैसे लोहा पहलवान का लंड चूस रही थी और बीच-बीच में उसके झांट को भी चूम रही थी ।

लोहा पहलवान: पंखुड़ी , क्या बेहतरीन लंड चूसती है तू . अहा हा क्या मजा आ रहा है, चूसती रहो .

मम्मी मजे से लंड चूसती रहती थी । कुछ देर लंड चुसवाने के बाद लोहा पहलवान मम्मी को रोक देता है, और मम्मी को खड़ा कर देता और पेटीकोट निकाल देता है। पेटीकोट निकालते ही मम्मी का लाल रंग की चड्ढी पहनी हुई दिखाई देती है । बिना समय गंवाए हुए वह चड्डी भी उतार देता है। और मम्मी की बिना बालों वाली गुलाबी चूत को एक-दम लार टपकाते हुए देखने लगता है। फिर मम्मी बिस्तर पर जा के सीधा लेट जाती है, और अपनी दोनों तांगों को फैला के चूत दिखाते हुए हांथो के उंगली से अपने ओर आने का इशारा करती है।

लोहा पहलवान बिना समय गंवाए हुए सीधा बिस्तर पर चढ़ जाता है, और मम्मी की चूत में जीभ डालकर चाटने लगता है। मम्मी उसका सर पकड़कर अपनी चूत में दबती रहती है।

मम्मी : आआह... आआह... चाटो लोहा जी आआह... आआह.... ओह्ह .... और चाटो मजा आ रहा है आआह... आह.

लोहा पहलवान को चूत चाटते हुए कुछ देर हुआ ही था कि

मम्मी: आआह.... आआह.... आआह.... लोहा जी मैं झड़ने वाली हूँ. आआह..... मेरी चूत का सारा पानी पी जाओ आआह.... आआह आआह.... आआह. और फ़िर मम्मी लोहा पहलवान के मुँह में झड़ जाती है और लोहा पहलवान मम्मी की चूत का सारा पानी पी जाता है।

लोहा पहलवान: पंखुड़ी , तेरी चूत के पानी का स्वाद कमाल का है। मजा आ गया.

तभी मम्मी बोली : लोहा जी अब अपने लंड का स्वाद मेरी चूत को चोद के दो ।

लोहा पहलवान: इसके लिए मेरा लंड बहुत देर से तैयार है।

फिर मम्मी एक कंडोम निकालती है और लोहा पहलवान के लंड पर पहना देती है। लोहा पहलवान मम्मी के ऊपर चढ़ के सीधा मम्मी की चूत में अपना लंड घुसा देता है और मम्मी अपने दोनों हाथों से लोहा पहलवान को जकड़ लेती है। लोहा पहलवान अब मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगता है।

तब मम्मी बोलती है : आआह... चोदो लोहा जी आआह.... आआह.... आआह आआह... मज़ा आ रहा है आआह... आआह.... आह.

लोहा पहलवान लगतार ज़ोर-ज़ोर से धक्का मारता रहता है और मम्मी उसके हर धक्के को एन्जॉय करती रहती है।

लोहा पहलवान: आज तेरी चूत फाड़ दूँगा हांआह.... हांआह.....। क्या कमाल की माल है तू पंखुड़ी , तेरे जैसी माल आज तक चोदने नहीं मिली हा... हा... हा...।

मम्मी: आआह.... आआह.... आआह.... फाड़ दो मेरी चूत को । जी भर के चोदो मुझे लोहा जी आआह..... आआह..... आआह.... आआह.... आआह.

लोहा पहलवान बहुत ज्यादा जोर लगाकर मम्मी को चोद रहा था। मम्मी लोहा पहलवान के नीचे पूरी दबी हुई थी। पूरे कमरे से मम्मी के चिल्लाने की और चुदाई की फैट... फैट.... फैट .....की आवाज गूंज रही थी।

मम्मी: आह.... आआह.... आआह.... आआह.... आआह और चोदो आआह.... आआह ....आअहह.... मजा आ रहा है लोहा जी आआह ..... आआह.

थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद लोहा पहलवान थक जाता है। फ़िर मम्मी लोहा पहलवान को लिटा देती है, और उसके लंड को अपनी चूत में घुसा के उसके ऊपर बैठ जाती है, और उछलने लगती है।

मम्मी: आआह...... आआह..... आआह.... आआह.... ओह्ह्ह... हाँ आह मज़ा आ गया आह... आह... आह... आआह।

फिर अचानक से लोहा पहलवान मम्मी को अपनी तरफ खींच के अपने दोनों हाथों से जकड़ लेता है। वो अपनी दोनों टांगें उठा के ज़ोरदार धक्के लगाने शुरू कर देता है, और बहुत ज़ोर-ज़ोर से फैट...फैट ...की आवाज़ कमरे में गूंजने लगती है।

मम्मी: आआह..... आआह..... आआह..... आआह.... वाह मजा आ गया आज तो आआह... आआहा... आआह... आआह.... आआह... आआह.. अब मैं झड़ने वाली हूं.

