14-06-2026, 07:25 PM
सुबह 8 बजे मुखिया घर से निकल गया। चंपा चाय का ट्रे लेकर कमरे में आई और दोनों लड़कियों को जगाया।
“उठो बेटी… बाबाजी जी के लिए चाय लाई हूँ।”
काजल और अंजली आँखें मलते हुए उठीं। दोनों की चेहरे पर थकान और रात की चुदाई का नशा अभी भी साफ दिख रहा था।
चंपा ने चाय का कप मेरे हाथ में देते हुए पूछा, “बाबाजी, रात आपने आराम से सोया ना? अगर कोई जरूरत हो तो बताइए।”
मैंने चाय का घूँट लेते हुए कहा, “आराम तो हो गया… लेकिन अब पूजा की तैयारी करनी है। आज पहले अंजली की पूजा होगी, जो दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इस पूजा में अंजली की माँ को भी बैठना है।”
चंपा ने सिर हिलाया, “जी बाबाजी… जैसी आपकी आज्ञा।”
काजल ने शरमाते हुए पूछा, “मैं क्या करूँ बाबाजी?”
मैंने काजल की तरफ देखकर कहा, “तुम नीचे रहो। जब तुम्हारी जरूरत पड़ेगी, तब बुला लेंगे।”
काजल ने “जी” कहकर सिर झुका लिया। लेकिन वह वही खड़ी रही तो मैंने फिर से कहा।
मैंने कहा, “दोनों नहाकर आओ। आज पहले अंजली की पूजा होगी, जो 12 बजे तक चलेगी। इस पूजा में अंजली की माँ को बैठना है। काजल, तुम नीचे रहना, जब जरूरत पड़ेगी बुला लेंगे।”
अब कमरे में सिर्फ मैं, अंजली और चंपा रह गए थे। पूजा की तैयारी शुरू होने वाली थी…
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जुड़े रहिये दोस्तों.
मैत्री.
“उठो बेटी… बाबाजी जी के लिए चाय लाई हूँ।”
काजल और अंजली आँखें मलते हुए उठीं। दोनों की चेहरे पर थकान और रात की चुदाई का नशा अभी भी साफ दिख रहा था।
चंपा ने चाय का कप मेरे हाथ में देते हुए पूछा, “बाबाजी, रात आपने आराम से सोया ना? अगर कोई जरूरत हो तो बताइए।”
मैंने चाय का घूँट लेते हुए कहा, “आराम तो हो गया… लेकिन अब पूजा की तैयारी करनी है। आज पहले अंजली की पूजा होगी, जो दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इस पूजा में अंजली की माँ को भी बैठना है।”
चंपा ने सिर हिलाया, “जी बाबाजी… जैसी आपकी आज्ञा।”
काजल ने शरमाते हुए पूछा, “मैं क्या करूँ बाबाजी?”
मैंने काजल की तरफ देखकर कहा, “तुम नीचे रहो। जब तुम्हारी जरूरत पड़ेगी, तब बुला लेंगे।”
काजल ने “जी” कहकर सिर झुका लिया। लेकिन वह वही खड़ी रही तो मैंने फिर से कहा।
मैंने कहा, “दोनों नहाकर आओ। आज पहले अंजली की पूजा होगी, जो 12 बजे तक चलेगी। इस पूजा में अंजली की माँ को बैठना है। काजल, तुम नीचे रहना, जब जरूरत पड़ेगी बुला लेंगे।”
अब कमरे में सिर्फ मैं, अंजली और चंपा रह गए थे। पूजा की तैयारी शुरू होने वाली थी…
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मैत्री.



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