22-05-2026, 07:13 AM
(This post was last modified: 22-05-2026, 12:19 PM by Dhamakaindia108. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
:::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: गांव की यात्रा::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
स्पेशल अपडेट
जैसा कि आप लोगों ने पिछले पार्ट में पढ़ा की मम्मी पूरी दिन- रात मानव से जबरदस्त चूदती है और अगले दिन मम्मी घर आती है सीधे अपने रूम में जाकर सो जाती है।
अब आगे ...
अगले दिन सुबह 9:00 बजे.......मैं दांत साफ करने के लिए बाथरूम गया। थोड़ी देर बाद बाथरूम से बाहर निकल आया। सीधे हॉल में पहुंचा । मम्मी पहले से ही जाग चुकी थीं और रसोई में नाश्ता बना रही थीं। मेरे लिए खाने की मेज पर एक कप गर्म चाय और कुछ बिस्कुट रखे हुए थे। मैं बैठकर चाय और बिस्कुट का आनन्द ( खाने ) लेने लगा । तभी मम्मी किचन से बाहर आई , मम्मी उस दिन बहुत कामुक लग रही थी। एक दम टाइट साड़ी और ब्लाउज पहननी हुई थी ब्लाउज बैकलेस था इसमें मम्मी की गोरी पीठ (पीठ) साफ दिख रही थी, साड़ी का पल्लू मम्मी के सिर पर था।। साड़ी नेट की थी जिसमें से उनके बड़े बड़े चूची का उभार और उनका पेट साफ नजर आ रहा था। मम्मी ने लाल रंग की साड़ी पहन ली थी, हाथो में चूड़िया, गले में मंगलसूत्र, कानो में बलिया। देखने में एक दम मस्त माल जैसी लग रही थी। उन्हें देखकर किसी के भी मन में चुदाई का ख्याल आ सकता है, तभी मैंने मम्मी से पूछा।
मैं : मम्मी कैसी रही अंवतिका और मानव के साथ आपकी स्पेशल मीटिंग।
मम्मी : में तुम्हें वहीं बताने वाली थी
मैं : तो बताओ
मम्मी : अरे बहुत मजा आया ।
( मम्मी मुझे अवंतिका और मानव के साथ रातभर की मीटिंग के बारे में बताने लगी । मैं अनजान बन कर सुनता रहा मैंने मम्मी को या नहीं बताया कि मैं उनकी यह स्पेशल मीटिंग देख चुका हूं अगर बता देता तो मम्मी बुरा मान जाती । इसी में अनजान बनकर मम्मी की बातें सुनता रहा। सारी बातें सुनने के बाद में बोला ।
मैं : मम्मी मानव और अवंतिका के साथ मीटिंग करके आपको खुश तो होना ।
मम्मी: बहुत।
तभी मम्मी के मोबाइल पर पापा का फोन आया मम्मी ने पापा से बात किया ।
पापा: ........................ (कुछ सुनाई नहीं देना के कारण)
मम्मी: ठीक है लेकिन कब चलना है?
पापा:...................?
मम्मी: आज रात को। कितना बजे?
पापा: ....................?
मम्मी: शाम 7 बजे। अपने कार से । ओके मैं पैकिंग करती हूं। ( फिर मम्मी ने फोन रख दिया )
तब मैंने मम्मी से पूछा : मम्मी हम दोनों कहीं जा रहे हैं किया।
तब मम्मी ने बोला : हम दोनों 20 दिन के लिए गांव जा रहे है वह हमारे कोई बहुत पुरानी मंदिर में पूजा पाठ का कार्य क्रम और मेला रखा गया है उसमें हम लोग शामिल होने के लिए जाना हैं
मैं: ऐसे अचानक से और पापा ?
मम्मी : हमदोनों को आज शाम 7 बजे ही अपने कार से चलना पड़ेगा। और पापा वह पूजा पाठ वाले दिन आयेंगे । तु अपने कमरे में जाकर अपना समान पैक करो । मैं अपना सामान पैक कर लेती हुं
मैं: ठीक है।
रूम में जाकर के मैं अपना समान पैक करके नीचे हॉल में आता हूं उधर मम्मी भी अपने सारा सामान पैक करके वह भी नीचे आती है और हम दोनों शाम होने का इंतेज़ार करने लगते हैं।
शाम को घर की डोरबेल बजाई मैंने आके दरवाजा खोला तो सामने पापा खड़े थे।
पापा घर के अंदर आके बोले : जल्दी से तैयार हो गए। तबतक में अपनी कार लेकर आते । फिर हम दोनों तैयार हो घर से बाहर आये तब तक पापा कार लेकर आ चुके थे। फिर हम कार में बैठ गए । मम्मी पीछे वाली सीट पर बैठे थे और मैं कार चलाने लगे। थोड़ी देर बाद हमारी कार शहर से बाहर निकल गई , करीबन रात 9 बजे में कार को एक ढाबे पर रोक । में और मम्मी दोनों ने ढाबे में खाना खाया। फिर वापस से कार में सवार होकर निकल पड़ते हैं। ( ऐसे भी हम लोग को गांव पहुंचने में कल सुबह होनी थी। )
पुरा रास्ता सुनसान था, रास्ते में एक भी घर नहीं दिख रहा था , पुरा जंगल ही था चारों तरफ , रास्ते पर एक भी स्ट्रीट नाइट नहीं थी सिर्फ कार के हैडलाइट से रास्ता दिखाई दे रहा था थोड़ी देर बाद मैंने कार में एक रोमांटिक सांग बजा दिया। जिससे हम दोनों एंजाय करते जा रहे थे।
तभी अचानक से हमारी कार बंद हो जाती है । मैं कार स्टार्ट करने की बहुत कोशिश करता हूं लेकिन कार स्टार्ट नहीं होती हैं । फिर मैं और मम्मी दोनों नीचे उतरकर धक्का मार के कार को सड़क के किनारे लाते हैं फिर कार बार्नेट के देखते हैं लेकिन हम दोनों को कुछ समझ नहीं आता है और आस - पास कोई भी मैकेनिकल शॉप नहीं होता है पुरा इलाका जंगल से भरा है
फिर मैं बोला - मम्मी मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है इसको अब मैकेनिकल ही ठीक कर सकता है और आस पास मैकेनिकल है भी नहीं और कोई गाड़ी आती जाती भी नहीं दिख रही है दिख जाती तो मदद मांग लेते।
मम्मी - नयन एक काम करते हैं हम दोनों कार के अंदर चलते हैं क्योंकि चारों तरफ़ जंगल है और रात का भी टाइम है कोई जानवर हमला कर दिया तो ?
