14-06-2026, 11:10 PM
Chapter 5
सुबह की धूप कमरे में फ़िल्टर होकर आ रही थी। हल्की नारंगी।
सुमन अभी भी सो रही थी — नागी। नाइटी ऊपर चढ़ गई थी। थोंग रात ही कहीं खो गया था — शायद क्लब के फर्श पर, शायद टैक्सी में, शायद यहीं कहीं।
उसकी चूत खुली पड़ी थी। सुबह की ठंडी हवा उस पर पड़ रही थी। लैबिया थोड़े खुले हुए — रात की नमी अभी भी वहाँ थी। सूखी नहीं थी।
राज बाथरूम से निकला। तौलिया कमर पर लपेटे हुए। उसके सामने तंबू खड़ा था — रात के सबके बाद भी।
उसने देखा सुमन को। उसकी खुली हुई चूत को। उसकी बड़ी, गोरी, भरी हुई जांघों के बीच वह काली-गुलाबी दरार।
राज घुटनों के बल बैठ गया। बिस्तर के किनारे।
उसने अपना चेहरा सुमन की चूत के बिल्कुल पास रख लिया। सूंघा।
गंध — तेज़। नमकीन। रात का बचा हुआ पसीना, उस अजनबी आदमी की उँगलियाँ, सुमन का अपना पानी, डांस फ्लोर की धूल, क्लब की बियर। सब मिला हुआ।
राज ने एक लंबी, गहरी साँस ली। जैसे कोई नशा अंदर उतार रहा हो।
फिर उसने अपने होंठ चूत पर रख दिए। धीरे से। एक लंबा, गीला किस। बीचोंबीच — जहाँ सबसे ज्यादा गीलापन था।
सुमन करवट बदलते हुए बुदबुदाई — "हम्म्म..."
राज उठा। तैयार होने लगा।
शर्ट, पेंट, बेल्ट, घड़ी। ब्रश, परफ्यूम, फोन, वॉलेट।
बाहर निकलने से पहले — वह वापस बिस्तर पर गया। झुका। सुमन के गाल पर एक किस किया।
वह सोई हुई थी। बिल्कुल खूबसूरत। उसके होठों पर हल्की मुस्कान — किसी सपने में, शायद उसी अजनबी के साथ।
राज निकल गया।
राज अपनी कुर्सी पर पीछे की तरफ झुका हुआ था। उसके सामने कंप्यूटर स्क्रीन थी — लेकिन उस पर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि कल रात के दृश्य चल रहे थे।
सुमन उस अजनबी के कंधे पर सिर रखे। उसकी चूत में उँगली।
वह दूसरा आदमी — बार में राज के बगल में बैठा — जिसने भी अपना लंड मसला था।
सुमन की नंगी चूचियाँ डांस फ्लोर पर हवा में झूलती हुई।
राज का लंड पेंट के अंदर दर्द करने लगा। वह मुस्कुराया।
यह तो बस शुरुआत थी।
उसने अपने फोन में एक नोट खोला — "प्लान्स"
लिखा —
1. रेस्टोरेंट में डिनर — थाई-स्लिट ड्रेस, बिना चड्डी। वेटर को इत्तेफाक से दिख जाए।
2. मेट्रो यात्रा — पीक आवर्स। कोई अनजान आदमी पीछे से रगड़ खाए।
3. ब्यूटी पार्लर — मसाज। पुरुष मसाजिस्ट। पूरा शरीर, कोई कपड़ा नहीं।
4. किसी पार्टी में — सुमन किसी और के साथ डांस करे। पूरी रात। मैं देखूँ।
राज ने फोन रखा। उसके लंड ने पेंट को और उभार दिया।
वह सोचने लगा — अगला कदम। असली कदम। जहाँ सिर्फ उँगली नहीं, बल्कि... असली लंड। किसी और का।
उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने पानी पिया। ठंडा।
लेकिन अंदर आग थी।
