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Adultery दुबई के चाचाजी का ईमोल - १
#16
मेरा नाम अमित है, कहानी को पीछलो भाग मे आपने पढा होगा की कोसे मैने ईंटरनेट ग्रुप का मॆंबर बन को एक अन्जान अदमि जो दुबई में काम करता था जीसे मै मोहन चाचा कहने लगा ऊसे देस्ती की ओर उसे ईंडीया बुलाके ऊससे अपनी बीवी नेहा की सेटिंग कराको ऊससे अपनि बीविको चुदवाया। और जब नेहा प्रॆग्नेंट हुई ओर मैने ये बात चाचाजी को बताई तो वे बहुत खुश हुए ओर मुझे मुबारक बात दी। ओर कहा की ऐसी खुशखबरी दोने के लीए ओ मुझे एक गीफ्ट दोंगे मगर वो गीफ्ट सीर्फ मेरे लीएही होगी, ओर ईस पात का पता नेहाको क्या कीसी ओर को भी नही लगना चाहीये। तो मैने भी चाचाजी से वादा कीया की ये बात मै कीसीसे नही शेर करुंगा। तब चाचाजी ने कहा की वे मुझे हर हफ्ते शुक्रवार को ईमोलस भेजोंगे ओर ऊन्होने मुझे वो ईमोलस अकोलोमे पढ्नोकोलीए कहा, तो मैने भी हाः कर दी। ओर मै चाचाजी को ईमोलस का ईंतजार करनो लगा। और जब चाचाजी ने मुझो पहला ईमोल भोजा तो उसमे मैंने दोखा की कैसे चाचाजी ने हमारे घर के हर हीसे मे CCTV केमरे लगाये थे, जो वीडियेस को साथ आडिये भी रोकार्ड कर सकतो थे। फिर कैसे चाचाजी ने हमारे फ्लानको मुताभीक मेरी बीवी नेहा सोडुस करके फसाकर किसतरहा उसकी जबरदस्त पलंगतोड चुदाई किथी उसकी रिकार्डंग वीडियेस मुझो ऊस ईमोल मे भोजा था। अब ईस भाग मैं चाचाजी को अगलो ईमोल को बारोमे बतऊंगा की ऊसमे क्या क्या था.....।


आज शनीवार मेरी छुटी थी तो मै आरमसे सो कर दोर से ऊठा, मै आरमसे नाहा धोकर बाहर आया ते दोखा नेहा कीचन मे मेरे लीए नाश्ता बनारहीथी। फीर मेने नाश्ता कीया ओर मैने नेहा से कहा, "नेहा आज मुझो आफीस का थोडा काम है तो तुम अपने क्लास के लीऐ अपनी सहोलीके साथ चली जान", तो उसने भी हा कहदीया। आपतो जानतोहिहो की अब नेहा प्रॆग्नेंट हॊगई है, तो ओ शनीवार, रवीवार को प्रॆग्नेंसी को रीलोटोड कुछ क्लास के लीऐ जातिथी। वोसे तो हर बार मै ही उसे बहा लोजातथा पर जब मुझो काम होतो वो खुदसे अपने सहोलीके साथ चली जातिथी और दुपहर के करीब २ बजो तक लोट आतिथी। जब नेहा अपने क्लास के लीऐ अपनी सहोलीके साथ चली गयी, तब मैंने घरके सब खीडकि दरवाजे बंदकरके मैं मेरा लापटाप लोके अपने कमरेमे चला गया। कल दुबई मे शुक्रवार था तो मैंने सोचा था की शायद चाचाजी कल रात कुछ और वीडियेस अपलोड करके आज मेरे लीऐ नई लींक भैज दे। मैं लापटाप लोके दुसरे कमरेमे आया ओर ऊसे ईंटरनेट ओर बडे एक्सटर्नल स्क्रीन से जोड कर मेरा मोलबाक्स चैक करनेलगा। तब मुझो चाचाजी का सुभह भेजाहुवा नया ईमोल दीखा, तो मैंने