05-05-2026, 10:28 AM
(This post was last modified: 05-05-2026, 10:52 AM by bhabhi_lover23. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
अब आगे
हम सबने मिल कर डिनर कर लिया था और पापा मम्मी अपने कमरे में जा चुके थे
भाभी भी किचन का बाकि काम निपटा रही थी
बच्चे उनके कमरे मैं कॉलेज का होमवर्क कर रहे थे
मैं सबके सोने का इंतजार कर रहा था
मुझे अब किसी बात की जल्दबाज़ी नहीं थी
बस ये सोचना था की भाभी को ज्यादा से ज्यादा कैसे गरम किया जाये
मैं घर से बहार घूमने चला गया और सोचने लगा
थोड़ी देर बहार घूमने के बाद मैं घर आ गया
कोई नया विचार नहीं आया था अभी तक भाभी को गरम करने का पर फिर सोचा अभी तो आज का मज्जा लेते फिर देखते हैं क्या होता हैं
मैं घर आ कर अपने रूम मैं आ गया
मैं ये देखा चूका था की पापा मम्मी के कमरे की लाइट बंद हो चुकी हैं और बच्चों ने भी अपनी पढाई कर ली हैं और वो सोने जा चुके हैं
कमरे मैं आ कर मैंने लोअर और टी शर्ट डाल ली अंदर सिर्फ चड्डी थी मैंने बनियान खोल दिया था
पलंग पर लेट कर मैं भाभी को मैसेज किया
सो गयी क्या
थोड़ी देर बाद बहभी का रिप्लाई आया
भाभी - नहीं अभी तो बॉस ऐसे ही लेटी हुई हूँ
मैं - तो आ जाओ आपका आधा घंटा शुरू करते हैं
भाभी - डरते हुए, ललित मान जा न प्लेस, ऐसा मत कर
मैं - कुछ नहीं होगा भाभी, चलो जब तक आप नहीं चाहोगी मैं आपके कपडे नहीं खोलूँगा
आप आओ तो सही
भाभी - ठीक हैं मैं आती हूँ
पांच मिनट के बाद भाभी मेरे कमर कमरे मैं आयी
उन्होंने गाउन पेहेन रखा था जिसमे सामने की तरफ चार बटन थे, जिन्हे अगर सब को खोल दे तो उनके आधे चुचे बहार से दिखाई दे
भाभी - ललित ये सब गलत हैं, मत कर प्लीज
मैं - भाभी मैं तो कुछ नहीं कर रहा, ये आग अपने ही तो लगायी हैं, जब आप मेरा नाम ले ले कर चुदवा रही थी तब नहीं लगा की ये सब गलत हैं
भाभी - तुझे बोलै न पति पत्नी ये सब करते हैं
मैं - भाभी मैं आपसे ज्यादा कुछ नहीं करने को बोल रहा बस थोड़ी देर मेरा साथ दो और चली जाना
भाभी न चाहते हुए भी पलंग पर बैठ गयी
मैं लेता हुआ था और वो मेरे घुटने के पास बैठी हुई थी
मेरा घुटना उनकी गदरायी गांड मैं घुसने की कोशिस कर रहा था
मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और बोला भाभी सिर्फ बात करते हैं और थोड़ा छूने की इजाजत दे दो
भाभी - ठीक हैं आज का तेरा टाइम स्टार्ट हो चूका हैं और तेरे पांच मिनट निकल गए हैं
मैं - भाभी ये तो चीटिंग हैं
भाभी - मैं कुछ नहीं जानती, और सिर्फ ऊपर से छूना हैं कपड़ो के अंदर हाथ नहीं डालेगा
मैं - ठीक हैं भाभी जान
और ये कह कर मैंने उनका हाथ जोर से दबाया
उनके पीछे बैठते हुए मैंने उनकी गर्दन पर सांस छोड़ दी
मेरी इस हरकत से भाभी एकदम सिहर गयी
गर्म साँसों की वजह से शायद उन्हें कुछ फील हुआ होगा
पीछे बैठ कर एक हाथ मैंने उनके पेट पर रखा और दुसरे हाथ से उनके बाल हटाए
मैं उनकी स्किन को ज्यादा से ज्यादा महसूस करना चाहता था
