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Adultery अम्मी और अंकल — एक नया अंदाज़
विशाल (कान में गर्म साँसें छोड़ते हुए): "लेकिन एक दिन... एक दिन ऐसा ज़रूर आएगा जब तुम खुद तड़पकर मेरे पास आओगी। तुम्हें ये सारी चीजें—अपने इस पूरे आलीशान और रसीले जिस्म को मेरे हवाले करना, मेरे इस १० इंच के औज़ार को अपने अंदर लेना और मेरे साथ बिस्तर पर नंगे होकर चीखना... यह सब अपनी मर्जी से और अपनी खुशी से मेरे साथ करना पड़ेगा। मैं तुम्हें उस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दूँगा।"

विशाल (मन में अम्मी के बदन की खुशबू और गर्माहट से अंधा होते हुए): "उफ़, क्या बदन है इस औरत का... इतनी उम्र में भी इतनी कसमसाती जवानी! बहुत जल्द इसके इस काले सूट और लाल अंडरगारमेंट्स को उतारकर इसकी चीखें निकालूँगा। यह तड़पेगी मेरे लिए..."

आयशा विशाल की इस खौफनाक और उत्तेजक बात को सुनकर अंदर तक कांप जाती हैं, लेकिन उनके पैरों के बीच की हलचल और कामुक प्यास अब उनके ही काबू से बाहर हो रही थी। वह भारी साँसें लेते हुए बची हुई तस्वीरों को डिलीट करने के लिए स्क्रीन पर उंगली मारती  है।

आयशा ने भारी कशमकश के बीच आखिरकार उन छह सबसे खतरनाक तस्वीरों को स्क्रीन से मिटा दिया। वह राहत की लंबी साँस लेती  हैं और विशाल की तरफ पलटती हैं, ताकि वह उसका फोन उसे वापस दे सके।

आयशा (भारी आवाज़ में हांफते हुए, फोन आगे बढ़ाते हुए): "ये लो... मैंने छह तस्वीरें डिलीट कर दी हैं। अब मुझे जाने दो... मेरा हाथ छोड़ो..."

विशाल फोन तो वापस ले लेता है, लेकिन अम्मी को अपनी बांहों के घेरे से आज़ाद नहीं करता। उसकी साँवली, क्लीन-शेव्ड सूरत पर एक बेहद कमीनी और कामुक मुस्कान उभर आती है। वह अम्मी को अपने और करीब खींचता है, जिससे उसका तना हुआ १० इंच का अंग उनके बदन से और ज़ोर से टकराता है।

विशाल (अम्मी के कान के पास अपने होठों को सटाकर फुसफुसाता है): "इतनी जल्दी क्या है आयशा जान... सौदा अभी खत्म कहाँ हुआ है? यह तो बस शुरुआत थी।"

वह फोन की स्क्रीन उनके चेहरे के सामने हिलाता है, जहाँ अभी भी सायमा की कई आपत्तिजनक तस्वीरें बची हुई हैं।

विशाल (कान में गर्म साँसें छोड़ते हुए): "देखो, इस फोल्डर में अभी भी २१ तस्वीरें बाकी हैं... जिनमें तुम्हारी बेटी की नादानियाँ कैद हैं। क्या तुम उन्हें ऐसे ही छोड़ कर चली जाओगी? अगर तुम चाहती हो कि मैं तुम्हें ये सारी बची हुई तस्वीरें भी डिलीट करने दूँ, तो मेरी एक छोटी सी शर्त माननी होगी..."

आयशा की आँखें डर और बेबसी से बड़ी हो जाती हैं। विशाल उनके नंगे, चिकने पेट पर रेंगते हुए अपने हाथ को और ऊपर ले आता है

विशाल: "शर्त ये है... कि तुम्हें खुद अपने इन रसीले होठों से मुझसे मिन्नत करनी होगी। तुम्हें मुझसे कहना होगा—'मेरा काला सूट उतार दो विशाल जी...' और जब मैं तुम्हारा यह सूट बदन से अलग कर दूँ, और तुम सिर्फ अपनी उस सुर्ख लाल ब्रा और पैन्टी में मेरे सामने खड़ी हो... तब तुम्हें मुझे अपनी पूरी दीवानगी और जुनून के साथ चूमना  होगा।"
Deepak Kapoor
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RE: अम्मी और अंकल — एक नया अंदाज़ - by Deepak.kapoor - 4 hours ago



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