09-05-2026, 11:22 AM
(This post was last modified: 09-05-2026, 11:23 AM by Life_is_short. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
दिन अच्छे निकल रहे थे...
लेकिन रातें कुछ अलग हो गई थीं।
नेहा की ज़िंदगी में मेरे अलावा अब दो और मर्द आ गए थे — इंटरनेट पर ही सही, लेकिन वो उनसे जुड़ी हुई थी।
अयान से तो थोड़ा ज़्यादा।
वो कहती थी,
“अगर मैं अभी 22-23 साल की होती तो शायद अयान जैसे हैंडसम लड़के मुझे देखते भी नहीं।”
नेहा अयान के तरीके से बहुत प्रभावित थी —
उसकी बात करने का स्टाइल, उसका अटिट्यूड, जिम में बनाया हुआ बॉडी... और उसका लंड।
अब अयान लंबे-लंबे वीडियो भेजने लगा था — खुद को हस्तमैथुन करते हुए।
नेहा कभी भी कोई सेकंड नहीं छोड़ती।
वो हर बिट एंजॉय करती —
लंड का सिरा, उसकी नसें, हर छोटी डिटेल।
जैसे कोई क्विज़ होने वाला हो और उसे लंड पर सब याद करना हो।
धीरे-धीरे अयान के बारे में थोड़ा-बहुत पता चलने लगा था।
वो मुंबई में रहता था, मास कम्युनिकेशन का कोर्स कर रहा था।
उसकी गर्लफ्रेंड थी।
उसकी उम्र में ही 2 - 3 लड़कियों के साथ एक्सपीरियंस था।
अयान अब मिलने की बात करने लगा था।
नेहा हमेशा यही कहती,
“देखते हैं... जब हम दोनों तैयार होंगे तब।”
मैं चुपचाप सुनता रहता।
हर रात नेहा अयान के वीडियो देखती, कभी-कभी मुझे भी दिखाती, और फिर हम दोनों चुपचाप सो जाते।
लेकिन अब बातें धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं।
नेहा अब कभी भी अयान की बातें करने लग जाती।
डाइनिंग टेबल पर, खाना खाते-खाते, अचानक मुस्कुरा देती और मुझे बताती,
“आज अयान ने क्या कहा...”
कभी-कभी मुझे लगता था कि वो जानबूझकर ये सब कर रही है — मुझे jealous करने के लिए, मेरा रिएक्शन देखने के लिए।
लेकिन मेरे लिए ये सब सपने जैसा था।
जैसे बचपन से जिस चीज़ की कल्पना की थी, वो अब सच होते हुए दिख रही थी।
गार्गी (बहन) के साथ नहीं तो नेहा के साथ।
मैं ईर्ष्या मैं होता था — बहुत।
लेकिन ये अनुभूति उस जलन को हरा देती थी।
ये उत्तेजना इतनी तेज़ थी कि जलन को पीछे छोड़ देती थी।
हर बार जब नेहा अयान की कोई बात बताती, मेरे शरीर में एक गर्म लहर दौड़ जाती।
मैं चुपचाप सुनता रहता, मुस्कुराता रहता, लेकिन अंदर से जल रहा होता।
फिर रात को जब हम बिस्तर पर होते, नेहा मुझे छूती और धीरे से पूछती,
“आज फिर ईर्ष्या हुए?”
मैं जवाब नहीं देता, बस उसे और कसकर पकड़ लेता।
शायद ये भी हो सकता है...