मैं - हां मम्मी, सही बोल रही हो आप। चलो कार के अंदर ही बैठते हैं अगर कोई गाड़ी आती दिखी तो उससे मदद मांग लेंगे। नहीं तो हम लोगों को पूरा रातभर यहीं कार में ही गुज़ारनी पड़ेगी।
मम्मी - हां ठीक है।
मम्मी कार के अंदर जाकर बैठ जाती है । मैं बाहर ही रूक के थोड़ा देर देखता हूं की कोई गाड़ी दिख जाए । लेकिन कोई गाड़ी नहीं दिखाई देती है तो आखिर में मैं भी कार के अंदर जाने लगता हुं बैठने। जैसे मैंने कार का दरवाजा खोला अंदर का नजारा देखकर चौंक गया।
मम्मी कार के अंदर बिल्कुल नंगी थी और अपना सारा कपड़ा खोलकर आगे वाली सीट पर रख दी थी और वह अपना दोनों टांगें फैला कर । अपना चूत दिखाते हुए बोलती है
मम्मी : नयन डार्लिंग। अब देखता ही रहेगा , जल्दी से अपने कपड़े उतार कर आ जा ।
मैं तुरंत कार के अंदर जाकर कार को अंदर से लॉक कर दिया और सारा कपड़ा खोलकर बिल्कुल नंगा होकर सारा कपड़ा आगे वाली सीट पर रख दिया।
और सीधे मैं एक हाथ से मम्मी की एक चुची दबाता हुए दूसरी को मुंह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चुसने लगता हुं । मम्मी धीरे-धीरे अपने होश खोने लगी। अब वो भी मेरे बालों को सहलाते हुए, मेरा साथ देते हुए सिस्कारियां लेने लगती है । अब मैं दोनों चुचियों को बारी-बारी से चुसता रहता हूं और उसकी चुसने की आवाज इतनी जबरदस्त आ रही थी कि मैं क्या बताऊं। फिर मैंने अपना दाहिना हाथ की दो उंगली उसके चुत में डाल देता हूं । इससे मम्मी दर्द के मारे कहरा उठी.
मम्मी : आआआआअहह!
मैंने बोला: मम्मी आपकी चूत तो आज भी काफी टाइट है. कितने साल हुए आपकी शादी को?
मम्मी : 17 साल तो हो गए हैं.
अब मैं मम्मी की चूत पर धीरे-धीरे अपना लंड रगड़ने लगे। थोड़ी देर रगड़ने के बाद मैंने अपना लंड मम्मी की चूत के छेद पर सेट कर दिया। धीरे धीरे अपना लंड उनकी चूत में डालना शुरू किया। लेकिन सिर्फ लंड का टोपा वाला हिस्सा ही अंदर जाकर अटक गया। मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया और फिर से लंड अन्दर डालना शुरू किया। इस बार लंड का पूरा टोपा चूत में घुस गया।
तभी मम्मी बोली : " नयन बहुत दर्द हो रहा है। और दर्द में डूबी के मुझे कसके अपनी बाहों में दबा लिया। मैंने फिर से ज़ोर लगाना शुरू किया ।
मम्मी इस बार दर्द के मारे बेहाल होकर मुझे बाहर निकालने को बोल रही थी। मम्मी : नयन प्लीज़ जल्दी करो, बहुत दर्द हो रहा है। ऐसा लग रहा था जैसे मम्मी की चूत मेरा लंड से चुदना ही नहीं चाहती हो।
मैंने जैसे-तैसे अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाल लिया। तब मम्मी को थोड़ी राहत मिली । हम दोनों ने 2 मिनट रिलैक्स किया, फिर मैं वापस मम्मी की चूत में लंड डालने लगे, तो मम्मी ने रोक दिया।
मैं : मम्मी आप घबराइए मत शुरू में दर्द होता है। मैं यह बोलकर मम्मी को मनाने की कोशिश कर रहा था हैं। मगर मम्मी ने मुझे थोड़ी देर रूकने को बोला।
मैंने : मम्मी आप तेल लेकर आई हो किया ?
मम्मी : अब मैं तेल लेकर घूमती हूं क्या और कितनी बार कहा है तेल ना हो तो कम से कम थूक तो लगाया करो। लाओ, मैं थोड़ी देर चुसती हूँ। फ़िर अन्दर डालने में ज़्यादा तकलीफ़ नहीं होगी।
इसके बाद मैं तुरेंत एक बाजू में अपनी पीठ लगाया और अपनी टांगे फैलाकर बैठ गया । मम्मी ने अपने बाल एक तरफ किये और नीचे झुककर मेरे लंड को हाथ में लेकर उसे सहलाने लगी। मैं इंतज़ार कर रहा था कि कब मम्मी मेरा लंड मुँह में लेले। लेकिन मम्मी मेरे लंड को एकदम गौर से देख रही थी, पता नहीं क्यों।
मैं : क्या हुआ ?
मम्मी : तेरा लंड बहुत अलग है, सच में।
मैं : ऐसा क्यों?
