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Misc. Erotica भाभी का जलवा
#20
अब आगे..................


अगले दिन सुबह मैं थोड़ा लेट उठा, रात मैं भाभी के खयालो मैं जाग जो रहा था
खैर तब तक सब लोग अपने अपने काम मैं लग चुके थे
घर पर सिर्फ भाभी और मैं ही रह गए

भाभी किचन मैं कुछ काम कर रही थी
उन्होंने साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था

मुझे शरारत सूझी - वो इतनी हसीं लग रही थी की मैं अपने आप को रोक नहीं सका

मैंने पीछे से जा कर उनको गले लगा लिया इस तरह मेरा एक हाथ उनके गले पर था और दूसरा उनके पेट पर
मेरी गरम सांसो को वो अपनी गर्दन पर महसूस कर सकती थी

अचानक हुई इस हरकत से वो डर गयी और मुझे बोली
ललित सुबह सुबह ये क्या हरकत हैं कोई देख लेगा

वो थोड़ी नाराज़ और परेशां थी

मैंने पुछा - आपको किसी के देखने का डर हैं या
भाभी - ललित ये सब अच्छा नहीं हैं, कल भी तूने बहुत कुछ किया मैं कुछ नहीं बोली
पर अब ये सब बंद कर दे प्लीज

मैं - अरे भाभी घर पर कोई नहीं हैं प्लीज थोड़ी देर करने दो न
देखो ये कैसे आपके पीछे घुसने के लिए उतावला हो रहा हैं
और ये कह कर मैंने उनका एक हाथ अपने लौड़े पर रख दिया

भाभी - झट से अपना हाथ हटा कर, पागल हो गए हो तुम, मैं भाभी हूँ तुम्हारी और कोई भी अपनी भाभी के साथ ऐसा नहीं करता
मैं - और भाभी अपने देवर का नाम ले ले कर चुदवा सकती हैं ..............

मैंने अभी तक उन्हें छोड़ा नहीं था और फिर अपनी गरम सांसे उनकी गर्दन पर छोड़ने लगा
मेरा हाथ जो उनके पेट पर था उस से मैं उनकी नाभि से खेलने लगा
एक ऊँगली मैं उनकी नाभि पर गोल गोल घेरा बनाते हुए फेरने लगा
और दूसरा हाथ उनके गले और होठ पर फेरने लगा
मेरी इस हरकत से वो गरम होने लगी थी क्योकि उनकी सांसे तेज होने लगी
उनकी छातिया ऊपर नीचे होने लगी

मैंने इस पल का पूरा फायदा उठाना चाहा और पेट वाले हाथ को उनकी चुत पर लगाने मसलने लगा
मैंने अपना हाथ अभी अंदर नहीं डाला था, मैं चाहता था की वो खुद मेरा लौड़ा लेने के लिए तड़पे

पर मेरी हरकत उनके शरीर पर पूरी तरह काम कर रही थी और उनके मुँह से हलकी सी आह निकली जो मैंने सुन ली

उनका चेहरा पकड़ कर मैंने पीछे किया और उनके गुलाबी होठों के पास अपने होठ ले आया पर उन्हें किस नहीं किया
सिर्फ अपने सांसो की गर्मी से उनको पिघलने की कोशिश करने लगा
इन सब काम का असर भी मुझे दिखाए दे रहा था
उनके होठ सूखने लगे थे और उनकी आँखे बंद हो चुकी थी जैसे उन्होंने अपने आशिक को अपना बदन सौप दिया हो
इन सब हरकतों मैं दस मिनट का समय जा चूका था

तभी डोर बेल बजी और मैं समझ गया की मम्मी मंदिर से आ चुकी हैं
मैंने भाभी को छोड़ा और कहा बाकि बीस मिनट बाद मैं
वो कुछ कहना चाह रही थी पर नहीं कह सकी मैंने देखा उनकी सांसे उखड रही थी
वो बहुत ज्यादा गरम हो रही थी

मैं दरवाजा खोलने चला गया

इधर भाभी - कैसा पागल लड़का हैं , मुझे इतना गरम करके चला गया , मेरी पूरी पैंटी गीले हो गयी
अभी अगर थोड़ी देर और ऐसे ही करता तो मैं तो अपना कण्ट्रोल छोड़ देती

दरवाजे पर मम्मी ही थी मैं उनको प्रणाम कर के नहाने चला गया और मम्मी और भाभी भी अपने अपने काम मैं लग गए
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RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 24-04-2026, 04:33 PM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 24-04-2026, 04:40 PM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 27-04-2026, 09:19 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 27-04-2026, 09:49 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 27-04-2026, 11:32 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 27-04-2026, 11:33 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 30-04-2026, 09:05 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by rajeev13 - 30-04-2026, 10:14 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 30-04-2026, 04:12 PM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 30-04-2026, 04:25 PM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 30-04-2026, 04:59 PM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 01-05-2026, 12:31 PM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 02-05-2026, 11:17 AM
RE: Bhabhi ka Jalwa - by bhabhi_lover23 - 02-05-2026, 11:18 AM
RE: भाभी का जलवा - by bhabhi_lover23 - 07-05-2026, 12:08 PM



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