कि जो नेगी जी से नेहा को मिला, वो उसकी तरफ से बिल्कुल हवस थी।
नेहा उनसे प्यार में थी, लेकिन कभी भी उसे ऐसे स्मार्ट, यंग लड़के से इतना अटेंशन नहीं मिला था।
तो अयान से वो वो सब फ्लर्ट ले रही थी जो उसने अपनी कॉलेज लाइफ में मिस कर दिया था।
मैं देखता था — जब वो स्क्रीन पर अयान का मैसेज पढ़ती, उसके गाल लाल हो जाते थे।
रोज़ सुबह अयान का मैसेज आता:
“Good morning... world की सबसे सुंदर लड़की [img=26x0]https://cdn.jsdelivr.net/joypixels/assets/7.0/png/unicode/64/2764.png[/img]”
और नेहा पूरे दिन ख़ुश रहती।
उसकी मुस्कान में एक अलग सी चमक आ जाती।
वो छोटी-छोटी बातों पर भी हँस पड़ती, जैसे कोई नई लड़की हो।
मैं चुपचाप देखता रहता।
कभी-कभी जलन होती, लेकिन ज़्यादातर उत्तेजना होती।
देखना कि मेरी बीवी किसी और लड़के के एक साधारण मैसेज पर इतनी खुश हो रही है, वो एहसास बहुत गहरा था।
रात को जब हम बिस्तर पर होते, नेहा अक्सर अयान की बातें करती।
कभी उसके फ्लर्ट की, कभी उसके बॉडी की, कभी उसके मैसेज की।
और मैं बस सुनता रहता... और अंदर से जलता और उत्तेजित भी होता।
नेहा ने कभी अपना चेहरा नहीं दिखाया।
हम दोनों इस मामले में बहुत क्लियर थे।
मैंने शुरू से ही कहा था,
“जो चीज़ एक बार इंटरनेट पर चली गई, वो कभी नहीं मिट सकती।
भले ही अयान कितना भी safe हो, लेकिन चैट रूम्स के सर्वर, डेटा स्टोरेज... मुझे बिल्कुल भरोसा नहीं है।”
हम दोनों IT से थे, इसलिए हमें अच्छे से पता था कि पर्सनल डेटा का क्या हो सकता है।
एक बार फोटो या वीडियो किसी सर्वर पर चला गया तो वो हमेशा के लिए रह सकता है — भले ही हम डिलीट कर दें।
हम अपना चेहरा कभी नहीं दिखा रहे थे, लेकिन फोटोज की इंटेंसिटी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी।
अयान अब नेहा के नंगे बूब्स देख चुका था।
उसके सेक्सी, गोरे बूब्स... उसके निप्पल्स... सब कुछ।
हर रात वो एक नया टास्क देता।
और हम उत्तेजना में उसकी हर रिक्वेस्ट पूरी कर देते।
कभी वो लिखता:
“नेहा, आज मैं तुम्हें सिर्फ ब्लैक पैंटी में देखना चाहता हूँ।”
कभी:
“नेहा, आज तुम्हारे चूतिये पति का छोटा लंड तुम्हारे निप्पल को छू रहा था।”
कभी:
“आज मेरे नाम से अपने बूब्स पर लिखो।”
और हम... उत्तेजना में उसकी हर बात मान लेते।
नेहा फोटो खींचती, कभी मैं उसकी मदद करता, कभी वो अकेले।
हर फोटो में चेहरा छुपा रहता, लेकिन बॉडी की इंटेंसिटी बढ़ती जा रही थी।
रातें अब पहले से कहीं ज़्यादा गर्म हो गई थीं।
नेहा हर रात अयान के टास्क पूरा करती और मुझे दिखाती।
अयान लेट नाइट तक जागता था... और हमें भी जगाए रखता था।
इसलिए हमने अपने ऊपर एक सख्त boundary लगा रखी थी — हम सिर्फ वीकेंड पर ही लेट तक जागेंगे।
वरना पूरे दिन ऑफिस में काम नहीं होता था।
मगर फिर भी, अयान को जब भी नेहा ने “hello” भेजा — दिन के किसी भी समय — उसका रिप्लाई तुरंत आ जाता था।
दूसरी तरफ था “बेकार आदमी” नाम का ID।
असली नाम नहीं पता।
वो खुद को पुणे से बताता था, बिजनेसमैन, 40-42 साल का।
कहता था कि वो बहुत busy रहता है।
उसका आना फिक्स टाइम पर होता था — रात ९ से ११ के बीच।
आते ही गंदी, रफ बातें शुरू:
“कैसी है भेन की लोड़ी... आज खाने में क्या बनाया है मादरचोद?”
नेहा उसे एक मस्कुलर, देसी, बिजनेसमैन के रूप में इमेजिन करती थी।
उससे भी इमोशनल कनेक्शन था, लेकिन वो उसके साथ इतनी आगे नहीं बढ़ी थी जितनी अयान के साथ।
अयान को नेहा ऊपर से नीचे तक देख चुकी थी — चेहरा तक।
लेकिन “बेकार आदमी” ने कभी फोटो की बात इनिशिएट नहीं की।
न नेहा ने उससे माँगा, न उसने नेहा से।
बस फिक्स टाइम पर आता, गंदी बातें करता, और चला जाता — जैसे कोई ऑनलाइन रोल प्ले हो।
नेहा दोनों से अलग-अलग मज़ा ले रही थी।
एक तरफ अयान — यंग, स्मार्ट, फ्लर्टी और सुंदर।
दूसरी तरफ बेकार आदमी — रफ, गंदा, देसी और straight-forward।
एक दिन मुझे ऑफिस के काम से मुंबई जाना था।
मैं बहुत एक्साइटेड था नेहा को बताने के लिए।
नेहा भी ऑफिस से छुट्टी ले सकती थी।
ये हमारा अच्छा चांस हो सकता था अयान से मिलने का।
रात में चैट पर हमने अयान को बताया:
“हम मुंबई आ रहे हैं।”
अयान: “कब?”
“2 दिन में।”
अयान: “अच्छा...”
उसकी बात में साफ़ एक्साइटमेंट था।
फिर उसने सीधे लिखा:
“तो क्या मैं होटल में तुमसे मिलने आ जाऊँ?”
