27-05-2026, 07:40 PM
अगली सुबह ...........
सुबह के 9 बज रहे थे। बाहर तेज धूप थी और मैं अपने कमरे में गहरी नींद में सो रहा था। तभी मेरी मम्मी ने आकर मेरे कंधे को हिलाया और कहा, "बेटा, जल्दी उठो! तुम्हारी नींद पूरी हो गई हो तो बाहर आओ।"
मैंने मम्मी से कहा : आप चलो मैं थोड़ी देर में आता हुं और मैं उठकर बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर बाहर आया। कमरे से निकलकर नीचे हॉल में पहुंचा । जब मैं वहां पहुंचा तो देखा पापा , बुआ और फुफा जी यह तीनों सोफे पर चाय पी रहे थे फिर मैं वहीं थोड़ी दूर हटकर सोफे पर बैठा , थोड़ी देर बाद मम्मी किचन से मेरे लिए कॉफी लेकर आ रही थी तब मेरी नजर मम्मी पर पड़ी।
मम्मी ने पर्पल कलर की साड़ी डाली हुई थी जो ट्रांसपेरेंट थी। उससे उनका गोरा जिस्म साफ दिख रहा था। साड़ी के अलावा ब्लाउज़ के अंदर फूले हुए गुब्बारों जैसे ( चूची ) का आकार बहुत ही बड़ा लग रहा था।
उन्होंने साड़ी अपनी नाभि से नीचे पहनी थी इसलिए नाभि भी दिख रही थी। चेहरे पर हल्का सा मेकअप करके वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह दिख रही थी।
मैंने धीरे से बोला : मम्मी एक बात कहू... आप इस साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही हो ।
मम्मी (शर्माते हुए): धन्यवाद. तुमने ही दी थी ये मुझे मेरे जन्मदिन पर । मुझे और तेरे पापा को भी ये बहुत पसंद है।
नयन : अच्छा
फिर मम्मी किचन में चली गई और वहां खाना बनाने का काम करने लगी।
तभी पापा ने मुझे अपने पास बुलाया और कहा : तेरी मम्मी को कुछ नये कपड़े चाहिए था तो तुम अपनी मम्मी के साथ कार में सवार होकर शॉपिंग मॉल में जाकर दिला दे ।
मेंने ' ओके ' कहां पापा । फिर मैं अपने कमरे में जाकर नहा धोकर कर तैयार हो गया मैं सफेद शर्ट और नीली जींस डाला हुआ था और स्पोर्ट शूज पहनकर नीचे आया और मम्मी को आवाज लगाई , मम्मी आई . हम दोनो कार में बैठे और घर से निकल गये माॅल के लिए।
अभी घर से निकलकर थोड़ी दूर गया ही थी मम्मी ने मुझे कुछ कहां
मम्मी: आज मैं बहुत एक्साइटेड हूं ।
नयन : मैं भी…
मम्मी : एक बात काहू... तुम बहुत गर्म लग रहे हो ।
हम ड्राइव करते हुए गांव से बाहर हाईवे पर जा चुके थे इसलिए यहां कोई ट्रैफिक नहीं था। तभी उन्हें मेरे करीब आकर मेरी जींस की ज़िप खोल दी।
नयन : आप किया कर रही हो मम्मी ? मम्मी ने कोई जवाब नहीं दिया और लंड बाहर निकाला और उसे सहलाने लगी।
नयन : अरे मम्मी बताओ ना क्या करने वाली हो ।
मम्मी ने लंड को थोड़ी देर हिलाया और नीचे झुककर के झट से मुंह मैं लेकर इस्तेमाल करने लगी । मेरे शरीर में जोर से करंट लगा। मैं उनकी हरकत को संतुष्ट नहीं कर पा रहा था। क्योंकि अब तक मम्मी ने ऐसी कोई हरकत नहीं की थी। लेकिन अब ये देख कर लग रहा था कि आगे बहुत कुछ होने वाला है।
उन्होंने लंड को होठों में पकड़ के चूसना शुरू किया जिससे मेरी सिस्कारियां निकलने लगीं। कार के अंदर सिर्फ लंड चूसने की आवाज सुनाई दे रही थी। मेरा लंड धीरे धीरे करके खड़ा होने लगा। मम्मी बहुत जोश में आ गई और उन्हें लंड को मुंह में अंदर बाहर करते हुए चूसना शुरू किया। अब मुझे बहुत दिक्कत हो रही थी गाड़ी चलाने में। मम्मी मेरे दोनो पैरो के बीच में सर रख के लंड चूस रही थी जो मुझे जन्नत की सैर करवा रहा था। हाईवे पर इसलिए गाड़ी भी रोक नहीं सकता थी। मेरा ध्यान भटक रहा था।
उन्होंने लंड की त्वचा को पीछे सरका दिया और झट से चुसने लगी। मेरे जोर से सिस्कारी निकल गये . ये सुनकर उनको बहुत मजा आ रहा था. मैंने एक हाथ उनके सिर पर रखा और बालों को सहलाने लगा। मम्मी ने अपनी जीभ निकल के लंड को चाटने लगी गई। अब मुझसे बर्दाश नहीं हो रहा था इसलिए मैं उनका नाम लेकर जोर जोर से चिल्ला रहा था। मम्मी अपने सर को जोर जोर से ऊपर नीचे करके अपना मुँह चुदवा रही थी। 10 मिनट के ब्लोजॉब के बाद मेरे लंड से जोरदार पिचकारी निकली जैसे मम्मी का पूरा मुँह वीर्य से भर गया और वो पीने लगी। मेरी आंखें बंद हो चुकी थी उनके ब्लोजॉब की वजह से।
मम्मी काफ़ी देर लंड को चूस के साफ़ करने में लगी हुई थी। फिर मम्मी लंड को बाहर से अंदर जींस में डाल दिया और जिप बंद करके अपनी सीट पर बैठ गई।
नयन : आअहह मम्मी आप ने तो मेरी जान ही निकाल दी ।
वो मुझे देखकर हंसने लगी. उन्होंने बॉक्स में से टिश्यू लिए और खुद को साफ करने लगी।
मम्मी: उम्म 3 दिन से ये करने की बड़ी इच्छा हो रही थी लेकिन तुम हो के मना कर देते थे। इसलिए यही मौका था.
नयन : मुझे आपसे यह बिल्कुल उम्मीद नहीं थी... लेकिन मुझे बहुत पसंद आया।
मम्मी: तुम्हारी पीढ़ी को ऐसे सरप्राइज बहुत पसंद आते हैं। मैं भी सीख रही हूं और तुम्हारा लंड बहुत टेस्टी है... मुझे पहले ये गंदा लगता था लेकिन जब पहली बार किया तब से इसकी लत लग गई है।
नयन : में यह सुनकर बहुत खुश हो गई। और देखते ही देखते हम रिसॉर्ट ( मॉल ) पहुंच गए। रिसॉर्ट ( माॅल ) एकदम बढ़िया था. वहां स्विमिंग पूल, जिम, गार्डन, पब आदि सब कुछ था। ये देखकर मम्मी बहुत एक्साइटेड थी। उन्हें मेरा हाथ पकड़ा और कहने लगी।
मम्मी: मैं बहुत भाग्यशाली हूं. जो मुझे तुम्हारे तरह बैटा मिला।
नयन : और मैं भी भाग्यशाली हूं जो मुझे आपका साथ मिला ।
मम्मी: हट पागल... ये चांस नहीं है. ये तो लाइफ टाइम अवसर है तुम्हारे लिए। चांस यूज़ कहते हैं जो एक ही बार मिलता है। लेकिन तुम्हें तो मैं रोज मिलती हूं ना।
फिर हम दोनों एक दूसरे को देखकर हंसने लगे..
हम रिसॉर्ट ( माॅल ) के रिसेप्शन पर गए जहां रिसेप्शनिस्ट और मैनेजर दोनों थे। आपका स्वागत है और आप दोनों साथ में बहुत अच्छे लग रहे हैं। मम्मी ने ख़ुशी में मेरा हाथ कस के पकड़ा हुआ था इसलिए उन्हें कहा ।
रिसेप्शनिस्ट : सर आप दोनों की लव मैरिज है ना?
मम्मी ने खुश होकर मेरी तरफ देखा और कहा।
मम्मी: हां आपको कैसे पता चला?
