Yesterday, 08:48 PM
फिर दोनों फिर से नाचने लगीं — नेहा और वो लड़की।
दोनों में आग लगा रखी थी।
मैंने पहली बार नेहा को किसी लड़की के साथ इतने आकर्षण और closeness के साथ डांस करते देखा था।
नेहा की कमर पर लड़की का हाथ था, और नेहा की जाँघ उसकी जाँघ से रगड़ खा रही थी।
दूर से नेहा ने मुझे इशारा किया — एक पेग बनाने का।
मैंने मुस्कुराते हुए “ना” का इशारा किया कि “तुमने बहुत पी ली है”।
नेहा ने उस लड़की की तरफ़ इशारा करके कहा — “इसके लिए”।
लड़की ने भी दूर से हाथ जोड़कर “प्लीज” का इशारा किया।
उस लड़की में कुछ अदा तो थी।
मैंने एक पेग बनाया।
नेहा उस लड़की को साथ लेकर मेरी टेबल पर आई।
नेहा: (बहुत एक्साइटमेंट में, ज़ोर से)
“ये नीना है... राहुल की गर्लफ्रेंड...”
नीना: (शरमाते हुए)
“श्श्श... आंटी प्लीज...”
नेहा: (मेरा हाथ पिंच करते हुए, हँसते हुए)
“मैं तुम्हें आंटी दिखती हूँ?
भाभी बोलो... इनको अंकल चल जाएगा।”
नीना ने आस-पास देखा। सब अपने में busy थे।
उसने झटके से ग्लास उठाया और एक घूँट में पूरा पेग अंदर कर लिया।
फिर नेहा का हाथ पकड़कर दोनों फिर से डांस फ्लोर पर चली गईं।
पार्टी अब खत्म होने वाली थी।
स्लो म्यूजिक चलने लगा था।
धीरे-धीरे लोग घर जाने लगे थे, लेकिन ज्यादातर मर्द अभी भी जाने का नाम नहीं ले रहे थे। सबकी नज़रें डांस फ्लोर पर टिकी हुई थीं।
नीना ने नेहा को अपने करीब खींच लिया। स्लो म्यूजिक चल रहा था।
दोनों बहुत करीब से नाच रही थीं।
नीना की छोटी स्कर्ट और नेहा की साड़ी, दोनों के शरीर एक-दूसरे से हल्के-हल्के रगड़ खा रहे थे। नीना ने नेहा की कमर पर हाथ रखा हुआ था और धीरे-धीरे उसे अपनी तरफ़ खींच रही थी। नेहा की भारी छातियाँ नीना के सीने से हल्के से दब रही थीं।
नीना ने अपना चेहरा नेहा की गर्दन के पास ले जाकर कुछ कहा, नेहा शर्म से हँस पड़ी।
नीना की जाँघ हल्के-हल्के नेहा की जाँघों के बीच में आ रही थी। नेहा की साड़ी थोड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी, जिससे उसकी गोरी जाँघें दिख रही थीं।
दोनों धीरे-धीरे घूम रही थीं।
नीना का हाथ नेहा की कमर से थोड़ा नीचे सरक गया था। नेहा ने भी नीना की पीठ पर हाथ रख रखा था।
दोनों के शरीर की गर्मी एक-दूसरे को महसूस हो रही थी।
नीना ने नेहा के कान के पास मुँह ले जाकर कुछ फुसफुसाया, नेहा ने शर्माते हुए उसका कंधा हल्का सा दबाया।
दोनों की हँसी और नजदीकी देखकर आस-पास के बचे हुए लोग खुलकर उन्हें घूर रहे थे।
नेहा की साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था, जिसे वो बीच-बीच में ठीक कर रही थी।
नीना की छोटी स्कर्ट भी नाचते वक्त ऊपर चढ़ रही थी।
दोनों एक-दूसरे से सटी हुई, धीमी ताल पर नाच रही थीं।
नेहा का चेहरा नशे और शर्म से लाल था, लेकिन वो नीना के साथ नाचने का मजा ले रही थी।
डांस फ्लोर पर अब इक्का-दुक्का लोग ही बचे थे, लेकिन जितने भी थे, सारी की सारी ध्यान सिर्फ़ नेहा और नीना पर ही था।
दोनों पूरी तरह नशे में थीं।
उन्हें शायद अहसास भी नहीं हो रहा था कि वो क्या कर रही हैं।
नीना नेहा से चिपकी हुई थी, नेहा की कमर पर हाथ, नेहा की जाँघ नीना की जाँघ से सटी हुई।
धीमी रोशनी में दोनों का नाच अब काफी sensual हो चुका था।
मैं टेबल पर बैठा दोनों को देख रहा था और सोच रहा था —
इस कमरे में शायद ही कोई मर्द होगा जिसने आज रात इन दोनों में से किसी एक को, या दोनों को लेकर अपने दिमाग में कोई गंदी फैंटसी न सजाई हो।
कोई नेहा को कुतिया बना कर पीछे से चोदने की सोच रहा होगा...
