Thread Rating:
  • 12 Vote(s) - 2.67 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Misc. Erotica सुपरस्टीशन
चुदाई का आखिरी चरण।

कुछ देर तक बाबा पूजा की चूत चाटते रहे। पूजा अब पूरी तरह पागल हो चुकी थी। लेखिका मैत्री है।
 
बाबा ने पूजा को गोदी में बिठा लिया। पूजा बाबा से लिपट गई। बाबा ने बैठे-बैठे ही अपनी लूंगी खोली और कछे से अपना मोटा, खड़ा लंड निकाल लिया। पूजा ने भी बैठे-बैठे ही अपनी पैंटी थोड़ी नीचे कर दी।
 
बाबा ने पूजा की कमर पकड़कर कहा,
 
“चल… जल्दी कर… मेरी रानी…मुझे चोद अब।”
 
पूजा बाबा के सख्त लंड पर बैठ गई। “फचाक” लंड पूरा उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया।
 
“आआआह्ह्ह!!! बाबाजी… पूरा घुस गया… मेरी चूत फट गई!!! ओह्ह्ह माँ......मेरी फटी.....”
 
पूजा ने बाबा की गर्दन कसकर पकड़ ली और जोर-जोर से उछल-उछलकर चुदाई शुरू कर दी।
 
बाबा ने पूजा की बोब्लो को जोर से दबाते हुए कहा,
 
“आह्ह… मेरी रानी… मेरी पुजारन… तेरी चूत कितनी अच्छी है… कितनी सुखदायी… मेरी बासुरी को बहुत मजा आ रहा है…”
 
पूजा हाँफते हुए बोली,
 
“बाबाजी… आपकी बासुरी भी बड़ी सुखदायी है… आपकी बासुरी मेरी चूत में बड़ी मीठी धुन बजा रही है…मेरी गुफा में अब वह अलग प्रकार का राग छेड़ रही है।”
 
बाबा ने पूजा को और कसकर पकड़ते हुए कहा,
 
“उस बनावटी लिंग को छोड़… पहले मेरे लंड की जयकार कर ले… बहुत मजा देगा यह तेरे को…” रचयिता मैत्री है।
 
पूजा ने बाबा की गर्दन काटते हुए कहा,
 
“ऊऊआअ… प्प… बाबाजी… रात को तो आपके उस लिंग ने कहाँ-कहाँ घुसने की कोशिश की……मेरे दोनों छेदों को परेशान कर रखा था।”
 
बाबा ने पूजा की चूत में और गहरा धक्का देते हुए बोला,
 
“मेरी रानी… ए… ये… ए… फिकर मत कर… स… तुझे जहाँ-जहाँ घुसवाना है… मैं घुसाऊँगा…मेरा यह लंड अब तेरे लिए तो है। तेरी हर आग मेरे इस लंड से बजानी है मेरी प्यारी चुदक्कड़ पुजारिन।” इतना कहे के साथ बाबाजी ने पूजा की निपल को दबाया और जोर से खिंचा।
 
पूजा ने बाबा के कंधे पर दाँत गड़ाते हुए कराहते हुए कहा,
 
“ऊओईईईईईईई....माँ....आअहह… बाबाजी… एक विधवा को… दिलासा नहीं… मर्द का बदन और मर्दन चाहिए… असली सुख तो इसी में है… क्यों…… आआ… बोलिए ना… बाबाजी… आऐईए…मेरे चोदु राजा।”
 
बाबा ने पूजा को और जोर से चोदते हुए कहा,
 
“हाँ… आ… अब से हम बस हमारी भाषा में बात करेंगे। अब तुम और मैं नंगे हो चुके हैं और एक-दूसरे की शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मदद करते रहेंगे। ठीक है न?”
 
पूजा ने बाबा के लंड पर और जोर से बैठते हुए बोली,
 
“जैसा आप कहेंगे बस वैसा ही होगा बाबाजी… ठीक है… अब हम वासनामयी भाषा में बात करेंगे… वही हमारे लिए उचित रहेगा। मुझे कभी भी ऐसी भाषा से को इएत्राज नहीं है।” फनलवर द्वारा संपादित।
 
अब पूजा लेट गई और बाबा ने उसका लंड चूत के प्रवेश द्वार में रखा और बिना को चेतावनी दिए एक ही ठोकर में अन्दर घुसा दिया। “फच्च...फच्च..” बाबा उसके ऊपर आकर उसे चोदने लगा। साथ-साथ वो पूजा के बोबले भी दबा-दबाकर मसल रहा था।
 
बाबा: “आअहह… ऊस… आज के लिए तेरा पति बन जाऊँ… बोल…”
 
पूजा: “आआई… स्स्स… ई… हाँ… आन्न… बन जाओ… अब बाकी क्या है… आप मेरे अंदर जो घुस चुके हो…ठोकरे मार रहे हो....मेरी हर कोने से खबर ले रहे हो।”
 
बाबा: “मेरा बाण (तीर) आज तेरी चूत को चीर देगा… मेरी प्यारी…अब तुम्हारा भोस बनना तय है इस लंड से।”
 
पूजा: “आअहह… चीर दो… आआअहह… चीर दो ना… आआहह…मुझे कोई आपत्ति नहीं इसे बड़ा सा भोंस बना दो।”
 
बाबा: “आअहह… ऊऊऊऊ… नहीं… स्वाहा…”
 
दोनों एक साथ झड़ गए और बाबा ने सारा वीर्य पूजा की चूत के अंदर जड़ तक उड़ेल दिया।
 
पूजा: “आह्ह… बाबाजी…”
 
अब पूजा बाबा से आँखें नहीं मिला पा रही थी।
 
बाबा पूजा के साथ लेट गए और उसके गालों को चूमने लगे।
 
पूजा ने शर्म से कहा,
 
“बाबाजी… क्या मैंने पाप कर दिया है…?”
 
बाबा ने पूजा को चूमते हुए कहा,
 
“नहीं पूजा… बाबा के साथ काम करने से तुम्हारी शुद्धता बढ़ गई है… तेरा यह छेद शुद्ध ही रहेगा जब तक मेरे इस लंड से चुदवाती रहोगी।”
 
पूजा मुस्कुराई। उसे एक चाहित आश्वासन मिल गया था। वह उठी, पूजा कपड़े पहनकर और मेकअप उतारकर घर चली आई… जैसे घर से आई थी, वैसे बनकर चली गई। प्रस्तुतकर्ता मैत्री पटेल है।
 
आज बाबा ने उसे लिंग बाँधने को नहीं दिया था…
 
रात को सोते वक्त पूजा उस बड़े से लंड को मिस कर रही थी… जैसे ही लिंग की याद आई उसकी गांड में खलबली मची।

 
*******************************************************.


बस यही तक दोस्तों।

आपके कोमेंट आने के बाद एक नया एपिसोड प्रस्तुत कर दूंगी।

Maitri.

जय भारत।।
Like Reply


Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 07-07-2026, 02:46 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM



Users browsing this thread: 1 Guest(s)