07-06-2026, 11:32 PM
(This post was last modified: 13-06-2026, 11:57 AM by Certified Addict. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
सुमन "क्यों?"
"क्योंकि मैं चाहता हूँ कि लोग तुझे देखें। सड़क पर, मॉल में, मेट्रो में। और उनका लंड खड़ा हो जाए। उनका मुँह खुला रह जाए। सबके मन में बस यही निकले — 'क्या माल है ये।'"
सुमन नीचे देखने लगी। शर्म से नहीं — चाहत से। उसकी नज़र राज के पेंट पर पड़ी।
एक तंबू खड़ा था। सुमन मुस्कुराई। वह मुस्कान — वो मुस्कान जो अब बार-बार आती थी। शैतानी। भरी हुई।
"सबसे पहले तो ये बदमाश ही खड़ा हो गया," उसने कहा। उसका हाथ बढ़ा। राज के पेंट के ऊपर से उसने उसके लंड को सहलाया। गर्म था। सख्त। धड़क रहा था।
राज कराहा। उसने सुमन को पलटकर उसकी गांड पर हाथ रखा। जोर से दबाया। मांसल, मुलायम, गर्म। उसने गांड के बीच की दरार पर अंगूठा फेरा।
सुमन ने अपनी गांड और पीछे की। उसकी तरफ। "अब नहीं," राज फुसफुसाया। "ऑफिस जाना है।"
उसने सुमन के होठों पर एक लंबा, गीला, गहरा किस किया। उसकी जीभ अंदर घुसी, बाहर निकली।
फिर वह चल दिया। दरवाजे पर रुका। मुस्कुराया।
"और हाँ — सारे ड्रेस पहनकर मुझे सेल्फी भेजना। एक-एक करके। हर ड्रेस में। अभी। आज का तेरा टास्क है ये।"
दरवाज़ा बंद हुआ।
सुमन अकेली रह गई। बैग में हाथ डाला। उसने वो डीप नेक टॉप निकाला। कपड़े की बनावट रेशमी थी। उसने उसे अपने सीने से लगाया। फिर उतार डाली अपनी सादी सूती कुर्ती।
दर्पण के सामने खड़ी हो गई।
खुद को देखा। बड़े, भारी, लचकते स्तन। चौड़े कूल्हे। मांसल, गोरी जांघें। उठी हुई, गोल, सख्त गांड।
उसने डीप नेक टॉप पहना। स्तन ऊपर उछले। आधे से ज्यादा बाहर थे। निप्पल कपड़े को चीरते हुए दिख रहे थे।
उसने स्किन-टाइट लेगिंग पहनी। अब उसकी चूत का उभार साफ दिख रहा था। लेबिया की लकीरें लेगिंग के नीचे उभर रही थीं।
सेल्फी ली। राज को भेजी।
![[Image: z-image-turbo-00030.png]](https://i.postimg.cc/4d85SPNV/z-image-turbo-00030.png)
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पाँच सेकंड में रिप्ले आया —
"बस। मेरा लंड फट गया। अगली।"
सुमन हँसी। उसकी चूत में नमी थी। लेगिंग पर एक छोटा सा गोल दाग बन गया था।
उसने थाई-स्लिट ड्रेस पहनी। उसकी पूरी रान खुली थी। गोरी, मुलायम, मोटी। अगर वह थोड़ा सा भी झुकी, तो उसकी चूत दिख जाएगी।
सेल्फी। भेजी।
राज ने लिखा — "पब्लिक में पहनकर जाएगी इसको?"
सुमन के होंठ काँपे। उसने लिखा — "तू साथ होगा तो... शायद।"
फिर उसने थोंग पहना। वो पतली सी डोरी जो उसकी गांड के बीचों-बीच धँस गई। उसकी चूत पर बस एक छोटा सा कपड़ा। उसके लेबिया उसके किनारों से बाहर झाँक रहे थे।
सेल्फी — पीछे से। उसकी दोनों गोल, भरी हुई गांड के गाल। बीच में वो काली डोरी।
राज का मैसेज — "आज रात इसी में सोना। सिर्फ इसी में।"
सुमन की साँसें और तेज़ हो गईं। उसकी चूत अब बह रही थी। गीली आवाज़ आ रही थी जब वह चली।
उसने आखिरी ड्रेस पहनी — सेमी-ट्रांसपेरेंट नाइटी। उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। उसकी चूत के काले बाल। उसकी गांड की दरार।
सेल्फी।
राज का आखिरी मैसेज —
"तेरे लिए कोई भी आदमी अपनी बीवी, अपना घर, अपनी इज्जत छोड़ सकता है। और मैं चाहता हूँ कि छोड़े। सब। बस तुझे देखने के लिए।"
सुमन ने फोन रख दिया। दर्पण के सामने खड़ी रही। उसने अपने ही शरीर को देखा। अपनी ही चूत की गीली चमक को।
उसने सोचा — क्या मैं सच में ऐसी औरत बन गई हूँ?