रिसेप्शन : मैडम आप ने सर का हाथ इतने जोर से पकड़ा है।
मैं कुछ बोलने वाला था तभी मम्मी बोली।
मम्मी (जल्दबाजी में): ओह हाँ हाँ हाँ।
फ़िर उन्होंने हमें लिफ्ट की तरफ इशारा किया मम्मी ने मुझे जल्दबाजी में लिफ्ट में चढ़ाया । लिफ्ट अंदर से खाली थी इसलिए अंदर जाने के बाद लिफ्ट का दरवाजा बंद हो गया, मम्मी ने मुझे कोने में ले लिया और मेरे ऊपर टूट पड़ा। वह मेरे होठों को चूसने लगी । काफ़ी देर तक हम एक दूसरे में खोए हुए थे। जैसा ही दरवाजा खुलने लगा तो हम नॉर्मल हो गए। लिफ्ट एक फ्लोर पर जाकर रूकी ।
फिर मम्मी मुझे एक रूम के अंदर ले गई। मैं अंदर गए तो देखा रूम पूरी तरह से सजा हुआ था। कमरे में हर जगह फूल लगे हुए थे और हनीमून कपल लिखा हुआ था। हर जगह दिल के आकार के गुब्बारे भी ये देखकर हम दोनों बहुत खुश थे। मैं रूम देखने लगा तो मम्मी ने दरवाजा लगा दिया।
मम्मी: वाह कितना ख़ूबसूरत है ना ये सब?
नयन : हां
मम्मी : काफ़ी सालो बाद ये सब मेरे लिए हुआ है।
नयन : हाँ , पर हमलोग यहां कपड़ा खरीदने आये हुए हैं ना । तब उन्होंने मुझे सारी बातें समझाईं।
मैं यह सुनकर उन्होंने जोर से गले लगाया। उनके स्तन मेरे सीने में दब गए। मैंने उनकी गांड पर हाथ रखा और सहलाने लगा। मम्मी काफ़ी देर तक मेरी बाहो में थी। उनके स्तन इतने मुलायम थे के मुझे वो खुद से अलग करने का मन ही नहीं हो रहा था।
मुझे एक कॉल आया जिसपर मैं बात करने लगा तो मम्मी बालकनी में चली गई। कॉल ख़तम होने पर मैं भी बालकनी में चला गया। बालकनी से रिसॉर्ट ( माॅल ) का पूरा नजारा दिख रहा था। स्विमिंग पूल में सब लोग एन्जॉय कर रहे थे जिनसे काफी कपल्स थे जो एक दूसरे में लगे हुए थे। ये देखकर मैंने मम्मी की कमर में हाथ डाल के उन्हें पीछे से गले लगा लिया।
मम्मी: मुझे बहुत मजा आ रहा है यहाँ।
नयन : इतनी जल्दी? अभी तो कुछ किया भी नहीं.
मम्मी: धत्त बदमाश…
नयन : ये स्विमिंग पूल देखकर मुझे कुछ याद आ गया।
मम्मी: क्या?
मम्मी: क्या?
नयन : कुछ दिन पहले हम शाम को हमारे छत के पूल में नंगे थे।
मम्मी (शर्माते हुए): हां जहां तुमने मुझे पगलो की तरह चोदा था।
नयन : हां. आप बहुत खुबसूरत लग रही थी तो मुझे कंट्रोल ही नहीं हुआ।
मम्मी: कंट्रोल करने की कोई जरूरत भी नहीं है। फीलिंग्स को दबा कर मत रखो उन्हें एन्जॉय करो।
नयन : अच्छा जी... तो हम एन्जॉय करेंगे?
मम्मी: क्या?
इतना बोल के मैंने उन्हें अपनी तरफ घुमाया और फिर से उनके गुलाबी होठों को चूसने लगा। मम्मी भी शर्मते हुए धीरे-धीरे मेरे होंठ चूस रही थी। हम दोनों काफी देर तक लगे रहे। बस एक दूसरे से अलग होना नहीं चाहते थे। साड़ी में उनकी खुबसुरती गजब ढा रही थी। मैंने उन्हें अपने बाहों में उठाया और बेडरूम में ले गया। बिस्तर के किनारे पर बहुत सारे कंडोम रखे हुए थे जिसे देखकर हम दोनों हंसने लगे।
मम्मी (शर्माते हुए): ये सब देखो... अब इन्हें कौन समझाए हमारे रिश्ते के बारे में।
नयन : समझने वाला कोई नहीं है इसलिए रहने दो हम सिर्फ एक दूसरे में ही खो जाते हैं।
मम्मी : ठीक है… जैसा आप कहें.. मेरे पतिदेव.
नयन : हाये ये शब्द आपके मुँह से सुनकर मेरा लंड फट जाएगा।
मम्मी: अरे नहीं ना... ऐसा कुछ नहीं होगा. मैं बहुत प्यार करूंगी. ख़ुश रखना ही मेरा धर्म है ।
नयन : में शाम तक आपके सारे छेद में लंड डाल के आपकी चीख निकलना चाहता हूँ।
मम्मी (शर्माते हुए): आअहह पीछे थोड़ा दर्द होगा ना... लेकिन कोई बात नहीं बेटे के साथ आई हूं।
नयन : वाह क्या बात है!!
इतना बोल के मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया। वो बिल्कुल किसी कामदेवी जैसी हॉट लग रही थी। मैं उनके ऊपर आ गया और उन्हें हर जगह चूमने लगा। धीरे-धीरे करके उनके बदन के हर हिस्से को चूमने लगा। कुछ देर बाद मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठा दिया जिसे उनके गोरे चिकने पैर नंगे हो गए। उन्हें देखकर लग रहा था कि मम्मी ने कल ही क्लीन किया था।
नयन : लगता है आप ने कल ही सारी तैयारी कर ली थी।
मम्मी ने मुझे बिस्तर पर खींच कर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आकर लेट गयी।
मम्मी: हां... मुझे पता है मेरा बेटा मुझे जानवर की तरह प्यार करेगा इसलिए तुम सब पसंद आये इसलिए तैयार कर ली है ।
नयन : अच्छा जी।
मम्मी: हां जी।
मैंने उन्हें फिर से पकड़ लिया और उनका पल्लू गिरा दिया और उनका गर्दन और स्तन के पास हर जगह चूमने लगा। मम्मी सिसकारियां ले रही थी और मैं उन्हें प्यार कर रहा था। हम सिर्फ रोमांस कर रहे थे। चुदाई के लिए बहुत वक्त पड़ा था। कभी मैं उनके ऊपर था तो कभी वो मेरे ऊपर थी इस तरह हम एक दूसरे में खोए हुए थे।
अचानक से वो मेरे ऊपर आ गई और उन्हें मेरे हाथ पकड़ के किस करना चालू कर दिया। काफ़ी देर तक हम एक दूसरे की आँखों में देखकर बने रहे। हम दोनो के होंठ लार से भीग चुके थे। फिर हम अलग हुए लेकिन मम्मी मेरे ऊपर ही थी और उन्होंने मेरे हाथों को पकड़ रखा था। उनके बाल उनके चेहरे पर आ गई थी जो बेहद खूबसूरत लग रही थी।
नयन : आपके हमारे रिश्ते में कुछ गलत नहीं लगता।
मेरा सवाल सुनकर वो थोड़ी सी सीरियस हुई और कहने लगी।
मम्मी: सच में अब मैं इसके बारे में नहीं सोचती...शुरूआत में बहुत सोचती थी और उसे मेरा दिमाग खराब हो जाता था। लेकिन जब मैंने वो सोचना छोड़ दिया तब मेरी जिंदगी ही बदल गई।
नयन : मैं बहुत पहले से आपके बारे में सोच रहा था लेकिन आपको जिस्म के आगे में जलते हुए देखने के बाद मुझसे रहा नहीं गया और बस हो गया।
मम्मी: हम्म , अब मुझे कभी अकेला महसूस नहीं होता। मेरी जरूरतों को तुम बहुत अच्छे से संतुष्ट कर देते हो। कभी कभी तो हद से ज़्यादा चोदते हो फिर बदन दर्द करने लगता है लेकिन उस प्यार के सामने वो कुछ भी नहीं लगता ।
नयन : मैं आपको जब भी देखता हूं तो मेरा मन करता है कि हम दोनों बेडरूम ही रहे और दिन रात मैं आपको प्यार करता रहुं । आपको पता है आपकी कामुक आवाजों वाली सिस्कारियां सुनने में बहुत मजा आता है। मेरा जोश बढ़ जाता है.
