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Adultery ......काला जामुन ..... A meanie mommy
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जैसा की आपको पता है की एक दिन मैं , पंखुड़ी आंटी के घर पर गया था और हम दोनों के बीच जोरदार चुदाई हुई थी। पता नहीं कहां से नयन भैया कैसे विडियो बना लिये , नयन भैया विडियो दिखाकर मुझे ब्लैकमेल कर रहे है और कहते वह मेरी मम्मी अंवतिका को मेरे सामने चोदना चाहते हैं। वह बार बार कह रहे थे कि अपनी मम्मी को अपने सामने मुझसे चुदवाओ। मगर मैं ऐसा नहीं करूंगा तो वह विडियो मेरे पापा अभिरंजन को दिखा देगा। जब भी मैं कॉलेज आता या जाता तब तब वह मुझे धमकाते।

“नहीं , ऐसा मत करो। प्लीज, मुझसे गलती हो गई। आज के बाद ऐसा दोबारा नहीं होगा,” मैंने मिन्नतें की वह माने पर वह तैयार ही नहीं थे


आई आगे में आपको बताता हुं यह काम मैंने कैसे किया:-

शनिवार का दिन था मेरे कॉलेज में छुट्टी था मगर पापा आफिस गए हुए थे मम्मी किचन में काम कर रही थी मैं बहुत हिम्मत जुटा कर किचन पहुंचा। मैंने मम्मी से कहा - मम्मी , एक बार मेरे सामने नयन भैया तुम्हारे ऊपर चढ़ना चाहते है। चुदवा लो न?

तभी मम्मी ने मुझे एक जोरदार चमाट मारा और जोर से चिल्लाकर कहा " मानव " ये क्या कह रहा है तू ?” मेरी नज़रों से दुर हो जा " में भागता हुआ रूम में पहुंचा और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

इस तरह दो दिन बीत गया। एक शाम मम्मी ने दरवाजा खटखटाया और खोलने को कहा मैंने दरवाजा खोला तो मम्मी मेरे सामने थी वह रूम के अंदर आके दरवाजा लगाया और मैं सीधा उनके पैरों में गिर गया और रोते हुए माफी माँगने लगा।

मैं: मम्मी, सॉरी, माफ कर दो, गलती हो गई।

मम्मी : मानव , खड़े हो।

मैं: मम्मी, सॉरी।

मम्मी : मानव , खड़े हो, मैं नाराज़ नहीं हूँ, खड़े हो।

मैं: क्या? और मेरे बगल में बैठी । और मूझसे पूछे की तुमने मुझे ऐसा क्यों कहा तो मैंने उस सारी बात बताई तो वो कुछ नहीं बोली और चुपचाप मेरी बातें सुन रही थी जब मैंने उसे सारी बात बताई ।

तब मम्मी बोली- तुम भी क्या मुझे नयन से चुदते हुए देखना चाहते हो?

तब मैं बोला- मजबूर हैं मम्मी करना पड़ेगा।

तो मम्मी ने हाँ कर दी.

मैं बाहर आकर नयन भैया को मम्मी के फोन से फोनकर बता दिया कि मम्मी मान गयी है

अगली सुबह मैं पापा के आफिस जाने का इंतजार कर रहा था कि कब वो घर से आफिस के लिए जाए , उसके बाद मम्मी को चुदवा लूंगा।

जब पापा आफिस गए तब नयन भैया को मैंने फोन करके घर बुलाया। और यह बात मैंने मम्मी को बता दी थी।

मम्मी अपने रूम में थीं; मम्मी से मैंने कहा- थोड़ा सज-संवर लो दुल्हन की तरह … जब नयन भैया देखे तो तुम्हारे ऊपर टूट पड़े।

तो मम्मी सज-संवर कर बैठी। नयन भैया को मैं उसी रूम में ले गया।

मैंने इशारा किया तो फिर नयन भैया मम्मी के ऊपर चढ़ गया और मम्मी के प्यारे होंठों को चूसने लगा।
तब मैंने नयन भैया से कहा- आराम आराम से कर ये।