कोई नीना को दीवार से चिपका कर उसके टाइट boobs चूसते हुए उसे finger कर रहा होगा...
कोई ये सोच रहा होगा कि कैसे दोनों जवान औरतें ज़मीन पर घुटनों के बल बैठकर उसका लंड बारी-बारी से चूस और चाट रही हैं...
ये सब सोचते ही मेरा लंड और सख्त हो गया।
कुछ मर्द अब खुलकर अपने क्रॉच पर हाथ फेर रहे थे, पैंट एडजस्ट कर रहे थे।
मुझे लगा अब वक्त हो गया है — मुझे इस डांस को रोकना चाहिए।
मैं उठा और डांस फ्लोर पर नेहा के पास गया।
सम: “बेबी, काफी लेट हो गया है।”
नेहा ने पहले मायूसी भरी नज़र से मुझे देखा, लेकिन जब उसकी नज़र आस-पास के बचे हुए दर्शकों पर गई, तो वो समझ गई।
उसने नीना की तरफ़ देखा, फिर दोनों ने एक लंबा, गहरा हग किया।
नेहा: “गुड बाय बेबी...”
दोनों के गाल मिले।
मुझे लगा कि उनके होंठों के कोने एक-दूसरे को छू गए होंगे।
नीना ने जाते-जाते शर्माते हुए कहा,
नीना: “आंटी... सॉरी भाभी... आप बंद नहीं करने ?”
नेहा मुस्कुराई और बोली,
नेहा: “नहीं बंद नहीं ।”
नीना हँसती हुई चली गई।
नेहा मेरे पास आई। मैंने पूछा,
सम: “बोतल ले ली?”
नेहा: “हाँ...”
नेहा: “हाँ...”
ये ब्रिंग योर ओन बूज़ वाली पार्टी थी, इसलिए हर किसी को अपनी बोतल साथ ले जानी थी।
हमने अपनी आधी से ज़्यादा बोतल खत्म कर दी थी। बची हुई बोतल लेकर हम लिफ्ट की तरफ़ बढ़ गए।
नेहा की साड़ी अब पूरी तरह ढीली हो चुकी थी।
पल्लू उसके भारी स्तनों को ढकने में नाम मात्र का काम कर रहा था।
हर कदम के साथ पल्लू सरक रहा था और उसकी गहरी क्लिवेज़ साफ़ दिख रही थी।
साड़ी की सिल्क उसकी कमर और गांड़ से चिपकी हुई थी।
लिफ्ट में हम दोनों अकेले थे।
जैसे ही लिफ्ट का दरवाज़ा बंद हुआ, नेहा ने अपनी साड़ी का पल्लू पूरी तरह नीचे खींच दिया।
अब सिर्फ़ उसका ब्लाउज़ ही उसके भारी, पसीने से भीगे स्तनों को ढक रहा था। ब्लाउज़ के ऊपरी हुक पहले ही खुले हुए थे, इसलिए उसकी गहरी क्लिवेज़ और आधे से ज़्यादा स्तन साफ़ दिख रहे थे।
वो पूरी तरह पसीने से तर थी।
गर्दन, छाती, पेट — सब चमक रहा था।
नेहा मेरे बहुत करीब आ गई। उसका गर्म, भीगा हुआ शरीर मेरे से सट गया।
मैंने उसके कान में धीरे से फुसफुसाया,
सम: “कैसी थी नीना...?