इस पोजीशन मैं मेरी गर्म साँसे उनकी गर्दन पर जा रही थी
मेरे होठ उनकी गर्दन के बिलकुल नजदीक थे और मैं उनके सपाट पेट पर गाउन के ऊपर से हाथ फेर रहा था
वो धीरे धीरे गरम हो रही थी क्योकि उनकी सांसे थोड़ी तेज होने लगी थी
मैंने भाभी को पुछा - कैसा लग रहा हैं भाभी जान
भाभी - कुछ नहीं, तुम तुम्हारा काम करो और मुझे अपना समय पूरा करो, ताकि मैं यहाँ से जा सकूं
मैं - भाभी अभी तो बीस मिनट हैं, चलो ये बताओ आपको भैया से पहले और किस ने छुआ हैं
भाभी - किसी ने नहीं
मैं - भाभी झूठ मत बोलो, आपके जीजा अनिल ने
भाभी - तुझे इस से क्या
मैं - बताओ न भाभी, यही तो तय हुआ था की आप आपकी सेक्स लाइफ डिसकस करोगी मेरे साथ
भाभी - ठीक हैं, हाँ छुआ था
मैं - कैसे कैसे
भाभी - जैसे तू छू रहा हैं और कैसे
मैं - थोड़ा डिटेल मैं बताओ
भाभी - तुझे जो पूछना हैं पूछ तेरे पास पन्द्र मिनट हैं अब
मैं - अच्छा भाभी उन्होंने यहाँ छुआ था
और ये कह कर मैं अपना हाथ पेट से सरकते हुए उनके गुदाज चुचो के नीचे लगा दिया
भाभी चिहुँक गयी और उनकी सांसे तेज होने लगी, एक पराये मर्द का हाथ उनके चुचो के नीच था
उन्होंने धीरे से कहा - हाँ यहाँ हाथ लगाया था
उनकी आवाज़ मैं एक कम्पन था, मैं समझ गया भाभी को गरम करना आसान होगा
मैं - भाभी आपको उनका छूना पसंद आया क्या
भाभी - हाँ
मैं - भाभी आपको नहीं लगा की जो हाथ आपकी बहन की चुकी से खेलते हैं वो आपकी चूची दबा रहे हैं
भाभी - हाँ पर मैं उनको रोक नहीं सकी
मैं - मतलब आपको उनका छूना पसंद आ रहा था
भाभी - हाँ
मैं - तो क्या आप ने उनकी आधी घरवाली बनने का पूरा फ़र्ज़ निभाया
भाभी पूरी गरम चुकी थी और उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थी जिस से उनके चुचे ऊपर नीचे हो रहे थे
अगर भाभी ने ब्रा नहीं पहनी होती तो उनके कड़क निप्पल भी दिखाई देते
मेरी गरम सांसे अभी भी उनकी गर्दन पर लग रही थी
और जैसे ही मैं पीछे से अपने दोनों पैरउनके दोनों तरफ किए मेरा लौड़ा भाभी की गांड को टकराने लगा
जैसे ही भाभी को अहसास हुआ की उनकी गांड की दरार मैं कुछ चुभ रहा रहा हैं उन्हें कुछ होश आया और उठ कर खड़ी हो गयी
पर इसी जल्दबाज़ी मैं उनका एक बोबा मेरे हाथ मैं दब गया और वो उठ गयी
खड़ी होकर मुझे बोली - तेरा टाइम ख़तम अब मैं जा रही हूँ
मैं - क्या आपका मन जाने का कर रहा हैं
भाभी - फालतू बात मत कर
मैं - ठीक हैं भाभी आगे की बात कल करते हैं
और भाभी वहां से चली गयी
आपने कमरे मैं पहुँच कर भाभी ने मन मैं सोचा - कितना पागल हैं ये मुझे बिलकुल परेशां कर दिया और मैं भी कैसे इतनी गरम हो गयी
और लेटते हुए उन्होंने अपना गाउन पेट तक चढ़ा लिया और अपनी पैंटी मैं हाथ डाल कर देखा तो पूरी पैंटी गीली थी
वो भूल गयी की उन्होंने कमरे का दरवाज़ा बंद नहीं किए और मैं उनकी ये हरकत देख ली
मैं समझ गया की भाभी गरमा गयी हैं और उनकी पैंटी मैं छूट का रस बह रहा हैं
मैं अपने कमरे मैं आ कर लेट गया और भाभी के खयालो मैं कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला
