03-05-2026, 01:11 AM
फिर मम्मी दुकान से घर चली गई। और ठीक 2 बजे ही मैं भी घर पहुंच गया। और आज जब मम्मी ने गेट खोला। तो मेरा लंड उनको देख कर सलामी देने लगा. मम्मी सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में सामने खादी थी।
और उनका पेटीकोट अभी भी नीचे से बंधा हुआ था। मेरी नज़र मम्मी से हट ही नहीं रही थी। और वो मुझे खुद को घूरते हुए देख रही थी। फिर मैं अंदर आ गया. और गरमी बहुत हो रही थी. इसीलिये मैं नहाने चला गया।
नहाने के बाद मैं सीधा अपने कमरे में चला गया। और कमरे में जाते ही मैं पूरा नंगा हो गया। और खड़े खड़े आपने नीचे के बाल ट्रिमर से साफ करने लगा। नीचे के बाल ज्यादा बड़े नहीं हुए थे।
मगर मैं सिर्फ अपने काम के लिए कर रहा था। मम्मी नीचे खाना निकल के मुझे आवाज देने लगी। मगर मैंने उनकी आवाज को अनसुना कर दिया। मम्मी ने 2-3 बार मुझे आवाज दी। मगर हर मैंने ऐसा दिखाया कि मुझे सुनायी नहीं दिया।
फिर मम्मी ऊपर आ गयी. सिद्दियों पर चलते ही मुझे कदमों की आहट आ गई। फिर मैं अपने नीचे के बाल साफ़ करने लगा। तभी मम्मी आवाज देते हुए कमरे में आई।
मम्मी- मन्नू ऊ मन्नू चल खाना खा ले बेटा कितनी देर से तुझे आवाज दे रही।
मम्मी जैसी ही कमरे में घुसी उनकी नज़र मुझपे गई। मुख्य कमरे में पूरा नंगा खड़ा था। और मेरा खुले सुपाड़े वाला लंड बिना बालों के उनके सामने था। लगभाग 4-5 सेकंड तक तो मम्मी के मुँह से आवाज ही नहीं निकली। मम्मी मेरे लंड को ही देख रही थी. तभी मैं बोला.
मैं- क्या हुआ मम्मी? आप यहां क्यों आ गये? मैं तो आ ही रहा था.
मेरी आवाज सुनते ही मम्मी मुझे देखने लगी। फिर वो बोली.
मम्मी- बेटा मैं तुझे कब से आवाज दे रही हूं। तुझे सुनायी नहीं दे रहा है क्या? और तू यहाँ नंगा क्यू खड़ा है?
अब मम्मी से मुझे रत्तीभर की शर्म नहीं थी। इसीलिये मैं नंगा होके उनके सामने ऐसा खड़ा था। जैसे कोई बड़ी बात ना हो.
मैं- अरे मम्मी वो ट्रिमर की आवाज में सुनायी नहीं दिया होगा। वो मैं नीचे के बाल साफ़ कर रहा था। थोड़े बड़े हो गए.
![[Image: aqqrph.gif]](https://i.ibb.co/M52nKDSw/aqqrph.gif)
मम्मी मेरे खुले सुपाड़े वाले लंड को ही देख रही थी। जो बिना बाल के कुछ ज्यादा ही बुरा लग रहा था। तभी मैं बोला.
मैं- क्या हुआ मम्मी? आप मेरे इसे इतने बालों से क्यों देख रहे हो? आप रोज ही तो इसे देखते हो। तो आज इसे इतनी हैरानी से क्यों देख रहे हो?
मम्मी- तू वो सब चोद. और चल के खाना खा ले.
मम्मी ने मेरी बात टाल दी. फिर वो मेरे लंड को देखते हुए नीचे चली गई। मम्मी मेरे लंड को ही देख रही थी. इतना तो तय था कि अब मम्मी भी मेरे लंड को लेने के लिए तैयार थी।
फिर मैं भी कच्चा पहन के नीचे आ गया। फिर हम दोनो खाना खाने लगे। मम्मी की नज़र अभी भी मेरे लंड को ही देख रही थी। और मैं उनको अपना लंड देखता हुआ देख रहा था। कुछ देर खाना खाने के बाद मम्मी बर्तन रखने किचन में चली गई।
और मैं वही बिस्तर पर लेट कर मम्मी का इंतज़ार करने लगा। फिर कुछ ही देर बाद मम्मी भी आके मेरे बगल में लेट गई। मम्मी के लेट ते ही मैंने अपना हाथ उनको पेट पर रख दिया। फिर मैं उनका पेट सहलते हुए बोला।
मैं- मम्मी आप अभी ऊपर मुझे देखकर हेयरन क्यों हो गए? आप तो मुझे पहले भी नंगा देख चुके हो।
मम्मी- हेयरन नहीं होती तो और क्या होती? मैं नीचे से आवाज दे रही हूं। और तू है कि सुन्न ही नहीं रह रहा है. फिर जब ऊपर आके देखा. तो तू नंगा खड़ा होके अपने बाल साफ कर रहा था।
मैं- अच्छा इसीलिये आप हेयरन थे। मुझे तो लगा आप अभी भी मुझसे शरमाते हो।
मम्मी- बेटा हम दोनों के बीच अब शर्म बची है। और कल रात के बाद वैसे भी अब हमारे बीच शरम लायक कुछ नहीं रह गया है।
मम्मी की बात सुनते ही मैंने अपना हाथ खिस्का के उनको पेटीकोट के अंदर डाल दिया। और जैसा ही मेरा हाथ मम्मी की चूत पर पूछा। तो उनकी चूत हल्की हल्की गीली हो चुकी थी। चूत पर हाथ लगते ही मम्मी ने पेटीकोट के ऊपर से मेरा हाथ पकड़ लिया। तभी वो बोली.