मम्मी : यह मेरे 9 महीने का कमाल है ।
फिर मम्मी ने मेरे लंड मुँह में लेकर उसे चुनना शुरू किया। मैं अपनी आंखें बंद करके मम्मी की पीठ सहलाने लगा । मेरा आधा ही लंड मम्मी के मुँह में जा रहा था। जैसी-जैसी मम्मी मेरा लंड को चूस रही थी, उसकी बहुत सारी लार नीचे टपकने लगी। करीब 10 मिनट तक मेरे लंड पर थूक कर और उसे चूसकर मम्मी ने उसे एकदम गीला कर दिया।
मैं : बस-बस मम्मी इतना काफी है.
फ़िर मैंने मम्मी के बाह को पकड़कर उन्हें उठाया और वापस मम्मी की दोनों टांगों ज़ोर से अपनी तरफ खींचकर उन्हें लीटा दिया। फिर थोड़ी देर उनकी चुचियाँ चूसकर अपना लंड चूत पे सेट किया। इसके बाद मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा, तो मेरा आधा लंड मम्मी की चूत में चला गया। मम्मी को बहुत दर्द हुआ और वो चिल्लाई।
मम्मी : आआआआअहह!स्स्स्स्स्स!
जब वह दर्द के मारे झटपटाने लगी तो मैंने मम्मी के दोनों हाथ पकड़कर उन्हें उसके पेट पर टीका दिया ताकि लंड बाहर ना निकल जाए।
मैं : मम्मी बस एक और फिर मैंने एक आखिरी झटका दिया, जिससे मेरा पूरा लंड मम्मी की चूत में समा गया। मम्मी को जैसे 440 वोल्ट का झटका लगा।
मम्मी : ऊऊऊऊहह! आआह्ह्ह्ह!
मैं : बस बस मम्मी हो गया और अपना लंड मम्मी की चूत में वैसे ही रखकर मैं मम्मी के उपर गिर पड़ा और उन्हें किस करने लगा। क्योंकि मम्मी दर्द के मारे बहुत चिल्लाने लगी थी। सच कहता हूँ, मेरा लंड मम्मी की चूत में जाने के बाद मम्मी की चूत मानो चूहे के बिल से सीधी ट्रेन के टनल जितनी फेल हो गई थी।
मैंने काफ़ी देर तक बिना कुछ किये अपना लंड वैसे ही मम्मी की चूत में रखा, क्योंकि मैं मम्मी में थोड़ा सेटल होना चाहता था। मम्मी दर्द के मारे कांप रही थी और उसने मुझे अपनी बाहों में कैंची बनाकर एक दम कस के पकड़ लिया था।
मम्मी : नयन दर्द हो रहा है. बहुत तेज़ दर्द हो रहा है ।
मैं थोड़ी रूका रहा। फिर धीरे-धीरे आगे-पीछे होकर अपना लंड अंदर-बाहर करने लगे। जब से मेरा लंड मम्मी के चूत के अंदर गया था, तब से मम्मी दर्द के मारे अपनी आँखें ही नहीं खोली रही थीं। मैं एक-दम धीरे-धीरे धक्का दे रहा था जिससे मम्मी की चूत फेल हो गई । करीब 10 मिनट तक ये सिलसिला चला. फ़िर मम्मी का दर्द धीरे-धीरे मजे में रूपान्तरित होने लगा। ये देखकर मैं अपनी धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाने लगे।
मैं: मम्मी अब कैसा लग रहा है?
मम्मी : स्स्स्स्स्स! पहले से बेहतर.
मैं : ठीक है, अब बहुत हो गया. हमारे पास ज़्यादा वक़्त नहीं है।
इतना बोलकर मैंने अचानक अपनी स्पीड बढ़ाई और पूरा दम लगा कर मम्मी को एक-दम ज़ोर से चोदने लगा । मम्मी की चीख निकल गयी.
मम्मी : ऊऊऊऊहह! दर्द के मारे उसने मुझे एक-दम कसके जकड़ लिया।
मम्मी : तुझे समझ नहीं आता क्या? कहा था ना थोड़ा आराम से करो!
लेकिन मैंने कुछ रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि मेरा लंड अभी भी मम्मी के चूत में वैसा ही था। दर्द के मारे वो बेहाल हो चुकी थी। लेकिन मुझे मम्मी का ये व्यवहार ठीक नहीं लगा और मैंने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला और 5 मिनट तक मम्मी को किस करते रहा और मम्मी भी थोड़ा रिलैक्स हो गई।
मैं , मम्मी से अलग होकर कार का दरवाजा खोलकर कार से बाहर आ गया । इससे मम्मी को थोड़ी अजीब लगा और वह भी कार से बाहर आकर मेरे हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया और किस करने लगी । इस अंधेरे सुनसान जगह पर थोड़ी देर किस करने के बाद उन्होंने मुझे कार के अंदर चलने को कहा , मगर मैंने उसकी बात अनसुनी कर दिया तब उन्होंने मुझसे कहा : " सॉरी मेरे राजकुमार ,अपनी दासी को माफ कर दो"। और मैंने मम्मी को माफ कर दिया और फिर दोनों कार के अंदर आ गए । अंदर आकर कार का दरवाजा लॉक कर दिया।
फ़िर मैंने वापस अपना लंड मम्मी की चूत में डाल कर उन्हें चोदना शुरू किया। मम्मी फिर से चिल्लाने लगी, लेकिन उसका मुंह में पहले से ही दबा दिया था। मैं लगातार 10 मिनट तक मम्मी को ठोकते रहा । फिर थोड़ा रिलैक्स होने के लिए मैंने अपना लंड बाहर निकालकर मम्मी के उपर लेट गया . ये देखकर मम्मी ने एक चूची का निपल मेरे मुंह में लगा दिया । मम्मी को भी मजा आने लगा और वो मेरे बालों को सहलाने लगी । मैं भी बड़े चाव से उसे चूसने लगा । निप्पल चूसते चूसते अपना लंड मम्मी की चूत पर सेट किया और एक ज़ोर का धक्का दिया और अपना लंड फिर एक बार मम्मी की चूत में डाल दिया और मम्मी को कस के अपनी बाहों में जकड़ कर में फिर से मम्मी को ज़ोरदार तरीके से ठोकने लगा । मम्मी फिर से चिल्लाने लगी.