सोचो... तुम, मैं और नीना...
हमारी यूनिकॉर्न...”
मेरा लंड एक ज़ोरदार झटका लेकर सख्त हो गया।
नेहा ने मेरी आँखों में देखा। उसकी आँखें नशे और उत्तेजना से चमक रही थीं।
उसने मेरी शर्ट पकड़ ली और मेरे सीने से चिपट गई।
मुझे पता था लिफ्ट में कैमरा लगा हुआ है, इसलिए मैंने खुद को कंट्रोल किया।
लेकिन नेहा नशे में थी — वो मेरी गर्दन में चुम्मा देने लगी और अपनी जाँघ मेरी जाँघ से रगड़ने लगी।
मैंने उसे हल्का सा अलग किया और कान में कहा,
सम: “घर चलकर बात करेंगे बेबी...
अभी कैमरा है।”
नेहा ने शरारती मुस्कान दी और मेरे लंड पर हाथ फेरते हुए धीरे से बोली,
नेहा: “तो घर पहुँचते ही...
लिफ्ट हमारे फ्लोर पर पहुँचने वाली थी।
मैंने नेहा से धीरे से पूछा,
सम: “वो क्या ‘बंद नहीं करने’ के लिए बोली थी?”
नेहा मुस्कुराई, लेकिन जवाब देने से पहले लिफ्ट का दरवाज़ा खुल गया।
वो मुस्कुराते हुए बाहर निकली और बोली,
नेहा: “मतलब... जो तुम balcony में राहुल को दिखाती हो... वो बंद मत करना।
राहुल ने नीना को सब कुछ बता दिया है...”
मैं समझ गया। राहुल ने अपनी गर्लफ्रेंड को हमारी balcony वाली बात भी बता दी थी।
तभी पीछे से एक भारी, नशे वाली आवाज़ आई —
“रंडी साली...”
हम दोनों चौंक गए।
हमने सोचा था हम अकेले हैं, लेकिन गुप्ता जी अंधेरे कोने में खड़े सिगरेट पी रहे थे।
गुप्ता जी ने हमारी बातें सुनीं।
उनकी टाँगें काँप रही थीं, नशा चढ़ा हुआ था।
हमने अनसुना कर दिया।
नेहा ने मेरी बाँह पकड़ी और हम तेज़ी से घर की तरफ़ बढ़ गए।
दरवाज़ा खोला और अंदर घुस गए।
अंदर जाते ही नेहा ने अपने गीले कपड़े उतारना शुरू कर दिया।
साड़ी का पल्लू ज़मीन पर गिरा, फिर ब्लाउज़ के हुक खोलने लगी।
उसके भारी, पसीने से चमकते स्तन बाहर आने को तैयार थे।
मगर मेरा दिमाग अभी भी गुप्ता जी की उस गाली पर अटका हुआ था — “रंडी साली”।
मेरी बीवी के बारे में ये शब्द...
नेहा ने अपनी साड़ी पूरी तरह उतारकर फेंक दी और सिर्फ पैंटी में खड़ी होकर मेरी तरफ़ आई। उसके भारी स्तन हिल रहे थे, पूरा शरीर पसीने से चमक रहा था।
नेहा: (मेरी आँखों में देखते हुए)
“चुप क्यों हो सम? क्या सोच रहे हो?”
मैं एक पल चुप रहा। गुप्ता जी की वो गाली — “रंडी साली” — अभी भी मेरे दिमाग में घूम रही थी। मुझे लगा कि मुझे उस बूढ़े को जवाब देना चाहिए था।
सम: “कुछ नहीं...
तुम रुको... मैं सिगरेट पीकर आता हूँ।
तुम तैयार रहो, मैं अभी आता हूँ।”
नेहा ने बोतल उठाई, एक घूँट पिया और शरारती मुस्कान के साथ बोली,
नेहा: “पार्टी तो रात भर चलेगी...
जल्दी आना...