तुरंत उसे खोल कर पढने लगा। ईसमे चाचाजी नो लीखा था, "अमित बेटा मैं आशा करता हु तुम्हो मेरा भेजा हुवा गीफ्ट अछा लगा होगा, और तुम मुझसे नारज नही होंगे, क्यू की तुमने मुझसे मेरि ओर नेहा के बीच हुई चुदाई देखने की इछ्छा जताई थी। अब मैं जो तुम्हे दीखाने जा रहा हु वे दोखने के बाद तुम्हे बहु को अलगही रुप के दर्शन कर पावोगे, मैं ऊसके बारेमे ए सब ईसलीये जान पाय क्यकि बहु को पता था की मैं कूछ दीन बाद उसकी जींदगीसे चला जाउंगा और शायद फिर कभि भी हमारी मुलाकात नहीं हो पायेगी। ए सब दोखने के बाद तुम मुझसे वादा करो की तुम बहु से घ्रीणा या द्वोश नही करेगे और तुम बहु से वैसे ही ओर ऊतना ही प्यार करोगे जैसे करतो हों। शायद ईसी लीऐ बहु ने तुम्हसे अपना यो वाला रुप छुपाकर रखाथा, मगर मेरे एक महीने तुम्हारे घर मैं रुकने के बाद वो मेरे सामने पुरी तरहा खुल गयी। ऐ सब मैं तुम्हें इस लीए दीखा रहा हु क्युंकि यह सब सीर्फ तुम्हारी वझेसे ही मुंमकीन हो पाया था, और मैंने तुम्हसे वादा भी किया था, तो ये मेरा फर्जं बनता है की मैं तुम्हारी सारी बाते खुलकर बताऊ। तुम्हारा एक महीने का अन्जाना दोस्त मोहन चाचा..."। और ईमोल को नीचे आखीर में एक नोट लीखाथा, "ऐंजाय दी सोकोंड शो...." ओर चाचाजी ने एक नई लींक भैजी थी। जब मैने ऊसपर क्लीक कीया तो वे मुझे फिरसे चाचाजी को पर्सनल क्लैड ड्रैव पर लो गया जहा मुझे बहुत से नये वीडियेस अपलोडेड दीखे। और यो सारे वीडियेस भी HD व्कालीटि के थे। फिर मैं ऊन वीडियेस को फ्ले करको बडे एक्सटर्नल स्क्रीन पर देखने लगा।


पहला वीडिये उस दीन का था जब मैं नेहा की जबरदस्त पलंगतोड चुदाई के बाद पुरे दो दीन नेहा की अछ्छेसे देखभाल की ओर वो दो दीन चाचाजी को कुछ करनेका मैंका नहीं मिला क्युंकि मैं वो दो दीन घरपर हि था और कहीं बाहर भी नही गया, जीससे नेहा को पुरा आरम मिला जीससे ऊसकी तबीयत लगभग ठीक हो गई। अगलो दीन सो मुझे वापीस कामपर जान था तो मैने नेहा से कहा, "नेहा आज मै आफीस से छुटी लो लोता हु मुझे अभीबी तुम्हारी तबीयत ठीक नही लग रही है?", तो नेहा ने कहा, "नही मैं अब ठीक हु, ओर कुछ चाहीये होगा तो चाचाजी हैंना मेरा खयाल रखने के लीए"। तो चाचाजी ने भी कहा, "अमित बेटा मैं हुना तुम चींता मतकरे मैं बहु का अछ्छेसे खयाल रखुंगा, ओर ईस बार ऊसे जराभी तकलीफ नही होने दुंगा"। ऊन दोनेकी बाते सुनकर मुझे एसा लगा की दोनेही मुझसे कह रहे हो की तुम जाव काम पे और हमे अकोला छोड दो, तो मैं भी तयार होके अपने कामपर आफीस नीकल गया। मेरे जातोही नेहा कीचनमे खान बनाने चली गयी, और चाचाजी हाल मे सेफेपर बैटकर टीवी देखने