मम्मी : मम्म्म्म्म्म… [मुंह दबा होने के कारण मम्मी की आवाज़ भी दब रही थी]
करीब 10 मिनट तक लगतार मैंने मम्मी को इस पोजीशन में चोदा। इतने में कुछ शॉकिंग हुआ , मुझे मम्मी के चूची के निप्पल से दूध निकलता महसूस हुआ । दूध एकदम मिठा था जब यह बात मैंने मम्मी को कहां तो उसके चेहरे पर एक अलग सुकुन महसूस दिख रहा था।
अब तक मम्मी 3 बार झड़ चुकी हुं । ये कहकर मम्मी उठने ही जा रही थी तो मैंने उन्हें रोक लिया।
मैं : रुकिए मम्मी आप 3 बार झड़ चुकी हैं , लेकिन मैं 1 बार भी नहीं।
मम्मी : मैं जानती हूँ, लेकिन मैं अब और नहीं कर सकती।
मैं : क्योंकि ?
मम्मी: क्योंकि मुझे जोर की पेशाब लगी है , चल हट मुझे बाहर जाकर पेशाब करने दे ।
मैं हट गया और कार के दरवाजे का लॉक खोलकर में और मम्मी दोनों बाहर निकले , मम्मी बाहर निकलकर थोड़ी दूर हटकर पेशाब करने बैठ गई जब वह पेशाब कर रही थी तो सुसु सुसु सुसु की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी थोड़ी देर बाद वह आवाज बंद हो गई । तब मम्मी मेरे पास आकर बोली : नयन चल अंदर चल। फिर हम दोनों अंदर आके दरवाजा लॉक दिया। और उनके ऊपर चढ़ गया ।
मम्मी : नयन , प्लीज़ बस भी करो अब. थकते नहीं क्या आप?
मैंने मम्मी की बात को इग्नोर करके उन्हें सीट पर लेटाया और उनकी चूत में लंड सेट किया और एक झटके में लंड अंदर पेल दिया जिससे मम्मी जोर से कहराने लगीं ।
मम्मी: अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् ऊऊऊऊऊऊ आआआआ हाआआआआआ चोदोओओओओओओ और चोदोओओ अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह।अह्ह्ह्हह्ह्ह्लीईईईईईईईईईईई अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।
मैं मम्मी को कार की पिछली सीट पर चोद रहे थे। शीशे पर मम्मी का चेहरा था और मम्मी ने सपोर्ट के लिए कार के ग्लास पर हाथ रखा था। और मैं मम्मी को लगातर चोदे जा रहे थे। कार के हिलने की वजह से चुर्र चुर्रर आवाजें आ रही थी। और मेरी मम्मी जोर जोर से सिसकियाँ ले रही थी।
मम्मी: अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नयन बेबी मुझे चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो मेरे राजकुमार बस मुझे चोदो।
मैं : हां मेरी माल । तेरा पति किसी काम का नहीं ऐसी माल बीवी को कैसे इग्नोर किये हुआ है । मम्मी: अह्ह्ह्हह्हह्हह्ह अह्हह्हह्हह्ह जेन दो उसे और चोदो मुझे अह्हह्हह्ह नयन , तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है ये तो मेरी बचदानी तक पहुंच रहा है। अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्ह्ह् अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊओ मैं झड़ने वाली हूँ नयन अह्ह्ह्हह्ह चोदो जोर से चोदो। मैं भी तबाद-तोड़ तारिके से मम्मी को चोदने लगे, थोड़ी देर बाद मैं मम्मी पर गिर पड़ा और उन्हें किस करते-करते चोदने लगे। अब मम्मी के मुंह से सिसकारियां की जगह , आई लव यू नयन , आई लव यू नयन बोल रही थी । ये सुनते ही मैंने ने 3 ज़ोरदार शॉट लगाते हुए अपना सारा वीर्य मम्मी की चूत में गिरा दिया, और मम्मी ने हर एक शॉट पर " लव यू नयन " कहा।
मम्मी और मैं दोनों पसीने से नहाये हुए थे। मम्मी और मैं एक-दूसरे से करीब 15 मिनट तक ऐसे लिपटे हुए थे जैसे कि जनम-जनम के साथी हो। फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला। मम्मी की चूत से मेरा और मम्मी के वीर्य का झरना बहने लगा। फिर मैं कार से बाहर आकर सबसे पहले , मैंने अपने कपड़े पहने और फिर मम्मी ने अपनी साड़ी पहनाई ।
तभी मुझे दुर से एक गांडी आती हुई दिखाई दी। मैंने मम्मी से उनका मोबाइल लिया और प्लस लाइट ओन करके और हवा में लहराने लगा । कुछ मीनट के बाद वह कार हमारी कार के पास आकर रुकी । तभी उस कार के ड्राइवर ने अपने दारवाजे का शीशा नीचे किया और मूझसे कहा " कोई समस्या है क्या " तो मैने उससे सारी बात बताई । वह मेरी बात सुनकर अपनी कार से एक रसी निकल के मेरे कार के आगे में बाधा और अपने घर के पीछे बांधकर और हम दोनों को अंदर बैठने को कहा और मेरी कार को खींचता हुआ किसी मैकेनिकल दुकान के पास ले गया । मैंने फिर मैकेनिकल के कार दिखाई उसने कहा 1 घंटे में ठीक कर देता हूं। और उस भले आदमी का शुक्रिया अदा किया वह व्यक्ति अपने गन्तव्य की ओर बढ़ गया।
1 घंटे के बाद हमारी कार ठीक हो गई और मैकेनिकल के पैसे देकर आपने गांव के लिए रवाना हो गए ।
सुबह 7 बजे हम लोगों गांव पहुंच गए वह पहुंचकर सभी परिजनों से मुलाकात किया और रातभर जगे होने के कारण हम दोनों सोने चले गए।
मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं
स्पेशल अपडेट
जैसा कि आप लोगों ने पिछले पार्ट में पढ़ा की मम्मी पूरी दिन- रात मानव से जबरदस्त चूदती है और अगले दिन मम्मी घर आती है सीधे अपने रूम में जाकर सो जाती है।
अब आगे ...