और फिर उसने अपनी ही उँगली अपनी चूत पर रखी। । मुस्कुराई। हाँ।
"क्योंकि मैं चाहता हूँ कि लोग तुझे देखें। सड़क पर, मॉल में, मेट्रो में। और उनका लंड खड़ा हो जाए। उनका मुँह खुला रह जाए। सबके मन में बस यही निकले — 'क्या माल है ये।'"
सुमन नीचे देखने लगी। शर्म से नहीं — चाहत से। उसकी नज़र राज के पेंट पर पड़ी।
एक तंबू खड़ा था। सुमन मुस्कुराई। वह मुस्कान — वो मुस्कान जो अब बार-बार आती थी। शैतानी। भरी हुई।
"सबसे पहले तो ये बदमाश ही खड़ा हो गया," उसने कहा। उसका हाथ बढ़ा। राज के पेंट के ऊपर से उसने उसके लंड को सहलाया। गर्म था। सख्त। धड़क रहा था।
राज कराहा। उसने सुमन को पलटकर उसकी गांड पर हाथ रखा। जोर से दबाया। मांसल, मुलायम, गर्म। उसने गांड के बीच की दरार पर अंगूठा फेरा।
सुमन ने अपनी गांड और पीछे की। उसकी तरफ। "अब नहीं," राज फुसफुसाया। "ऑफिस जाना है।"
उसने सुमन के होठों पर एक लंबा, गीला, गहरा किस किया। उसकी जीभ अंदर घुसी, बाहर निकली।
फिर वह चल दिया। दरवाजे पर रुका। मुस्कुराया।
"और हाँ — सारे ड्रेस पहनकर मुझे सेल्फी भेजना। एक-एक करके। हर ड्रेस में। अभी। आज का तेरा टास्क है ये।"
दरवाज़ा बंद हुआ।
सुमन अकेली रह गई। बैग में हाथ डाला। उसने वो डीप नेक टॉप निकाला। कपड़े की बनावट रेशमी थी। उसने उसे अपने सीने से लगाया। फिर उतार डाली अपनी सादी सूती कुर्ती।
दर्पण के सामने खड़ी हो गई।
खुद को देखा। बड़े, भारी, लचकते स्तन। चौड़े कूल्हे। मांसल, गोरी जांघें। उठी हुई, गोल, सख्त गांड।
उसने डीप नेक टॉप पहना। स्तन ऊपर उछले। आधे से ज्यादा बाहर थे। निप्पल कपड़े को चीरते हुए दिख रहे थे।
उसने स्किन-टाइट लेगिंग पहनी। अब उसकी चूत का उभार साफ दिख रहा था। लेबिया की लकीरें लेगिंग के नीचे उभर रही थीं।
सेल्फी ली। राज को भेजी।
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पाँच सेकंड में रिप्ले आया —
"बस। मेरा लंड फट गया। अगली।"
सुमन हँसी। उसकी चूत में नमी थी। लेगिंग पर एक छोटा सा गोल दाग बन गया था।
उसने थाई-स्लिट ड्रेस पहनी। उसकी पूरी रान खुली थी। गोरी, मुलायम, मोटी। अगर वह थोड़ा सा भी झुकी, तो उसकी चूत दिख जाएगी।
सेल्फी। भेजी।
राज ने लिखा — "पब्लिक में पहनकर जाएगी इसको?"
सुमन के होंठ काँपे। उसने लिखा — "तू साथ होगा तो... शायद।"
फिर उसने थोंग पहना। वो पतली सी डोरी जो उसकी गांड के बीचों-बीच धँस गई। उसकी चूत पर बस एक छोटा सा कपड़ा। उसके लेबिया उसके किनारों से बाहर झाँक रहे थे।
सेल्फी — पीछे से। उसकी दोनों गोल, भरी हुई गांड के गाल। बीच में वो काली डोरी।
राज का मैसेज — "आज रात इसी में सोना। सिर्फ इसी में।"
सुमन की साँसें और तेज़ हो गईं। उसकी चूत अब बह रही थी। गीली आवाज़ आ रही थी जब वह चली।
उसने आखिरी ड्रेस पहनी — सेमी-ट्रांसपेरेंट नाइटी। उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। उसकी चूत के काले बाल। उसकी गांड की दरार।
सेल्फी।
राज का आखिरी मैसेज —
"तेरे लिए कोई भी आदमी अपनी बीवी, अपना घर, अपनी इज्जत छोड़ सकता है। और मैं चाहता हूँ कि छोड़े। सब। बस तुझे देखने के लिए।"
सुमन ने फोन रख दिया। दर्पण के सामने खड़ी रही। उसने अपने ही शरीर को देखा। अपनी ही चूत की गीली चमक को।
उसने सोचा — क्या मैं सच में ऐसी औरत बन गई हूँ?
और फिर उसने अपनी ही उँगली अपनी चूत पर रखी। । मुस्कुराई। हाँ।


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