हम सबने मिल कर डिनर कर लिया था और पापा मम्मी अपने कमरे में जा चुके थे
भाभी भी किचन का बाकि काम निपटा रही थी
बच्चे उनके कमरे मैं कॉलेज का होमवर्क कर रहे थे
मैं सबके सोने का इंतजार कर रहा था
मुझे अब किसी बात की जल्दबाज़ी नहीं थी
बस ये सोचना था की भाभी को ज्यादा से ज्यादा कैसे गरम किया जाये
मैं घर से बहार घूमने चला गया और सोचने लगा
थोड़ी देर बहार घूमने के बाद मैं घर आ गया
कोई नया विचार नहीं आया था अभी तक भाभी को गरम करने का पर फिर सोचा अभी तो आज का मज्जा लेते फिर देखते हैं क्या होता हैं
मैं घर आ कर अपने रूम मैं आ गया
मैं ये देखा चूका था की पापा मम्मी के कमरे की लाइट बंद हो चुकी हैं और बच्चों ने भी अपनी पढाई कर ली हैं और वो सोने जा चुके हैं
कमरे मैं आ कर मैंने लोअर और टी शर्ट डाल ली अंदर सिर्फ चड्डी थी मैंने बनियान खोल दिया था
पलंग पर लेट कर मैं भाभी को मैसेज किया
सो गयी क्या
थोड़ी देर बाद बहभी का रिप्लाई आया
भाभी - नहीं अभी तो बॉस ऐसे ही लेटी हुई हूँ
मैं - तो आ जाओ आपका आधा घंटा शुरू करते हैं
भाभी - डरते हुए, ललित मान जा न प्लेस, ऐसा मत कर
मैं - कुछ नहीं होगा भाभी, चलो जब तक आप नहीं चाहोगी मैं आपके कपडे नहीं खोलूँगा
आप आओ तो सही
भाभी - ठीक हैं मैं आती हूँ
पांच मिनट के बाद भाभी मेरे कमर कमरे मैं आयी
उन्होंने गाउन पेहेन रखा था जिसमे सामने की तरफ चार बटन थे, जिन्हे अगर सब को खोल दे तो उनके आधे चुचे बहार से दिखाई दे
भाभी - ललित ये सब गलत हैं, मत कर प्लीज
मैं - भाभी मैं तो कुछ नहीं कर रहा, ये आग अपने ही तो लगायी हैं, जब आप मेरा नाम ले ले कर चुदवा रही थी तब नहीं लगा की ये सब गलत हैं
भाभी - तुझे बोलै न पति पत्नी ये सब करते हैं
मैं - भाभी मैं आपसे ज्यादा कुछ नहीं करने को बोल रहा बस थोड़ी देर मेरा साथ दो और चली जाना
भाभी न चाहते हुए भी पलंग पर बैठ गयी
मैं लेता हुआ था और वो मेरे घुटने के पास बैठी हुई थी
मेरा घुटना उनकी गदरायी गांड मैं घुसने की कोशिस कर रहा था
मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और बोला भाभी सिर्फ बात करते हैं और थोड़ा छूने की इजाजत दे दो
भाभी - ठीक हैं आज का तेरा टाइम स्टार्ट हो चूका हैं और तेरे पांच मिनट निकल गए हैं
मैं - भाभी ये तो चीटिंग हैं
भाभी - मैं कुछ नहीं जानती, और सिर्फ ऊपर से छूना हैं कपड़ो के अंदर हाथ नहीं डालेगा
मैं - ठीक हैं भाभी जान
और ये कह कर मैंने उनका हाथ जोर से दबाया
उनके पीछे बैठते हुए मैंने उनकी गर्दन पर सांस छोड़ दी
मेरी इस हरकत से भाभी एकदम सिहर गयी
गर्म साँसों की वजह से शायद उन्हें कुछ फील हुआ होगा
पीछे बैठ कर एक हाथ मैंने उनके पेट पर रखा और दुसरे हाथ से उनके बाल हटाए
मैं उनकी स्किन को ज्यादा से ज्यादा महसूस करना चाहता था
इस पोजीशन मैं मेरी गर्म साँसे उनकी गर्दन पर जा रही थी
मेरे होठ उनकी गर्दन के बिलकुल नजदीक थे और मैं उनके सपाट पेट पर गाउन के ऊपर से हाथ फेर रहा था