मैं इंतज़ार कर रही हूँ।”
दोनों में आग लगा रखी थी।
मैंने पहली बार नेहा को किसी लड़की के साथ इतने आकर्षण और closeness के साथ डांस करते देखा था।
नेहा की कमर पर लड़की का हाथ था, और नेहा की जाँघ उसकी जाँघ से रगड़ खा रही थी।
दूर से नेहा ने मुझे इशारा किया — एक पेग बनाने का।
मैंने मुस्कुराते हुए “ना” का इशारा किया कि “तुमने बहुत पी ली है”।
नेहा ने उस लड़की की तरफ़ इशारा करके कहा — “इसके लिए”।
लड़की ने भी दूर से हाथ जोड़कर “प्लीज” का इशारा किया।
उस लड़की में कुछ अदा तो थी।
मैंने एक पेग बनाया।
नेहा उस लड़की को साथ लेकर मेरी टेबल पर आई।
नेहा: (बहुत एक्साइटमेंट में, ज़ोर से)
“ये नीना है... राहुल की गर्लफ्रेंड...”
नीना: (शरमाते हुए)
“श्श्श... आंटी प्लीज...”
नेहा: (मेरा हाथ पिंच करते हुए, हँसते हुए)
“मैं तुम्हें आंटी दिखती हूँ?
भाभी बोलो... इनको अंकल चल जाएगा।”
नीना ने आस-पास देखा। सब अपने में busy थे।
उसने झटके से ग्लास उठाया और एक घूँट में पूरा पेग अंदर कर लिया।
फिर नेहा का हाथ पकड़कर दोनों फिर से डांस फ्लोर पर चली गईं।
पार्टी अब खत्म होने वाली थी।
स्लो म्यूजिक चलने लगा था।
धीरे-धीरे लोग घर जाने लगे थे, लेकिन ज्यादातर मर्द अभी भी जाने का नाम नहीं ले रहे थे। सबकी नज़रें डांस फ्लोर पर टिकी हुई थीं।
नीना ने नेहा को अपने करीब खींच लिया। स्लो म्यूजिक चल रहा था।
दोनों बहुत करीब से नाच रही थीं।
नीना की छोटी स्कर्ट और नेहा की साड़ी, दोनों के शरीर एक-दूसरे से हल्के-हल्के रगड़ खा रहे थे। नीना ने नेहा की कमर पर हाथ रखा हुआ था और धीरे-धीरे उसे अपनी तरफ़ खींच रही थी। नेहा की भारी छातियाँ नीना के सीने से हल्के से दब रही थीं।
नीना ने अपना चेहरा नेहा की गर्दन के पास ले जाकर कुछ कहा, नेहा शर्म से हँस पड़ी।
नीना की जाँघ हल्के-हल्के नेहा की जाँघों के बीच में आ रही थी। नेहा की साड़ी थोड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी, जिससे उसकी गोरी जाँघें दिख रही थीं।
दोनों धीरे-धीरे घूम रही थीं।
नीना का हाथ नेहा की कमर से थोड़ा नीचे सरक गया था। नेहा ने भी नीना की पीठ पर हाथ रख रखा था।
दोनों के शरीर की गर्मी एक-दूसरे को महसूस हो रही थी।
नीना ने नेहा के कान के पास मुँह ले जाकर कुछ फुसफुसाया, नेहा ने शर्माते हुए उसका कंधा हल्का सा दबाया।
दोनों की हँसी और नजदीकी देखकर आस-पास के बचे हुए लोग खुलकर उन्हें घूर रहे थे।
नेहा की साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था, जिसे वो बीच-बीच में ठीक कर रही थी।
नीना की छोटी स्कर्ट भी नाचते वक्त ऊपर चढ़ रही थी।
दोनों एक-दूसरे से सटी हुई, धीमी ताल पर नाच रही थीं।
नेहा का चेहरा नशे और शर्म से लाल था, लेकिन वो नीना के साथ नाचने का मजा ले रही थी।
डांस फ्लोर पर अब इक्का-दुक्का लोग ही बचे थे, लेकिन जितने भी थे, सारी की सारी ध्यान सिर्फ़ नेहा और नीना पर ही था।
दोनों पूरी तरह नशे में थीं।
उन्हें शायद अहसास भी नहीं हो रहा था कि वो क्या कर रही हैं।
नीना नेहा से चिपकी हुई थी, नेहा की कमर पर हाथ, नेहा की जाँघ नीना की जाँघ से सटी हुई।
धीमी रोशनी में दोनों का नाच अब काफी sensual हो चुका था।
मैं टेबल पर बैठा दोनों को देख रहा था और सोच रहा था —
इस कमरे में शायद ही कोई मर्द होगा जिसने आज रात इन दोनों में से किसी एक को, या दोनों को लेकर अपने दिमाग में कोई गंदी फैंटसी न सजाई हो।
कोई नेहा को कुतिया बना कर पीछे से चोदने की सोच रहा होगा...