अगले दिन सुबह 9:00 बजे.......मैं दांत साफ करने के लिए बाथरूम गया। थोड़ी देर बाद बाथरूम से बाहर निकल आया। सीधे हॉल में पहुंचा । मम्मी पहले से ही जाग चुकी थीं और रसोई में नाश्ता बना रही थीं। मेरे लिए खाने की मेज पर एक कप गर्म चाय और कुछ बिस्कुट रखे हुए थे। मैं बैठकर चाय और बिस्कुट का आनन्द ( खाने ) लेने लगा । तभी मम्मी किचन से बाहर आई , मम्मी उस दिन बहुत कामुक लग रही थी। एक दम टाइट साड़ी और ब्लाउज पहननी हुई थी ब्लाउज बैकलेस था इसमें मम्मी की गोरी पीठ (पीठ) साफ दिख रही थी, साड़ी का पल्लू मम्मी के सिर पर था।। साड़ी नेट की थी जिसमें से उनके बड़े बड़े चूची का उभार और उनका पेट साफ नजर आ रहा था। मम्मी ने लाल रंग की साड़ी पहन ली थी, हाथो में चूड़िया, गले में मंगलसूत्र, कानो में बलिया। देखने में एक दम मस्त माल जैसी लग रही थी। उन्हें देखकर किसी के भी मन में चुदाई का ख्याल आ सकता है, तभी मैंने मम्मी से पूछा।
मैं : मम्मी कैसी रही अंवतिका और मानव के साथ आपकी स्पेशल मीटिंग।
मम्मी : में तुम्हें वहीं बताने वाली थी
मैं : तो बताओ
मम्मी : अरे बहुत मजा आया ।
( मम्मी मुझे अवंतिका और मानव के साथ रातभर की मीटिंग के बारे में बताने लगी । मैं अनजान बन कर सुनता रहा मैंने मम्मी को या नहीं बताया कि मैं उनकी यह स्पेशल मीटिंग देख चुका हूं अगर बता देता तो मम्मी बुरा मान जाती । इसी में अनजान बनकर मम्मी की बातें सुनता रहा। सारी बातें सुनने के बाद में बोला ।
मैं : मम्मी मानव और अवंतिका के साथ मीटिंग करके आपको खुश तो होना ।
मम्मी: बहुत।
तभी मम्मी के मोबाइल पर पापा का फोन आया मम्मी ने पापा से बात किया ।
पापा: ........................ (कुछ सुनाई नहीं देना के कारण)
मम्मी: ठीक है लेकिन कब चलना है?
पापा:...................?
मम्मी: आज रात को। कितना बजे?
पापा: ....................?
मम्मी: शाम 7 बजे। अपने कार से । ओके मैं पैकिंग करती हूं। ( फिर मम्मी ने फोन रख दिया )
तब मैंने मम्मी से पूछा : मम्मी हम दोनों कहीं जा रहे हैं किया।
तब मम्मी ने बोला : हम दोनों 20 दिन के लिए गांव जा रहे है वह हमारे कोई बहुत पुरानी मंदिर में पूजा पाठ का कार्य क्रम और मेला रखा गया है उसमें हम लोग शामिल होने के लिए जाना हैं
मैं: ऐसे अचानक से और पापा ?
मम्मी : हमदोनों को आज शाम 7 बजे ही अपने कार से चलना पड़ेगा। और पापा वह पूजा पाठ वाले दिन आयेंगे । तु अपने कमरे में जाकर अपना समान पैक करो । मैं अपना सामान पैक कर लेती हुं
मैं: ठीक है।
रूम में जाकर के मैं अपना समान पैक करके नीचे हॉल में आता हूं उधर मम्मी भी अपने सारा सामान पैक करके वह भी नीचे आती है और हम दोनों शाम होने का इंतेज़ार करने लगते हैं।
शाम को घर की डोरबेल बजाई मैंने आके दरवाजा खोला तो सामने पापा खड़े थे।
पापा घर के अंदर आके बोले : जल्दी से तैयार हो गए। तबतक में अपनी कार लेकर आते । फिर हम दोनों तैयार हो घर से बाहर आये तब तक पापा कार लेकर आ चुके थे। फिर हम कार में बैठ गए । मम्मी पीछे वाली सीट पर बैठे थे और मैं कार चलाने लगे। थोड़ी देर बाद हमारी कार शहर से बाहर निकल गई , करीबन रात 9 बजे में कार को एक ढाबे पर रोक । में और मम्मी दोनों ने ढाबे में खाना खाया। फिर वापस से कार में सवार होकर निकल पड़ते हैं। ( ऐसे भी हम लोग को गांव पहुंचने में कल सुबह होनी थी। )
पुरा रास्ता सुनसान था, रास्ते में एक भी घर नहीं दिख रहा था , पुरा जंगल ही था चारों तरफ , रास्ते पर एक भी स्ट्रीट नाइट नहीं थी सिर्फ कार के हैडलाइट से रास्ता दिखाई दे रहा था थोड़ी देर बाद मैंने कार में एक रोमांटिक सांग बजा दिया। जिससे हम दोनों एंजाय करते जा रहे थे।
तभी अचानक से हमारी कार बंद हो जाती है । मैं कार स्टार्ट करने की बहुत कोशिश करता हूं लेकिन कार स्टार्ट नहीं होती हैं । फिर मैं और मम्मी दोनों नीचे उतरकर धक्का मार के कार को सड़क के किनारे लाते हैं फिर कार बार्नेट के देखते हैं लेकिन हम दोनों को कुछ समझ नहीं आता है और आस - पास कोई भी मैकेनिकल शॉप नहीं होता है पुरा इलाका जंगल से भरा है
फिर मैं बोला - मम्मी मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है इसको अब मैकेनिकल ही ठीक कर सकता है और आस पास मैकेनिकल है भी नहीं और कोई गाड़ी आती जाती भी नहीं दिख रही है दिख जाती तो मदद मांग लेते।
मम्मी - नयन एक काम करते हैं हम दोनों कार के अंदर चलते हैं क्योंकि चारों तरफ़ जंगल है और रात का भी टाइम है कोई जानवर हमला कर दिया तो ?
