04-06-2026, 12:42 AM
पार्टी अपने चरम पर पहुँच चुकी थी। पूरा हॉल डिस्को लाइट्स की रंगीन रोशनी से नहाया हुआ था, जिसमें एलईडी बल्बों की चमकीली किरणें सभी दीवारों पर नाच रही थीं। बीयर और व्हिस्की की महक हवा में घुल चुकी थी, और बैंड के जोरदार ड्रम बीट्स पर कई कर्मचारी नशे में डूबकर डांस फ्लोर पर मस्ती कर रहे थे। इसी भीड़ के बीच चैताली, अपने तीन जूनियर सहकर्मियों - राघव, आर्यन और अशोक - के साथ खुलकर डांस कर रही थी।
वह जानबूझकर उनके पास आती, अपने घुमावदार शरीर को उनकी तरफ झुकाती, कभी कंधे से टकराती तो कभी अपने नर्म हाथों से उनकी बाँहों को सहलाती। उसकी फिगर तीनों युवकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। वो अपनी टांगों को स्टिलेटो हील्स पर लहराते हुए उनके बीच घूम रही थी, जिससे तीनों का खून गर्म हो रहा था। "क्या तुम लोग अभी भी शर्मा रहे हो?" चैताली ने शराब से सुर्ख हुए होठों से मुस्कुराते हुए कहा, "इस पार्टी का मतलब है मस्ती करना!"
तभी अचानक चैताली को तीव्र पेशाब का अहसास हुआ। उसने पूरी शाम अब तक कम से कम चार व्हिस्की के पैग लिए थे, जिससे उसकी मूत्राशय की मांसपेशियाँ पूरी तरह ढीली पड़ चुकी थीं। वह खुद को रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पेशाब का दबाव बढ़ता जा रहा था। "अभी आती हूँ," उसने एक लुभावनी मुस्कान के साथ कहा और अपने लाल रंग के पर्स को संभालते हुए डांस फ्लोर से निकलने लगी। उसकी चाल थोड़ी डगमगा रही थी, और वह दीवार को थामते हुए संतुलन बनाने की कोशिश कर रही थी।
"कहाँ जा रही हो चैताली?" राघव ने उसकी कमर पर हाथ रखते हुए पूछा, अपनी उंगलियों को उसके पीछे से स्लिट में सरकाते हुए। उसने महसूस किया कि चैताली की ड्रेस काफी पतली थी और उसकी गर्माहट उसकी उंगलियों तक आ रही थी।
"वॉशरूम, बेबी," वह झटके से उसका हाथ हटाते हुए बोली, "थोड़ी देर में वापस आऊँगी। तब तक तुम लोग अपने ड्रिंक्स खत्म कर लो।" उसकी आवाज़ में शराब की मदहोशी साफ झलक रही थी। उसने अपने पैरों को सँभाला और धीरे-धीरे वॉशरूम की ओर बढ़ने लगी, अपने लंबे बालों को पीछे फेंकते हुए।
जैसे ही चैताली दरवाज़े के बाहर नज़रों से ओझल हुई, तीनों युवक एक-दूसरे की ओर देखकर मुस्कुराए।
"सुनो यार," अशोक ने चैताली के कर्व्स की तरफ इशारा करते हुए कहा, अपने ग्लास में बर्फ के टुकड़ों को हिलाते हुए, "ये 36-24-36 वाली बात तो बकवास है। मेरा अनुमान है कि ये कम से कम 38-26-38 है। उसके ऊपरी हिस्से को देखो, वो ब्रा से बाहर निकलने को तैयार है!"
"हाँ भाई," आर्यन हँसते हुए बोला, अपनी बीयर की बोतल से एक लंबा घूँट लेते हुए, "और वो गांड! जैसे दो पके हुए आम लटक रहे हों! जब वह डांस करते हुए घूमती है तो मेरी आँखें उससे हट नहीं पातीं।"
राघव ने अपनी व्हिस्की का एक बड़ा घूँट भरते हुए कहा, "काश आज रात हम तीनों उसके साथ... तुम समझ रहे हो न?" उसने अपनी आँखों से एक अश्लील इशारा किया, "वो इतनी मस्त है कि शायद मना भी न करे।"
इस पर तीनों ज़ोर से हँस पड़े और फिर से अपने ड्रिंक्स की ओर मुड़ गए, जबकि उनकी निगाहें अभी भी वॉशरूम के रास्ते पर टिकी हुई थीं, चैताली के लौटने का इंतज़ार कर रही थीं।


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