09-05-2026, 12:57 AM
(This post was last modified: 09-05-2026, 07:31 AM by rajusethzee. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
मैं- मम्मी, कल छुट्टी है. और कल हम दोनों घर पर रहेंगे। और कल मैं आपकी एक बात भी नहीं सुनूंगा।
मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगे. फिर वो नीचे चली गई. मैं भी बिस्तर पर आके लेट गया। फिर कुछ ही देर बाद मुझे नींद आ गई। ऐसे चेन की नींद शायद ही पहले कभी आई हो। फिर सुबह साढ़े 8 बजे मेरी आंख खुद खुल गई।
मैं लेता लेता कल रात के बारे में सोचने लगा। कल कैसी मम्मी मेरा लंड चूस रही थी। और उन्होंने मेरा पानी अपने मुँह में भी ले लिया था। मम्मी की बात सोचती मेरा लंड जो पहले से खड़ा था। और ज्यादा टाइट हो गया था.
फिर मैं जल्दी से उठूंगा। और बाहर आके नीचे देखने लगा। और बाहर मुझे मम्मी झाड़ू लगती हुई दिखी। मम्मी अभी भी मैक्सी पहनने हुई थी। और उनके बड़े बड़े दूध मैक्सी में लटके हुए दिख रहे थे। पापा का ई रिक्शा खड़ा नहीं था।
इसका मतलब वो निकल चुके थे। मम्मी को देखकर पानी से खुल कर मैं वापस बिस्टर पर आ गया। और लेटकर मम्मी के बारे में सोचना लगा।
और कल रात मम्मी ने भी मुझसे नहीं रोका था। बाल्की उनको मेरा पूरा साथ दिया था। और आज वो दिन था. जब मैं मम्मी की चुदाई करने वाला था। मैं लेता लेता मम्मी का इंतज़ार कर रहा था।
तभी 9 बजे मम्मी ऊपर मुझे उठाने आयीं। मगर मैं पहले हुई उठा हुआ था। और अपने लंड को सहला रहा था. जो पहले से खड़ा हुआ था। और जैसी ही मम्मी कमरे में आई। तो वो मुझे जागते हुए देखकर वो बोली।
मम्मी- उठ गया बेटा.
मैं – हा मम्मी बस बस अभी अभी उठा हू.
मम्मी- चल बेटा फिर मुँह हाथ धो ले. फिर नास्ता करते हैं.
मम्मी की बात सुनते ही मैं बिस्तर से उठ गया। फिर मम्मी के पीछे जाके उन्हें पकड़ लिया। और मम्मी को पकड़ते ही मैं उनको दूध दबाने लगा। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- क्या कर रहा है बेटा सुबह-सुबह?
![[Image: 23220782.gif?validfrom=1762923600&validt...H6cs9vM%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/23220782.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=nf%2FIY%2Flm8RgLjLoxzE%2BxH6cs9vM%3D)
मैं- वही कर रहा हूँ मम्मी. जो रात को कर रहा था. मगर तब आप नीचे चली गई थी।
मम्मी- बेटा, तेरा मन नहीं भरता है क्या? जब देखो तो मुझे पकड़ के मेरे दूध दबाने लगता है।
मैं- मम्मी, मन तो आपका भी यहीं सब करने का करता है. बस फर्क सिर्फ इतना है कि आप मुझसे खुल के नहीं कहते। मैं बिना किसी शर्म के सब कह देता हूं। मैंने सुना है सुबह-सुबह औरत के ये सब करने में और ज़्यादा मजा है।
आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी की मैक्सी पकड़ के निकलने लगा। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- बेटा, अभी रहने दे ना. सुबह-सुबह मेरे कपड़े निकलना जरूरी है क्या?
मैं- मम्मी, पापा चले गये ना.
मम्मी- हां बेटा चल गया.
मैं- और आपने नीचे कुंडी भी लगा ही ली होगी।
मम्मी- हां बेटा लगी है.