नेहा ने मैसेज पढ़ा और मेरी तरफ देखा।
उसकी आँखों में एक मिश्रित भाव था — थोड़ी घबराहट, थोड़ी उत्तेजना।
वो मेरे पास बैठी थी, लैपटॉप पर हाथ रखे हुए।
मैंने उसकी तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“क्या जवाब दोगी?”
नेहा ने होटल वाली बात पढ़ी और तुरंत जवाब दिया:
“No you silly... पहली बार कहीं और मिलते हैं... कैफे में।”
मुझे नेहा की समझदारी अच्छी लगी।
कम से कम वो हवस में बहकर कोई गलती नहीं कर रही थी।
अयान का जवाब आया: “OK”
जवाब थोड़ा मायूस लग रहा था।
हम दोनों को लगा था कि वो कुछ तो बोलेगा — जैसे “पहली बार मिलने के बाद होटल रूम में आऊँगा”, “बस एक किस करूँगा”... लेकिन कुछ नहीं।
बस “OK”।
उस रात अयान ने कहा कि उसे कुछ काम है और चैट बंद कर दी।
हम मुंबई गए।
वहाँ से नेहा ने उसे “हेलो” भेजा।
पहली बार उसका कोई रिप्लाई नहीं आया।
मैं अपने ऑफिस के काम पर गया जिसके लिए कंपनी ने भेजा था।
नेहा होटल में रही।
पूरे दिन वो अयान के “हेलो” का रिप्लाई आने का इंतज़ार करती रही।
शाम को हम घूमने गए — मॉल, बीच।
लेकिन नेहा का मन वहीं अटका हुआ था।
अयान का रिप्लाई नहीं आया।
हम वापस आ गए।
उसके बाद के दो दिन मैंने नेहा को उदास देखा।
अयान का कोई रिप्लाई नहीं आया।
उसने नेहा को सोशल मीडिया टर्म में ghost कर दिया था — एकदम से गायब हो जाना।
नेहा चुपचाप रहने लगी।
वो स्क्रीन देखती, फिर मोबाइल रख देती।
कभी-कभी मुझे देखकर हल्के से मुस्कुरा देती, लेकिन वो मुस्कान पहले जैसी नहीं थी।
मैं चुपचाप देखता रहता।
अंदर से मुझे थोड़ी राहत भी हो रही थी, लेकिन नेहा के उदास चेहरे को देखकर दुख भी हो रहा था।
मुंबई से आने के बाद भी अयान का कोई मैसेज नहीं आया।
हमारे दिन ऐसे ही निकल रहे थे।
नेहा और मेरे बीच बस किस से ज़्यादा कुछ नहीं हो रहा था।
पहले नई जगह, नया होटल देखकर हमारा मन करता था कि वहाँ नई गंदी यादें बना लें।
लेकिन अब वो उत्साह कम हो गया था।
इन दिनों “बेकार आदमी” से नेहा की बातें बढ़ रही थीं।
दूसरी तरफ जो भी था, वो थोड़ा समझदार लग रहा था मुझे।
क्योंकि वो नेहा को समझ रहा था — ठीक वैसे जैसे मैं समझाता हूँ।
नेहा ने उसे अयान के बारे में बता दिया था।
फिर भी उसने ये नहीं कहा कि “तुमने मुझसे मिलने के लिए क्यों नहीं कहा?”
जबकि वो खुद को पुणे का लोकल बताता था।
15 दिन हो गए।
अयान को कोई मैसेज नहीं।
नेहा जैसे किसी ब्रेकअप से निकल रही हो।
उदास, चुप, और थोड़ी खोई हुई।
फिर एक दिन “बेकार आदमी” से बात करते हुए नेहा ने टाइप किया:
“अरे सच में... मेरा पति साथ में है.... मैंने उसका लंड पकड़ा हुआ है।”
हम बहुत दिनों बाद ऐसा कुछ कर रहे थे।
सका जवाब आया:
“चल झूठी रंडी... तेरी गांड में इतना दम नहीं कि तू तेरे पति के सामने मुझसे बात करे।”
नेहा ने तुरंत लिखा:
“फोटो भेजूँ?”
“तेरी मर्जी।”
नेहा ने मुझे खड़ा किया, ताकि मैं फ्रेम में आ सकूँ।
मेरा लंड बाहर था।
उसने अपनी टी-शर्ट ऊपर चढ़ाई, ताकि उसकी रेड ब्रा दिख सके।
फिर उसने फोटो क्लिक की और भेज दी।
मैं समझ रहा था कि वो क्या कर रही है।
वो रीक्रिएट कर रही थी वो जो उसने अयान के साथ किया था।
वो थ्रिल, वो एक्साइटमेंट... सब कुछ।
ये पहला फोटो था जो नेहा ने “बेकार आदमी” को भेजा।
वो भी उसने नहीं माँगा था।
उसने जवाब में नेहा की तारीफ में गंदी बातें कीं, गालियाँ दीं।
मगर हम सेंस कर सकते थे कि उसकी बातों में अयान वाली एक्साइटमेंट नहीं थी।
उस रात हमने कुछ किया, लेकिन अयान के मुकाबले वो एक्साइटमेंट बस नाम मात्र का था।
नेहा अब भी अयान के बारे में सोचती थी।
कहीं उसे कुछ हो तो नहीं गया?
