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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
बाबा खुद को अब और नहीं रुक सके। उन्होंने अपनी धोती पूरी तरह उतार फेंकी। उनका 9.5 इंच का मोटा, लोहे जैसा खड़ा लंड बाहर निकल आया, जिसके सिरे पर पहले से ही पानी की बूँद चमक रही थी। और उनके लंड को चमका रही थी।

 
“बहुत हो गया तुम दोनों का लेस्बियन खेल…बहनचोद” बाबा ने गुर्राते हुए कहा। “अब दोनों माँ-बेटी को एक साथ चोदता हूँ… आज तुम दोनों की चूत और गांड को मिलाकर फाड़ डालूँगा।” मैत्री रचित कहानी।
 
गीता और रजनी अभी भी 69 पोजीशन में थीं। बाबा ने रजनी को ऊपर से उठाया और दोनों को बिस्तर पर लिटा दिया।
 
बाबा ने पहले गीता को पकड़ा, उसके मोटे नितंब फैलाए और एक ही झटके में अपना पूरा लंड गीता की चूत में घुसा दिया।
 
“आआआह्ह्ह!!! बाबाजी… फट गई मेरी चूत!!! थोडा धीमे डालना था। आपका लोडा बहोत बड़ा है।” गीता चीख उठी।
 
रजनी पास बैठी देख रही थी। बाबा ने रजनी की तरफ देखकर कहा, “देख बेटी… अपनी माँ की चूत कैसे फाड़ रहा हूँ। तू भी देख… कितना मोटा लंड तेरी माँ की चूत में घुस रहा है। मेरा यह लंड अब तेरी माँ का भोसडा बना देगा, बस देखती जा और अपने आपको तैयार कर मेरे इस लंड से फड़वाने के लिए।”
 
गीता हाँफते हुए बोली, “हाँ बेटी… देख… गुरुजी का लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है… आह्ह्ह… बहुत जोर से धक्के दे रहे हैं… तेरी माँ की चूत आज फिर फट जाएगी…मस्त एक बड़ी भोस बनाके ही छोड़ेंगे।”
 
बाबा ने गीता को जोर-जोर से चोदते हुए रजनी को पास बुलाया और उसके मुँह में अपना अंगूठा दे दिया।
 
“चूस… बहनचोद, अपनी माँ की चूत का रस चूस… और देख कैसे मैं तेरी माँ को चोद रहा हूँ। यह तो तेरा अच्छा नसीब है की तुम्हे तेरी माँ चुदते अपनी आँखों से देख रही हो।”
 
रजनी ने बाबा का अंगूठा चूसते हुए कहा, “बाबाजी… माँ की चूत कितनी जोर से फट रही है… मुझे भी चोदिए ना… मेरी छोटी चूत भी फाड़ दीजिए…मुझे अभी अपनी चूत का भोसड़ा बनवाना है। बिलकुल मम्मी जैसा।”
 
बाबा ने अचानक लंड गीता की चूत से निकाला और रजनी को पकड़कर उसके मुँह में ठूँस दिया।
 
“चूस… अपनी माँ की चूत का रस चूस… साफ कर मेरा लंड। देख सही तरीके से चाट के साफ़ कर देना।” मैत्री निर्मित रचना।
 
रजनी ने लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। “म्म्म… माँ… आपकी चूत का स्वाद मेरे मुँह में आ रहा है…मेरे इस लंड देव ने मुझे बड़ा अच्छा मौक़ा दिया है मम्मी।”
 
गीता ने रजनी के बाल पकड़कर कहा, “हाँ बेटी… अच्छे से चूस… गुरुजी का लंड साफ कर… फिर ये लंड तेरी चूत में भी जाएगा…”
 
बाबा ने रजनी को घुटनों के बल बैठाया, पीछे से उसकी टाइट चूत पर लंड रखा और एक ही जोरदार धक्के में आधा लंड अंदर कर दिया।
 
“ऊ..........बा.............प......रे...........आआआह्ह्ह!!! बाबाजी… बस अब मेरी चूत फट गई!!!” रजनी चीखी।
 
गीता ने रजनी की चूची पकड़कर बोली, “तेरी माँ की भोस, चुप कर बेटी… चुप… माँ की तरह सहन कर… देख मैं कितनी बार फाड़वा चुकी हूँ… तू भी सहन कर… गुरुजी का मोटा लंड तेरी छोटी चूत में घुस रहा है… अभी पूरा गया नहीं और तू चिल्लाने लगी है। अपने पैरो को ठीक से फिअल्ला ताकि लंड को आसन रास्ता मिले।”
 
बाबा ने रजनी को तेज-तेज धक्के देने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ रजनी की चूत से “फच… फच… फच…” की आवाज आ रही थी।
 
बाबा: “देख गीता… तेरी बेटी की चूत कितनी टाइट है… फिर भी मेरा पूरा लंड अंदर ले रही है। उसकी चींखे मुझे और भी ज्यादा धक्के मारने को उकसा रही है। आज तेरी बी की भी भोस बन जायेगी मेरे इस लोडे से।”
 
गीता ने रजनी के कान में फुसफुसाकर कहा, “हाँ बेटी… गांड उठा… गुरुजी का लंड पूरा ले… माँ की तरह चुद… हाँ… जोर से चुद… आह्ह्ह! वाह....बेटी...”
 