नयन भैया ने कहा- हां, क्यों नहीं ।

नयन भैया बोले - चल , जल्दी से अपने कपड़े निकाल। आज तेरी जवानी का रस पीना है।

मैं बगल में कुर्सी पर बैठ गया और मम्मी ने पूरे कपड़े निकाल दिए।
फिर नयन भैया मम्मी की चूचियों को आटे की तरह गूँथने लगे।

मम्मी अपनी चूचियों की मालिश बड़े आराम से करवा रही थी।

फिर नयन भैया ने मम्मी की टाँगों को फैलाकर अपना मोटा लन्ड मम्मी की चूत में एकाएक डाल दिया जिससे मम्मी की चीख निकल गई। ये चीख सुनकर नयन भैया जोश में आकर मम्मी को दनादन चोदने लगा।

मैं सामने बैठा देख रहा था. जब नयन भैया का मोटा लन्ड मेरी मम्मी भी झेल नहीं पा रही थी तो लगातार मुंह से चीखें निकाल रही थी। कुछ मिनट बाद मम्मी भी एकदम शांत होकर चुदाई का मजा लेने लगी।

नयन भैया मस्ती में मम्मी को पेल रहा था।
तब नयन भैया बोला- आंटी, मजा आ रहा है न? मम्मी ने भी सिर हां मैं हिला दिया।

उसके कुछ देर तक नयन भैया ने मम्मी को मस्त पेला और चोद चोदकर अपना माल मम्मी की चूत में ही गिरा दिया। फिर वह अपना मोटा लन्ड निकाल कर वो मम्मी के ऊपर ही लेट गया।

मेरी मम्मी की गदराई जवानी का मजा लेकर कुछ देर लेटा रहने के बाद वो कपड़े पहनकर चला गया। जाने से पहले नयन भैया ने मम्मी के होंठों को चूसकर और चूचियां मसलकर गया।

मम्मी नंगी ही बेड पर पड़ी थी उनकी चूत से अभी भी रस और नयन भैया के लंड का वीर्य मिलकर बाहर निकल रहा था। उनकी चूत की ये हालत देखकर मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था।
मैं भी मम्मी की चुदाई करना चाह रहा था।

मैंने उनकी चूत को पौंछा । उनकी वो मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने ना आओ देखा ना ताओ, सीधा एक चांटा कसकर मम्मी की गांड पर रख दिया। और दोस्तों, वो चांटा बहुत ज़ोर का था। बहुत ज़ोर से आवाज़ आई थी। और मम्मी भी एकदम से उछल पड़ी थीं। मेरे हाथ में भी दर्द हो रहा था।

तब मम्मी बोली- पागल है तू, ये क्या बदतमीज़ी है ? तू भी अभी चोदेगा क्या? तेरी उम्र नहीं है ये सब करने की।

मैं: मम्मी, अब सब्र नहीं होता, मैं आपको चोदना चाहता हूँ । तुम्हारी चूत की ये हालत देखकर मेरा लंड पागल हो चुका है मगर मैं पहले तुम्हारी गांड चुदाई करूंगा। तब आपकी चूत में अपना लंड पेलना चाहता हूँ । मैं तो आपके ये बड़े-बड़े चूची चूसना चाहता हूँ ।

वो बोली- ठीक है, जैसे मर्जी कर ले।

उसके बाद मैंने मम्मी को पलटा कर पेट के बल लिटा दिया और उसकी गांड में लंड को लगा दिया।

मैंने धीरे धीरे गांड में लंड अंदर डाल दिया और मम्मी की गांड को चोदने लगा। वो आराम से मेरे लंड से चुदने लगी।

मुझे मम्मी की गांड चुदाई में गजब का मजा आ रहा था। मम्मी भी आह्ह आह्ह … करते हुए मस्त चुदवा रही थी। उनकी चूचियां पूरी आगे पीछे हिल रही थीं।

कुछ देर तक मम्मी की गांड चोदने के बाद मेरा माल उनकी गांड में ही निकल गया। उसके बाद मैं बाहर चला गया । मैं बाहर मार्केट में चला गया। रात में ही मैं घर पहुंचा। मैंने देखा कि मम्मी बर्तन साफ कर रही थीं। मैं अपने रूम में चला गया।

कुछ समय बाद मम्मी खाना लेकर आईं और मैं खाना खाकर आराम करने लगा । थके होने के कारण कब नींद आ गयी मुझे पता नहीं चला।

अगली सुबह पापा के आफिस जाने के बाद मैंने और मम्मी ने 2-3 घंटे और जमकर चुदाई की और फिर हम दोनों बिस्तर पर ही लेट गए।

मम्मी : वैसे एक बात बता, तूने पंखुड़ी को भी इतना ही चोदा था? वैसे तुझे मुझमें और पंखुड़ी में कौन ज़्यादा पसंद है?