मम्मी : मुझे पता है... और मैं दोनों तरफ से तुमसे प्यार करती हूं। एक माँ के हिसाब से और एक gf के हिसाब से भी। तुम्हारी चिंता भी है और तुमसे चुदवाने की हवस भी।
इतना बोलते ही उन्होंने मेरे गर्दन को अपनी जीभ से चटाना शुरू कर दिया और मैं लेटे हुए सिर्फ आअहह.. आअहह..वाली आवाज निकाल रहा था।
![[Image: RDT-20260527-0534411737398460038096121.webp]](https://i.ibb.co/B5GrtXWm/RDT-20260527-0534411737398460038096121.webp)
मेरी नज़र उनको नंगे पेट पर थी। उनकी नाभी बहुत खुबसूरत लग रही थी। ये सब देखकर मैंने मम्मी को चोदने का मन बना लिया था।
मैं उनके करीब गया और कहने लगा।
नयन : मम्मी आप बहुत हॉट लग रही हो।
मम्मी: सच्ची ।
नयन : मुझ पर विश्वास करो आप एकदम जवान लड़की लग रही हो। आपको ऐसा देखकर कोई भी घायल हो जाएगा।
मम्मी: लेकिन मुझे तो सिर्फ तुम्हें घायल करना है।
नयन : में तो हो चुका हुं .
मेरी बात सुनकर उन्होंने मुझे अपना करीब खींचा और कस के गले लगाया और मैंने भी उनकी पतली सी कमर में हाथ डाल के उन्हें गले लगा लिया। उनके जिस्म की भीनी-भीनी खुशबू मुझे पागल कर रही थी। हम अलग हुए और उन्होंने मुझे गाल पर किस किया।
मम्मी: मैं यह सब पहली बार कोशिश कर रही हूं वो भी तुम्हारी वजह से... धन्यवाद मेरी नयन ।
मम्मी के चेहरे पर बहुत ग्लो आ रहा था। वो शर्मते हुए बेहद सुंदर लग रही थी। उनके चेहरे पर एक तिल है जो उनके गाल पर है वो उनकी खूबसूरती को और भी बढ़ाता रहा है ।
मम्मी और मेरा ये रिश्ता शुरू होने से पहले हम नॉर्मल थे तब भी मुझे उनका तिल पसंद आता था। तब मैं उनके इतने करीब नहीं जाता था लेकिन कभी-कभी जब मुझ पर नियंत्रण नहीं होता तब मैं उनके गाल पर चुम लेता था जहां वो तिल था। उनको वो बहुत अच्छा लगता था.
उनके जिस्म पर एक और तिल है जो उनकी पीठ पर थोड़ा सा दाहिनी ओर है। मैं अक्सर उन्हें लिटा कर पीछे से चोदता हूं तब उनकी पीठ को पागलों की तरह चुमता और चाट लेता हूं। वो तिल को देखकर उन्हें प्यार करने का जोश और बढ़ जाता था।
फिर मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ा और हम दोनों पति पत्नी की तरह चलते हुए लंच के लिए चले गए। लंच करने गए थे वहां हमारे आते ही सारे जवान लड़के और शादी शुदा मर्द मम्मी को ही घूर रहे थे। मैंने नोटिस किया कि हम लंच कर रहे थे फिर भी सारे मर्दों की नज़र मम्मी के जिस्म को घूर रही थी। खास करके उनका नंगा पेट देखकर सारे मर्द पागल हो चुके थे। लड़के तो मम्मी के सपने देख रहे थे और कुछ मर्द उन्हें देखकर अपने लंड की खुजली को शांत कर रहे थे।
हमने यहां वहां की बातें करते हुए लंच किया और वहां से निकल गए। कुछ देर वहां के बगीचे में बैठे जहां कुछ जोड़े थे जो एक दूसरे से लगे हुए थे। कोई रोमांटिक बातें कर रहा था तो कोई लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को सहला रहा था तो कोई लड़का अपनी बीवी को किस कर रहा था। आप समझ सकते हैं कि क्या परेशानी होगी। उन्हें देखकर मम्मी बहुत शर्मा रही थीं।
मम्मी: ये सब लोग खुलेआम कैसे कर लेते हैं ये सब?
नयन : इसमें क्या बड़ी बात है
मम्मी: क्या अकेले में ऐसा करना ठीक है पर ऐसे खुलेआम करना थोड़ा अजीब नहीं है?
नयन : हर चीज़ का मजा होता है। आप आज तक साड़ी और वन पीस पहनती थीं लेकिन आज जींस टॉप पहननी हो तो आपको पसंद आया ना।
मम्मी: हम्म।
इतना बोलने के बाद मुझे आइडिया आया और मैंने उनके कमर में हाथ डाल दिया। हम बातें करने लग गए और मैं धीरे-धीरे मम्मी की पीठ को सहलाने लगा। कुछ देर बाद उसका असर होने लगा और वो थोड़ी सी परेशान दिख रही थी।
मम्मी: रुक जाओ... क्या कर रहे हो.
नयन : कुछ नहीं... अपनी बीवी को छेड़ रहा हूँ।
मम्मी (शर्माते हुए): बीवी? वो मैं सिर्फ उन लोगों के सामने हूं।
नयन : नहीं... हमने क्या तय किया था कि रिसॉर्ट में जाते ही हम पति पत्नी बन जाएंगे।
मम्मी: हम्म।
मैं उनको थोड़ा करीब आया और हल्के से उनके गले पर किस करने लगा। मम्मी बहुत शर्मा रही थी इसलिए मैं ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका। मुझे उनके अंदर का ये डर निकलना था तो मैंने कुछ सोचा और कहा।
नयन : चलो... कहीं और चलते हैं।
मम्मी: ठीक है।
हम दोनों वहां बगीचे में ही घूम रहे थे जहां थोड़ा सा शेड था और कोई हमें सीधे नहीं देख सकता था लेकिन लोग हमारे पीछे से हमें देख सकते थे। मैं उन्हें वहां ले गया. मैंने मम्मी को दीवार के सहारे खड़ा किया और उनके करीब जाने लगा।
वो शर्मते हुए मुझे रोक रही थी लेकिन अब मेरा रुकने का इरादा नहीं था। मैंने झट से उनकी गर्दन को अपने हाथों में पकड़ा और उनके करीब जाने लगा। हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे। मम्मी का चेहरा शर्म से लाल पड़ चुका था और हमारा वक्त उनके साथ रोमांस करने का मजा ही कुछ अलग था।
धीरे-धीरे करके मैंने उनके होठों को चूसना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने हाथ से मुझे हल्का सा पीछे धक्का देने लगी लेकिन जब मेरी पकड़ मजबूत थी तो उन्होंने ज्यादा फोर्स नहीं किया। हम एक दूसरे की आंखों में देखते हुए होठों को चूस रहे थे। मम्मी ने भी थोड़ी देर बाद मेरा साथ देना शुरू किया।
कुछ देर में हम एक दूसरे में खो गए और वो मेरे बालों को सहलाते हुए मुझे उत्साहित कर रही थी। मैं उनके मुंह में जीभ डाल देता हूं और वो जीभ को चूसने लगती हैं तो कभी वो ऐसा करती हैं। हम दोनों एकदम जोश में ये सब कर रहे थे।
एक वक्त आया जब उनपर नियंत्रण नहीं हुआ और उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ के अपने चूची पर रखा। मैं समझ गया कि वो बहुत गरम हो चुकी है। मैंने उनके चूची को टॉप के ऊपर से पकड़ लिया और हल्के हल्के मसलने लगा। गुब्बरो जैसे बड़े चूची मेरे हाथों में थे और उनके साथ खेलने में बड़ा मजा आ रहा था।
मम्मी कामुक आवाज़ निकल रही थी कभी मेरे होठों को काट देती। ये इशारा था मेरे लिए कि वो चुदवाना चाहती है लेकिन मैंने उन्हें थोड़ा और छेड़ने का फैसला किया।
होंठों से उन्हें हर जगह चूमने लगा। गाल, आंखें, गर्दन, कान, चूची के आस-पास, आदि। इतना सारा प्यार मिलने की वजह से उनकी हालत खराब होने लगी। सांसे तेज हो चुकी थी और शरीर कांप रहा था उनका।
मम्मी: बेबी।
नयन (उन्हें हर जगह चूमते हुए): हम्म।
मम्मी: चलो ना।
नयन : कहां .
मम्मी: तुम्हें समझ नहीं आया?
नयन : क्या.
मम्मी: अरे रूम में चलते हैं.
नयन : क्या पसंद नहीं आया।
मम्मी: बहुत अच्छा लग रहा है.
नयन : फिर जाना कियो है .
मम्मी: अरे लेकिन कब तक यहीं करेंगे... मुझे इसके आगे जाना है।
नयन : मतलब.
