14-07-2026, 11:12 PM
(This post was last modified: 14-07-2026, 11:16 PM by MohdIqbal. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
आसिफ ने चैताली की कमर को मजबूती से पकड़ा और उसे धीरे से कमरे की तरफ धकेल दिया। वह थोड़ी लड़खड़ाती हुई आगे बढ़ी, उसकी सांसें तेज हो गई थीं। राघव ने तुरंत दरवाजा बंद कर दिया। आसिफ ने चैताली को सोफे पर धीरे से लिटा दिया, उसकी साड़ी का पल्लू बिखर गया और उसका ब्लाउज थोड़ा खिसक गया, जिससे उसकी काली लेस वाली ब्रा साफ दिखाई देने लगी। ब्रा के कप्स उसके भरे हुए मम्मों को बाहर निकलने से रोक रहे थे, लेकिन उनका आकर्षक आकार स्पष्ट था।
तीनों लड़कों की नज़रें चैताली के शरीर पर टिक गईं। राघव का गला सूख गया, जबकि अशोक के हाथ कांपने लगे। आसिफ की आँखों में एक जंगली चमक थी, जैसे वह अभी उस पर झपट पड़ेगा। चैताली की छाती तेजी से उठ रही थी, उसकी नसें तन गई थीं। वे सभी उसके नरम, गर्म शरीर को छूने के लिए बेताब हो रहे थे, हर पल उनकी इच्छा और तीव्र होती जा रही थी।
तीनों लड़कों की नज़रें चैताली के शरीर पर टिक गईं। राघव का गला सूख गया, जबकि अशोक के हाथ कांपने लगे। आसिफ की आँखों में एक जंगली चमक थी, जैसे वह अभी उस पर झपट पड़ेगा। चैताली की छाती तेजी से उठ रही थी, उसकी नसें तन गई थीं। वे सभी उसके नरम, गर्म शरीर को छूने के लिए बेताब हो रहे थे, हर पल उनकी इच्छा और तीव्र होती जा रही थी।


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