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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
(19-05-2026, 06:28 PM)maitripatel Wrote: रजनी शरमा कर बोली,


“माँ… जब गुरुजी ने मुझे 69 पोजीशन में चाटा था… तो मुझे बहुत मजा आया था। उनकी जीभ मेरी चूत के अंदर घुस रही थी। और लंड तो बाप.....रे....मुंह को काफी चोदे जा रहा था।”
 
गीता हँसी,

“वो तो शुरुआत थी बेटी। असली मजा तो तब आता है जब वो गोदी चुदाई करते हैं। मुझे अपने ऊपर बिठाकर कमर पकड़कर ऊपर-नीचे करते हैं। लंड जड़ तक घुसता है और निकलता है। मेरी बोबले उछल-उछलकर उनके मुँह में चली जाती थीं।”
 
रजनी ने अपनी माँ की भारी बोब्लो को देखते हुए पूछा, “और… गांड मारने की तकनीक?”
 
गीता की आँखें चमक उठीं। “तुम्हे गांड में भी रस है यह जान कर बहोत ख़ुशी हुई बेटी।“
 
“अरे बेटी… गुरुजी की गांड मारने की तकनीक सबसे खतरनाक है। पहले घी और शहद लगाकर गांड को चाटते हैं। फिर दो उँगलियाँ डालकर फैलाते हैं। जब गांड का छेद थोडा बड़ा हो जाता है और लंड के सुपारे को लेने के सक्षम बन जाता है तब गांड थोड़ी ढीली हो जाती है, तब अपना मोटा लंड एक ही झटके में पूरा घुसा देते हैं। पहले 5-10 मिनट धीरे, फिर तूफान। मुझे तो पहली बार में ही चीख निकल गई थी… लेकिन बाद में मजा आने लगा। अभी भी मेरी गांड में हल्का दर्द है। और मेरा मान ना है की एक दो और राउंड हो गए तो मेरी गांड का छेद उनके लंड के टोपे जितना बड़ा कर ही देंगे। और मैं यही चाहती भी हूँ बेटी, की मेरी गांड का छेद खोल दे और बड़ा सा सुराग कर दे।”
 
रजनी ने शर्म से कहा, “माँ… मुझे भी गुरुजी की ये सारी तकनीकें आजमानी हैं। और अभी तक मेरी गांड नहीं मारी गुरूजी ने। क्या मेरी गांड अच्छी नहीं है?”
गीता ने रजनी को चूमते हुए कहा, “बेटी, तुम अभी बहोत छोटी हो तुम्हारिगांड का छेद भी बहोत छोटा है। और गुरूजी ने अभी सही नहीं मन होगा। लेकिन अभी तो 6 दिन बाकी हैं। गुरूजी जब चाहे तुम्हारी गांड मार सकते है। और तुम्हे अच्छे से मरवानी भी चाहिए, भले ही गांड फट जाये। गुरुजी हमें और भी बहुत कुछ सिखाएंगे। उनकी हर तकनीक अलग स्वाद देती है - कभी मीठा दर्द, कभी जन्नत जैसा आनंद। बस हमें नंगी रहना है और उनकी हर आज्ञा माननी है।” मैत्री रचित कहानी.
 
दोनों माँ-बेटी एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराईं। उनकी नंगी देहें सुबह की धूप में चमक रही थीं और बातें करते-करते दोनों की चूतें हल्की-हल्की गीली होने लगी थीं।


************************

आज के लिए बस इतना ही।

फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ।

तबै तक के लिए मैत्री की तरफ से जय भारत।।

माँ बेटी के संवाद ने तो दिल खुश कर दिया। कहानी का लय अब ठीक तो हो रहा है पर फिर भी टूटी हुई कई हिस्सों में बटी हुई लगती है। 
जहाँ भाग के अंत में कपड़े पहने हुए होते है अगले भाग में शुरू ही नग्न अवस्था होती है। 

ध्यान रखे। 

Erotic story। Hinglish and devnagri script writing me जो मेहनत होती होगी वो सराहनीय है।
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सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by Curiousbull - 16-06-2026, 08:41 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM



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