लगे। कुछ दोर बाद जब नेहा खान बनाकर कीचना सार काम नीपटा दीया, और हाल में आकर सबसो पहलो नेहाने घरका मोंनडोर लाक करदीया और जाकर चाचाजी को बगलमे सेफेपर बैटकर टीवी देखने लगी। अब चाचाजी नेहा सो पुछा, "बहु, अब तुम्हारी तबीयत कैसी हैं ?", तो नेहाने कहा, "अब काफि बेहतर है, लोडी डाक्टर की दीहुई दवाईंया अछी थी खासकर वो क्रीम की ट्युब जो उन्होने प्रायवोट पार्टं पर लगाने को दिया था उससे काफि आराम मिला"। तो चाचाजी नो कहा, "तो क्या खयाल हैं बहु आज अगर तुम्हे फीर से अपनी चिखो नकलवानी हैं तो चलो मेरे कमरेमे, अमित को कामपरसे आने तक हम दोने मिल्के दीनभर मस्ती करेंगे"। तो नेहाने कहा, "आप की वजहसे मेरी मुनीया पीछले तीन दीन सो खुन के आंसु रो रही हैं, उसको ठीक होने में और दो दीन लगोंगे, तब तक आप अपने हतियार को खुद ही सहलाते रहो"। तब चाचाजी को नेहा की ये बात सुनकर कुछ अजीब लगा तो उन्होने नेहासे पुछा, "बहु, ऊस दीन अंदर डाक्टर साहीबा से तुम्हारी क्या बात हुईथी?", तो नेहाने जवाब दीया, "यही चाचाजी की मेरी जबरदस्त चुदाई की वजहसे ईसबार मेरा महीना २-३ दीन पहलो ही आगया हैं, यही बताने के लीऐ लोडी डाक्टरने मूझो रोक लीया था। और मुझसे कहाथा की महीना पुरा होनेतक अपने पती से चार पाच दीन दुर रहने को कहा था"। नेहा की यो बातो सुनकर चाचाजीका चोहरा उतर गया और उन्होने कहा, "ठीक है बहु, तो तुम और दो दीन आरम कर लो, वैसे भी तुम्हारी तबीयत अभी मुझो ठीक नहीं लग रही है"। तब नेहाने चाचाजी को चीडातो हुऐ कहा, "अछाजी अभी तो आप मेरी चिखो नकलवाने की बात कर रहे थे, और मेरे महीने का सुंतोही मेरी तबीयत को बारोमे सोचने लगे? आप बहुत ही कमीने बुड्ढों हो चाचाजी। चलो अगर आपको दो दीन बाद मेरी चिखो नकलवाने का इतना ही शोक हैं तो आपको यो दो दीन घरके सारो काम करने होंगे और तो और मेरी सोवा भी करनी होगी। अगर आपने ये सब किया और मुझो खुश किया तो मैं फिर आपसे चिखो नकलवाने की बात पर गैर कर सकतिहुं"। नेहा की यो बात सुनकर चाचाजीका चोहरा खीलगया और उन्होने कहा, "ठीकहै बहु, तो तुम अबसो दो दीन सिर्फ हुकुम करो बस की मुझो क्याकरना हैं और मैं वो साब काम करुंगा"। तब नेहाने चाचाजीसे कहा, "ठीकहै चाचाजी, अभी तो मैंने सार काम करदीया हैं पर महीने की वजैसे मेरे पैर बडे दर्द कर रहे हैं"। तभी नेहाकी बात खतंम होने से पहलो ही चाचाजीने ऊसको पैर पकडकर ऊन्हे दबनो लगो, ये देखकर नेहा के चहरोपर मुस्कुराहट आगई और वो बडे शोक से चाचाजीसे अपने पैर दबवाने लगी। तब मुझो पतचला की नेहाको अदमीयोंको सीर्फ गाली देने में ही नहीं उन्हे हुमिलीऐट करने में भी मजा आत हैं। अब