26-07-2026, 08:42 PM
. फिर कुछ देर बाद मम्मी मेरे लंड को पकड़ के खुद ही इस्तेमाल करेगी अपनी चूत में लेके बैठ गई।
लंड चूत में जाते हाय मम्मी अपनी कमर चलाने लगी। उनको मेरे लंड की सवारी करने में बहुत मज़ा आ रहा था। और हम दोनो चुदाई में लग गये। खुली छत पर मैं मम्मी को चोद रहा था। और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी
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![[Image: 1498891.gif]](https://i.ibb.co/LD7R5RXQ/1498891.gif)
मम्मी को चोद चोद के मैंने उनका पानी निकाल दिया। फ़िर जब मेरा पानी निकलने वाला था। तभी मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। क्यूकी चूत में पानी जाने से उन्हें साफ करना पड़ता है। इसीलिये उन्हें मेरा पानी मुँह में ले लिया।
मुझे लगा मम्मी मेरा पानी बाहर थूक देगी। मगर इस बार वो मेरा सारा पानी पी गयी। मैं लेता-लेता हेयरन था कि मम्मी मेरा सारा पानी पी गई थी।
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फिर हम दोनो चिपक के लेट गए। मम्मी बुरी तरह हाफ रही थी। तभी मैं बोला.
मैं- मम्मी, एक बार और जाइये.
मम्मी- नहीं बेटा. अब मैं थक गई हूं. तू पहले ही डॉफर और शाम को कर चूका है। और हर बार मेरी हालत ख़राब कर देता है। अब तो मेरे नीचे भी जलन हो रही है। अब रहने देते हैं. सुबह कर लेना.
मम्मी की बात सुनके हम दोनो नीचे आ गये। फिर मम्मी नीचे पापा के पास चली गई। मम्मी की चुदाई पूरी तरह से थक चुकी थी। मगर थकन से ज्यादा उनको चुदाई से जो सुकून मिला था। वो उनको ज्यादा अच्छा लग रहा था. फिर मैं अपने कमरे में आके सो गया।
फिर सुबह मेरी आंख साढ़े 8 बजे खुली जब मम्मी मुझे उठाने आईं। मम्मी बड़े प्यार से मेरे माथे पर हाथ फेर रही थी। आज मम्मी के चेहरे पर एक अलग ही सुकून और खुशी दिख रही थी। जो अभी तक मैंने नहीं देखी थी.
मम्मी – उठ जा बेटा. देख साढ़े आठ हो गए हैं. दुकान पर नहीं जाना क्या?
मम्मी की बात सुनते ही मैंने उन्हें अपने बगल में गिरा लिया। और आपने बगल में लिटा ते ही मैं उनके ऊपर आ गया। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- बेटा, तू सुबह-सुबह शुरू हो गया। रात में तेरा मन भरा नहीं क्या?
मैं – मम्मी, रात को आप थक गयी थी. मैं अपनी मम्मी को प्यार करना चाहता हूँ। उन्हें परेशान नहीं करना चाहता हूं. और वैसे भी आपने ही तो कहा था कि सुबह कर लेना।
मेरा लंड हर बार की तरह सुबह सुबह पहले ही खड़ा हो चुका था। तभी मैं मम्मी के ऊपर से उठा। और उठते ही मैंने अपना कच्चा निकाल दिया। और नंगा होते ही मेरा लंड उछल के बाहर आ गया।
मम्मी लेते लेते मेरे लंड को देखने लगी. तभी मैंने मम्मी की मैक्सी को पकड़ा और उसे दूध के ऊपर तक कर दिया। अब मम्मी सुबह सुबह मेरे बिस्तर पर नंगी लेती हुई थी। मैक्सी दूध के ऊपर होते ही मम्मी ने खुद अपनी मैक्सी पूरी निकाल के साइड में रख दी
![[Image: 12303271.gif]](https://i.ibb.co/jPhtXFmh/12303271.gif)
![[Image: 17324971.gif]](https://i.ibb.co/MxP79gJK/17324971.gif)
फिर उन्हें खुद अपनी तांगे फेला ली. मम्मी की तांगे फेलते ही उनकी चूत एक मूर्ख की तरह खुल गई। और अब वो खुद मेरा साथ देने लगी। मम्मी की चूत देखते ही मैंने अपना मुँह उनकी चूत में लगा दिया। मैं सुबह सुबह उनकी चूत चाटने लगा।
लंड चूत में जाते हाय मम्मी अपनी कमर चलाने लगी। उनको मेरे लंड की सवारी करने में बहुत मज़ा आ रहा था। और हम दोनो चुदाई में लग गये। खुली छत पर मैं मम्मी को चोद रहा था। और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी
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मम्मी को चोद चोद के मैंने उनका पानी निकाल दिया। फ़िर जब मेरा पानी निकलने वाला था। तभी मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। क्यूकी चूत में पानी जाने से उन्हें साफ करना पड़ता है। इसीलिये उन्हें मेरा पानी मुँह में ले लिया।
मुझे लगा मम्मी मेरा पानी बाहर थूक देगी। मगर इस बार वो मेरा सारा पानी पी गयी। मैं लेता-लेता हेयरन था कि मम्मी मेरा सारा पानी पी गई थी।
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फिर हम दोनो चिपक के लेट गए। मम्मी बुरी तरह हाफ रही थी। तभी मैं बोला.