मम्मी: उफ़ मुझे तुमसे चुदना है... प्लीज़ चलो ना अब कंट्रोल नहीं हो रहा मुझसे।
मैंने उन्हें देखकर स्माइल दी और हम चले गए कमरे में । हमारा फ्लोर आते ही मम्मी झट से रूम की तरफ भाग गई। शायद वो बहुत गरम हो चुकी थी। उन्हें देखकर मैं हंसने लगा । मैंने रूम को अनलॉक किया और हम अंदर चले गये। अंदर जाते ही मम्मी ने अपना टॉप उतार के फेक दिया। मैंने उनके पीछे हाथ डाल कर ब्रा का हुक निकाल दिया। ब्रा झट से मेरे हाथ में आ गई. मम्मी के लिए ये सब शॉकिंग था। और उनके चूची पर हमला बोल दिया। उन्हें दोनों हाथों में पकड़ के दबाने लगा। बिना ब्रा के वो उछल रहे थे और काफी बड़े लग रहे थे। उनके निपल्स भी कड़क हो चुके थे। मैंने उन्हें दबाना शुरू किया और वो आअहह आअहह करने लगी। वो बहुत तड़प रही थी.
मम्मी: आअहह... ओह्ह्ह... उम्म्... हान हाँ हाँ बेबी उम्म्म्म... स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्....
मैंने उनकी जींस भी उतार दी। वो सिर्फ पैंटी में थी. पैंटी काफ़ी गीली हो चुकी थी।
मम्मी: आअहह बेबी मेरी चूत को प्यार करो आअहह.......
मैंने झट से पैंटी को उतार दिया और चूत के होंठों को सहलाने लगा। वो जोर जोर से मेरा नाम लेने लगी। फिर मैंने चूत को चूसना शुरू किया और कुछ ही देर में वो बहुत मचलने लगी। उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए और चूत पर दबाने लगी। मैंने चूत के होठों को फेलाया और फिर से चूसने लगा। चूत बहुत पानी छोड़ रहा था और काफी गरम हो चुकी थी।
तभी अचानक से उन्होंने जोर से मुझे चूत पर दबाया और वो झड़ गई। चुत के पानी से उन्होंने मेरे चेहरे गीला कर दिये और वो जोर जोर से हाफने लगी।
मम्मी: आअहह.... आअहह..... हे भगवान तुम बहुत अच्छा फोरप्ले करते हो उम्म मुझे गरम करने के लिए ताकि मुझे नया अनुभव मिले आअहह......।
नयन : हां आप मेरी बीवी बन चुकी हो तो जो मुझे पसंद है वो सब आपके साथ तो करूंगा ही ना।
मम्मी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.
मैंने अपने कपड़े उतार दिये हम दोनों कमरे में नंगे थे। मेरा लंड पहले से ही खड़े थे इसलिए मम्मी ने उसे हाथ में लेकर चूसना शुरू किया। वो बहुत अच्छे से मुँह में लेकर चूस रही थी। कभी उसपर अपनी जीभ घुमा देती तो कभी उसे पूरा अंदर तक ले जाती। थोड़ी देर बाद वो भी गरम हो गई।
नयन : आप डॉगी स्टाइल में आओ... आज आप गांड मारने का मन बना रहे हैं।
मम्मी: ठीक है।
मम्मी डरते हुए डॉगी स्टाइल में आ गई। मैं उनके पीछे खड़ा हो गया। उनकी गांड बहुत गर्म लग रही थी। मैंने उनके चुत्तड़ो पर हाथ घुमाया और मम्मी सिस्कारियां लेने लगी।
नयन : मम्मी आज तो बहुत मजा आएगा। आप जिंदगी में दूसरी बार अपनी गांड मरवा रही हो।
मम्मी: हां लेकिन दर्द भी होगा... प्लीज आराम से करना।
नयन : हां.
मैंने तेल की बोतल से बहुत सारा तेल लेकर मम्मी की गांड में डाल दिया जिससे वो एकदम चिकनी हो गई। थोड़ा सा तेल अपने लंड पर भी लग गया। मैंने लंड को थोड़ी देर हिलाया जिससे वो पूरी तरह से तैयार हो गया।
मम्मी ने अपने दोनों हाथों से बेडशीट को पकड़ लिया। मैंने उनकी गांड को सहलाते हुए लंड को गांड के छेद पर रखा और रगड़ने लगा। गांड का छेद बहुत छोटा था और लंड काफी मोटा था। मम्मी को दर्द बहुत होने वाला था लेकिन मैं उन्हें आराम से चोदने वाला था।
मैंने उन्हें बताया बिना धक्का मारा और पहली बार में लंड का टोपा अंदर चला गया। मम्मी जोर से चिल्लाई मैंने झट से उनकी कमर को पकड़ लिया।
मम्मी : उउइइइ... माआआ.. मर गईईईई.. मैंन्न.. आअह्ह्ह ..निकालो बेटा आअह्ह्ह.. बहुत दर्द हो रहा है हैइइइ आअह्ह्ह्ह.. उउम्म्म्म.. ओह्ह्ह ..गॉडड।
नयन : बस थोड़ा सा बर्दाश्त करो शुरूवात में दर्द होगा।
वो थोड़ी देर शांत रही और मैंने फिर से धक्का लगाया, इस बार मेरा आधा लंड अंदर चला गया। मम्मी रोने लग गई. वो हिलने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने कस के पकड़ा था इसलिए वो हिल नहीं सकी।
मम्मी की गांड बहुत टाइट थी. मेरे लंड को जकड़ लिया था. दर्द मुझे भी हो रहा था लेकिन गांड मरने का शौक इतना था के अब पीछे हटना असंभव था। मैंने उनकी चूत में उंगलियां डाल के अंदर बाहर करने लगा जिसे वो गरम होने लगी।
कुछ देर बाद वो भी जोश में आ गई और मैंने फिर से धक्का मारा। इस बार मेरा पूरा लंड उनकी गांड में घुस गया। मम्मी मेरा नाम लेकर जोर से चिल्ला रही थी लेकिन इस बार उन्हें भी गांड मरवाने का मन था।
लंड पूरा अंदर जाने के बाद हम दोनों को दर्द हो रहा था। कुछ देर हम दोनो वैसे ही थे। कुछ देर बाद जब दर्द कम हुआ तो उन्हें मुझे धक्के मारने को कहा। मैंने धीरे-धीरे करके लंड को अंदर बाहर करने लगा तो हम दोनो की सिस्कारियां निकलने लगी।
मैंने थोड़ा सा तेल और डाला जिसे अब गांड मरने में आसान हो गई। मम्मी को भी मजा आने लगा और वो अपने बेटे से गांड मरवा रही थी।
नयन : आअहह मम्मा आई लव यू आपकी गांड मरने का सपना मेरा आज पूरा हो गया।
मम्मी: आअहह हां और आज से मैं पूरी तरह से तुम्हारी हो गयी आअहह उम्म्म बहुत मजा आ रहा है आअहह।
मैंने धक्के लगाते हुए उनको बालो को पकड़ लिया। हम दोनों वाइल्ड सेक्स की तरफ बढ़ रहे हैं। ढक्को की रफ़्तार तेज़ हो रही थी।
कमरे में मम्मी की आवाज़ गूंजने लगी। मेरा जोश बढ़ रहा था. मैं लंड को पूरा तरह से बाहर निकाल के अन्दर डालने लगा. उनकी गांड पर मैं जोर से चाटा मार देता था जिसे वो आअहह आअहह कर रही थी।
कुछ ही देर में मैंने इतनी स्पीड बढ़ा दी के हम दोनों चिल्लाने लगे। बिस्तर भी जोर जोर से हिलाने लगा। मुझसे डर था कहीं वो टूट ना जाए लेकिन मुझे उसकी परवाह नहीं थी। मम्मी की गांड इतनी गर्म लग रही थी के मैंने अपनी सारी ताकत लगा दी।
मैंने करीब आधे घंटे तक अलग-अलग पोजीशन में उनकी गांड मारी। उसके बाद मैं अंदर ही झड़ गया। हम दोनो थक के बेहाल हो चुके थे। मैं मम्मी के ऊपर ही लेट गया। हम दोनों हफ़्ते हुए मुस्कुरा रहे थे। मम्मी के चेहरे की ख़ुशी बता रही थी के उनको गांड मरवाने में कितना मज़ा आया।
मम्मी: अपने बेटे को पहली बार कुछ ऐसा दिया जो वर्जिन था। मुझे दर्द बहुत हुआ लेकिन तुम्हारी ख़ुशी के सामने ये कुछ भी नहीं था।