रजनी हाँफते हुए बोली, “माँ… बहुत मोटा है… मेरी चूत फट रही है… लेकिन मजा भी बहुत आ रहा है… बाबाजी… और जोर से चोदिए… मेरी चूत फाड़ दीजिए…”
 
बाबा ने अब दोनों को एक साथ बिठाया। गीता को अपनी गोद में बिठाया और लंड उसकी चूत में डाल दिया। फिर रजनी को गीता के पीछे खड़ा किया और रजनी की उँगलियाँ गीता की गांड में डलवा दीं।
 
“अब दोनों साथ खेलो… गीता… अपनी बेटी की उँगलियाँ अपनी गांड में ले… और रजनी… अपनी माँ की चूत में मेरे लंड के साथ उँगलियाँ भी डाल…आराम से ले लेगी अब वह चूत नहीं पर एक बड़ा भोसड़ा है।”
 
गीता कराहते हुए बोली, “बेटी… अपनी उँगलियाँ मेरी गांड में डाल… हाँ… दो उँगलियाँ… जोर से… आह्ह्ह! बाबाजी… आप मेरी चूत चोद रहे हो और मेरी बेटी मेरी गांड फाड़ रही है…वाह...मजा आ रही है गांड मरवाने में।”
 
रजनी ने अपनी दो उँगलियाँ माँ की गांड में डालते हुए कहा, “माँ… आपकी गांड भी कितनी गर्म है… मैं उँगलियाँ अंदर-बाहर कर रही हूँ… मैं अब आपकी गांड मार रह हूँ, अब तक सिर्फ सूना था माँ अब देख रही हूँ की माँ की गांड मार रही हूँ। बाबाजी… आप माँ को और तेज चोदिए… मैं भी माँ की गांड फाड़ रही हूँ…”
 
बाबा ने गति तेज कर दी। कमरे में चूत की चप-चप, गांड की फच-फच और तीनों की सिसकारियों की आवाज गूँज रही थी। निर्मात्री मैत्री है।
 
बाबा: “आज दोनों माँ-बेटी की चूत और गांड एक साथ फाड़ूँगा… कौन पहले झड़ेगा?”
 
गीता चीखते हुए बोली, “मैं… मैं पहले झड़ रही हूँ बाबाजी… मेरी चूत फट गई… बेटी… अपनी उँगलियाँ और तेज चलाओ… आह्ह्ह्ह!!! गांड तेज़ मार बेटी.....वाह बैसे ऐसे ही माँ की गांड फाड़ दे बेटी.....मार इसे जितना मार सकती है।”
 
रजनी ने माँ की गांड में उँगलियाँ तेज कीं और बोली, “माँ… आप झड़ रही हैं… मैं भी झड़ने वाली हूँ… बाबाजी… मेरी चूत में भी लंड दीजिए ना… दोनों को एक साथ चोदिए…”
 
बाबा ने गीता की चूत से लंड निकाला और रजनी की चूत में घुसा दिया। अब बारी-बारी दोनों को चोद रहे थे।
 
“ले… दोनों माँ-बेटी… आज तुम दोनों की चूत मेरे लंड की गुलाम बन जाएगी…”
 
गीता ने रजनी को चूमते हुए कहा, “बेटी… आज हम दोनों गुरुजी की रंडियाँ बन गई हैं… चुद… जोर से चुद… माँ भी चुद रही है तेरे साथ…”
 
रजनी हाँफते हुए बोली, “हाँ माँ… हम दोनों की चूत फट रही है… लेकिन बहुत मजा आ रहा है… बाबाजी… और तेज… हम दोनों को एक साथ चोदिए…”
 
बाबा ने दोनों को जमीन पर लिटाया, एक के ऊपर दूसरी को चढ़ाया और दोनों की चूतों को बारी-बारी चोदते रहे। कमरा पूरी तरह गंदी चुदाई की आवाजों से भर गया था।
 
कमरे में बस फच्च...फच्च...ठप्प ठप्प.... और उन दोनों की कराह और सिस्कारियो का मधुर संगीत गूंज रहा था।
 
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बस यही तक दोस्तों.

मैत्री की तरफ से जय भारत।।
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Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 31-05-2026, 01:03 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM



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