क्या हुआ होगा कि उसने कोई जवाब नहीं दिया?
वो कभी-कभी रात में उठकर लैपटॉप चेक करती थी।
क्योंकि हम ये चैट्स फोन से नहीं करते थे।
XXXXXXXXXXXX
[size=undefined]एक रात नेहा कुछ सोच रही थी।
उसका चेहरा थोड़ा गंभीर था।
मैंने आराम से पूछा,
“दिमाग में क्या चल रहा है?”
नेहा ने अचानक कहा,
“मैं बेकार आदमी से मिलना चाहती हूँ।”
मैंने पूछा, “क्या उसने बोला? तुमने...”
“नहीं... वो नहीं बोलता। फिर भी मैं मिलना चाहती हूँ।
मैं देखना चाहती हूँ कि ये सब सच भी है या नहीं... या ये भी अयान की तरह बस एक धोखा है।”
मैं समझ रहा था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है।
अयान के ghost हो जाने के बाद नेहा को एक तरह का खालीपन हो गया था।
वो ये जानना चाहती थी कि दूसरा वाला भी वैसा ही है या सच में कुछ है।
मैंने धीरे से कहा,
“हम्म... मुझे प्रॉब्लम नहीं है... मगर...”
नेहा ने तुरंत समझ लिया और बोली,
“हाँ... safe सेटअप। मैं समझ सकती हूँ कि तुम क्या बोलना चाह रहे हो।”
उसने मेरी तरफ देखा और बोली,
“मैं कल उससे बात करूँगी।”
अगले दिन जब “बेकार आदमी” ऑनलाइन आया, तो नेहा ने सीधे लिखा:
“तुम मिलना चाहोगे मुझसे?”
(ये नेहा ने अपने नंगे बूब्स की फोटो भेजने के बाद लिखा था — जैसे कोई रिश्वत दे रही हो।)
बेकार आदमी का जवाब तुरंत आया:
“आहhhh रंडी.... क्या गुब्बारे हैं तेरे.... मादरचोद चढ़ा कर दिया लंड...”
नेहा ने फिर लिखा:
“बोलो ना... मिलोगे?”
उसने जवाब दिया:
“हाँ रंडी... बता कहाँ मिलेगी... वहीं तुम्हें कुतिया बना कर चोदूँगा।”
नेहा ने बहुत शांत और समझदारी से लिखा:
“अरे अभी बस मिलना है... बाकी वहीं तय करेंगे कि मुझे क्या बनाओगे।”
बेकार आदमी ने फिर लिखा:
“ठीक है मदरचोद... तू बोल कहाँ और कब। मैं आ जाऊँगा।"
नेहा ने मैसेज पढ़ा और मेरी तरफ देखा।
उसके चेहरे पर एक हल्की मुस्कान थी, लेकिन आँखों में थोड़ी घबराहट भी।
उसने मेरी तरफ देखकर धीरे से पूछा,
“अब क्या लिखूँ? जगह और टाइम...?”
नेहा ने बहुत शांत स्वर में लिखा:
“ठीक है... तुम कहाँ रहते हो?”
बेकार आदमी ने तुरंत जवाब दिया:
“मैं पिंपरी”
मैं पास में बैठा था। मैंने फोन उठाया और तुरंत “पिंपरी” सर्च कर लिया। नेहा को स्क्रीन दिखाया। उसने देखा और फिर टाइप किया:
“तुम्हारे वहाँ होटल है ना... इटालियन... 5 स्टार... वहाँ मिलते हैं।”
उसका जवाब आया:
“क्या स्टार? अच्छा रंडी... सीधे होटल बुला रही है।”
नेहा ने तुरंत स्पष्ट किया:
“अरे नहीं... उसके रेस्टोरेंट में मिलेंगे।”
“ओके... कब... कितने बजे?”
नेहा ने लिखा:
“फ्राइडे को...?”
“नहीं... संडे... दिन में मिलते हैं... 7 बजे?”
ये समय थोड़ा अजीब था, लेकिन नेहा ने सहमति जताई।
“क्या पहनकर आओगी?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए लिखा:
“तुम्हें मैं कैसी पसंद हूँ?”