नयन : धन्यवाद मम्मी।
मम्मी: मुझे बहुत मजा आया गांड मरवाने में और तुम बहुत अच्छा चोदते हो। ऐसे ही शाम तक चोदना। फिर मम्मी को थोड़ा आराम करने दिया क्योंकि उनकी गांड में बहुत दर्द हो रहा था। मैंने तय किया कि शाम तक 5 बार चोदूंगा। फिर हम दोनों को कब आंख लगी पता ही नहीं चला।
सुबह के 9 बज रहे थे। बाहर तेज धूप थी और मैं अपने कमरे में गहरी नींद में सो रहा था। तभी मेरी मम्मी ने आकर मेरे कंधे को हिलाया और कहा, "बेटा, जल्दी उठो! तुम्हारी नींद पूरी हो गई हो तो बाहर आओ।"
मैंने मम्मी से कहा : आप चलो मैं थोड़ी देर में आता हुं और मैं उठकर बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर बाहर आया। कमरे से निकलकर नीचे हॉल में पहुंचा । जब मैं वहां पहुंचा तो देखा पापा , बुआ और फुफा जी यह तीनों सोफे पर चाय पी रहे थे फिर मैं वहीं थोड़ी दूर हटकर सोफे पर बैठा , थोड़ी देर बाद मम्मी किचन से मेरे लिए कॉफी लेकर आ रही थी तब मेरी नजर मम्मी पर पड़ी।
मम्मी ने पर्पल कलर की साड़ी डाली हुई थी जो ट्रांसपेरेंट थी। उससे उनका गोरा जिस्म साफ दिख रहा था। साड़ी के अलावा ब्लाउज़ के अंदर फूले हुए गुब्बारों जैसे ( चूची ) का आकार बहुत ही बड़ा लग रहा था।
उन्होंने साड़ी अपनी नाभि से नीचे पहनी थी इसलिए नाभि भी दिख रही थी। चेहरे पर हल्का सा मेकअप करके वह बिल्कुल नई नवेली दुल्हन की तरह दिख रही थी।
मैंने धीरे से बोला : मम्मी एक बात कहू... आप इस साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही हो ।
मम्मी (शर्माते हुए): धन्यवाद. तुमने ही दी थी ये मुझे मेरे जन्मदिन पर । मुझे और तेरे पापा को भी ये बहुत पसंद है।
नयन : अच्छा
फिर मम्मी किचन में चली गई और वहां खाना बनाने का काम करने लगी।
तभी पापा ने मुझे अपने पास बुलाया और कहा : तेरी मम्मी को कुछ नये कपड़े चाहिए था तो तुम अपनी मम्मी के साथ कार में सवार होकर शॉपिंग मॉल में जाकर दिला दे ।
मेंने ' ओके ' कहां पापा । फिर मैं अपने कमरे में जाकर नहा धोकर कर तैयार हो गया मैं सफेद शर्ट और नीली जींस डाला हुआ था और स्पोर्ट शूज पहनकर नीचे आया और मम्मी को आवाज लगाई , मम्मी आई . हम दोनो कार में बैठे और घर से निकल गये माॅल के लिए।
अभी घर से निकलकर थोड़ी दूर गया ही थी मम्मी ने मुझे कुछ कहां
मम्मी: आज मैं बहुत एक्साइटेड हूं ।
नयन : मैं भी…
मम्मी : एक बात काहू... तुम बहुत गर्म लग रहे हो ।
हम ड्राइव करते हुए गांव से बाहर हाईवे पर जा चुके थे इसलिए यहां कोई ट्रैफिक नहीं था। तभी उन्हें मेरे करीब आकर मेरी जींस की ज़िप खोल दी।
नयन : आप किया कर रही हो मम्मी ? मम्मी ने कोई जवाब नहीं दिया और लंड बाहर निकाला और उसे सहलाने लगी।
नयन : अरे मम्मी बताओ ना क्या करने वाली हो ।
मम्मी ने लंड को थोड़ी देर हिलाया और नीचे झुककर के झट से मुंह मैं लेकर इस्तेमाल करने लगी । मेरे शरीर में जोर से करंट लगा। मैं उनकी हरकत को संतुष्ट नहीं कर पा रहा था। क्योंकि अब तक मम्मी ने ऐसी कोई हरकत नहीं की थी। लेकिन अब ये देख कर लग रहा था कि आगे बहुत कुछ होने वाला है।
उन्होंने लंड को होठों में पकड़ के चूसना शुरू किया जिससे मेरी सिस्कारियां निकलने लगीं। कार के अंदर सिर्फ लंड चूसने की आवाज सुनाई दे रही थी। मेरा लंड धीरे धीरे करके खड़ा होने लगा। मम्मी बहुत जोश में आ गई और उन्हें लंड को मुंह में अंदर बाहर करते हुए चूसना शुरू किया। अब मुझे बहुत दिक्कत हो रही थी गाड़ी चलाने में। मम्मी मेरे दोनो पैरो के बीच में सर रख के लंड चूस रही थी जो मुझे जन्नत की सैर करवा रहा था। हाईवे पर इसलिए गाड़ी भी रोक नहीं सकता थी। मेरा ध्यान भटक रहा था।
उन्होंने लंड की त्वचा को पीछे सरका दिया और झट से चुसने लगी। मेरे जोर से सिस्कारी निकल गये . ये सुनकर उनको बहुत मजा आ रहा था. मैंने एक हाथ उनके सिर पर रखा और बालों को सहलाने लगा। मम्मी ने अपनी जीभ निकल के लंड को चाटने लगी गई। अब मुझसे बर्दाश नहीं हो रहा था इसलिए मैं उनका नाम लेकर जोर जोर से चिल्ला रहा था। मम्मी अपने सर को जोर जोर से ऊपर नीचे करके अपना मुँह चुदवा रही थी। 10 मिनट के ब्लोजॉब के बाद मेरे लंड से जोरदार पिचकारी निकली जैसे मम्मी का पूरा मुँह वीर्य से भर गया और वो पीने लगी। मेरी आंखें बंद हो चुकी थी उनके ब्लोजॉब की वजह से।
मम्मी काफ़ी देर लंड को चूस के साफ़ करने में लगी हुई थी। फिर मम्मी लंड को बाहर से अंदर जींस में डाल दिया और जिप बंद करके अपनी सीट पर बैठ गई।
नयन : आअहह मम्मी आप ने तो मेरी जान ही निकाल दी ।
वो मुझे देखकर हंसने लगी. उन्होंने बॉक्स में से टिश्यू लिए और खुद को साफ करने लगी।
मम्मी: उम्म 3 दिन से ये करने की बड़ी इच्छा हो रही थी लेकिन तुम हो के मना कर देते थे। इसलिए यही मौका था.
नयन : मुझे आपसे यह बिल्कुल उम्मीद नहीं थी... लेकिन मुझे बहुत पसंद आया।
मम्मी: तुम्हारी पीढ़ी को ऐसे सरप्राइज बहुत पसंद आते हैं। मैं भी सीख रही हूं और तुम्हारा लंड बहुत टेस्टी है... मुझे पहले ये गंदा लगता था लेकिन जब पहली बार किया तब से इसकी लत लग गई है।
नयन : में यह सुनकर बहुत खुश हो गई। और देखते ही देखते हम रिसॉर्ट ( मॉल ) पहुंच गए। रिसॉर्ट ( माॅल ) एकदम बढ़िया था. वहां स्विमिंग पूल, जिम, गार्डन, पब आदि सब कुछ था। ये देखकर मम्मी बहुत एक्साइटेड थी। उन्हें मेरा हाथ पकड़ा और कहने लगी।
मम्मी: मैं बहुत भाग्यशाली हूं. जो मुझे तुम्हारे तरह बैटा मिला।
नयन : और मैं भी भाग्यशाली हूं जो मुझे आपका साथ मिला ।
मम्मी: हट पागल... ये चांस नहीं है. ये तो लाइफ टाइम अवसर है तुम्हारे लिए। चांस यूज़ कहते हैं जो एक ही बार मिलता है। लेकिन तुम्हें तो मैं रोज मिलती हूं ना।
फिर हम दोनों एक दूसरे को देखकर हंसने लगे..
हम रिसॉर्ट ( माॅल ) के रिसेप्शन पर गए जहां रिसेप्शनिस्ट और मैनेजर दोनों थे। आपका स्वागत है और आप दोनों साथ में बहुत अच्छे लग रहे हैं। मम्मी ने ख़ुशी में मेरा हाथ कस के पकड़ा हुआ था इसलिए उन्हें कहा ।
रिसेप्शनिस्ट : सर आप दोनों की लव मैरिज है ना?
मम्मी ने खुश होकर मेरी तरफ देखा और कहा।
मम्मी: हां आपको कैसे पता चला?