मैं- मम्मी, अब जब हम दोनों अकेले हैं. तो क्यू ना आज सुबह सुबह इस पल का मजा ले। और वैसा भी अब तो पापा भी नहीं है। तो हमें किसी का क्या डर?
आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी की मैक्सी निकालने लगा। और उन्हें भी आपने हाथ ऊपर करके मैक्सी निकालने में मेरा साथ दिया। मैक्सी के निकलते ही मम्मी पूरी नंगी हो गई। बस उनके गले में उनका मंगलसूत्र रह गया था। जो उनके दूध के बीच फ़सा हुआ था।
![[Image: arbnl0.gif]](https://i.ibb.co/5g21sLRP/arbnl0.gif)
![[Image: arbnlu.gif]](https://i.ibb.co/7JP4zC08/arbnlu.gif)
जिसे देखकर मेरा लंड और ज्यादा टाइट हो गया। मम्मी के बड़े-बड़े लटके हुए दूध, उनकी गहरी नाभि और नाभि से नीचे उनकी छोटे-छोटे बालों वाली चूत देखकर। मेरा हाल और भी ज़्यादा बुरा होने लगा। कुछ देर मैं मम्मी को बस खड़ा देखता रहा।
और मम्मी नंगी खड़े खड़े मुझे ही देख रही थी। आज मम्मी की आँखों में रत्तीभर की शर्म नहीं दिख रही थी। जब की वो पूरी नंगी खड़ी हुई थी। फिर मैं मम्मी के पास गया। और उनके पास जाके उनके होठों को चूसने लगा।
![[Image: 45101281.gif?validfrom=1762923600&validt...cS94Rd4%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/45101281.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=nm09f8vTiTl7T%2Ft9wV%2BvcS94Rd4%3D)
मम्मी ने भी मेरी गर्दन में हाथ डाल लिया। और वो भी मेरे होठों को चूसने लगी। मम्मी के होठों को चूमते हुए मैं सीधे उनकी चूत सहलाने लगा। जो पहले से ही गरम हो गई थी। होठों को चूसते हुए मैं मम्मी की चूत सहलाता रहा।
मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगे. फिर वो नीचे चली गई. मैं भी बिस्तर पर आके लेट गया। फिर कुछ ही देर बाद मुझे नींद आ गई। ऐसे चेन की नींद शायद ही पहले कभी आई हो। फिर सुबह साढ़े 8 बजे मेरी आंख खुद खुल गई।
मैं लेता लेता कल रात के बारे में सोचने लगा। कल कैसी मम्मी मेरा लंड चूस रही थी। और उन्होंने मेरा पानी अपने मुँह में भी ले लिया था। मम्मी की बात सोचती मेरा लंड जो पहले से खड़ा था। और ज्यादा टाइट हो गया था.
फिर मैं जल्दी से उठूंगा। और बाहर आके नीचे देखने लगा। और बाहर मुझे मम्मी झाड़ू लगती हुई दिखी। मम्मी अभी भी मैक्सी पहनने हुई थी। और उनके बड़े बड़े दूध मैक्सी में लटके हुए दिख रहे थे। पापा का ई रिक्शा खड़ा नहीं था।
इसका मतलब वो निकल चुके थे। मम्मी को देखकर पानी से खुल कर मैं वापस बिस्टर पर आ गया। और लेटकर मम्मी के बारे में सोचना लगा।
और कल रात मम्मी ने भी मुझसे नहीं रोका था। बाल्की उनको मेरा पूरा साथ दिया था। और आज वो दिन था. जब मैं मम्मी की चुदाई करने वाला था। मैं लेता लेता मम्मी का इंतज़ार कर रहा था।
तभी 9 बजे मम्मी ऊपर मुझे उठाने आयीं। मगर मैं पहले हुई उठा हुआ था। और अपने लंड को सहला रहा था. जो पहले से खड़ा हुआ था। और जैसी ही मम्मी कमरे में आई। तो वो मुझे जागते हुए देखकर वो बोली।
मम्मी- उठ गया बेटा.