मैं: आप दोनों ही, दोनों में कुछ मुकाबला ही नहीं है। इसलिए मुझे आप दोनों को एक बार एक साथ चोदना है। कल पंखुड़ी आंटी को बुला लो।

मम्मी : एक साथ? तू हम दोनों को एक साथ झेल लेगा?

मैं: आप दोनों मुझे एक साथ झेलोगे।

मम्मी : हाँ, वो भी है। चल, ठीक है, कल बुलाती हूँ उसे कोई बाहना करके।

उसके बाद हम दोनों मेरे ही बिस्तर में नंगे ही सो गए। शाम को मैं उठा तो मम्मी बिस्तर में नहीं थीं। मैंने उन्हें पूरे घर में ढूँढा, लेकिन वो कहीं नहीं थीं। मुझे लगा शायद मार्केट गई होंगी। शाम को वह मार्केट से आई।

अगली सुबह...... पापा के आफिस जाने के बाद

मैं किचन में मम्मी की मदद कर रहा था खाना बनाने में। मम्मी पूरे किचन में मटक रही थीं और उस चक्कर में उनकी गांड भी… मैंने उनकी गांड की तरफ देखा और मेरा लंड खड़ा हो गया। मम्मी जैसे ही मेरे पास आके खड़ी हुईं, मैंने अपना हाथ उनकी गांड पर रख दिया।

मम्मी : नहीं, नहीं, सोचना भी मत। वैसे भी, कल रात की गांड माराई के बाद से मुझे बहुत दर्द हो रहा है और चलने में भी दिक्कत हो रही है।

मैं: अच्छा, तभी आप ऐसे चल रही हो। कोई ना, एक बार और चुदाई कर लेते हैं ना?

मम्मी : नहीं…

तभी डोरबेल बजी और मैं जाकर गेट खोलता हूँ। पंखुड़ी आंटी आ गई थीं। मैंने उन्हें अंदर लिया और गेट बंद करके सीधा उनकी गांड पर चांटा मारा, जिससे वो एकदम से उछल पड़ीं। वह अपनी गांड़ सहलाते हुए किचन पहुंची

मम्मी : क्या हुआ?

पंखुड़ी : कुछ नहीं ।

मम्मी : चलो, मेरे कमरे में।

उसके बाद हम तीनों मम्मी के कमरे में गए और जाते ही मम्मी ने मुझे बिस्तर पर धक्का दे दिया और मेरी पैंट खोलने लगीं।

तभी पंखुड़ी आंटी बोली : यह क्या कर रहीं हैं ।

मम्मी बोली : वहीं जो तुम ने अपने घर में किया था।

मेरा लंड निकालकर मम्मी उसे चूसने लगीं। यह देखकर आंटी भी शामिल हो गई । वो दोनों इतने बढ़िया तरीके से मेरा लंड चूस रही थीं कि मुझे परम सुख मिल रहा था। थोड़ी देर की लंड चूसाई के बाद ही मैं झड़ गया और मेरा सारा वीर्य उन दोनों के मुँह पर था।

मम्मी और पंखुड़ी आंटी ने एक-दूसरे का मुँह चाटना शुरू किया और चाटते-चाटते मेरा पूरा वीर्य वो दोनों पी गईं। फिर मैंने अपने सारे कपड़े खोल दिए और पूरा नंगा हो गया। उन दोनों ने भी अपने कपड़े खोलना शुरू कर दिया। मम्मी ने सलवार-सूट पहना था और पंखुड़ी आंटी ने साड़ी। थोड़ी ही देर में वो दोनों भी नंगी हो गईं।

