19-07-2026, 12:54 AM
रात के 10 बज रहे थे और मैं कंप्यूटर पर नंगी लोन्डियो की चूत और गान्ड देख देख कर अपने अकडे हए
लंड को मसल रहा था, फिर मैं वहाँ से उठा और अपने रूम से बाहर निकल कर सीधा किचन मे गया जह
सोन्(सोनम) गुलाबी साडी पहने काम मे लगी हई थी, सोन मझसे सिर्फ़ 1 साल ही छोटी लगभग 29 की र्ह
होगी बिल्कुल रानी मुखर्जी.. के बराबर हाइट पर उसको जांघे खब मोटी और दूध खब बडे बडे थे और सबसे
जानलेवा उसके उभरे हए मोटे मोवे चतड थे जिन पर कसी पैंटी की डलक भी साडी के उपर से नजर आ
रही थी और किचन में पहचते ही मेरी नज़र सोन् की मोटी उभरी गान्ड पर पडी और मेरा लंड परे ताव में
झटके देने लगा और मैं सोन् के पीछे जाकर उसके भारी भरकम चतडों को कस कर अपने हाथो मे भर कर
कस कर मसलता हआ अपने लंड को उसकी मोटी गान्ड की दरार में दबाते हए कहने लगा...
रोहित- सोनम के गले मे होंठो से चमते ह्ए, मेरी रानी कितनी देर लगा रही हो, मै कब से वेट कर रहा हूँ,
सोनम- मुस्कुरकर मेरे लंड को पाजामे के उपर से मसल कर मुझे दूर धकेलते हुए अरे दूर हटो ना कही
मम्मी जी ना आ जाए, तूमसे तो सब्र भी नही होता, और फिर सोनम ने मुस्कुरात हुए कहा, जाओ जाकर सो जाओ तुम्हारे पास तो रोज बस एक ही काम रहता है,
मैने सोनम की बात सून कर उसके मोदे मोटे कसे हुए दूध को दोनो हाथो में थाम कर कस कर मसल्ते हुए
कहा मेरी रानी त़झे बिना चोदे मझे नींद कहा आने वाली mc और तू बडी सती सावित्री बनती है जबकि मैं जानता हँ 'तेरी चूत से भी पानी बह रहा होगा, इतना कह कर मैने सोनम की साडी के उपर से ही उसकी उभरी हुई फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर भींच लिया और सोनम कसमसा उठी और फिर अचानक उसने कह छोड़ो मूझे मम्मी आ गई और उसका डतना कहना था कि मैने डट से उसकी चूत को छोड़ते हुए पीछे देखा जहाँ कोर्ड नही था, मैं सोनम को दबार पकड़ता इससे पहले ही वह खेलखिलाती ह़ई किचन से बाहर भाग कर मेरी मम्मी के रूम में घ्स गई
लंड को मसल रहा था, फिर मैं वहाँ से उठा और अपने रूम से बाहर निकल कर सीधा किचन मे गया जह
सोन्(सोनम) गुलाबी साडी पहने काम मे लगी हई थी, सोन मझसे सिर्फ़ 1 साल ही छोटी लगभग 29 की र्ह
होगी बिल्कुल रानी मुखर्जी.. के बराबर हाइट पर उसको जांघे खब मोटी और दूध खब बडे बडे थे और सबसे
जानलेवा उसके उभरे हए मोटे मोवे चतड थे जिन पर कसी पैंटी की डलक भी साडी के उपर से नजर आ
रही थी और किचन में पहचते ही मेरी नज़र सोन् की मोटी उभरी गान्ड पर पडी और मेरा लंड परे ताव में
झटके देने लगा और मैं सोन् के पीछे जाकर उसके भारी भरकम चतडों को कस कर अपने हाथो मे भर कर
कस कर मसलता हआ अपने लंड को उसकी मोटी गान्ड की दरार में दबाते हए कहने लगा...
रोहित- सोनम के गले मे होंठो से चमते ह्ए, मेरी रानी कितनी देर लगा रही हो, मै कब से वेट कर रहा हूँ,
सोनम- मुस्कुरकर मेरे लंड को पाजामे के उपर से मसल कर मुझे दूर धकेलते हुए अरे दूर हटो ना कही
मम्मी जी ना आ जाए, तूमसे तो सब्र भी नही होता, और फिर सोनम ने मुस्कुरात हुए कहा, जाओ जाकर सो जाओ तुम्हारे पास तो रोज बस एक ही काम रहता है,
मैने सोनम की बात सून कर उसके मोदे मोटे कसे हुए दूध को दोनो हाथो में थाम कर कस कर मसल्ते हुए
कहा मेरी रानी त़झे बिना चोदे मझे नींद कहा आने वाली mc और तू बडी सती सावित्री बनती है जबकि मैं जानता हँ 'तेरी चूत से भी पानी बह रहा होगा, इतना कह कर मैने सोनम की साडी के उपर से ही उसकी उभरी हुई फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर भींच लिया और सोनम कसमसा उठी और फिर अचानक उसने कह छोड़ो मूझे मम्मी आ गई और उसका डतना कहना था कि मैने डट से उसकी चूत को छोड़ते हुए पीछे देखा जहाँ कोर्ड नही था, मैं सोनम को दबार पकड़ता इससे पहले ही वह खेलखिलाती ह़ई किचन से बाहर भाग कर मेरी मम्मी के रूम में घ्स गई


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