कोई नीना को दीवार से चिपका कर उसके टाइट boobs चूसते हुए उसे finger कर रहा होगा...
कोई ये सोच रहा होगा कि कैसे दोनों जवान औरतें ज़मीन पर घुटनों के बल बैठकर उसका लंड बारी-बारी से चूस और चाट रही हैं...
ये सब सोचते ही मेरा लंड और सख्त हो गया।
कुछ मर्द अब खुलकर अपने क्रॉच पर हाथ फेर रहे थे, पैंट एडजस्ट कर रहे थे।
मुझे लगा अब वक्त हो गया है — मुझे इस डांस को रोकना चाहिए।
मैं उठा और डांस फ्लोर पर नेहा के पास गया।
सम: “बेबी, काफी लेट हो गया है।”
नेहा ने पहले मायूसी भरी नज़र से मुझे देखा, लेकिन जब उसकी नज़र आस-पास के बचे हुए दर्शकों पर गई, तो वो समझ गई।
उसने नीना की तरफ़ देखा, फिर दोनों ने एक लंबा, गहरा हग किया।
नेहा: “गुड बाय बेबी...”
दोनों के गाल मिले।
मुझे लगा कि उनके होंठों के कोने एक-दूसरे को छू गए होंगे।
नीना ने जाते-जाते शर्माते हुए कहा,
नीना: “आंटी... सॉरी भाभी... आप बंद नहीं करने ?”
नेहा मुस्कुराई और बोली,
नेहा: “नहीं बंद नहीं ।”
नीना हँसती हुई चली गई।
नेहा मेरे पास आई। मैंने पूछा,
सम: “बोतल ले ली?”
नेहा: “हाँ...”
नेहा: “हाँ...”
ये ब्रिंग योर ओन बूज़ वाली पार्टी थी, इसलिए हर किसी को अपनी बोतल साथ ले जानी थी।
हमने अपनी आधी से ज़्यादा बोतल खत्म कर दी थी। बची हुई बोतल लेकर हम लिफ्ट की तरफ़ बढ़ गए।
नेहा की साड़ी अब पूरी तरह ढीली हो चुकी थी।
पल्लू उसके भारी स्तनों को ढकने में नाम मात्र का काम कर रहा था।
हर कदम के साथ पल्लू सरक रहा था और उसकी गहरी क्लिवेज़ साफ़ दिख रही थी।
साड़ी की सिल्क उसकी कमर और गांड़ से चिपकी हुई थी।
लिफ्ट में हम दोनों अकेले थे।
जैसे ही लिफ्ट का दरवाज़ा बंद हुआ, नेहा ने अपनी साड़ी का पल्लू पूरी तरह नीचे खींच दिया।
अब सिर्फ़ उसका ब्लाउज़ ही उसके भारी, पसीने से भीगे स्तनों को ढक रहा था। ब्लाउज़ के ऊपरी हुक पहले ही खुले हुए थे, इसलिए उसकी गहरी क्लिवेज़ और आधे से ज़्यादा स्तन साफ़ दिख रहे थे।
वो पूरी तरह पसीने से तर थी।
गर्दन, छाती, पेट — सब चमक रहा था।
नेहा मेरे बहुत करीब आ गई। उसका गर्म, भीगा हुआ शरीर मेरे से सट गया।
मैंने उसके कान में धीरे से फुसफुसाया,
सम: “कैसी थी नीना...?
