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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
मैंने पूछा, “आप कौन हैं?”

 
“मैं इस गाँव का मुखिया गजराज हूँ।”
 
मैंने मना किया, “अभी हमें कहीं और जाना है।” मैत्री की रचना
 
मुखिया ने हाथ जोड़कर जिद की, “बाबाजी, मेरा घर यहीं पास में ही है। बस एक बार चलकर देख लीजिए।”
 
मैंने रजनी के पिता के सामने दिखा तो वह बोले: “जी बाबाजी, आप उनके घर जा सकते है, अब यहाँ तक आप हो तो उनके वहा भी चल के देख लीजिये।“
गीता ने भी सम्मति उसकी आँखों से दी।
 
आखिरकार मैं मुखिया के घर जाने को राजी हो गया।
 
जैसे ही मैं उनके घर पहुँचा, बहुत आदर और सत्कार से मेरा स्वागत हुआ। मुखिया ने तुरंत अपनी बेटी को आवाज दी।
 
अंजली अंदर आई। 22-23 साल की साँवली, गठीली युवती थी। उसके स्तन ऊपर की तरफ उठे हुए थे, नितंब बाहर को निकले हुए थे। लहंगा-चोली में उसके भरे-भरे चुचे आजाद होने को मचल रहे थे।
 
अंजली को देखते ही मेरे लंड ने पैंट के अंदर ही दहाड़ मारी।
 
मैंने गंभीर स्वर में कहा, “मुखिया जी, मुझे कुछ पल का समय दीजिए।”
 
मैंने अंजली की आँखों में गहरी नजर डाली, फिर आँखें बंद कीं और कुछ देर बाद खोलीं। मेरे चेहरे पर चिंता के साफ भाव थे।
 
मुखिया घबराकर बोला, “क्या बात है बाबा?”
 
मैंने गंभीरता से कहा, “मुखिया जी, बात बहुत गंभीर है। आपकी बेटी की कोख सूख चुकी है। ये कभी माँ नहीं बन पाएगी।” एडिटर फनलवर है
 
मुखिया फूट-फूटकर रो पड़ा, “बाबा, आप ही हमारी आखिरी उम्मीद हैं। कोई उपाय बताइए… कृपा कीजिए…”
 
मैंने कहा, “मैं कोशिश कर सकता हूँ… बाकी ऊपर वाले की मर्जी।”
 
मुखिया ने तुरंत पूछा, “क्या करना होगा बाबा? बस आप हुकुम कीजिए बाबाजी।”
 
मैंने सामान की एक लिस्ट बना दी और नई सफेद धोती मँगवा ली।
 
थोड़ी देर बाद सारा सामान आ गया। मैंने अपनी बातों का ऐसा जाल बुन दिया कि मुखिया मेरी हर बात बिना सवाल किए मानने लगा।
 
मैंने मुखिया से पूजा के लिए एकांत कमरे का प्रबंध करने को कहा। मुखिया ने अपनी बड़ी हवेली के ऊपरी तल्ले का एक सुनसान कमरा दे दिया।
 
हम तीनों - मैं, मुखिया और अंजली - ऊपर पहुँचे।
 
मैंने अंजली से कहा, “बेटी, मेरे सामने बैठो।”
 
अंजली कुछ डरी हुए सिर झुकाए मेरे सामने बैठ गई…
 
बाबा ने अग्नि जलाई और मंत्रों का उच्चारण शुरू कर दिया। लेकिन उनकी बड़ी-बड़ी आँखें बार-बार अंजली की दोनों भरी-भरी चूचियों पर अटकी जा रही थीं, जो उसके बैठने के बाद और भी उभरकर सामने आ गई थीं।
 
कुछ पल आँखें बंद करके बाबा ने कहा, “मुखिया, तेरे घर में जितनी भी औरतें हैं, सबको ऊपर बुला लो।”
 
मुखिया ने तुरंत अपनी पत्नी चंपा (45 साल) और बहू काजल (22 साल) को बुला लिया। मुखिया का बेटा फौज में था। शादी को सिर्फ 6 महीने हुए थे, लेकिन सुहागरात तक नहीं हो पाई थी।
 
जैसे ही चंपा और काजल ऊपर आईं, बाबा की नजर सबसे पहले काजल पर पड़ी। गोरी, नाजुक और 22 साल की काजल को देखकर बाबा का लंड धोती के अंदर ही फड़क उठा। अब बाबा के सामने चूतों का पूरा गोदाम तैयार था।
 
सबके आने के बाद बाबा ने गंभीर स्वर में कहा, “चंपा, तुम्हारी बेटी की कोख बचपन में ही बाँध दी गई थी। उसने किसी देवता के स्थान पर पेशाब कर दिया था। उसी श्राप से यह सब हो रहा है। अगर तुम चाहती हो कि अंजली माँ बने, तो हमें इस श्राप को मुक्त करना होगा।”
 
मुखिया ने अधीर होकर पूछा, “बाबा, क्या करना होगा?” मैत्री की पेशकश
 
बाबा बोले, “पहले तुम नीचे जाकर पीले कपड़े पहन लो। जब तक पूजा चलेगी, यहाँ कोई नहीं आएगा - खासकर कोई मर्द नहीं रह सकता। नीचे बैठकर 121 फूलों की 500 मालाएँ बनानी होंगी। कर पाओगे?”
 
मुखिया बोला, “बेटी की खुशी के लिए हम सब कुछ करेंगे।” कहकर वह नीचे चला गया।
 
अब ऊपर सिर्फ बाबा, चंपा, अंजली और उसकी भाभी काजल रह गए थे।
 
बाबा ने पूजा शुरू की। उन्होंने चंपा को भी कुछ काम बताकर नीचे भेज दिया। अब कमरे में सिर्फ तीनों थे।
 
बाबा ने आँखें बंद कीं, फिर खोलकर काजल से बोले, “बेटा, तू शादी के बाद भी अभी तक कुंवारी है और जिंदगी भर कुंवारी ही रहेगी अगर…”
 
काजल डरकर बाबा के पैर पकड़ लेती है, “बाबा, आप तो अंतर्यामी हैं… लेकिन ऐसा क्यों कह रहे हैं?”
 
बाबा ने डराते हुए कहा, “तेरे पति का राहुकाल चल रहा है और कुंडली में मृत्यु योग है। अगर तू उसके प्राण बचाना चाहती है, तो जो हम कहें, वैसा ही करना होगा। इसी पूजा में हम दोनों के कष्ट हर लेंगे।”
 
दोनों औरतें डर गईं और एक साथ बोलीं, “जैसा आप कहेंगे, हम वैसा ही करेंगे।”
 
बाबा ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब दोनों को एक-दूसरे पर जल डालकर शुद्ध करना है।”
 
************************************************.


आज के लिए यही तक।

आप से हो सके तो अपने मंतव्यो दीजिये.


वरना.


मैत्री का जय भारत।।
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Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 08-06-2026, 03:32 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM



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