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Adultery वह आग जो कभी बुझती नहीं (Raj or Suman)
#19
घर के अंदर।
दरवाज़ा बंद होते ही दोनों एक दूसरे पर टूट पड़े।
कोई बात नहीं हुई। सिर्फ साँसें। हाथ। होंठ।
राज ने सुमन की ड्रेस ऊपर की — उतारी नहीं, बस ऊपर चढ़ा दी। सुमन की चूचियाँ बाहर आ गईं। थोंग पहले से ही गीली थी — क्लब से, डांस से, उस आदमी की उँगलियों से, टैक्सी से, सबसे।
सुमन ने राज की शर्ट के बटन तोड़ दिए। लाकर फाड़े नहीं, लेकिन जल्दी में इतनी ताकत लगाई कि दो बटन उड़ गए।
राज ने अपना पेंट नीचे उतारा। उसका लंड बाहर आया — सख्त, नीला पड़ चुका था इतनी देर खड़े रहने से।
सुमन ने उसे देखा। उसके मुँह से "वाह" निकला।
लेकिन राज ने सुमन को लेटा दिया। वह उसके ऊपर गया।
"69," राज ने कहा।

[Image: gif-240.gif]

सुमन ने बिना कुछ कहे करवट बदली। वह राज के ऊपर आ गई। अपना सिर उसके लंड की तरफ किया। अपनी चूत राज के मुँह के सामने रख दी।
राज ने सुमन की चूत देखी। थोंग पहले से ही एक तरफ खिसक चुकी थी। उसकी लेबिया सूजी हुई थीं। लाल। गीली। बाल छोटे कटे हुए थे — कल ही ट्रिम की थी।
उसने अपनी जीभ बढ़ाई। चूत के ऊपरी हिस्से पर रखी। चाटा।
"अह्ह्ह..." सुमन के मुँह में राज का लंड था। उसने उसे अंदर ले लिया। पूरा नहीं — आधा — क्योंकि राज का लंड मोटा था।
राज ने अपनी जीभ सुमन की चूत की तरफ घुमाई। उसकी लेबिया को अलग किया। अंदर गुलाबी था। गीला। चमक रहा था।
उसने अपनी जीभ अंदर डाल दी।
"उह्ह्ह्ह —" सुमन कराही। उसके मुँह में राज का लंड था, इसलिए आवाज़ धुंधली आ रही थी।
वह भी चूसने लगी। उसकी जीभ राज के लंड के निचले हिस्से पर घूम रही थी। फिर सिरे पर। फिर पूरे को अंदर लेने की कोशिश।
राज ने सुमन की चूत से पानी पीना शुरू कर दिया। वह बह रहा था। नीचे से उसके मुँह में आ रहा था। खट्टा। नमकीन। गरम।
उसने अपनी उँगली सुमन की चूत के अंदर डाली। बाहर निकाली। चूत ने उसे चूसा। अंदर खींचा।
फिर उसने अपनी जीभ सुमन की गांड की तरफ ले गई। उसकी गांड का छेद — साफ था। छोटा। उसने अपनी जीभ की नोक वहाँ रखी।
सुमन की पूरी बॉडी काँप गई। उसने राज के लंड को जोर से चूसा। उसकी जीभ तेज हो गई।
राज ने उसकी गांड चाटना जारी रखा। फिर वापस चूत पर आया। फिर गांड पर। फिर चूत पर।
दोनों एक दूसरे को मुँह से संत कर रहे थे।
धीरे-धीरे सुमन की साँसें गहरी होने लगीं। राज की भी। उनके शरीर ढीले पड़ने लगे।
सुमन ने राज के लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला। उसके होठों पर लार और राज के प्री-कम का मिश्रण था।
"बस... अब सो जाते हैं," वह फुसफुसाई।
राज ने कुछ नहीं कहा। उसने अपने मुँह से सुमन की चूत छोड़ी। उसकी गांड छोड़ी।
दोनों ने करवट बदली। वैसे ही 69 पोजीशन में — सुमन राज के ऊपर, राज नीचे — लेकिन अब चूस नहीं रहे थे। बस एक दूसरे के शरीर की गर्मी महसूस कर रहे थे।
सुमन ने राज के लंड को अपने गाल से सहलाया। राज ने सुमन की चूत पर अपना गाल रख दिया।
दोनों की साँसें धीरे-धीरे सामान्य हुईं।
लंड — सख्त से नरम हो गया।
चूत — गीली से सूखती हुई।
दोनों उसी पोजीशन में सो गए। राज का चेहरा सुमन की चूत और गांड के बीच दबा हुआ। सुमन का चेहरा राज के लंड और बॉल्स के बीच।
कमरे में सिर्फ पंखे की आवाज़। और उनकी गहरी हो चुकी साँसें।
फिर आँखें बंद हो गईं।
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RE: वह आग जो कभी बुझती नहीं (Raj or Suman) - by Certified Addict - 13-06-2026, 11:29 AM



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