03-06-2026, 11:15 PM
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चैताली हंस पड़ी, उसका सिर पीछे की तरफ झुक गया और उसके बाल हवा में लहरा गए, "अरे यार, तुम लोग.. मुझे शरमा रहे हो.." पर उसके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उसने अनजाने में अपनी साड़ी के पल्लू को संभालने की कोशिश की, जो उसके कंधे से फिसलकर नीचे लटक गया था। इससे उसका ब्लाउज और भी उभर आया, और उसके भरे हुए गोल मम्मों के बीच की क्लीवेज पूरी तरह दिखने लगी।
"अरे यार.. ऐसे नहीं.." चैताली ने शरमाते हुए कहा, पर उसने जल्दी से पल्लू नहीं संभाला, जैसे वो उन्हें देखने का मौका देना चाह रही हो। उसकी आँखों में एक चुभती हुई चमक थी, जो शायद शराब और तारीफों के कारण और भी बढ़ गई थी।
"मैम आपके.. एह.. एसेट्स तो बहुत इम्प्रेसिव हैं," राघव ने उसके मम्मों की तरफ इशारा करते हुए कहा, उसकी आवाज़ थोड़ी लड़खड़ा गई थी। "हम तो बस आपके फैन हैं मैम," अशोक ने चापलूसी की, उसकी नजरें चैताली के ब्लाउज के पीछे के हिस्से पर टिक गईं, जहाँ से उसकी कमर का सुडौल कर्व साफ दिख रहा था।
चैताली नशे और तारीफों के घेरे में खो सी गई थी। उसने बस मुस्कुरा कर जवाब दिया, "तुम लोग बहुत शैतान हो.." जबकि उसके चेहरे पर संतुष्टि की चमक साफ दिख रही थी। उसने एक और घूंट लिया और उन तीनों को देखकर मुस्कुरा दी, जैसे वो इस पूरे खेल का आनंद ले रही हो।


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