सुबह की धूप कमरे में फ़िल्टर होकर आ रही थी। हल्की नारंगी।
सुमन अभी भी सो रही थी — नागी। नाइटी ऊपर चढ़ गई थी। थोंग रात ही कहीं खो गया था — शायद क्लब के फर्श पर, शायद टैक्सी में, शायद यहीं कहीं।
उसकी चूत खुली पड़ी थी। सुबह की ठंडी हवा उस पर पड़ रही थी। लैबिया थोड़े खुले हुए — रात की नमी अभी भी वहाँ थी। सूखी नहीं थी।
राज बाथरूम से निकला। तौलिया कमर पर लपेटे हुए। उसके सामने तंबू खड़ा था — रात के सबके बाद भी।
उसने देखा सुमन को। उसकी खुली हुई चूत को। उसकी बड़ी, गोरी, भरी हुई जांघों के बीच वह काली-गुलाबी दरार।
राज घुटनों के बल बैठ गया। बिस्तर के किनारे।
उसने अपना चेहरा सुमन की चूत के बिल्कुल पास रख लिया। सूंघा।
गंध — तेज़। नमकीन। रात का बचा हुआ पसीना, उस अजनबी आदमी की उँगलियाँ, सुमन का अपना पानी, डांस फ्लोर की धूल, क्लब की बियर। सब मिला हुआ।
राज ने एक लंबी, गहरी साँस ली। जैसे कोई नशा अंदर उतार रहा हो।
फिर उसने अपने होंठ चूत पर रख दिए। धीरे से। एक लंबा, गीला किस। बीचोंबीच — जहाँ सबसे ज्यादा गीलापन था।
सुमन करवट बदलते हुए बुदबुदाई — "हम्म्म..."
राज उठा। तैयार होने लगा।
शर्ट, पेंट, बेल्ट, घड़ी। ब्रश, परफ्यूम, फोन, वॉलेट।
बाहर निकलने से पहले — वह वापस बिस्तर पर गया। झुका। सुमन के गाल पर एक किस किया।
वह सोई हुई थी। बिल्कुल खूबसूरत। उसके होठों पर हल्की मुस्कान — किसी सपने में, शायद उसी अजनबी के साथ।
राज निकल गया।
राज अपनी कुर्सी पर पीछे की तरफ झुका हुआ था। उसके सामने कंप्यूटर स्क्रीन थी — लेकिन उस पर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि कल रात के दृश्य चल रहे थे।
सुमन उस अजनबी के कंधे पर सिर रखे। उसकी चूत में उँगली।
वह दूसरा आदमी — बार में राज के बगल में बैठा — जिसने भी अपना लंड मसला था।
सुमन की नंगी चूचियाँ डांस फ्लोर पर हवा में झूलती हुई।
राज का लंड पेंट के अंदर दर्द करने लगा। वह मुस्कुराया।
यह तो बस शुरुआत थी।
उसने अपने फोन में एक नोट खोला — "प्लान्स"
लिखा —
1. रेस्टोरेंट में डिनर — थाई-स्लिट ड्रेस, बिना चड्डी। वेटर को इत्तेफाक से दिख जाए।
2. मेट्रो यात्रा — पीक आवर्स। कोई अनजान आदमी पीछे से रगड़ खाए।
3. ब्यूटी पार्लर — मसाज। पुरुष मसाजिस्ट। पूरा शरीर, कोई कपड़ा नहीं।
4. किसी पार्टी में — सुमन किसी और के साथ डांस करे। पूरी रात। मैं देखूँ।
राज ने फोन रखा। उसके लंड ने पेंट को और उभार दिया।
वह सोचने लगा — अगला कदम। असली कदम। जहाँ सिर्फ उँगली नहीं, बल्कि... असली लंड। किसी और का।
उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने पानी पिया। ठंडा।
लेकिन अंदर आग थी।


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