वो धीरे धीरे गरम हो रही थी क्योकि उनकी सांसे थोड़ी तेज होने लगी थी
मैंने भाभी को पुछा - कैसा लग रहा हैं भाभी जान
भाभी - कुछ नहीं, तुम तुम्हारा काम करो और मुझे अपना समय पूरा करो, ताकि मैं यहाँ से जा सकूं
मैं - भाभी अभी तो बीस मिनट हैं, चलो ये बताओ आपको भैया से पहले और किस ने छुआ हैं
भाभी - किसी ने नहीं
मैं - भाभी झूठ मत बोलो, आपके जीजा अनिल ने
भाभी - तुझे इस से क्या
मैं - बताओ न भाभी, यही तो तय हुआ था की आप आपकी सेक्स लाइफ डिसकस करोगी मेरे साथ
भाभी - ठीक हैं, हाँ छुआ था
मैं - कैसे कैसे
भाभी - जैसे तू छू रहा हैं और कैसे
मैं - थोड़ा डिटेल मैं बताओ
भाभी - तुझे जो पूछना हैं पूछ तेरे पास पन्द्र मिनट हैं अब
मैं - अच्छा भाभी उन्होंने यहाँ छुआ था
और ये कह कर मैं अपना हाथ पेट से सरकते हुए उनके गुदाज चुचो के नीचे लगा दिया
भाभी चिहुँक गयी और उनकी सांसे तेज होने लगी, एक पराये मर्द का हाथ उनके चुचो के नीच था
उन्होंने धीरे से कहा - हाँ यहाँ हाथ लगाया था
उनकी आवाज़ मैं एक कम्पन था, मैं समझ गया भाभी को गरम करना आसान होगा
मैं - भाभी आपको उनका छूना पसंद आया क्या
भाभी - हाँ
मैं - भाभी आपको नहीं लगा की जो हाथ आपकी बहन की चुकी से खेलते हैं वो आपकी चूची दबा रहे हैं
भाभी - हाँ पर मैं उनको रोक नहीं सकी
मैं - मतलब आपको उनका छूना पसंद आ रहा था
भाभी - हाँ
मैं - तो क्या आप ने उनकी आधी घरवाली बनने का पूरा फ़र्ज़ निभाया
भाभी पूरी गरम चुकी थी और उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थी जिस से उनके चुचे ऊपर नीचे हो रहे थे
अगर भाभी ने ब्रा नहीं पहनी होती तो उनके कड़क निप्पल भी दिखाई देते
मेरी गरम सांसे अभी भी उनकी गर्दन पर लग रही थी
और जैसे ही मैं पीछे से अपने दोनों पैरउनके दोनों तरफ किए मेरा लौड़ा भाभी की गांड को टकराने लगा
जैसे ही भाभी को अहसास हुआ की उनकी गांड की दरार मैं कुछ चुभ रहा रहा हैं उन्हें कुछ होश आया और उठ कर खड़ी हो गयी
पर इसी जल्दबाज़ी मैं उनका एक बोबा मेरे हाथ मैं दब गया और वो उठ गयी
खड़ी होकर मुझे बोली - तेरा टाइम ख़तम अब मैं जा रही हूँ
मैं - क्या आपका मन जाने का कर रहा हैं
भाभी - फालतू बात मत कर
मैं - ठीक हैं भाभी आगे की बात कल करते हैं
और भाभी वहां से चली गयी
आपने कमरे मैं पहुँच कर भाभी ने मन मैं सोचा - कितना पागल हैं ये मुझे बिलकुल परेशां कर दिया और मैं भी कैसे इतनी गरम हो गयी
और लेटते हुए उन्होंने अपना गाउन पेट तक चढ़ा लिया और अपनी पैंटी मैं हाथ डाल कर देखा तो पूरी पैंटी गीली थी
वो भूल गयी की उन्होंने कमरे का दरवाज़ा बंद नहीं किए और मैं उनकी ये हरकत देख ली
मैं समझ गया की भाभी गरमा गयी हैं और उनकी पैंटी मैं छूट का रस बह रहा हैं
मैं अपने कमरे मैं आ कर लेट गया और भाभी के खयालो मैं कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला


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