रिसेप्शन : मैडम आप ने सर का हाथ इतने जोर से पकड़ा है।
मैं कुछ बोलने वाला था तभी मम्मी बोली।
मम्मी (जल्दबाजी में): ओह हाँ हाँ हाँ।
फ़िर उन्होंने हमें लिफ्ट की तरफ इशारा किया मम्मी ने मुझे जल्दबाजी में लिफ्ट में चढ़ाया । लिफ्ट अंदर से खाली थी इसलिए अंदर जाने के बाद लिफ्ट का दरवाजा बंद हो गया, मम्मी ने मुझे कोने में ले लिया और मेरे ऊपर टूट पड़ा। वह मेरे होठों को चूसने लगी । काफ़ी देर तक हम एक दूसरे में खोए हुए थे। जैसा ही दरवाजा खुलने लगा तो हम नॉर्मल हो गए। लिफ्ट एक फ्लोर पर जाकर रूकी ।
फिर मम्मी मुझे एक रूम के अंदर ले गई। मैं अंदर गए तो देखा रूम पूरी तरह से सजा हुआ था। कमरे में हर जगह फूल लगे हुए थे और हनीमून कपल लिखा हुआ था। हर जगह दिल के आकार के गुब्बारे भी ये देखकर हम दोनों बहुत खुश थे। मैं रूम देखने लगा तो मम्मी ने दरवाजा लगा दिया।
मम्मी: वाह कितना ख़ूबसूरत है ना ये सब?
नयन : हां
मम्मी : काफ़ी सालो बाद ये सब मेरे लिए हुआ है।
नयन : हाँ , पर हमलोग यहां कपड़ा खरीदने आये हुए हैं ना । तब उन्होंने मुझे सारी बातें समझाईं।
मैं यह सुनकर उन्होंने जोर से गले लगाया। उनके स्तन मेरे सीने में दब गए। मैंने उनकी गांड पर हाथ रखा और सहलाने लगा। मम्मी काफ़ी देर तक मेरी बाहो में थी। उनके स्तन इतने मुलायम थे के मुझे वो खुद से अलग करने का मन ही नहीं हो रहा था।
मुझे एक कॉल आया जिसपर मैं बात करने लगा तो मम्मी बालकनी में चली गई। कॉल ख़तम होने पर मैं भी बालकनी में चला गया। बालकनी से रिसॉर्ट ( माॅल ) का पूरा नजारा दिख रहा था। स्विमिंग पूल में सब लोग एन्जॉय कर रहे थे जिनसे काफी कपल्स थे जो एक दूसरे में लगे हुए थे। ये देखकर मैंने मम्मी की कमर में हाथ डाल के उन्हें पीछे से गले लगा लिया।
मम्मी: मुझे बहुत मजा आ रहा है यहाँ।
नयन : इतनी जल्दी? अभी तो कुछ किया भी नहीं.
मम्मी: धत्त बदमाश…
नयन : ये स्विमिंग पूल देखकर मुझे कुछ याद आ गया।
मम्मी: क्या?
मम्मी: क्या?
नयन : कुछ दिन पहले हम शाम को हमारे छत के पूल में नंगे थे।
मम्मी (शर्माते हुए): हां जहां तुमने मुझे पगलो की तरह चोदा था।
नयन : हां. आप बहुत खुबसूरत लग रही थी तो मुझे कंट्रोल ही नहीं हुआ।
मम्मी: कंट्रोल करने की कोई जरूरत भी नहीं है। फीलिंग्स को दबा कर मत रखो उन्हें एन्जॉय करो।
नयन : अच्छा जी... तो हम एन्जॉय करेंगे?
मम्मी: क्या?
इतना बोल के मैंने उन्हें अपनी तरफ घुमाया और फिर से उनके गुलाबी होठों को चूसने लगा। मम्मी भी शर्मते हुए धीरे-धीरे मेरे होंठ चूस रही थी। हम दोनों काफी देर तक लगे रहे। बस एक दूसरे से अलग होना नहीं चाहते थे। साड़ी में उनकी खुबसुरती गजब ढा रही थी। मैंने उन्हें अपने बाहों में उठाया और बेडरूम में ले गया। बिस्तर के किनारे पर बहुत सारे कंडोम रखे हुए थे जिसे देखकर हम दोनों हंसने लगे।
मम्मी (शर्माते हुए): ये सब देखो... अब इन्हें कौन समझाए हमारे रिश्ते के बारे में।
नयन : समझने वाला कोई नहीं है इसलिए रहने दो हम सिर्फ एक दूसरे में ही खो जाते हैं।
मम्मी : ठीक है… जैसा आप कहें.. मेरे पतिदेव.
नयन : हाये ये शब्द आपके मुँह से सुनकर मेरा लंड फट जाएगा।
मम्मी: अरे नहीं ना... ऐसा कुछ नहीं होगा. मैं बहुत प्यार करूंगी. ख़ुश रखना ही मेरा धर्म है ।
नयन : में शाम तक आपके सारे छेद में लंड डाल के आपकी चीख निकलना चाहता हूँ।
मम्मी (शर्माते हुए): आअहह पीछे थोड़ा दर्द होगा ना... लेकिन कोई बात नहीं बेटे के साथ आई हूं।
नयन : वाह क्या बात है!!
इतना बोल के मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया। वो बिल्कुल किसी कामदेवी जैसी हॉट लग रही थी। मैं उनके ऊपर आ गया और उन्हें हर जगह चूमने लगा। धीरे-धीरे करके उनके बदन के हर हिस्से को चूमने लगा। कुछ देर बाद मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठा दिया जिसे उनके गोरे चिकने पैर नंगे हो गए। उन्हें देखकर लग रहा था कि मम्मी ने कल ही क्लीन किया था।
नयन : लगता है आप ने कल ही सारी तैयारी कर ली थी।
मम्मी ने मुझे बिस्तर पर खींच कर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आकर लेट गयी।
मम्मी: हां... मुझे पता है मेरा बेटा मुझे जानवर की तरह प्यार करेगा इसलिए तुम सब पसंद आये इसलिए तैयार कर ली है ।
नयन : अच्छा जी।
मम्मी: हां जी।
मैंने उन्हें फिर से पकड़ लिया और उनका पल्लू गिरा दिया और उनका गर्दन और स्तन के पास हर जगह चूमने लगा। मम्मी सिसकारियां ले रही थी और मैं उन्हें प्यार कर रहा था। हम सिर्फ रोमांस कर रहे थे। चुदाई के लिए बहुत वक्त पड़ा था। कभी मैं उनके ऊपर था तो कभी वो मेरे ऊपर थी इस तरह हम एक दूसरे में खोए हुए थे।
अचानक से वो मेरे ऊपर आ गई और उन्हें मेरे हाथ पकड़ के किस करना चालू कर दिया। काफ़ी देर तक हम एक दूसरे की आँखों में देखकर बने रहे। हम दोनो के होंठ लार से भीग चुके थे। फिर हम अलग हुए लेकिन मम्मी मेरे ऊपर ही थी और उन्होंने मेरे हाथों को पकड़ रखा था। उनके बाल उनके चेहरे पर आ गई थी जो बेहद खूबसूरत लग रही थी।
नयन : आपके हमारे रिश्ते में कुछ गलत नहीं लगता।
मेरा सवाल सुनकर वो थोड़ी सी सीरियस हुई और कहने लगी।
मम्मी: सच में अब मैं इसके बारे में नहीं सोचती...शुरूआत में बहुत सोचती थी और उसे मेरा दिमाग खराब हो जाता था। लेकिन जब मैंने वो सोचना छोड़ दिया तब मेरी जिंदगी ही बदल गई।
नयन : मैं बहुत पहले से आपके बारे में सोच रहा था लेकिन आपको जिस्म के आगे में जलते हुए देखने के बाद मुझसे रहा नहीं गया और बस हो गया।
मम्मी: हम्म , अब मुझे कभी अकेला महसूस नहीं होता। मेरी जरूरतों को तुम बहुत अच्छे से संतुष्ट कर देते हो। कभी कभी तो हद से ज़्यादा चोदते हो फिर बदन दर्द करने लगता है लेकिन उस प्यार के सामने वो कुछ भी नहीं लगता ।
नयन : मैं आपको जब भी देखता हूं तो मेरा मन करता है कि हम दोनों बेडरूम ही रहे और दिन रात मैं आपको प्यार करता रहुं । आपको पता है आपकी कामुक आवाजों वाली सिस्कारियां सुनने में बहुत मजा आता है। मेरा जोश बढ़ जाता है.
