14-07-2026, 07:59 PM
ऑफिस की वार्षिक पार्टी का माहौल गर्मजोशी से भरा हुआ था। डीजे के तेज संगीत पर कुछ लोग डांस फ्लोर पर थिरक रहे थे तो कुछ बार काउंटर पर अपने पसंदीदा ड्रिंक्स के साथ गपशप में मशगूल थे। मुख्य हॉल का वातावरण उत्साह और मस्ती से सराबोर था। इसी हॉल के एक कोने में आर्यन, अशोक और राघव चैताली के वापस आने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। चैताली, जो उनकी लेडी मैनेजर थी, कुछ देर पहले वॉशरूम गई थी और अभी तक लौटी नहीं थी।
रात के करीब 11 बज चुके थे। पार्टी अपने चरम पर पहुँच चुकी थी। हर तरफ हँसी-मजाक, गपशप और ड्रिंक्स का दौर चल रहा था। अशोक बेचैन होकर खड़ा हुआ, "यार चैताली को देखने जाऊँ क्या? इतनी देर से वॉशरूम में क्या कर रही है?" उसने पूछा। तभी अचानक हॉल के दरवाज़े से चैताली ने प्रवेश किया। वह उसी पारदर्शी नीली साड़ी में थी जो उसके सुडौल शरीर के कर्व्स को बखूबी उभार रही थी। स्लीवलेस ब्लाउज उसके कंधों और गर्दन को नंगा कर रहा था, जिससे उसकी त्वचा की सुनहरी चमक और भी ज़्यादा निखर आई थी।
शाम को पी गई व्हिस्की का नशा अब उतर चुका था, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी वही चमक थी जो शराब पीने के बाद आती है। "अरे यार लोग! क्या चल रहा है?" चैताली ने मुस्कुराते हुए पूछा। सभी लोग तुरंत खड़े हो गए और उसका अभिवादन करने लगे। "अरे मैडम आ गईं! हम तो बेचैन हो रहे थे," राघव ने चुटकी ली। चैताली ने अपनी हंसी को रोकते हुए कहा, "चलो छोड़ो यार, अब और ड्रिंक्स का ऑर्डर करते हैं।"
आर्यन ने तुरंत वेटर को इशारा किया और एक और राउंड ऑर्डर किया। जब ड्रिंक्स आए तो आर्यन ने खास तौर पर ध्यान दिया कि चैताली को डबल पेग मिले। "ये लो मैडम, आपके लिए स्पेशल," उसने मुस्कुराते हुए कहा। चैताली ने शराब का पहला घूँट लिया और सभी ने एक साथ अपने ड्रिंक्स पी लिए। अशोक ने तेजी से अपना पेग खत्म करते हुए कहा, "अब तो पार्टी और भी जोश में आ गई है।"
थोड़ी देर बाद राघव ने अपनी नाक सिकोड़ी, "यार हॉल में हवा बासी हो गई है। चलो बाहर बगीचे में चलते हैं।" चैताली ने सहमति में सिर हिलाया और वे सभी बाहर निकल पड़े। राघव और अशोक चैताली के दोनों तरफ से उसके हाथों को पकड़कर चलने लगे। आर्यन उनके पीछे-पीछे चल रहा था, उसकी नज़रें बार-बार चैताली की सुडौल कमर और उसकी साड़ी से झांकते हुए कर्व्स पर टिकी हुई थीं।
बाहर बगीचे में ताजी हवा का झोंका सभी के चेहरे पर महसूस हुआ। चाँदनी रात में बगीचे का नज़ारा और भी खूबसूरत लग रहा था। चैताली ने अपनी साड़ी के पल्लू को थोड़ा सा सहलाते हुए कहा, "कितनी अच्छी हवा चल रही है यार।" राघव ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, "हाँ, लेकिन तुमसे ज्यादा खूबसूरत तो यहाँ कोई नहीं है।"
तभी अशोक ने अपना फोन निकाला, "चलो यार सेल्फी ले लेते हैं।" सभी ने पोज़ देना शुरू किया। राघव उसके बाईं ओर खड़ा होकर उसके कंधे पर हाथ रखे हुए था, आर्यन दाईं ओर से उसकी कमर पर हाथ डाले हुए था, और अशोक सामने से फोन लेकर तस्वीरें खींच रहा था। कुछ तस्वीरें लेने के बाद बाकी लोगों ने भी अलग-अलग एंगल से तस्वीरें लेने की जिद की।
चैताली ने थोड़ी हिम्मत जुटाई और सबको कुछ सेक्सी पोज़ देने लगी। उसने अपनी साड़ी के पल्लू को थोड़ा सा हटाकर अपने कर्व्स को और भी ज्यादा उभार दिया। आर्यन ने उसकी तरफ देखकर कहा, "चैताली, तुम तो आज बहुत ही खूबसूरत लग रही हो। थोड़ा और पोज़ दो ना।" चैताली ने शर्माते हुए कहा, "अरे यार, मैं क्या करूँ?" लेकिन फिर भी वह मान गई। उसने अपनी साड़ी के पल्लू को और भी ज्यादा हटाकर अपने बड़े-बड़े स्तनों को दिखाया। सभी लोग उसके स्तनों की बनावट और आकार की तारीफ करने लगे। "वाह, क्या फिगर है!" राघव ने कहा। अशोक ने अपना फोन उठाकर और भी तस्वीरें लीं। चैताली ने थोड़ा और उत्तेजक पोज़ देते हुए कहा, "बस यार, अब और नहीं।"


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