और दोस्तों, क्या बताऊँ आपको, उस समय मेरे सामने का क्या सीन था। दोनों हुस्न की परी लग रही थीं और एक तो दोनों का एक जैसा फिगर। मेरा लंड पूरा तन गया था। मैंने उन दोनों को बेड पर लिटाया और पहले पंखुड़ी आंटी की चूत चाटी, फिर मम्मी की। ऐसे ही थोड़ी देर तक मैंने दोनों की चूत चाटी। फिर मैंने मेरा लंड मम्मी की चूत पर सटाया, लेकिन मम्मी ने मुझे रोक दिया।

मैंने सीधा पंखुड़ी आंटी की तरफ देखा और बिना किसी इंतज़ार के उनकी चूत में लंड डाल दिया और उनकी चुदाई करने लगा।

मैं इधर पंखुड़ी आंटी को चोद रहा था, उधर मम्मी अपनी चूत में उंगली कर रही थीं। फिर वो खड़ी हुईं और आके पंखुड़ी आंटी के मुँह पर बैठ गईं। अब इधर मैं पंखुड़ी आंटी की चूत चोद रहा हूँ, उधर मम्मी पंखुड़ी आंटी से अपनी चूत चटवा रही हैं। मैंने भी मम्मी को किस कर दिया। एक ही समय में हम तीनों एक-दूसरे के साथ कुछ न कुछ कर ही रहे थे। करीब 15 मिनट पंखुड़ी आंटी की चुदाई करने के बाद मैं उनकी चूत में झड़ गया।

मम्मी : मैंने रुकने को बोला? चोदता रह। एक काम, अब इसकी गांड मार।

ये सुनके पंखुड़ी आंटी के रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि उन्हें भी पता था कि मेरा मोटा लंड अगर उनकी गांड में गया, तो वो उसे फाड़ देगा। मैंने पंखुड़ी आंटी को घोड़ी बनाया। वो मना करती रहीं, लेकिन मैंने नहीं सुनी और मेरा लंड उनकी गांड में डालना शुरू कर दिया।

पंखुड़ी आंटी की चीखें भी निकलने लगीं। जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड में घुस गया, मैंने उनकी गांड मारनी शुरू कर दी। मुझे तो मज़ा आ रहा था, लेकिन पंखुड़ी आंटी का रो-रोकर बुरा हाल था। हालाँकि थोड़ी देर बाद उन्हें भी मज़ा आने लग गया था और मैंने उनकी गांड और बेरहमी से मारनी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे बाद मैं उनकी गांड में झड़ गया।

करीब 2 घंटे तक ऐसे ही उनकी चुदाई करने के बाद उनकी हालत अदमरी जैसी हो गई थी। फिर मम्मी ने बोल ही दिया कि बस, काफी है। फिर मैंने मम्मी को लिटाया। और मैंने उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उनकी चुदाई शुरू कर दी। मैं उन्हें पंखुड़ी आंटी से भी ज़्यादा बेरहमी से चोद रहा था।

मम्मी : आह… आह… आराम से, आराम से चोद ले, कहीं भाग नहीं रही हूँ। ओह… मर गई।

उसके बाद मैंने मम्मी को भी घोड़ी बनाया और उनकी गांड में मारने लगा। और वो भी पागलों की तरह चीख रही थीं और मैं भी उनकी गांड पागलों की तरह ही मार रहा था। करीब एक घंटे तक उनकी चुदाई करने के बाद हम तीनों बिस्तर पर ही ढेर हो गए।

उसके बाद हमने थोड़ा आराम किया और उसके बाद मैंने फिर मम्मी और पंखुड़ी आंटी को चोदा। कभी बाथरूम में, मेरे रूम में, कभी किचन में। रात तक तो दोनों के चलने का अंदाज़ ही बदल गया।

उसके बाद हमने खाना खाया और पंखुड़ी आंटी आज के लिए हमारे यहाँ ही रुक गईं। और इसी वजह से मैंने एक बार और दोनों को रात में चोद दिया। और फिर वो अगले दिन अपने घर गईं।
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RE: ......काला जामुन..... A meanie mommy 2 - by Dhamakaindia108 - 18-05-2026, 07:39 PM



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