दिनभर नेहा चाचाजीसे घरके सारो काम करने लगी और अपनी सोवाभी खुब कराई। जब मैं शाम को घर आया तो देखा की चाचाजी ओर नेहा हाल मे बैटकर गपे लडाते हुये हसी मजाक कर रहे थे और नेहा आज बहुत खुश भी लग रही थी, शायद चाचाजीको दिनभर हुमिलीऐट करको उसे मजा आय था इसलीये। मेरे आते ही नेहा खाना परोसने कीचन मे चली गयी, ओर मैं कमरे मे जाकर फ्रेश होकर आगया। मैने खाना खाया ओर अपने कमरे मे अकर सो गया। चाचाजी ओर नेहा खाने को बाद साथ बैटकर टीवी देखने लगे ओर गप्पे हाकने लगे। अगले दो दीन यही चलता रहा, मैं रेज की तरहा अपने कामपर नीकल जाता था और रात को देर से वापीस आता था। दीनभर नेहा ओर चाचाजी घरपर अकेले रहते थे तो दिनभर नेहा चाचाजीसे घर के सारो काम करती और अपनी सोवा भी कराई, और चाचाजीको दिनभर हुमिलीऐट करको बहुत मजाभी लीया। मगर ईस बीच दोने में दोस्ती ओर भी अच्छी और गहरी भी हो गयी। जब मैं घरपर रहता था तो देखता था की चाचाजी ओर नेहा दोने हाल मे बैटकर टीवी देखते गपे लडाते थे, और हसी मजाक करते हुये एक दुसरेको छुने भी लगे थे, पर जब मैं सामने होताथा तो मेरे सामने दोनो नारमल बीहेव करते थे। फिर गुरुवार के दीन मैं सुबह जल्दी ऊटकर देखा ते नेहा मेरे बगल मै नही थी, मैं जल्दी नाहा दोकर बाहर आया ते दोखा नेहा जल्दी ऊटकर कीचन मे मेरे लीए नाश्ता बनारही थी। फीर मेने नाश्ता कीया ओर मैने नेहा से कहा, "नेहा आज आफीस मे काम ज्यादा है तो मुझे आनो मे देर हो जायेगि", ऎसा बेलकर मैं आफिस अपने काम पर नीकल गया। फिर मैंने CCTV केमरे के रिकार्डंग मे देखा की मेरे काम पर जानेको बाद नेहाने चाचाजी को नाश्ता के लीए बुलाया और खुद भी उन्हके साथ ही बैटकर नाश्ता कीया। फिर रोज कि तरहा चाचाजीसे घरके सारो काम करने लगी, जब चाचाजी घरके सारो काम कर रहे थे तो नेहाने उनसे कहा, "ठीक हैं चाचाजी, अभी मैं नहाने जा रही हु मुझो नहाने में आज थेडि देर लग जायिगी आप भी सारा काम खतंम करके अछोसे नहा लीजीए आप पसींनेसे पुरे भीगे हुये हो"। एसा बोलकर नेहा अपने कमरेकी तरफ चली गई, जैसे मैंने बताया था चाचाजी एक मोटा शरिर के भारी इनसान थे, और ऊसका वजन करिब १०० किलो से भी ज्याद का था। तो उनको पसींना बहुत ज्यादा आता था। तो अब घरके सारो काम करने से वो पुरे पसींने से भीगकर लतपत होगये थे।


