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Adultery वह आग जो कभी बुझती नहीं (Raj or Suman)
#26
"सुन," राज ने फुसफुसाया। "वो देख।"

पार्क के दूसरे छोर परएक आदमी बेंच पर बैठा था। सिगरेट जला रहा था। चालीस के करीब। मोटा-ठिगना, शायद कोई मजदूर या नाई। उसकी बाँहों पर टैटू थे। उसने सुमन को देखानज़रें गड़ गईं। सिगरेट उसके हाथ में बिना जले रह गई।
राज ने सुमन के कान में कहा, "जा। उसके सामने से गुजर। धीरे से।"
सुमन मुस्कुराई। वह उस आदमी की तरफ बढ़ी। राज एक पेड़ के पीछे खड़ा हो गयादेखने के लिए।
सुमन बेंच के सामने से गुज़री। धीरे। उसके कूल्हे लहरा रहे थे। उसकी चूचियाँ ड्रेस के अंदर उछल रही थींबिना ब्रा, बस ड्रेस की पतली रेशम जो हर हिलाने पर उभार बता रही थी।
उस आदमी की सिगरेट गिर गई। उसने सुमन को घूराउसकी नज़र उसके स्तनों से उसकी खुली रान पर, फिर उसके नीचे की दरार परजहाँ से उसकी चूत झाँक रही थी, ड्रेस के नीचे से।
सुमन वहीं रुक गई।

[Image: magnific-woman-teasing-stranger-pa-YVw-Gr-NTWe-C.png]

बेंच के सामने। उस आदमी के बिल्कुल सामने।
उसने धीरे-धीरे अपने दोनों हाथ ऊपर उठाएजैसे तन रही हो। उसकी चूचियाँ और ऊपर उठ गईं, ड्रेस का कपड़ा उन पर तन गयानिप्पल साफ उभर आए, कपड़े को चीरते हुए।
उस आदमी का मुँह खुल गया। उसके होंठ सूख गए। उसने अपना थूक निगलाबार-बार।
सुमन ने मुस्कुराकर कहा — "अच्छी रात है।"
उस आदमी ने कुछ नहीं कहा। वह सिर्फ देख सकता था।
सुमन ने अपना पैर बेंच के पास रखी एक छोटी सी ईंट पर रख दिया। उसकी जांघ खुल गई। ड्रेस का स्लिट और खुल गयाअब उसकी पूरी जांघ नंगी थी, ऊपर तक। उसकी चूतवह दिखाई दे रही थी। लेबिया की गुलाबी लकीरें। कुछ काले बाल। उस पर हल्की नमी चमक रही थी।
उस आदमी ने अपनी पैंट के ऊपर से अपना लंड पकड़ लिया। उसकी आँखों में पानी गयाभूख से। वह अपना लंड दबा रहा था, मसल रहा था, उसका हाथ तेज़ होता जा रहा था।
सुमन ने अपनी उँगली अपने होठों पर रखीचुप रहने का इशारा। फिर उसने अपनी उँगली नीचे उतारीअपने निप्पल पर घुमाईड्रेस के ऊपर से।
उस आदमी की साँसें फट रही थीं।
सुमन ने धीरे-धीरे अपनी ड्रेस का नेकलाइन नीचे खींचाएक चूची बाहर गई। बड़ी, गोरी, गोल, निप्पल सख्त और खड़ाजैसे उँगली कर रहा हो। सुमन ने उसे अपनी हथेली में लिया, दबाया, छोड़ा, फिर निप्पल पर उँगली घुमाई।
उस आदमी ने अपना लंड पैंट से बाहर निकाल लिया। लाल, सख्त, उभरी हुई नसें। उसने उसे जोर-जोर से हाथ लगाना शुरू कर दिया। थूक उसकी ठुड्डी से टपक रहा था।
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RE: वह आग जो कभी बुझती नहीं (Raj or Suman) - by Certified Addict - 14-06-2026, 11:39 PM



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