“मुझे तो नंगी आ जा...” फिर उसने तुरंत जोड़ा, “बढ़िया मॉडर्न कपड़े पहनकर आ ना... मॉडल जैसी।”
नेहा ने मैसेज पढ़ा और मेरी तरफ देखा। उसकी आँखों में एक मिश्रित भाव था — थोड़ी शरारत, थोड़ी घबराहट, और थोड़ी उत्तेजना।
[/size]
लेकिन रातें कुछ अलग हो गई थीं।
नेहा की ज़िंदगी में मेरे अलावा अब दो और मर्द आ गए थे — इंटरनेट पर ही सही, लेकिन वो उनसे जुड़ी हुई थी।
अयान से तो थोड़ा ज़्यादा।
वो कहती थी,
“अगर मैं अभी 22-23 साल की होती तो शायद अयान जैसे हैंडसम लड़के मुझे देखते भी नहीं।”
नेहा अयान के तरीके से बहुत प्रभावित थी —
उसकी बात करने का स्टाइल, उसका अटिट्यूड, जिम में बनाया हुआ बॉडी... और उसका लंड।
अब अयान लंबे-लंबे वीडियो भेजने लगा था — खुद को हस्तमैथुन करते हुए।
नेहा कभी भी कोई सेकंड नहीं छोड़ती।
वो हर बिट एंजॉय करती —
लंड का सिरा, उसकी नसें, हर छोटी डिटेल।
जैसे कोई क्विज़ होने वाला हो और उसे लंड पर सब याद करना हो।
धीरे-धीरे अयान के बारे में थोड़ा-बहुत पता चलने लगा था।
वो मुंबई में रहता था, मास कम्युनिकेशन का कोर्स कर रहा था।
उसकी गर्लफ्रेंड थी।
उसकी उम्र में ही 2 - 3 लड़कियों के साथ एक्सपीरियंस था।
अयान अब मिलने की बात करने लगा था।
नेहा हमेशा यही कहती,
“देखते हैं... जब हम दोनों तैयार होंगे तब।”
मैं चुपचाप सुनता रहता।
हर रात नेहा अयान के वीडियो देखती, कभी-कभी मुझे भी दिखाती, और फिर हम दोनों चुपचाप सो जाते।
लेकिन अब बातें धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं।
नेहा अब कभी भी अयान की बातें करने लग जाती।
डाइनिंग टेबल पर, खाना खाते-खाते, अचानक मुस्कुरा देती और मुझे बताती,
“आज अयान ने क्या कहा...”
कभी-कभी मुझे लगता था कि वो जानबूझकर ये सब कर रही है — मुझे jealous करने के लिए, मेरा रिएक्शन देखने के लिए।
लेकिन मेरे लिए ये सब सपने जैसा था।
जैसे बचपन से जिस चीज़ की कल्पना की थी, वो अब सच होते हुए दिख रही थी।
गार्गी (बहन) के साथ नहीं तो नेहा के साथ।
मैं ईर्ष्या मैं होता था — बहुत।
लेकिन ये अनुभूति उस जलन को हरा देती थी।
ये उत्तेजना इतनी तेज़ थी कि जलन को पीछे छोड़ देती थी।
हर बार जब नेहा अयान की कोई बात बताती, मेरे शरीर में एक गर्म लहर दौड़ जाती।
मैं चुपचाप सुनता रहता, मुस्कुराता रहता, लेकिन अंदर से जल रहा होता।
फिर रात को जब हम बिस्तर पर होते, नेहा मुझे छूती और धीरे से पूछती,
“आज फिर ईर्ष्या हुए?”
मैं जवाब नहीं देता, बस उसे और कसकर पकड़ लेता।
शायद ये भी हो सकता है...
कि जो नेगी जी से नेहा को मिला, वो उसकी तरफ से बिल्कुल हवस थी।
नेहा उनसे प्यार में थी, लेकिन कभी भी उसे ऐसे स्मार्ट, यंग लड़के से इतना अटेंशन नहीं मिला था।
तो अयान से वो वो सब फ्लर्ट ले रही थी जो उसने अपनी कॉलेज लाइफ में मिस कर दिया था।
मैं देखता था — जब वो स्क्रीन पर अयान का मैसेज पढ़ती, उसके गाल लाल हो जाते थे।
रोज़ सुबह अयान का मैसेज आता:
“Good morning... world की सबसे सुंदर लड़की [img=26x0]https://cdn.jsdelivr.net/joypixels/assets/7.0/png/unicode/64/2764.png[/img]”
और नेहा पूरे दिन ख़ुश रहती।
उसकी मुस्कान में एक अलग सी चमक आ जाती।
वो छोटी-छोटी बातों पर भी हँस पड़ती, जैसे कोई नई लड़की हो।
मैं चुपचाप देखता रहता।
कभी-कभी जलन होती, लेकिन ज़्यादातर उत्तेजना होती।
देखना कि मेरी बीवी किसी और लड़के के एक साधारण मैसेज पर इतनी खुश हो रही है, वो एहसास बहुत गहरा था।