मैं - हां मम्मी, सही बोल रही हो आप। चलो कार के अंदर ही बैठते हैं अगर कोई गाड़ी आती दिखी तो उससे मदद मांग लेंगे। नहीं तो हम लोगों को पूरा रातभर यहीं कार में ही गुज़ारनी पड़ेगी।
मम्मी - हां ठीक है।
मम्मी कार के अंदर जाकर बैठ जाती है । मैं बाहर ही रूक के थोड़ा देर देखता हूं की कोई गाड़ी दिख जाए । लेकिन कोई गाड़ी नहीं दिखाई देती है तो आखिर में मैं भी कार के अंदर जाने लगता हुं बैठने। जैसे मैंने कार का दरवाजा खोला अंदर का नजारा देखकर चौंक गया।
मम्मी कार के अंदर बिल्कुल नंगी थी और अपना सारा कपड़ा खोलकर आगे वाली सीट पर रख दी थी और वह अपना दोनों टांगें फैला कर । अपना चूत दिखाते हुए बोलती है
मम्मी : नयन डार्लिंग। अब देखता ही रहेगा , जल्दी से अपने कपड़े उतार कर आ जा ।
मैं तुरंत कार के अंदर जाकर कार को अंदर से लॉक कर दिया और सारा कपड़ा खोलकर बिल्कुल नंगा होकर सारा कपड़ा आगे वाली सीट पर रख दिया।
और सीधे मैं एक हाथ से मम्मी की एक चुची दबाता हुए दूसरी को मुंह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चुसने लगता हुं । मम्मी धीरे-धीरे अपने होश खोने लगी। अब वो भी मेरे बालों को सहलाते हुए, मेरा साथ देते हुए सिस्कारियां लेने लगती है । अब मैं दोनों चुचियों को बारी-बारी से चुसता रहता हूं और उसकी चुसने की आवाज इतनी जबरदस्त आ रही थी कि मैं क्या बताऊं। फिर मैंने अपना दाहिना हाथ की दो उंगली उसके चुत में डाल देता हूं । इससे मम्मी दर्द के मारे कहरा उठी.
मम्मी : आआआआअहह!
मैंने बोला: मम्मी आपकी चूत तो आज भी काफी टाइट है. कितने साल हुए आपकी शादी को?
मम्मी : 17 साल तो हो गए हैं.
अब मैं मम्मी की चूत पर धीरे-धीरे अपना लंड रगड़ने लगे। थोड़ी देर रगड़ने के बाद मैंने अपना लंड मम्मी की चूत के छेद पर सेट कर दिया। धीरे धीरे अपना लंड उनकी चूत में डालना शुरू किया। लेकिन सिर्फ लंड का टोपा वाला हिस्सा ही अंदर जाकर अटक गया। मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया और फिर से लंड अन्दर डालना शुरू किया। इस बार लंड का पूरा टोपा चूत में घुस गया।
तभी मम्मी बोली : " नयन बहुत दर्द हो रहा है। और दर्द में डूबी के मुझे कसके अपनी बाहों में दबा लिया। मैंने फिर से ज़ोर लगाना शुरू किया ।
मम्मी इस बार दर्द के मारे बेहाल होकर मुझे बाहर निकालने को बोल रही थी। मम्मी : नयन प्लीज़ जल्दी करो, बहुत दर्द हो रहा है। ऐसा लग रहा था जैसे मम्मी की चूत मेरा लंड से चुदना ही नहीं चाहती हो।
मैंने जैसे-तैसे अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाल लिया। तब मम्मी को थोड़ी राहत मिली । हम दोनों ने 2 मिनट रिलैक्स किया, फिर मैं वापस मम्मी की चूत में लंड डालने लगे, तो मम्मी ने रोक दिया।
मैं : मम्मी आप घबराइए मत शुरू में दर्द होता है। मैं यह बोलकर मम्मी को मनाने की कोशिश कर रहा था हैं। मगर मम्मी ने मुझे थोड़ी देर रूकने को बोला।
मैंने : मम्मी आप तेल लेकर आई हो किया ?
मम्मी : अब मैं तेल लेकर घूमती हूं क्या और कितनी बार कहा है तेल ना हो तो कम से कम थूक तो लगाया करो। लाओ, मैं थोड़ी देर चुसती हूँ। फ़िर अन्दर डालने में ज़्यादा तकलीफ़ नहीं होगी।
इसके बाद मैं तुरेंत एक बाजू में अपनी पीठ लगाया और अपनी टांगे फैलाकर बैठ गया । मम्मी ने अपने बाल एक तरफ किये और नीचे झुककर मेरे लंड को हाथ में लेकर उसे सहलाने लगी। मैं इंतज़ार कर रहा था कि कब मम्मी मेरा लंड मुँह में लेले। लेकिन मम्मी मेरे लंड को एकदम गौर से देख रही थी, पता नहीं क्यों।
मैं : क्या हुआ ?
मम्मी : तेरा लंड बहुत अलग है, सच में।
मैं : ऐसा क्यों?
मम्मी : यह मेरे 9 महीने का कमाल है ।
फिर मम्मी ने मेरे लंड मुँह में लेकर उसे चुनना शुरू किया। मैं अपनी आंखें बंद करके मम्मी की पीठ सहलाने लगा । मेरा आधा ही लंड मम्मी के मुँह में जा रहा था। जैसी-जैसी मम्मी मेरा लंड को चूस रही थी, उसकी बहुत सारी लार नीचे टपकने लगी। करीब 10 मिनट तक मेरे लंड पर थूक कर और उसे चूसकर मम्मी ने उसे एकदम गीला कर दिया।
मैं : बस-बस मम्मी इतना काफी है.