लोहा पहलवान : मैं भी .

मम्मी: आह.... आआह.... आह.... आह... आआआह.

फिर लोहा पहलवान और मम्मी दोनों साथ में झड़ जाते हैं, और दोनों एक-दूसरे से चिपक जाते रहते हैं।

मम्मी लोहा पहलवान के ऊपर उससे चिपकी हुई लेटी रहती है, और लोहा पहलवान भी मम्मी के साथ चिपक हुआ रहती है। फ़िर मम्मी बोली- वाह लोहा जी , मजा आ गया. आप तो कमाल का चोदते हो.

लोहा पहलवान: वो तो है. लेकिन तू भी कमाल की माल है. तेरे जैसी औरत आज तक चोदने को नहीं मिली।

फिर वह दोनों अलग-अलग होकर सो जाते हैं । मैं भी खिड़की के पास से हटकर दुसरे सोफे पर आकर लेट जाता हुं थोड़ी देर ही देर में मैं गहरी नींद में चला गया।

मम्मी जोर से चिल्लाती है. जिसकी वजह से मेरा नींद खुल जाती है मैं उठकर सोफे पे बैठ जाता हूं जब मैं घड़ी की ओर देखा। तो उसमें रात के 2 बजे हुए थे तभी मम्मी की फिर से आवाज आती है। मैं सोफे से उठकर सीधा खिड़की के पास जाकर अंदर देखने लगा ।

मम्मी: आआआह लोहा जी, आराम से करो.

लेकिन लोहा पहलवान जोर-जोर से धक्के मारने लगता है, और मम्मी झटपटती रहती है।

मम्मी: आआआह..... आआआह..... लोहा जी, धीरे करो, बहुत दर्द हो रहा है आआआह..... आआआह.....आआह.....

लोहा पहलवान - आज रात तेरी गांड को मैं रगड़ के चोदूंगा।

मम्मी: आआह.... आआआह.... आआह... आआह... धीरे-धीरे आआह.... आआआह.. आआह...

लोहा पहलवान मम्मी की एक भी नहीं सुनता है, और जोर-जोर से धक्के मारता रहता है। कुछ देर में मम्मी को भी मजा आने लगता है।

मम्मी: आआह... आआआह... आआह... ज़ोर से करो, मज़ा आ रहा है. आआह... आआह.... आह... ओह्ह्ह.... आआह.... चोदो मेरी गांड को आह... आआह..... आआह.

कुछ देर कुतिया बनाकर के चोदने के बाद लोहा पहलवान अब मम्मी को बिस्तर पर उल्टा लिटा देता है। फिर मम्मी के दोनों चूतड़ों को फैला देता है, और पीछे से मम्मी के ऊपर चढ़ जाता है। उसके बाद वो अपना लंड मम्मी के गांड़ की छेद में घुसा के जोर-जोर से चोदने लगता है। कमरे में फैट फैट फैट की आवाज गूंज रही होती हैं। मम्मी की गांड को चोदते हुए लोहा पहलवान अब मम्मी के होठों को भी चूमना शुरू कर देता है और मम्मी भी उसके होठों को चुमने लगती है । थोड़ी देर बाद लोहा पहलवान बहुत तेज़ धक्के मारता रहता है उसके तेजी से धक्का लगाने से मम्मी समझ जाती है कि वह झड़ने वाला है।

लोहा पहलवान: मैं झड़ रहा हूं हा हा हा।

मम्मी: आह आह आह।

फिर लोहा पहलवान झड़ जाता है, और मम्मी के ऊपर ही लेटा रहता है। कुछ देर बाद लोहा पहलवान साइड में लेट जाता है और
मम्मी से कहता है।

लोहा पहलवान: मजा तो बहुत आया होगा पंखुड़ी । तू झूठ मत बोलना, सच बता तू कितने मर्द से अभी तक चुदी है ?

मम्मी थोड़ा घबरा जाती है और बोलती है - मतलब?

लोहा पहलवान: मतलब यह है कि तेरा पति तो तुझे चोदता तो है नहीं . लेकिन तेरी चूत और गांड बता रही है कि तू किसी से चुदती है।

मम्मी: वाह लोहा जी, आप तो बड़े अनुभव हो।

लोहा पहलवान: मैं इस गांव की बहुत सारी औरतों को चोदा हूं। मेरे को इसका बहुत तगड़ा अनुभव है, और तेरी चूत और गांड चोद कर मैं समझ गया हूँ कि तू किसी से चुदती है।

मम्मी: हां लोहा जी, शहर में मेरा एक बॉयफ्रेंड है, जिससे मैं चुदती हूं (मम्मी मुझे अपना बॉयफ्रेंड बोल रही थी)।

लोहा पहलवान: लगा ही था मेरे को.