ईघर नेहा अपने कमरेमे आकर सीधो बाथरुम मे चली गयी। बाथरुम मे आकर ऊसने अपने सारे कपडे ऊतार दीए ओर पुरी नंगी हो गयी और खुद को आईनेमे दोखने लगी। ऊसका गोरा उजला रंग, बड़ी बड़ी गोल चूचियां, पतली कमर और उसके नीचे कसे हुए सुडौल नितम्ब, ऊसकी मखमली गुलाबी चुत, जीसपर छोटे बाल ऊगेहुये दिख रहेथे उसके नीचो कोले के पोड के तने जैसी ऊसकी लंबी सुडोल टांगे, नेहा कुच्छ दोर खुद को आईने मे दोखने को बाद मुस्कुराइ। फिर उसने कबर्ड्से मेरा शोवींग कीट नीकाल लीया और बाथरुम के बाथटब पर बैठकर पहलो तो अपने चुतके ऊपर शोवींग क्रीम लगाई और फिर शोवींग कीटसो अपने झांटेंको शोवकरके साफ किया और नहाने लगी। ऊधर चाचाजी भी अपना काम पुरा करके अपने कमरे में आके वो भी सीधो बाथरुम में नहाने चली गये। बाथरुम मे आकर ऊन्होने भी अपने सारे कपडे ऊतार दिए ओर पुरी नंगी हो गये और खुद को आईनेमे दोखने लगो। उनका काला बदन पसींनेसे भीगकर चमक रहाथा, फिर ऊन्होने भी अपने कबर्ड्से उनका शोवींग कीट नीकाल लीया और वो भी अपने झांटोके ऊपर शोवींग क्रीम लगाई और अपने झांटेको अच्छोसे शोवकरके साफ किया और नहाने लगो। नहानेके बाद चाचाजी ने अपना बदन अच्छोसे बदन पोछा और खुद को आईनेमें दोखा अब फ्रोश होनेके बाद वो अच्छो दीख रहेथे, और झांटोको शोवकरनेके बाद तो उनका हतीयार और भी बडा और अच्छा दीख रहाथा। फिर ऊन्होने अपने सोयेहुऐ हतीयार पर अपना हाथ फीराते हुए कहा, "चलो दोस्त तैयार हो जाव लगता है आज तुम्हे बडिया दावत मिलनेवाली है, लगता है आज खान तयार होके खुद तुम्हारेपास आयोगा", एसा बोलकर वो मुस्कुराते हुए अपने कमरपर सिर्फ एक टावल लपोटकर बाथरुम सो बाहर आगऐ। और अपने बाडीपे क्रीम लगाई और अच्छासा बाडी स्प्रो लगाकर अपने बेडपर बैंठ कर नेहाका इंतजार करने लगो, जैसे ऊन्हे यकीन हो की आज नेहा खुद चलकर उनके पास आयेगी चुदवानेके लीऐ। ऊधर नेहाने भी अच्छोसे नहाधकर अच्छोसे अपना बदन पोछा और फिरसे खुद को आईनेमें दोखने लगी, और अपने चुत पर उसने बाडीलोशन लगाया तकि ऊसकी गुलाबी चुत और भी मखमली होजाय। अपने चुत पर बाडीलोशन लगाने के बाद नेहा उसपर हात फिराते हुऐ कहा, "मुनीया आजतो तोरी खैर नही, चाचाजी अपने मुसहलसे तुझो कुट कुट कर तोरा कचुमर बनादोंगे आज तुने ४ दिनसे बहुत तडपाया है ऊन्हे", एसा बोलकर वह खुद ही हसनेलगी और फिर वैसे ही पुरी नंगी ही बाथरुम सो बाहर आगई। नेहा अब ड्रोसींग टेबल पर बैठकर अपने पुरे बदनपर बाडी क्रीम लगाई, हलकासा मेंकप कीया, लाल डार्क लीपस्टींक लगाइ, अच्छासा बाडी स्प्रो लगाकर तैयार कुई। अब उसने ऊठकर अलमारीसे फिर एक नई पारदर्शी ब्रा प्यांटी नीकालली पहनेके लीया मगर वो रुक गई, उसने कुछ सोचा और ऊसे वापिस अलमारी में रख दिया और एक पतलीसी नायटी नीकाल कर पहन ली। नेहाने इसबार अंदर ब्रा या प्यांटी कुछनही पहना, शायद वो ऊन्हे ऊतारनेके झंजटसे बचनेके लीए इसबार पहना ही नहीं। नेहा अब हमारो बेड की तरफ आयी और हमारो शादी का फोटो हात में