16-07-2026, 09:07 AM
सोमवार को अजय अपना स्टोर दो बजे बंद करके बाडक से घर के लिए
निकलता है। रास्ते में किरण भाभी बडा सा बैग लिए किसी आटो का इंतेजार कर रही थी।
अजय- अरे... भाभी आप यहां कैसे इतना समान लेकर?
किरण- "ओह्ह... 3क्यों। भार्ड साहब आप। आज तो कोर्ड आटो वाला नहीं मिल रहा है। शूकर है आप आ गये..." और भाभी अजय की बाडक पर बैठ गर्ड।
अजय- भाभी आज मार्केट से क्या ले आई?
किरण- सब्जियां हैं।
अजय- क्या सब्जियां लाई हो?
किरण- बैगन, खीरा वगेरा वगेरा
अजय- आपको बैगन पसंद है?
किरण- हाँ मुझे बैगन बहुत पसंद है।
अजय- हमें भी खिला दिया करो अपनी सब्जी।
किरण- "अरे... भाई साहब हम तो खिलाने को तैयार हैं' आप ही नहीं खाते हो हमारी सब्जी...
अजय और किरण में डबल मीनिंग बाते चलती रहती थीं। मगर आज तक लिमिट क्रास नहीं हई थी। किरण को भी अजय में रुचि थी
किरण- भाईड साहब अंजली को बैगन पसंद नहीं हैं क्या?
अजय- कभी-कभी बनाती है पर स्वाद ही नहीं आता।
किरण के चेहरे पर स्माडल दौड गई, और बोली- "मुझे तो बैगन बहत पसंद है, मेरा बस चले तो मैं रोज ही बैगन बनाऊँ। पर आपके दोस्त रोज-रोज नहीं खाते। हफ्ते मे एक बार ही बैगन खाते हैं." और ऐसा कहते हुए किरण ने अपना एक हाथ आगे लेजाकर अजय के पेट को टाडट पकड लिया।
अजय का लण्ड किरण के हाथों से कोर्ड 3" इंच के फासले पर होगा, जैसे किरण अजय को खूला न्योता दे रही हो। बैगन का बनाना क्या था. छिपे शब्दों में तो लण्ड की बातें चल रही थीं।
अजय- वैसे आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो लाल सूट में।
किरण- अब इतनी भी अच्छी नहीं लग रही हूँ।
अजय- अरे.. भाभी तुम्हें क्या बताऊँ मेरा बस चलता तो प्रपोज कर देता आपको।
केरण- "बस रहने दो ज्यादा मस्का मत लगाओ। कही आपकी वाइफ ने सुन लिया तो घर में घुसने नहीं देगी आपको..."
अजय- "आप तो घुसने दोगी ना?"
किरण- हमने तो कभी भी आपको मना नहीं किया घुसने को।
अजय का लण्ड इतना हार्ड हो च्का थ की किरण की उंगलियों को छ गया। ये अहसास तो शायद किरण को भी हो चुका था। मगर किश्मत देखो की बाते करते-करते दोनों घर आ चके थे। अजय ने भाभी को गेट प्रोड़ा। अहसास तो शायद किरण को भौ हो चुका था। मगर किश्मत देखो की बाते करते-करते दोनों घर आ चुके थे। अजय ने भाभी को गेट पर छोडा।
किरण- आओ भाई साहब, चाय पीकर जाना।
अजय- "फिर कभी पिएंगे आपकी चाय भी.. और बैगन की सब्जी भी..." अब चलता हैं।
तभी टीना ने दरवाजा खोला। टीना ने आज पीली टी-शर्ट और हाफ निक्कर पहना हुआ था। बोली- "अरे.. अंकल आप... आइए ना चाय पीकर जाना... टीना आज बडी सेक्सी लग रही। बडे शार्ट कपड़े पहनती है उभार तो टी-शर्ट मे पूरी शेप दिखाती है।
अजय का गला ये 'देखकर सूख गया। अजय ने टीना को एक नजर ऊपर से नीचे तक देखा, तो क्या माल बन चुकी थी टीना। अजय बोला- "बेटा, बस ठंडा पानी पिला दो."
किरण और विजय भी टीना को बच्ची र्ह समझते थे। मगर टीना में जवानी फूट फूट कर उभरने लगी थी।
अजय का ध्यान अभी तक सिर्फ किरण पर था। टीना को देखकर अजय का लण्ड पैंट फाड़कर बाहर आने को तैयार था। अगर क्छ देर और अजय वहां रुक जाता तो जरूर लण्ड फौवारा छोड देता। जल्दी से अजय वहां से निकल गया और सीधा अपने घर पहुँचकर बाथरूम ममें घुस गया।
अंदर बाथरूम में अंजली नहा रही थी।
अजय- दरवाजा बंद तो कर लिया करो।
अंजली- "घर में कोई था ही नहीं इसलिए नहीं किया... अंजली एकदम नंगी हालत में अजय के सामने खडी थी
अजय को आज झटके पर झटके लग रहे थे। अंजली का ऐसा रूप देखकर वो कंट्रोल खो चका था, और आगे बढकर अंजली को बाँहो में जकड लिया।
अंजली- "ये क्या कर रहे हो कछ तो शर्म करो... दो बच्चों के बाप होकर भी ऐसी हरकतें करते हो। चलो बाहर निकलो..." अंजली और अजय ने आज तक सेक्स सिर्फ बेडरूम में ही किया है। मगर आज अजय मानने वाला नहीं था
अजय- नेहा और समीर कहां हैं?