रात को जब हम बिस्तर पर होते, नेहा अक्सर अयान की बातें करती।
कभी उसके फ्लर्ट की, कभी उसके बॉडी की, कभी उसके मैसेज की।
और मैं बस सुनता रहता... और अंदर से जलता और उत्तेजित भी होता।
नेहा ने कभी अपना चेहरा नहीं दिखाया।
हम दोनों इस मामले में बहुत क्लियर थे।
मैंने शुरू से ही कहा था,
“जो चीज़ एक बार इंटरनेट पर चली गई, वो कभी नहीं मिट सकती।
भले ही अयान कितना भी safe हो, लेकिन चैट रूम्स के सर्वर, डेटा स्टोरेज... मुझे बिल्कुल भरोसा नहीं है।”
हम दोनों IT से थे, इसलिए हमें अच्छे से पता था कि पर्सनल डेटा का क्या हो सकता है।
एक बार फोटो या वीडियो किसी सर्वर पर चला गया तो वो हमेशा के लिए रह सकता है — भले ही हम डिलीट कर दें।
हम अपना चेहरा कभी नहीं दिखा रहे थे, लेकिन फोटोज की इंटेंसिटी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी।
अयान अब नेहा के नंगे बूब्स देख चुका था।
उसके सेक्सी, गोरे बूब्स... उसके निप्पल्स... सब कुछ।
हर रात वो एक नया टास्क देता।
और हम उत्तेजना में उसकी हर रिक्वेस्ट पूरी कर देते।
कभी वो लिखता:
“नेहा, आज मैं तुम्हें सिर्फ ब्लैक पैंटी में देखना चाहता हूँ।”
कभी:
“नेहा, आज तुम्हारे चूतिये पति का छोटा लंड तुम्हारे निप्पल को छू रहा था।”
कभी:
“आज मेरे नाम से अपने बूब्स पर लिखो।”
और हम... उत्तेजना में उसकी हर बात मान लेते।
नेहा फोटो खींचती, कभी मैं उसकी मदद करता, कभी वो अकेले।
हर फोटो में चेहरा छुपा रहता, लेकिन बॉडी की इंटेंसिटी बढ़ती जा रही थी।
रातें अब पहले से कहीं ज़्यादा गर्म हो गई थीं।
नेहा हर रात अयान के टास्क पूरा करती और मुझे दिखाती।
अयान लेट नाइट तक जागता था... और हमें भी जगाए रखता था।
इसलिए हमने अपने ऊपर एक सख्त boundary लगा रखी थी — हम सिर्फ वीकेंड पर ही लेट तक जागेंगे।
वरना पूरे दिन ऑफिस में काम नहीं होता था।
मगर फिर भी, अयान को जब भी नेहा ने “hello” भेजा — दिन के किसी भी समय — उसका रिप्लाई तुरंत आ जाता था।
दूसरी तरफ था “बेकार आदमी” नाम का ID।
असली नाम नहीं पता।
वो खुद को पुणे से बताता था, बिजनेसमैन, 40-42 साल का।
कहता था कि वो बहुत busy रहता है।
उसका आना फिक्स टाइम पर होता था — रात ९ से ११ के बीच।
आते ही गंदी, रफ बातें शुरू:
“कैसी है भेन की लोड़ी... आज खाने में क्या बनाया है मादरचोद?”
नेहा उसे एक मस्कुलर, देसी, बिजनेसमैन के रूप में इमेजिन करती थी।
उससे भी इमोशनल कनेक्शन था, लेकिन वो उसके साथ इतनी आगे नहीं बढ़ी थी जितनी अयान के साथ।
अयान को नेहा ऊपर से नीचे तक देख चुकी थी — चेहरा तक।
लेकिन “बेकार आदमी” ने कभी फोटो की बात इनिशिएट नहीं की।
न नेहा ने उससे माँगा, न उसने नेहा से।
बस फिक्स टाइम पर आता, गंदी बातें करता, और चला जाता — जैसे कोई ऑनलाइन रोल प्ले हो।
नेहा दोनों से अलग-अलग मज़ा ले रही थी।
एक तरफ अयान — यंग, स्मार्ट, फ्लर्टी और सुंदर।
दूसरी तरफ बेकार आदमी — रफ, गंदा, देसी और straight-forward।
एक दिन मुझे ऑफिस के काम से मुंबई जाना था।
मैं बहुत एक्साइटेड था नेहा को बताने के लिए।
नेहा भी ऑफिस से छुट्टी ले सकती थी।
ये हमारा अच्छा चांस हो सकता था अयान से मिलने का।
रात में चैट पर हमने अयान को बताया:
“हम मुंबई आ रहे हैं।”
अयान: “कब?”
“2 दिन में।”
अयान: “अच्छा...”
उसकी बात में साफ़ एक्साइटमेंट था।
फिर उसने सीधे लिखा:
“तो क्या मैं होटल में तुमसे मिलने आ जाऊँ?”