सोचो... तुम, मैं और नीना...
हमारी यूनिकॉर्न...”
मेरा लंड एक ज़ोरदार झटका लेकर सख्त हो गया।
नेहा ने मेरी आँखों में देखा। उसकी आँखें नशे और उत्तेजना से चमक रही थीं।
उसने मेरी शर्ट पकड़ ली और मेरे सीने से चिपट गई।
मुझे पता था लिफ्ट में कैमरा लगा हुआ है, इसलिए मैंने खुद को कंट्रोल किया।
लेकिन नेहा नशे में थी — वो मेरी गर्दन में चुम्मा देने लगी और अपनी जाँघ मेरी जाँघ से रगड़ने लगी।
मैंने उसे हल्का सा अलग किया और कान में कहा,
सम: “घर चलकर बात करेंगे बेबी...
अभी कैमरा है।”
नेहा ने शरारती मुस्कान दी और मेरे लंड पर हाथ फेरते हुए धीरे से बोली,
नेहा: “तो घर पहुँचते ही...
लिफ्ट हमारे फ्लोर पर पहुँचने वाली थी।
मैंने नेहा से धीरे से पूछा,
सम: “वो क्या ‘बंद नहीं करने’ के लिए बोली थी?”
नेहा मुस्कुराई, लेकिन जवाब देने से पहले लिफ्ट का दरवाज़ा खुल गया।
वो मुस्कुराते हुए बाहर निकली और बोली,
नेहा: “मतलब... जो तुम balcony में राहुल को दिखाती हो... वो बंद मत करना।
राहुल ने नीना को सब कुछ बता दिया है...”
मैं समझ गया। राहुल ने अपनी गर्लफ्रेंड को हमारी balcony वाली बात भी बता दी थी।
तभी पीछे से एक भारी, नशे वाली आवाज़ आई —
“रंडी साली...”
हम दोनों चौंक गए।
हमने सोचा था हम अकेले हैं, लेकिन गुप्ता जी अंधेरे कोने में खड़े सिगरेट पी रहे थे।
गुप्ता जी ने हमारी बातें सुनीं।
उनकी टाँगें काँप रही थीं, नशा चढ़ा हुआ था।
हमने अनसुना कर दिया।
नेहा ने मेरी बाँह पकड़ी और हम तेज़ी से घर की तरफ़ बढ़ गए।
दरवाज़ा खोला और अंदर घुस गए।
अंदर जाते ही नेहा ने अपने गीले कपड़े उतारना शुरू कर दिया।
साड़ी का पल्लू ज़मीन पर गिरा, फिर ब्लाउज़ के हुक खोलने लगी।
उसके भारी, पसीने से चमकते स्तन बाहर आने को तैयार थे।
मगर मेरा दिमाग अभी भी गुप्ता जी की उस गाली पर अटका हुआ था — “रंडी साली”।
मेरी बीवी के बारे में ये शब्द...
नेहा ने अपनी साड़ी पूरी तरह उतारकर फेंक दी और सिर्फ पैंटी में खड़ी होकर मेरी तरफ़ आई। उसके भारी स्तन हिल रहे थे, पूरा शरीर पसीने से चमक रहा था।
नेहा: (मेरी आँखों में देखते हुए)
“चुप क्यों हो सम? क्या सोच रहे हो?”
मैं एक पल चुप रहा। गुप्ता जी की वो गाली — “रंडी साली” — अभी भी मेरे दिमाग में घूम रही थी। मुझे लगा कि मुझे उस बूढ़े को जवाब देना चाहिए था।
सम: “कुछ नहीं...
तुम रुको... मैं सिगरेट पीकर आता हूँ।
तुम तैयार रहो, मैं अभी आता हूँ।”
नेहा ने बोतल उठाई, एक घूँट पिया और शरारती मुस्कान के साथ बोली,
नेहा: “पार्टी तो रात भर चलेगी...
जल्दी आना...
मैं इंतज़ार कर रही हूँ।”


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