फ़िर मैंने मम्मी के बाह को पकड़कर उन्हें उठाया और वापस मम्मी की दोनों टांगों ज़ोर से अपनी तरफ खींचकर उन्हें लीटा दिया। फिर थोड़ी देर उनकी चुचियाँ चूसकर अपना लंड चूत पे सेट किया। इसके बाद मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा, तो मेरा आधा लंड मम्मी की चूत में चला गया। मम्मी को बहुत दर्द हुआ और वो चिल्लाई।
मम्मी : आआआआअहह!स्स्स्स्स्स!
जब वह दर्द के मारे झटपटाने लगी तो मैंने मम्मी के दोनों हाथ पकड़कर उन्हें उसके पेट पर टीका दिया ताकि लंड बाहर ना निकल जाए।
मैं : मम्मी बस एक और फिर मैंने एक आखिरी झटका दिया, जिससे मेरा पूरा लंड मम्मी की चूत में समा गया। मम्मी को जैसे 440 वोल्ट का झटका लगा।
मम्मी : ऊऊऊऊहह! आआह्ह्ह्ह!
मैं : बस बस मम्मी हो गया और अपना लंड मम्मी की चूत में वैसे ही रखकर मैं मम्मी के उपर गिर पड़ा और उन्हें किस करने लगा। क्योंकि मम्मी दर्द के मारे बहुत चिल्लाने लगी थी। सच कहता हूँ, मेरा लंड मम्मी की चूत में जाने के बाद मम्मी की चूत मानो चूहे के बिल से सीधी ट्रेन के टनल जितनी फेल हो गई थी।
मैंने काफ़ी देर तक बिना कुछ किये अपना लंड वैसे ही मम्मी की चूत में रखा, क्योंकि मैं मम्मी में थोड़ा सेटल होना चाहता था। मम्मी दर्द के मारे कांप रही थी और उसने मुझे अपनी बाहों में कैंची बनाकर एक दम कस के पकड़ लिया था।
मम्मी : नयन दर्द हो रहा है. बहुत तेज़ दर्द हो रहा है ।
मैं थोड़ी रूका रहा। फिर धीरे-धीरे आगे-पीछे होकर अपना लंड अंदर-बाहर करने लगे। जब से मेरा लंड मम्मी के चूत के अंदर गया था, तब से मम्मी दर्द के मारे अपनी आँखें ही नहीं खोली रही थीं। मैं एक-दम धीरे-धीरे धक्का दे रहा था जिससे मम्मी की चूत फेल हो गई । करीब 10 मिनट तक ये सिलसिला चला. फ़िर मम्मी का दर्द धीरे-धीरे मजे में रूपान्तरित होने लगा। ये देखकर मैं अपनी धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाने लगे।
मैं: मम्मी अब कैसा लग रहा है?
मम्मी : स्स्स्स्स्स! पहले से बेहतर.
मैं : ठीक है, अब बहुत हो गया. हमारे पास ज़्यादा वक़्त नहीं है।
इतना बोलकर मैंने अचानक अपनी स्पीड बढ़ाई और पूरा दम लगा कर मम्मी को एक-दम ज़ोर से चोदने लगा । मम्मी की चीख निकल गयी.
मम्मी : ऊऊऊऊहह! दर्द के मारे उसने मुझे एक-दम कसके जकड़ लिया।
मम्मी : तुझे समझ नहीं आता क्या? कहा था ना थोड़ा आराम से करो!
लेकिन मैंने कुछ रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि मेरा लंड अभी भी मम्मी के चूत में वैसा ही था। दर्द के मारे वो बेहाल हो चुकी थी। लेकिन मुझे मम्मी का ये व्यवहार ठीक नहीं लगा और मैंने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला और 5 मिनट तक मम्मी को किस करते रहा और मम्मी भी थोड़ा रिलैक्स हो गई।
मैं , मम्मी से अलग होकर कार का दरवाजा खोलकर कार से बाहर आ गया । इससे मम्मी को थोड़ी अजीब लगा और वह भी कार से बाहर आकर मेरे हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया और किस करने लगी । इस अंधेरे सुनसान जगह पर थोड़ी देर किस करने के बाद उन्होंने मुझे कार के अंदर चलने को कहा , मगर मैंने उसकी बात अनसुनी कर दिया तब उन्होंने मुझसे कहा : " सॉरी मेरे राजकुमार ,अपनी दासी को माफ कर दो"। और मैंने मम्मी को माफ कर दिया और फिर दोनों कार के अंदर आ गए । अंदर आकर कार का दरवाजा लॉक कर दिया।
फ़िर मैंने वापस अपना लंड मम्मी की चूत में डाल कर उन्हें चोदना शुरू किया। मम्मी फिर से चिल्लाने लगी, लेकिन उसका मुंह में पहले से ही दबा दिया था। मैं लगातार 10 मिनट तक मम्मी को ठोकते रहा । फिर थोड़ा रिलैक्स होने के लिए मैंने अपना लंड बाहर निकालकर मम्मी के उपर लेट गया . ये देखकर मम्मी ने एक चूची का निपल मेरे मुंह में लगा दिया । मम्मी को भी मजा आने लगा और वो मेरे बालों को सहलाने लगी । मैं भी बड़े चाव से उसे चूसने लगा । निप्पल चूसते चूसते अपना लंड मम्मी की चूत पर सेट किया और एक ज़ोर का धक्का दिया और अपना लंड फिर एक बार मम्मी की चूत में डाल दिया और मम्मी को कस के अपनी बाहों में जकड़ कर में फिर से मम्मी को ज़ोरदार तरीके से ठोकने लगा । मम्मी फिर से चिल्लाने लगी.
