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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
पूजा का शृंगार चालु......
 
बाबा ने लिपस्टिक उठाई। पूजा के होठों को हल्का-हल्का स्पर्श करते हुए उन्होंने लिपस्टिक लगानी शुरू की। पूजा के होंठ काँप रहे थे। बाबा जानबूझकर बहुत धीरे और संवेदनशील तरीके से लिपस्टिक लगा रहे थे।

“पूजा… तुम्हारे होंठ जैसे गुलाब की पंखुड़ियाँ हैं।”

पूजा की साँसें अब और भारी हो चुकी थीं। बाबा का चेहरा उसके चेहरे से सिर्फ कुछ इंच की दूरी पर था। उनकी गर्म साँस पूजा के चेहरे पर पड़ रही थी।

बाबा ने लिपस्टिक रखी और पूजा की ठोड़ी को फिर से पकड़कर ऊपर उठाया।

“अब देखो… कितनी खूबसूरत लग रही हो।” मैत्री की पेशकश।

पूजा ने शर्म से नजरें झुका लीं, लेकिन उसके होंठों पर हल्की मुस्कान थी।

बाबा ने धीरे से उसके कान के पास मुँह ले जाकर फुसफुसाया,

“शृंगार अभी शुरू हुआ है पूजा… अभी तो बहुत कुछ बाकी है।”

यहाँ शृंगार का सीन बहुत ज्यादा कामुक, sensual और विस्तृत तरीके से लिखा गया है:

 
बाबा ने पूजा की आँखों में गहरी नजर डालते हुए धीमी, मादक आवाज में कहा,
 
“इतनी चमकीली… जीवन से भरी… प्यार बिखेरती हुई। कोई भी इन आँखों में डूब जाए बिना सोचे। तुम्हारी आँखों में ऐसी मोहिनी है पूजा, कि देखने वाला अपना होश खो बैठे।”
 
पूजा शरमा गई। उसकी पलकें झुक गईं, लेकिन होंठों पर एक हल्की, मीठी मुस्कान खेल गई। उसे अंदर ही अंदर बहुत अच्छा लग रहा था।
 
आईलाइनर लगाने के बाद बाबा ने रूज उठाया। उन्होंने पूजा के गालों पर रूज लगाते हुए अपनी उँगलियों को धीरे-धीरे उसके नरम गालों पर फेरा।
 
“पूजा… एक बात कहूँ?”
 
“जी… कहिए बाबाजी।” प्रस्तुतकर्ता मैत्री है।
 
“तुम्हारे गाल कितने कोमल हैं… जैसे मखमल की पंखुड़ियाँ। इतने नाजुक, इतने मुलायम… इन पर हाथ फेरते समय मन करता है कि…”
 
बाबा ने जानबूझकर रुककर पूजा की आँखों में देखा।
 
पूजा ने शरमाते हुए पूछा, “इन पर क्या बाबाजी?”
 
बाबा ने उसके गाल पर अँगुली फेरते हुए धीरे से कहा,

“इन गालों का चुंबन लेने को दिल कर रहा है… और एक बार ले लिया तो छोड़ने का मन ही न करे।”
 
पूजा के गाल और गर्दन एकदम लाल हो गए। वह शर्मा कर मुस्कुराई, लेकिन कुछ बोल नहीं पाई। उसका पूरा शरीर हल्का-हल्का काँप रहा था।
 
रूज लगाने के बाद बाबा ने लिपस्टिक उठाई।
 
“पूजा… होंठ आगे करो।” फनलवर ने एडिट किया है।
 
पूजा ने शरमा कर अपने भरे-भरे होंठ आगे किए। बाबा ने एक हाथ से उसकी ठोड़ी को पकड़ लिया और दूसरे हाथ से गाढ़े डार्क रेड लिपस्टिक को उसके होंठों पर घुमाने लगे।
 
“होंठ थोड़े और खोलो… हाँ, ऐसे…”
 
बाबा लिपस्टिक लगाते समय बार-बार उसके निचले होंठ को अँगुली से दबा रहे थे। उनकी आवाज और भी गहरी हो गई,
 
“क्या बनावट है तुम्हारे होंठों की… कितने भरे-भरे, कितने गुलाबी और कोमल। देखकर लगता है जैसे रस से भरे हों।”
 
पूजा की साँसें तेज हो गईं।
 
बाबा आगे बोले, “तुम्हारे होंठ देखकर तो कामदेव भी ललचा जाए… इन्हें चूसने, इनकी मदिरा पीने को मन करे।”
 
पूजा अंदर ही अंदर पिघल रही थी। उसकी छाती ऊपर-नीचे तेजी से हिल रही थी।
 
बाबा ने पूछा, “एक बात पूछूँ?”
 
“पूछिए बाबाजी…”
 
“तुम्हारे इन सुंदर होंठों का सेवन आज तक किसी ने किया है?”
 
पूजा बेहद शरमा गई। उसने नजरें झुका लीं और धीरे से बोली,
 
“एक-दो बार… मेरे पति ने…”
 
बाबा मुस्कुराए, “केवल एक-दो बार? इतने प्यासे होंठों को सिर्फ एक-दो बार?”
 
पूजा: “वो ज़्यादातर बाहर रहते थे…”
 
बाबा: “तो तुम्हारे पति के अलावा किसी और ने इन होंठों को नहीं चूमा? नहीं चूसा?”
 
पूजा शर्म से गर्म हो गई, “बाबाजी… ऐसी बातें… पति के अलावा और कौन कर सकता है? वो पाप नहीं है क्या?”
 
बाबा ने उसके होंठ के कोने पर अँगुली फेरते हुए कहा,
 
“यदि विवश होकर किया जाए तो पाप है… वरना नहीं। इतने रसीले, भरे हुए होंठों का रस जो नहीं पीता, उसका जीवन अधूरा ही है पूजा…”
 
पूजा के शरीर में एक मीठी सी लहर दौड़ गई। वह अंदर ही अंदर पागल हो रही थी।
 
फिर बाबा ने हेयर ड्रायर निकाला और पूजा के लंबे, घने बाल सुखाने लगे। बाल सूखते समय उन्होंने पूजा के बालों में उँगलियाँ फिराईं और धीरे-धीरे एक सेक्सी हेयरस्टाइल बना दिया। रचयिता मैत्री है।
 
जब सब तैयार हो गया, बाबा ने पूजा को शीशा दिखाया।
 
पूजा खुद को देखकर हैरान रह गई। वह इतनी sensual, इतनी कामुक और आकर्षक कभी नहीं लगी थी। उसकी आँखें, होंठ, गाल, सब कुछ एकदम अलग और बेहद उत्तेजक लग रहा था।


********************************** 


आज के लिए यही तक दोस्तों आशा है की आप सब को पसंद आएगा। आगे लिखती हूँ तब तक आप अपने कहानी के बार एमे अपनी विचार दे।


मैत्री. (Maitri) की तरफ से जय भारत।।
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Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 26-06-2026, 06:51 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Bumchod - 05-10-2026, 05:27 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-10-2026, 08:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-10-2026, 07:50 PM



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