लीए कुछ दोर तक ऊसे दोखा ओर कहा, "अमित मुझो माफ कर दोना मैं अब मां बन्ना चाहतीहुः मुझो अब बच्चो चाहीए ", यो कहकर मुस्कुराते हुऐ नेहाने हमारी शादी की फोटो वापस टोबल पर रखदी। पर ईसबार उसने ऊसके लास्ट टैंम कि तरहा ऊल्टी करके नही रखा और सीधाही रखदिया, और कमरे सो बाहर चली गयी। अब नेहा हमारो कमरे से नीकल कर चाचाजी को कमरे की तरफ चल दी। जब वो चाचाजी को कमरे के पास आई तो वो इसबार दरवाजो के पास रुक नही ओर दरवाजा खोल कर सीधो चाचाजी को कमरे के अंदर चली गई। इसबार मुझो उसके मन में लास्ट टैंम कि तरहा ऊलझन, घबराहट, हीचकिचाहट नही दिखी, वो इसबार ज्यादा कान्फीडोंट लगरही थी।


अंदर कमरे मे चाचाजी अपने कमरपर सिर्फ एक टावल लपोटकर बेडपर बैठकर नेहा के आनेकाही ईंतजार कर रहे थे, तभी ऊन्होने दोखा की नेहा मुस्कुराते हुए दरवाजा खोल कर अंदर आ रही है। नेहा को अंदर आता दोख कर वो खुश हो गये और कहा, "अरो बहु, तुमने तो आनो मे दोर लगादी, मै कब सो तुम्हारो ईंतजार कर रहा था"। नेहा ने कहा, "तो चाचाजी आप को यकीन था की मै आज आजाऊंगी अपके पास"। तो चाचाजी ने कहा, "बहु जीसे एकबार मेरे लंड का चसक लगजाता हैंना, ओ वापिस मेरे पास आही जात हैं, और मैं तो जीस दीन यहा आया था ऊसी दीन समझ गया था की तुम प्यार कि भुकी हो। पर जब मैंने तुम्हे अपने पैरेंकी मालिश करतो वक्त तुम्हे मेरे खडे लंडकि और दोखते हुए आंह भरते देख ति मै समझ गया की तुम्हे प्यार कि ही नही बल्की सिक्स की भी भुकी हो, जो शायद अमीत तुम्हो नही दो पा रहा है"। चाचाजी की ऐ बात सुनकर नेहा चोंक गयी ओर कहा, "चाचाजी आप को तो माना पडोगा अपको कुछी दीनेमे येसब कैसे पता चला?" तो चाचाजी ने कहा, "बहु मैंने बहुत दुनिया देखी है, ओर तुम्हारी जैसी खुबसुरत जवान ओरत को क्या चाहीये मैं एक नजर बता सकता हु। बहु अब तुम मुझो सच बताना तुम्हो बच्चो पानेकी भुक ज्यादा है या सोक्स की?", तो नेहा अपनी आंखे झुकाते हुए चाचाजी से कहा, "चाचाजी दोने"। नेहा के मुह से ऐ बात सुनकर चाचाजी बहुत खुश हो गये ओर उसे कहा, "बहु अब ज्यादा शरमावो मत तुमने सही फेसला कीया है, मै तुम्हे ढेड सार प्यार करके तुम्हारी बरसो की सोक्स की भुक मीटाऊंगा और जाने से पहले पहले तुम्हारी गोद भी भर दुंगा"। चाचाजी की ऐसी बाते सुनकर नेहा मुस्कुरायी और कहा, "तो चाचाजी जब तक आप यहा तो तब तक्क क्युना हम दोने ईस बातका फायदा ऊठाकर मजा कर्ले?"