मम्मी : मम्म्म्म्म्म… [मुंह दबा होने के कारण मम्मी की आवाज़ भी दब रही थी]
करीब 10 मिनट तक लगतार मैंने मम्मी को इस पोजीशन में चोदा। इतने में कुछ शॉकिंग हुआ , मुझे मम्मी के चूची के निप्पल से दूध निकलता महसूस हुआ । दूध एकदम मिठा था जब यह बात मैंने मम्मी को कहां तो उसके चेहरे पर एक अलग सुकुन महसूस दिख रहा था।
अब तक मम्मी 3 बार झड़ चुकी हुं । ये कहकर मम्मी उठने ही जा रही थी तो मैंने उन्हें रोक लिया।
मैं : रुकिए मम्मी आप 3 बार झड़ चुकी हैं , लेकिन मैं 1 बार भी नहीं।
मम्मी : मैं जानती हूँ, लेकिन मैं अब और नहीं कर सकती।
मैं : क्योंकि ?
मम्मी: क्योंकि मुझे जोर की पेशाब लगी है , चल हट मुझे बाहर जाकर पेशाब करने दे ।
मैं हट गया और कार के दरवाजे का लॉक खोलकर में और मम्मी दोनों बाहर निकले , मम्मी बाहर निकलकर थोड़ी दूर हटकर पेशाब करने बैठ गई जब वह पेशाब कर रही थी तो सुसु सुसु सुसु की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी थोड़ी देर बाद वह आवाज बंद हो गई । तब मम्मी मेरे पास आकर बोली : नयन चल अंदर चल। फिर हम दोनों अंदर आके दरवाजा लॉक दिया। और उनके ऊपर चढ़ गया ।
मम्मी : नयन , प्लीज़ बस भी करो अब. थकते नहीं क्या आप?
मैंने मम्मी की बात को इग्नोर करके उन्हें सीट पर लेटाया और उनकी चूत में लंड सेट किया और एक झटके में लंड अंदर पेल दिया जिससे मम्मी जोर से कहराने लगीं ।
मम्मी: अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् ऊऊऊऊऊऊ आआआआ हाआआआआआ चोदोओओओओओओ और चोदोओओ अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह।अह्ह्ह्हह्ह्ह्लीईईईईईईईईईईई अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।
मैं मम्मी को कार की पिछली सीट पर चोद रहे थे। शीशे पर मम्मी का चेहरा था और मम्मी ने सपोर्ट के लिए कार के ग्लास पर हाथ रखा था। और मैं मम्मी को लगातर चोदे जा रहे थे। कार के हिलने की वजह से चुर्र चुर्रर आवाजें आ रही थी। और मेरी मम्मी जोर जोर से सिसकियाँ ले रही थी।
मम्मी: अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नयन बेबी मुझे चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो मेरे राजकुमार बस मुझे चोदो।
मैं : हां मेरी माल । तेरा पति किसी काम का नहीं ऐसी माल बीवी को कैसे इग्नोर किये हुआ है । मम्मी: अह्ह्ह्हह्हह्हह्ह अह्हह्हह्हह्ह जेन दो उसे और चोदो मुझे अह्हह्हह्ह नयन , तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है ये तो मेरी बचदानी तक पहुंच रहा है। अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्ह्ह् अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊओ मैं झड़ने वाली हूँ नयन अह्ह्ह्हह्ह चोदो जोर से चोदो। मैं भी तबाद-तोड़ तारिके से मम्मी को चोदने लगे, थोड़ी देर बाद मैं मम्मी पर गिर पड़ा और उन्हें किस करते-करते चोदने लगे। अब मम्मी के मुंह से सिसकारियां की जगह , आई लव यू नयन , आई लव यू नयन बोल रही थी । ये सुनते ही मैंने ने 3 ज़ोरदार शॉट लगाते हुए अपना सारा वीर्य मम्मी की चूत में गिरा दिया, और मम्मी ने हर एक शॉट पर " लव यू नयन " कहा।
मम्मी और मैं दोनों पसीने से नहाये हुए थे। मम्मी और मैं एक-दूसरे से करीब 15 मिनट तक ऐसे लिपटे हुए थे जैसे कि जनम-जनम के साथी हो। फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला। मम्मी की चूत से मेरा और मम्मी के वीर्य का झरना बहने लगा। फिर मैं कार से बाहर आकर सबसे पहले , मैंने अपने कपड़े पहने और फिर मम्मी ने अपनी साड़ी पहनाई ।
तभी मुझे दुर से एक गांडी आती हुई दिखाई दी। मैंने मम्मी से उनका मोबाइल लिया और प्लस लाइट ओन करके और हवा में लहराने लगा । कुछ मीनट के बाद वह कार हमारी कार के पास आकर रुकी । तभी उस कार के ड्राइवर ने अपने दारवाजे का शीशा नीचे किया और मूझसे कहा " कोई समस्या है क्या " तो मैने उससे सारी बात बताई । वह मेरी बात सुनकर अपनी कार से एक रसी निकल के मेरे कार के आगे में बाधा और अपने घर के पीछे बांधकर और हम दोनों को अंदर बैठने को कहा और मेरी कार को खींचता हुआ किसी मैकेनिकल दुकान के पास ले गया । मैंने फिर मैकेनिकल के कार दिखाई उसने कहा 1 घंटे में ठीक कर देता हूं। और उस भले आदमी का शुक्रिया अदा किया वह व्यक्ति अपने गन्तव्य की ओर बढ़ गया।
1 घंटे के बाद हमारी कार ठीक हो गई और मैकेनिकल के पैसे देकर आपने गांव के लिए रवाना हो गए ।
सुबह 7 बजे हम लोगों गांव पहुंच गए वह पहुंचकर सभी परिजनों से मुलाकात किया और रातभर जगे होने के कारण हम दोनों सोने चले गए।
मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं


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