मम्मी: अब जिस्म की भूख को शांत करना भी जरूरी है लोहा जी।

लोहा पहलवान: सही बात है.

फिर मम्मी ने लोहा पहलवान को चिढ़ाते हुए बोला : लोहा जी, क्या आप थक गये हो?

लोहा पहलवान : नहीं तो .

मम्मी: तो रूके क्यों हो? फिर से चोदो ना मुझे को.

लोहा पहलवान: एक नंबर की चुदक्कड़ है तू.

मम्मी हंसने लगती है. फ़िर मम्मी लोहा पहलवान के ऊपर चढ़ जाती है, और उसके होठों को चुमने लगती है। लोहा पहलवान भी मम्मी की पीठ को सहलाते हुए मम्मी के होंठों को चूमते रहता हैं।

कुछ देर एक दूसरे को चुमने के बाद मम्मी लोहा पहलवान के लंड को चूस के खड़ा करना शुरू कर देती है मम्मी लगातार लोहा पहलवान के लंड को चूसती रहती है। जिससे कुछ ही देर में लंड खड़ा हो जाता है। उसके बाद मम्मी उसपर कंडोम पहनती है। और उसके लौड़े पर सवार होकर उछलना कूदना चालू कर देती है।

थोड़ी देर बाद मम्मी चिलाना लगी है : आआह.... आआह.......आआह.....आआह .....आआह.

लोहा पहलवान: हां हां पंखुड़ी तू किसी से भी चुद ले, लेकिन तेरे को मेरे से ज्यादा मजा कोई नहीं देगा।

मम्मी चुदाते हुए बोली : आआह... आआह... आह.. आह.... आप गलत हो लोहा जी आह... आह.....एक है , जो आपसे भी ज्यादा मजा देता है आआह.... आआह।

लोहा पहलवान : कौन है ?

मम्मी : आह... आह.... मेरा बॉयफ्रेंड आआह. वह एक नौजवान लड़का है आआआह... आआह... आआह.... मेरे को हर रात चोद के खुश करता है आआह.... आआह.... आआह. ( मम्मी मेरी बात कर रही है. )

लोहा पहलवान यह सुनकर गुस्से में आ जाता है और लगतार मम्मी को चोदते रहता है। मम्मी भी मजे से चुदती है. पूरे कमरे से बस मम्मी के चिल्लाने की और फैट फैट फैट की आवाज आती रहती है। फिर लोहा पहलवान मम्मी को सीधा लेटाता है, और मम्मी की चूत में अपना लंड घुसा के मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगता है।


मम्मी: आआह..... आआह.... आआह.... आआह.... बहुत मजा आ रहा है लोहा जी.

यह सुनकर लोहा पहलवान अपनी रफ़्तार और तेज़ कर देता है।

मम्मी: आआह.... ओह्ह क्या बात है आआह.... मैं झड़ने वाली हूँ आआह.... आआह... आआह.... आआह.

लोहा पहलवान: मैं भी झड़ने वाला हूं।

मम्मी: आआह....आआआह.... आआह .....आआह......

फिर दोनों एक साथ में झड़ जाते हैं और दोनों एक दूसरे से लिपटे रहते हैं।

तभी लोहा पहलवान बोला : पंखुड़ी मजा आया मेरे को?

मम्मी: हां मुझे भी बहुत मजा आया लोहा जी.


फिर लोहा पहलवान मम्मी के चुची और चूतड़ों को दबा के अपना कपड़ा पहनकर चले जाता है। मैं वहीं छुपा रहता हूं. लोहा पहलवान के जाने के बाद अब मम्मी कपड़ा पहनकर कर रूम से निकलने वाली होती है। मैं जल्दी से भाग के सोफे पर जा के सोने का नाटक करता हूं। 3- 4 मिनट में मम्मी हॉल में आती है और मुझे सोया हुआ समझ उठाती हैं । फ़िर मम्मी और मैं चुप-चाप अपने घर आकर कमरे में बिस्तर पर जाकर सो जाता हैं।

[Image: 1785689717912.jpg]
[Image: 1785689711789.jpg]
[Image: 1785681512223.jpg]
[+] 2 users Like Dhamakaindia108's post
Like Reply


Messages In This Thread
RE: ......काला जामुन ..... A meanie mommy - by Dhamakaindia108 - 03-08-2026, 01:47 PM



Users browsing this thread: 2 Guest(s)