मम्मी : मुझे पता है... और मैं दोनों तरफ से तुमसे प्यार करती हूं। एक माँ के हिसाब से और एक gf के हिसाब से भी। तुम्हारी चिंता भी है और तुमसे चुदवाने की हवस भी।
इतना बोलते ही उन्होंने मेरे गर्दन को अपनी जीभ से चटाना शुरू कर दिया और मैं लेटे हुए सिर्फ आअहह.. आअहह..वाली आवाज निकाल रहा था।
![[Image: RDT-20260527-0534411737398460038096121.webp]](https://i.ibb.co/B5GrtXWm/RDT-20260527-0534411737398460038096121.webp)
मेरी नज़र उनको नंगे पेट पर थी। उनकी नाभी बहुत खुबसूरत लग रही थी। ये सब देखकर मैंने मम्मी को चोदने का मन बना लिया था।
मैं उनके करीब गया और कहने लगा।
नयन : मम्मी आप बहुत हॉट लग रही हो।
मम्मी: सच्ची ।
नयन : मुझ पर विश्वास करो आप एकदम जवान लड़की लग रही हो। आपको ऐसा देखकर कोई भी घायल हो जाएगा।
मम्मी: लेकिन मुझे तो सिर्फ तुम्हें घायल करना है।
नयन : में तो हो चुका हुं .
मेरी बात सुनकर उन्होंने मुझे अपना करीब खींचा और कस के गले लगाया और मैंने भी उनकी पतली सी कमर में हाथ डाल के उन्हें गले लगा लिया। उनके जिस्म की भीनी-भीनी खुशबू मुझे पागल कर रही थी। हम अलग हुए और उन्होंने मुझे गाल पर किस किया।
मम्मी: मैं यह सब पहली बार कोशिश कर रही हूं वो भी तुम्हारी वजह से... धन्यवाद मेरी नयन ।
मम्मी के चेहरे पर बहुत ग्लो आ रहा था। वो शर्मते हुए बेहद सुंदर लग रही थी। उनके चेहरे पर एक तिल है जो उनके गाल पर है वो उनकी खूबसूरती को और भी बढ़ाता रहा है ।
मम्मी और मेरा ये रिश्ता शुरू होने से पहले हम नॉर्मल थे तब भी मुझे उनका तिल पसंद आता था। तब मैं उनके इतने करीब नहीं जाता था लेकिन कभी-कभी जब मुझ पर नियंत्रण नहीं होता तब मैं उनके गाल पर चुम लेता था जहां वो तिल था। उनको वो बहुत अच्छा लगता था.
उनके जिस्म पर एक और तिल है जो उनकी पीठ पर थोड़ा सा दाहिनी ओर है। मैं अक्सर उन्हें लिटा कर पीछे से चोदता हूं तब उनकी पीठ को पागलों की तरह चुमता और चाट लेता हूं। वो तिल को देखकर उन्हें प्यार करने का जोश और बढ़ जाता था।
फिर मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ा और हम दोनों पति पत्नी की तरह चलते हुए लंच के लिए चले गए। लंच करने गए थे वहां हमारे आते ही सारे जवान लड़के और शादी शुदा मर्द मम्मी को ही घूर रहे थे। मैंने नोटिस किया कि हम लंच कर रहे थे फिर भी सारे मर्दों की नज़र मम्मी के जिस्म को घूर रही थी। खास करके उनका नंगा पेट देखकर सारे मर्द पागल हो चुके थे। लड़के तो मम्मी के सपने देख रहे थे और कुछ मर्द उन्हें देखकर अपने लंड की खुजली को शांत कर रहे थे।
हमने यहां वहां की बातें करते हुए लंच किया और वहां से निकल गए। कुछ देर वहां के बगीचे में बैठे जहां कुछ जोड़े थे जो एक दूसरे से लगे हुए थे। कोई रोमांटिक बातें कर रहा था तो कोई लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को सहला रहा था तो कोई लड़का अपनी बीवी को किस कर रहा था। आप समझ सकते हैं कि क्या परेशानी होगी। उन्हें देखकर मम्मी बहुत शर्मा रही थीं।
मम्मी: ये सब लोग खुलेआम कैसे कर लेते हैं ये सब?
नयन : इसमें क्या बड़ी बात है
मम्मी: क्या अकेले में ऐसा करना ठीक है पर ऐसे खुलेआम करना थोड़ा अजीब नहीं है?
नयन : हर चीज़ का मजा होता है। आप आज तक साड़ी और वन पीस पहनती थीं लेकिन आज जींस टॉप पहननी हो तो आपको पसंद आया ना।
मम्मी: हम्म।
इतना बोलने के बाद मुझे आइडिया आया और मैंने उनके कमर में हाथ डाल दिया। हम बातें करने लग गए और मैं धीरे-धीरे मम्मी की पीठ को सहलाने लगा। कुछ देर बाद उसका असर होने लगा और वो थोड़ी सी परेशान दिख रही थी।
मम्मी: रुक जाओ... क्या कर रहे हो.
नयन : कुछ नहीं... अपनी बीवी को छेड़ रहा हूँ।
मम्मी (शर्माते हुए): बीवी? वो मैं सिर्फ उन लोगों के सामने हूं।
नयन : नहीं... हमने क्या तय किया था कि रिसॉर्ट में जाते ही हम पति पत्नी बन जाएंगे।
मम्मी: हम्म।
मैं उनको थोड़ा करीब आया और हल्के से उनके गले पर किस करने लगा। मम्मी बहुत शर्मा रही थी इसलिए मैं ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका। मुझे उनके अंदर का ये डर निकलना था तो मैंने कुछ सोचा और कहा।
नयन : चलो... कहीं और चलते हैं।
मम्मी: ठीक है।
हम दोनों वहां बगीचे में ही घूम रहे थे जहां थोड़ा सा शेड था और कोई हमें सीधे नहीं देख सकता था लेकिन लोग हमारे पीछे से हमें देख सकते थे। मैं उन्हें वहां ले गया. मैंने मम्मी को दीवार के सहारे खड़ा किया और उनके करीब जाने लगा।
वो शर्मते हुए मुझे रोक रही थी लेकिन अब मेरा रुकने का इरादा नहीं था। मैंने झट से उनकी गर्दन को अपने हाथों में पकड़ा और उनके करीब जाने लगा। हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे। मम्मी का चेहरा शर्म से लाल पड़ चुका था और हमारा वक्त उनके साथ रोमांस करने का मजा ही कुछ अलग था।
धीरे-धीरे करके मैंने उनके होठों को चूसना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने हाथ से मुझे हल्का सा पीछे धक्का देने लगी लेकिन जब मेरी पकड़ मजबूत थी तो उन्होंने ज्यादा फोर्स नहीं किया। हम एक दूसरे की आंखों में देखते हुए होठों को चूस रहे थे। मम्मी ने भी थोड़ी देर बाद मेरा साथ देना शुरू किया।
कुछ देर में हम एक दूसरे में खो गए और वो मेरे बालों को सहलाते हुए मुझे उत्साहित कर रही थी। मैं उनके मुंह में जीभ डाल देता हूं और वो जीभ को चूसने लगती हैं तो कभी वो ऐसा करती हैं। हम दोनों एकदम जोश में ये सब कर रहे थे।
एक वक्त आया जब उनपर नियंत्रण नहीं हुआ और उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ के अपने चूची पर रखा। मैं समझ गया कि वो बहुत गरम हो चुकी है। मैंने उनके चूची को टॉप के ऊपर से पकड़ लिया और हल्के हल्के मसलने लगा। गुब्बरो जैसे बड़े चूची मेरे हाथों में थे और उनके साथ खेलने में बड़ा मजा आ रहा था।
मम्मी कामुक आवाज़ निकल रही थी कभी मेरे होठों को काट देती। ये इशारा था मेरे लिए कि वो चुदवाना चाहती है लेकिन मैंने उन्हें थोड़ा और छेड़ने का फैसला किया।
होंठों से उन्हें हर जगह चूमने लगा। गाल, आंखें, गर्दन, कान, चूची के आस-पास, आदि। इतना सारा प्यार मिलने की वजह से उनकी हालत खराब होने लगी। सांसे तेज हो चुकी थी और शरीर कांप रहा था उनका।
मम्मी: बेबी।
नयन (उन्हें हर जगह चूमते हुए): हम्म।
मम्मी: चलो ना।
नयन : कहां .
मम्मी: तुम्हें समझ नहीं आया?
नयन : क्या.
मम्मी: अरे रूम में चलते हैं.
नयन : क्या पसंद नहीं आया।
मम्मी: बहुत अच्छा लग रहा है.
नयन : फिर जाना कियो है .
मम्मी: अरे लेकिन कब तक यहीं करेंगे... मुझे इसके आगे जाना है।
नयन : मतलब.