नेहा ने मैसेज पढ़ा और मेरी तरफ देखा।
उसकी आँखों में एक मिश्रित भाव था — थोड़ी घबराहट, थोड़ी उत्तेजना।
वो मेरे पास बैठी थी, लैपटॉप पर हाथ रखे हुए।
मैंने उसकी तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“क्या जवाब दोगी?”
नेहा ने होटल वाली बात पढ़ी और तुरंत जवाब दिया:
“No you silly... पहली बार कहीं और मिलते हैं... कैफे में।”
मुझे नेहा की समझदारी अच्छी लगी।
कम से कम वो हवस में बहकर कोई गलती नहीं कर रही थी।
अयान का जवाब आया: “OK”
जवाब थोड़ा मायूस लग रहा था।
हम दोनों को लगा था कि वो कुछ तो बोलेगा — जैसे “पहली बार मिलने के बाद होटल रूम में आऊँगा”, “बस एक किस करूँगा”... लेकिन कुछ नहीं।
बस “OK”।
उस रात अयान ने कहा कि उसे कुछ काम है और चैट बंद कर दी।
हम मुंबई गए।
वहाँ से नेहा ने उसे “हेलो” भेजा।
पहली बार उसका कोई रिप्लाई नहीं आया।
मैं अपने ऑफिस के काम पर गया जिसके लिए कंपनी ने भेजा था।
नेहा होटल में रही।
पूरे दिन वो अयान के “हेलो” का रिप्लाई आने का इंतज़ार करती रही।
शाम को हम घूमने गए — मॉल, बीच।
लेकिन नेहा का मन वहीं अटका हुआ था।
अयान का रिप्लाई नहीं आया।
हम वापस आ गए।
उसके बाद के दो दिन मैंने नेहा को उदास देखा।
अयान का कोई रिप्लाई नहीं आया।
उसने नेहा को सोशल मीडिया टर्म में ghost कर दिया था — एकदम से गायब हो जाना।
नेहा चुपचाप रहने लगी।
वो स्क्रीन देखती, फिर मोबाइल रख देती।
कभी-कभी मुझे देखकर हल्के से मुस्कुरा देती, लेकिन वो मुस्कान पहले जैसी नहीं थी।
मैं चुपचाप देखता रहता।
अंदर से मुझे थोड़ी राहत भी हो रही थी, लेकिन नेहा के उदास चेहरे को देखकर दुख भी हो रहा था।
मुंबई से आने के बाद भी अयान का कोई मैसेज नहीं आया।
हमारे दिन ऐसे ही निकल रहे थे।
नेहा और मेरे बीच बस किस से ज़्यादा कुछ नहीं हो रहा था।
पहले नई जगह, नया होटल देखकर हमारा मन करता था कि वहाँ नई गंदी यादें बना लें।
लेकिन अब वो उत्साह कम हो गया था।
इन दिनों “बेकार आदमी” से नेहा की बातें बढ़ रही थीं।
दूसरी तरफ जो भी था, वो थोड़ा समझदार लग रहा था मुझे।
क्योंकि वो नेहा को समझ रहा था — ठीक वैसे जैसे मैं समझाता हूँ।
नेहा ने उसे अयान के बारे में बता दिया था।
फिर भी उसने ये नहीं कहा कि “तुमने मुझसे मिलने के लिए क्यों नहीं कहा?”
जबकि वो खुद को पुणे का लोकल बताता था।
15 दिन हो गए।
अयान को कोई मैसेज नहीं।
नेहा जैसे किसी ब्रेकअप से निकल रही हो।
उदास, चुप, और थोड़ी खोई हुई।
फिर एक दिन “बेकार आदमी” से बात करते हुए नेहा ने टाइप किया:
“अरे सच में... मेरा पति साथ में है.... मैंने उसका लंड पकड़ा हुआ है।”
हम बहुत दिनों बाद ऐसा कुछ कर रहे थे।
सका जवाब आया:
“चल झूठी रंडी... तेरी गांड में इतना दम नहीं कि तू तेरे पति के सामने मुझसे बात करे।”
नेहा ने तुरंत लिखा:
“फोटो भेजूँ?”
“तेरी मर्जी।”
नेहा ने मुझे खड़ा किया, ताकि मैं फ्रेम में आ सकूँ।
मेरा लंड बाहर था।
उसने अपनी टी-शर्ट ऊपर चढ़ाई, ताकि उसकी रेड ब्रा दिख सके।
फिर उसने फोटो क्लिक की और भेज दी।
मैं समझ रहा था कि वो क्या कर रही है।
वो रीक्रिएट कर रही थी वो जो उसने अयान के साथ किया था।
वो थ्रिल, वो एक्साइटमेंट... सब कुछ।
ये पहला फोटो था जो नेहा ने “बेकार आदमी” को भेजा।
वो भी उसने नहीं माँगा था।
उसने जवाब में नेहा की तारीफ में गंदी बातें कीं, गालियाँ दीं।
मगर हम सेंस कर सकते थे कि उसकी बातों में अयान वाली एक्साइटमेंट नहीं थी।
उस रात हमने कुछ किया, लेकिन अयान के मुकाबले वो एक्साइटमेंट बस नाम मात्र का था।
नेहा अब भी अयान के बारे में सोचती थी।
कहीं उसे कुछ हो तो नहीं गया?