निकलता है। रास्ते में किरण भाभी बडा सा बैग लिए किसी आटो का इंतेजार कर रही थी।
अजय- अरे... भाभी आप यहां कैसे इतना समान लेकर?
किरण- "ओह्ह... 3क्यों। भार्ड साहब आप। आज तो कोर्ड आटो वाला नहीं मिल रहा है। शूकर है आप आ गये..." और भाभी अजय की बाडक पर बैठ गर्ड।
अजय- भाभी आज मार्केट से क्या ले आई?
किरण- सब्जियां हैं।
अजय- क्या सब्जियां लाई हो?
किरण- बैगन, खीरा वगेरा वगेरा
अजय- आपको बैगन पसंद है?
किरण- हाँ मुझे बैगन बहुत पसंद है।
अजय- हमें भी खिला दिया करो अपनी सब्जी।
किरण- "अरे... भाई साहब हम तो खिलाने को तैयार हैं' आप ही नहीं खाते हो हमारी सब्जी...
अजय और किरण में डबल मीनिंग बाते चलती रहती थीं। मगर आज तक लिमिट क्रास नहीं हई थी। किरण को भी अजय में रुचि थी
किरण- भाईड साहब अंजली को बैगन पसंद नहीं हैं क्या?
अजय- कभी-कभी बनाती है पर स्वाद ही नहीं आता।
किरण के चेहरे पर स्माडल दौड गई, और बोली- "मुझे तो बैगन बहत पसंद है, मेरा बस चले तो मैं रोज ही बैगन बनाऊँ। पर आपके दोस्त रोज-रोज नहीं खाते। हफ्ते मे एक बार ही बैगन खाते हैं." और ऐसा कहते हुए किरण ने अपना एक हाथ आगे लेजाकर अजय के पेट को टाडट पकड लिया।
अजय का लण्ड किरण के हाथों से कोर्ड 3" इंच के फासले पर होगा, जैसे किरण अजय को खूला न्योता दे रही हो। बैगन का बनाना क्या था. छिपे शब्दों में तो लण्ड की बातें चल रही थीं।
अजय- वैसे आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो लाल सूट में।
किरण- अब इतनी भी अच्छी नहीं लग रही हूँ।
अजय- अरे.. भाभी तुम्हें क्या बताऊँ मेरा बस चलता तो प्रपोज कर देता आपको।
केरण- "बस रहने दो ज्यादा मस्का मत लगाओ। कही आपकी वाइफ ने सुन लिया तो घर में घुसने नहीं देगी आपको..."
अजय- "आप तो घुसने दोगी ना?"
किरण- हमने तो कभी भी आपको मना नहीं किया घुसने को।
अजय का लण्ड इतना हार्ड हो च्का थ की किरण की उंगलियों को छ गया। ये अहसास तो शायद किरण को भी हो चुका था। मगर किश्मत देखो की बाते करते-करते दोनों घर आ चके थे। अजय ने भाभी को गेट प्रोड़ा। अहसास तो शायद किरण को भौ हो चुका था। मगर किश्मत देखो की बाते करते-करते दोनों घर आ चुके थे। अजय ने भाभी को गेट पर छोडा।
किरण- आओ भाई साहब, चाय पीकर जाना।
अजय- "फिर कभी पिएंगे आपकी चाय भी.. और बैगन की सब्जी भी..." अब चलता हैं।
तभी टीना ने दरवाजा खोला। टीना ने आज पीली टी-शर्ट और हाफ निक्कर पहना हुआ था। बोली- "अरे.. अंकल आप... आइए ना चाय पीकर जाना... टीना आज बडी सेक्सी लग रही। बडे शार्ट कपड़े पहनती है उभार तो टी-शर्ट मे पूरी शेप दिखाती है।
अजय का गला ये 'देखकर सूख गया। अजय ने टीना को एक नजर ऊपर से नीचे तक देखा, तो क्या माल बन चुकी थी टीना। अजय बोला- "बेटा, बस ठंडा पानी पिला दो."
किरण और विजय भी टीना को बच्ची र्ह समझते थे। मगर टीना में जवानी फूट फूट कर उभरने लगी थी।
अजय का ध्यान अभी तक सिर्फ किरण पर था। टीना को देखकर अजय का लण्ड पैंट फाड़कर बाहर आने को तैयार था। अगर क्छ देर और अजय वहां रुक जाता तो जरूर लण्ड फौवारा छोड देता। जल्दी से अजय वहां से निकल गया और सीधा अपने घर पहुँचकर बाथरूम ममें घुस गया।
अंदर बाथरूम में अंजली नहा रही थी।
अजय- दरवाजा बंद तो कर लिया करो।
अंजली- "घर में कोई था ही नहीं इसलिए नहीं किया... अंजली एकदम नंगी हालत में अजय के सामने खडी थी
अजय को आज झटके पर झटके लग रहे थे। अंजली का ऐसा रूप देखकर वो कंट्रोल खो चका था, और आगे बढकर अंजली को बाँहो में जकड लिया।
अंजली- "ये क्या कर रहे हो कछ तो शर्म करो... दो बच्चों के बाप होकर भी ऐसी हरकतें करते हो। चलो बाहर निकलो..." अंजली और अजय ने आज तक सेक्स सिर्फ बेडरूम में ही किया है। मगर आज अजय मानने वाला नहीं था
अजय- नेहा और समीर कहां हैं?


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