मैं – हा मम्मी बस बस अभी अभी उठा हू.
मम्मी- चल बेटा फिर मुँह हाथ धो ले. फिर नास्ता करते हैं.
मम्मी की बात सुनते ही मैं बिस्तर से उठ गया। फिर मम्मी के पीछे जाके उन्हें पकड़ लिया। और मम्मी को पकड़ते ही मैं उनको दूध दबाने लगा। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- क्या कर रहा है बेटा सुबह-सुबह?
![[Image: 23220782.gif?validfrom=1762923600&validt...H6cs9vM%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/23220782.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=nf%2FIY%2Flm8RgLjLoxzE%2BxH6cs9vM%3D)
मैं- वही कर रहा हूँ मम्मी. जो रात को कर रहा था. मगर तब आप नीचे चली गई थी।
मम्मी- बेटा, तेरा मन नहीं भरता है क्या? जब देखो तो मुझे पकड़ के मेरे दूध दबाने लगता है।
मैं- मम्मी, मन तो आपका भी यहीं सब करने का करता है. बस फर्क सिर्फ इतना है कि आप मुझसे खुल के नहीं कहते। मैं बिना किसी शर्म के सब कह देता हूं। मैंने सुना है सुबह-सुबह औरत के ये सब करने में और ज़्यादा मजा है।
आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी की मैक्सी पकड़ के निकलने लगा। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- बेटा, अभी रहने दे ना. सुबह-सुबह मेरे कपड़े निकलना जरूरी है क्या?
मैं- मम्मी, पापा चले गये ना.
मम्मी- हां बेटा चल गया.
मैं- और आपने नीचे कुंडी भी लगा ही ली होगी।
मम्मी- हां बेटा लगी है.
मैं- मम्मी, अब जब हम दोनों अकेले हैं. तो क्यू ना आज सुबह सुबह इस पल का मजा ले। और वैसा भी अब तो पापा भी नहीं है। तो हमें किसी का क्या डर?
आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी की मैक्सी निकालने लगा। और उन्हें भी आपने हाथ ऊपर करके मैक्सी निकालने में मेरा साथ दिया। मैक्सी के निकलते ही मम्मी पूरी नंगी हो गई। बस उनके गले में उनका मंगलसूत्र रह गया था। जो उनके दूध के बीच फ़सा हुआ था।
![[Image: arbnl0.gif]](https://i.ibb.co/5g21sLRP/arbnl0.gif)
![[Image: arbnlu.gif]](https://i.ibb.co/7JP4zC08/arbnlu.gif)
जिसे देखकर मेरा लंड और ज्यादा टाइट हो गया। मम्मी के बड़े-बड़े लटके हुए दूध, उनकी गहरी नाभि और नाभि से नीचे उनकी छोटे-छोटे बालों वाली चूत देखकर। मेरा हाल और भी ज़्यादा बुरा होने लगा। कुछ देर मैं मम्मी को बस खड़ा देखता रहा।
और मम्मी नंगी खड़े खड़े मुझे ही देख रही थी। आज मम्मी की आँखों में रत्तीभर की शर्म नहीं दिख रही थी। जब की वो पूरी नंगी खड़ी हुई थी। फिर मैं मम्मी के पास गया। और उनके पास जाके उनके होठों को चूसने लगा।
![[Image: 45101281.gif?validfrom=1762923600&validt...cS94Rd4%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/45101281.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=nm09f8vTiTl7T%2Ft9wV%2BvcS94Rd4%3D)
मम्मी ने भी मेरी गर्दन में हाथ डाल लिया। और वो भी मेरे होठों को चूसने लगी। मम्मी के होठों को चूमते हुए मैं सीधे उनकी चूत सहलाने लगा। जो पहले से ही गरम हो गई थी। होठों को चूसते हुए मैं मम्मी की चूत सहलाता रहा।


![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)