। नेहा की ऐ बात सुनकर चाचाजी मुस्कुराये और कहा, "तो आजा बहु तो ईंतजार किसबात का करहीतो", तो नेहा ने अपनी नायटी नीकाल कर फोंक दीया और पुरी नंगी होकर चाचाजी को सामने खडी हो गई। यो दोखकर चाचाजी भी अपने बेडसे ऊठकर नेहाके पास गयो और उसके कसकर गले लगालीया और अपने कालो मोटे होंठ नेहा के लाल होठों पे रख कर ऊसे कीस करने लगो। चाचाजी नेहा के रसीले लाल होठों को अपने कालो मोटे होठों मे लोकर उंन्हे चूसने लगे, तो नेहा भी उनका पुरा साथ दो रही थी। अब दोनो एक दूसरे के बदन पर हाथ फिराते हुए होठों का चुंबन लेने लगो। नेहा चाचाजी को किस्स करने से इतनी ज़्यादा सेक्सुअली एग्ज़ाइटेड हो गई की उसके बंद मुह से आहह….....ऊऊहह …......उन्न्ञंगंह की आवाज आ रही थी। मैं हैरानी से ऐसब देखता रहा था की, तभी नेहाने अपना मुँह पीछे हटाया और चाचाजी को कमरपर पर बंधो टावल को खींचकर उसे हंटा दिया। अब चाचाजी भी पुरे नंगे हि गयेथे और उनका काला मोटा लंड ऊपर नीचे होते हुये झटके मार रहाथा। अब नेहा चाचाजी के वापस कसकर गलो लगालीया और उनके चेहरे को पकड़कर ऊन्हे जोर सो किस्स करने लगी और उनके कालो मोटे होठों को अपने दाँतों से काटने लगी, तो चाचाजी ने भी नेहा की बडी बड़ी चुथडोंको को पकडकर ऊन्हे मसलने लगो। अब नेहा गरम होने लगी थी तो उसने चाचाजी के वैसेही ज़ोर जकडकर बेडपर गीरादिया और खुद भी उनके उपर गीर गयी, वो ऊन्हे ऊन्हे जोर सो किस्स करते हुऐ सिसकारियाँ लेने लगी "……ओह्ह……ऊऊहह ……आआअहह…… उनन्ं…… आआआहह……"। फिर मैने देखा कि चाचाजी और नेहा में जैसे जंग छीडगयी वो देने एक दुसरे को दबातो, मसलतो हुऐ जोरदार चुदायी करने लगो। अगले दो धंटे तक चाचाजी का बेड चरमराता रहा और नेहा चीखति, चील्लाते हुऐ सिसकारियाँ भरती रही। आज ऊसो पहलोसे काफि कम दर्द हो रहाथा, और वो आज बडो मजोसे चाचाजी से चुदवा रहीथी। पर अबी भी उसके अंदर कुछ झीजक दीखरही थी और वो अभीबि चाचाजी से पुरितरहा खुल नही पारही थी। दो धंटे को चुदाईके बाद नेहा उठकर अपने कमरे में चलीगई तब चाचाजी CCTV केमरे की तरफ देखकर फिरसे थंम्स अप का ईशार करके मुस्कुराये। फिर वो अपना कमरा ठीक करने लगो और बेडपर नई साफ बेडसीट बीछादी, ताकी जब मै घर लोंटु तो उनका कमरा ठींक ठाक लगे। क्येकी पुराने बेडसीट पर उनके और नेहा के प्यार के निशानीया बन गई थी, और दो धंटे को चुदाईके दोरान चाचाजी ने नेहा को इतनीबार झडा दीयाथा की पुरी बेडसीट ऊसके चुतरससे गीली हो गईथी ओर उसपे धःबे पड गायो थे। और ऊधर नेहा भी हमारे कमरे में आकर नहाने चली गयी ताकी जब मैं घर आकर ऊसे दोंखु तो वो मुझो र्फश दीखो।
ಇ೦ತಿ ನಿಮ್ಮ,

ಕಾಮರಾಜ

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RE: दुबई के चाचाजी का ईमोल - १ - by kamraj85 - 22-06-2026, 10:43 AM



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