क्या हुआ होगा कि उसने कोई जवाब नहीं दिया?
वो कभी-कभी रात में उठकर लैपटॉप चेक करती थी।
क्योंकि हम ये चैट्स फोन से नहीं करते थे।
XXXXXXXXXXXX
[size=undefined]एक रात नेहा कुछ सोच रही थी।
उसका चेहरा थोड़ा गंभीर था।
मैंने आराम से पूछा,
“दिमाग में क्या चल रहा है?”
नेहा ने अचानक कहा,
“मैं बेकार आदमी से मिलना चाहती हूँ।”
मैंने पूछा, “क्या उसने बोला? तुमने...”
“नहीं... वो नहीं बोलता। फिर भी मैं मिलना चाहती हूँ।
मैं देखना चाहती हूँ कि ये सब सच भी है या नहीं... या ये भी अयान की तरह बस एक धोखा है।”
मैं समझ रहा था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है।
अयान के ghost हो जाने के बाद नेहा को एक तरह का खालीपन हो गया था।
वो ये जानना चाहती थी कि दूसरा वाला भी वैसा ही है या सच में कुछ है।
मैंने धीरे से कहा,
“हम्म... मुझे प्रॉब्लम नहीं है... मगर...”
नेहा ने तुरंत समझ लिया और बोली,
“हाँ... safe सेटअप। मैं समझ सकती हूँ कि तुम क्या बोलना चाह रहे हो।”
उसने मेरी तरफ देखा और बोली,
“मैं कल उससे बात करूँगी।”
अगले दिन जब “बेकार आदमी” ऑनलाइन आया, तो नेहा ने सीधे लिखा:
“तुम मिलना चाहोगे मुझसे?”
(ये नेहा ने अपने नंगे बूब्स की फोटो भेजने के बाद लिखा था — जैसे कोई रिश्वत दे रही हो।)
बेकार आदमी का जवाब तुरंत आया:
“आहhhh रंडी.... क्या गुब्बारे हैं तेरे.... मादरचोद चढ़ा कर दिया लंड...”
नेहा ने फिर लिखा:
“बोलो ना... मिलोगे?”
उसने जवाब दिया:
“हाँ रंडी... बता कहाँ मिलेगी... वहीं तुम्हें कुतिया बना कर चोदूँगा।”
नेहा ने बहुत शांत और समझदारी से लिखा:
“अरे अभी बस मिलना है... बाकी वहीं तय करेंगे कि मुझे क्या बनाओगे।”
बेकार आदमी ने फिर लिखा:
“ठीक है मदरचोद... तू बोल कहाँ और कब। मैं आ जाऊँगा।"
नेहा ने मैसेज पढ़ा और मेरी तरफ देखा।
उसके चेहरे पर एक हल्की मुस्कान थी, लेकिन आँखों में थोड़ी घबराहट भी।
उसने मेरी तरफ देखकर धीरे से पूछा,
“अब क्या लिखूँ? जगह और टाइम...?”
नेहा ने बहुत शांत स्वर में लिखा:
“ठीक है... तुम कहाँ रहते हो?”
बेकार आदमी ने तुरंत जवाब दिया:
“मैं पिंपरी”
मैं पास में बैठा था। मैंने फोन उठाया और तुरंत “पिंपरी” सर्च कर लिया। नेहा को स्क्रीन दिखाया। उसने देखा और फिर टाइप किया:
“तुम्हारे वहाँ होटल है ना... इटालियन... 5 स्टार... वहाँ मिलते हैं।”
उसका जवाब आया:
“क्या स्टार? अच्छा रंडी... सीधे होटल बुला रही है।”
नेहा ने तुरंत स्पष्ट किया:
“अरे नहीं... उसके रेस्टोरेंट में मिलेंगे।”
“ओके... कब... कितने बजे?”
नेहा ने लिखा:
“फ्राइडे को...?”
“नहीं... संडे... दिन में मिलते हैं... 7 बजे?”
ये समय थोड़ा अजीब था, लेकिन नेहा ने सहमति जताई।
“क्या पहनकर आओगी?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए लिखा:
“तुम्हें मैं कैसी पसंद हूँ?”
“मुझे तो नंगी आ जा...” फिर उसने तुरंत जोड़ा, “बढ़िया मॉडर्न कपड़े पहनकर आ ना... मॉडल जैसी।”
नेहा ने मैसेज पढ़ा और मेरी तरफ देखा। उसकी आँखों में एक मिश्रित भाव था — थोड़ी शरारत, थोड़ी घबराहट, और थोड़ी उत्तेजना।
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