मम्मी: उफ़ मुझे तुमसे चुदना है... प्लीज़ चलो ना अब कंट्रोल नहीं हो रहा मुझसे।
मैंने उन्हें देखकर स्माइल दी और हम चले गए कमरे में । हमारा फ्लोर आते ही मम्मी झट से रूम की तरफ भाग गई। शायद वो बहुत गरम हो चुकी थी। उन्हें देखकर मैं हंसने लगा । मैंने रूम को अनलॉक किया और हम अंदर चले गये। अंदर जाते ही मम्मी ने अपना टॉप उतार के फेक दिया। मैंने उनके पीछे हाथ डाल कर ब्रा का हुक निकाल दिया। ब्रा झट से मेरे हाथ में आ गई. मम्मी के लिए ये सब शॉकिंग था। और उनके चूची पर हमला बोल दिया। उन्हें दोनों हाथों में पकड़ के दबाने लगा। बिना ब्रा के वो उछल रहे थे और काफी बड़े लग रहे थे। उनके निपल्स भी कड़क हो चुके थे। मैंने उन्हें दबाना शुरू किया और वो आअहह आअहह करने लगी। वो बहुत तड़प रही थी.
मम्मी: आअहह... ओह्ह्ह... उम्म्... हान हाँ हाँ बेबी उम्म्म्म... स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्....
मैंने उनकी जींस भी उतार दी। वो सिर्फ पैंटी में थी. पैंटी काफ़ी गीली हो चुकी थी।
मम्मी: आअहह बेबी मेरी चूत को प्यार करो आअहह.......
मैंने झट से पैंटी को उतार दिया और चूत के होंठों को सहलाने लगा। वो जोर जोर से मेरा नाम लेने लगी। फिर मैंने चूत को चूसना शुरू किया और कुछ ही देर में वो बहुत मचलने लगी। उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए और चूत पर दबाने लगी। मैंने चूत के होठों को फेलाया और फिर से चूसने लगा। चूत बहुत पानी छोड़ रहा था और काफी गरम हो चुकी थी।
तभी अचानक से उन्होंने जोर से मुझे चूत पर दबाया और वो झड़ गई। चुत के पानी से उन्होंने मेरे चेहरे गीला कर दिये और वो जोर जोर से हाफने लगी।
मम्मी: आअहह.... आअहह..... हे भगवान तुम बहुत अच्छा फोरप्ले करते हो उम्म मुझे गरम करने के लिए ताकि मुझे नया अनुभव मिले आअहह......।
नयन : हां आप मेरी बीवी बन चुकी हो तो जो मुझे पसंद है वो सब आपके साथ तो करूंगा ही ना।
मम्मी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.
मैंने अपने कपड़े उतार दिये हम दोनों कमरे में नंगे थे। मेरा लंड पहले से ही खड़े थे इसलिए मम्मी ने उसे हाथ में लेकर चूसना शुरू किया। वो बहुत अच्छे से मुँह में लेकर चूस रही थी। कभी उसपर अपनी जीभ घुमा देती तो कभी उसे पूरा अंदर तक ले जाती। थोड़ी देर बाद वो भी गरम हो गई।
नयन : आप डॉगी स्टाइल में आओ... आज आप गांड मारने का मन बना रहे हैं।
मम्मी: ठीक है।
मम्मी डरते हुए डॉगी स्टाइल में आ गई। मैं उनके पीछे खड़ा हो गया। उनकी गांड बहुत गर्म लग रही थी। मैंने उनके चुत्तड़ो पर हाथ घुमाया और मम्मी सिस्कारियां लेने लगी।
नयन : मम्मी आज तो बहुत मजा आएगा। आप जिंदगी में दूसरी बार अपनी गांड मरवा रही हो।
मम्मी: हां लेकिन दर्द भी होगा... प्लीज आराम से करना।
नयन : हां.
मैंने तेल की बोतल से बहुत सारा तेल लेकर मम्मी की गांड में डाल दिया जिससे वो एकदम चिकनी हो गई। थोड़ा सा तेल अपने लंड पर भी लग गया। मैंने लंड को थोड़ी देर हिलाया जिससे वो पूरी तरह से तैयार हो गया।
मम्मी ने अपने दोनों हाथों से बेडशीट को पकड़ लिया। मैंने उनकी गांड को सहलाते हुए लंड को गांड के छेद पर रखा और रगड़ने लगा। गांड का छेद बहुत छोटा था और लंड काफी मोटा था। मम्मी को दर्द बहुत होने वाला था लेकिन मैं उन्हें आराम से चोदने वाला था।
मैंने उन्हें बताया बिना धक्का मारा और पहली बार में लंड का टोपा अंदर चला गया। मम्मी जोर से चिल्लाई मैंने झट से उनकी कमर को पकड़ लिया।
मम्मी : उउइइइ... माआआ.. मर गईईईई.. मैंन्न.. आअह्ह्ह ..निकालो बेटा आअह्ह्ह.. बहुत दर्द हो रहा है हैइइइ आअह्ह्ह्ह.. उउम्म्म्म.. ओह्ह्ह ..गॉडड।
नयन : बस थोड़ा सा बर्दाश्त करो शुरूवात में दर्द होगा।
वो थोड़ी देर शांत रही और मैंने फिर से धक्का लगाया, इस बार मेरा आधा लंड अंदर चला गया। मम्मी रोने लग गई. वो हिलने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने कस के पकड़ा था इसलिए वो हिल नहीं सकी।
मम्मी की गांड बहुत टाइट थी. मेरे लंड को जकड़ लिया था. दर्द मुझे भी हो रहा था लेकिन गांड मरने का शौक इतना था के अब पीछे हटना असंभव था। मैंने उनकी चूत में उंगलियां डाल के अंदर बाहर करने लगा जिसे वो गरम होने लगी।
कुछ देर बाद वो भी जोश में आ गई और मैंने फिर से धक्का मारा। इस बार मेरा पूरा लंड उनकी गांड में घुस गया। मम्मी मेरा नाम लेकर जोर से चिल्ला रही थी लेकिन इस बार उन्हें भी गांड मरवाने का मन था।
लंड पूरा अंदर जाने के बाद हम दोनों को दर्द हो रहा था। कुछ देर हम दोनो वैसे ही थे। कुछ देर बाद जब दर्द कम हुआ तो उन्हें मुझे धक्के मारने को कहा। मैंने धीरे-धीरे करके लंड को अंदर बाहर करने लगा तो हम दोनो की सिस्कारियां निकलने लगी।
मैंने थोड़ा सा तेल और डाला जिसे अब गांड मरने में आसान हो गई। मम्मी को भी मजा आने लगा और वो अपने बेटे से गांड मरवा रही थी।
नयन : आअहह मम्मा आई लव यू आपकी गांड मरने का सपना मेरा आज पूरा हो गया।
मम्मी: आअहह हां और आज से मैं पूरी तरह से तुम्हारी हो गयी आअहह उम्म्म बहुत मजा आ रहा है आअहह।
मैंने धक्के लगाते हुए उनको बालो को पकड़ लिया। हम दोनों वाइल्ड सेक्स की तरफ बढ़ रहे हैं। ढक्को की रफ़्तार तेज़ हो रही थी।
कमरे में मम्मी की आवाज़ गूंजने लगी। मेरा जोश बढ़ रहा था. मैं लंड को पूरा तरह से बाहर निकाल के अन्दर डालने लगा. उनकी गांड पर मैं जोर से चाटा मार देता था जिसे वो आअहह आअहह कर रही थी।
कुछ ही देर में मैंने इतनी स्पीड बढ़ा दी के हम दोनों चिल्लाने लगे। बिस्तर भी जोर जोर से हिलाने लगा। मुझसे डर था कहीं वो टूट ना जाए लेकिन मुझे उसकी परवाह नहीं थी। मम्मी की गांड इतनी गर्म लग रही थी के मैंने अपनी सारी ताकत लगा दी।
मैंने करीब आधे घंटे तक अलग-अलग पोजीशन में उनकी गांड मारी। उसके बाद मैं अंदर ही झड़ गया। हम दोनो थक के बेहाल हो चुके थे। मैं मम्मी के ऊपर ही लेट गया। हम दोनों हफ़्ते हुए मुस्कुरा रहे थे। मम्मी के चेहरे की ख़ुशी बता रही थी के उनको गांड मरवाने में कितना मज़ा आया।
मम्मी: अपने बेटे को पहली बार कुछ ऐसा दिया जो वर्जिन था। मुझे दर्द बहुत हुआ लेकिन तुम्हारी ख़ुशी के सामने ये कुछ भी नहीं था।
नयन : धन्यवाद मम्मी।
मम्मी: मुझे बहुत मजा आया गांड मरवाने में और तुम बहुत अच्छा चोदते हो। ऐसे ही शाम तक चोदना। फिर मम्मी को थोड़ा आराम करने दिया क्योंकि उनकी गांड में बहुत दर्द हो रहा था। मैंने तय किया कि शाम तक 5 बार चोदूंगा। फिर हम दोनों को कब आंख लगी पता ही नहीं चला।


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