मैं- मम्मी, एक बार और जाइये.
मम्मी- नहीं बेटा. अब मैं थक गई हूं. तू पहले ही डॉफर और शाम को कर चूका है। और हर बार मेरी हालत ख़राब कर देता है। अब तो मेरे नीचे भी जलन हो रही है। अब रहने देते हैं. सुबह कर लेना.
मम्मी की बात सुनके हम दोनो नीचे आ गये। फिर मम्मी नीचे पापा के पास चली गई। मम्मी की चुदाई पूरी तरह से थक चुकी थी। मगर थकन से ज्यादा उनको चुदाई से जो सुकून मिला था। वो उनको ज्यादा अच्छा लग रहा था. फिर मैं अपने कमरे में आके सो गया।
फिर सुबह मेरी आंख साढ़े 8 बजे खुली जब मम्मी मुझे उठाने आईं। मम्मी बड़े प्यार से मेरे माथे पर हाथ फेर रही थी। आज मम्मी के चेहरे पर एक अलग ही सुकून और खुशी दिख रही थी। जो अभी तक मैंने नहीं देखी थी.
मम्मी – उठ जा बेटा. देख साढ़े आठ हो गए हैं. दुकान पर नहीं जाना क्या?
मम्मी की बात सुनते ही मैंने उन्हें अपने बगल में गिरा लिया। और आपने बगल में लिटा ते ही मैं उनके ऊपर आ गया। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- बेटा, तू सुबह-सुबह शुरू हो गया। रात में तेरा मन भरा नहीं क्या?
मैं – मम्मी, रात को आप थक गयी थी. मैं अपनी मम्मी को प्यार करना चाहता हूँ। उन्हें परेशान नहीं करना चाहता हूं. और वैसे भी आपने ही तो कहा था कि सुबह कर लेना।
मेरा लंड हर बार की तरह सुबह सुबह पहले ही खड़ा हो चुका था। तभी मैं मम्मी के ऊपर से उठा। और उठते ही मैंने अपना कच्चा निकाल दिया। और नंगा होते ही मेरा लंड उछल के बाहर आ गया।
मम्मी लेते लेते मेरे लंड को देखने लगी. तभी मैंने मम्मी की मैक्सी को पकड़ा और उसे दूध के ऊपर तक कर दिया। अब मम्मी सुबह सुबह मेरे बिस्तर पर नंगी लेती हुई थी। मैक्सी दूध के ऊपर होते ही मम्मी ने खुद अपनी मैक्सी पूरी निकाल के साइड में रख दी
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फिर उन्हें खुद अपनी तांगे फेला ली. मम्मी की तांगे फेलते ही उनकी चूत एक मूर्ख की तरह खुल गई। और अब वो खुद मेरा साथ देने लगी। मम्मी की चूत देखते ही मैंने अपना मुँह उनकी चूत में लगा दिया। मैं सुबह सुबह उनकी चूत चाटने लगा।


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