मम्मी- ये क्या कर रहा है बेटा तू? तेरा मन नहीं भरता है क्या? बार बार मेरे साथ ऐसा करके.
मैं- मन तो आपका भी नहीं भरा है मम्मी? क्योंकि पापा ने कभी आपको ये सुख दिया ही नहीं है। इसीलिये जब भी मैं आपको नीचे हाथ लगाता हूं। हां आपके दूध को चुस्ता. तो आपके नीचे से भी पानी बहने लगता है।
और उनका पेटीकोट अभी भी नीचे से बंधा हुआ था। मेरी नज़र मम्मी से हट ही नहीं रही थी। और वो मुझे खुद को घूरते हुए देख रही थी। फिर मैं अंदर आ गया. और गरमी बहुत हो रही थी. इसीलिये मैं नहाने चला गया।
नहाने के बाद मैं सीधा अपने कमरे में चला गया। और कमरे में जाते ही मैं पूरा नंगा हो गया। और खड़े खड़े आपने नीचे के बाल ट्रिमर से साफ करने लगा। नीचे के बाल ज्यादा बड़े नहीं हुए थे।
मगर मैं सिर्फ अपने काम के लिए कर रहा था। मम्मी नीचे खाना निकल के मुझे आवाज देने लगी। मगर मैंने उनकी आवाज को अनसुना कर दिया। मम्मी ने 2-3 बार मुझे आवाज दी। मगर हर मैंने ऐसा दिखाया कि मुझे सुनायी नहीं दिया।
फिर मम्मी ऊपर आ गयी. सिद्दियों पर चलते ही मुझे कदमों की आहट आ गई। फिर मैं अपने नीचे के बाल साफ़ करने लगा। तभी मम्मी आवाज देते हुए कमरे में आई।
मम्मी- मन्नू ऊ मन्नू चल खाना खा ले बेटा कितनी देर से तुझे आवाज दे रही।
मम्मी जैसी ही कमरे में घुसी उनकी नज़र मुझपे गई। मुख्य कमरे में पूरा नंगा खड़ा था। और मेरा खुले सुपाड़े वाला लंड बिना बालों के उनके सामने था। लगभाग 4-5 सेकंड तक तो मम्मी के मुँह से आवाज ही नहीं निकली। मम्मी मेरे लंड को ही देख रही थी. तभी मैं बोला.
मैं- क्या हुआ मम्मी? आप यहां क्यों आ गये? मैं तो आ ही रहा था.
मेरी आवाज सुनते ही मम्मी मुझे देखने लगी। फिर वो बोली.
मम्मी- बेटा मैं तुझे कब से आवाज दे रही हूं। तुझे सुनायी नहीं दे रहा है क्या? और तू यहाँ नंगा क्यू खड़ा है?
अब मम्मी से मुझे रत्तीभर की शर्म नहीं थी। इसीलिये मैं नंगा होके उनके सामने ऐसा खड़ा था। जैसे कोई बड़ी बात ना हो.
मैं- अरे मम्मी वो ट्रिमर की आवाज में सुनायी नहीं दिया होगा। वो मैं नीचे के बाल साफ़ कर रहा था। थोड़े बड़े हो गए.
![[Image: aqqrph.gif]](https://i.ibb.co/M52nKDSw/aqqrph.gif)
मम्मी मेरे खुले सुपाड़े वाले लंड को ही देख रही थी। जो बिना बाल के कुछ ज्यादा ही बुरा लग रहा था। तभी मैं बोला.
मैं- क्या हुआ मम्मी? आप मेरे इसे इतने बालों से क्यों देख रहे हो? आप रोज ही तो इसे देखते हो। तो आज इसे इतनी हैरानी से क्यों देख रहे हो?
मम्मी- तू वो सब चोद. और चल के खाना खा ले.
मम्मी ने मेरी बात टाल दी. फिर वो मेरे लंड को देखते हुए नीचे चली गई। मम्मी मेरे लंड को ही देख रही थी. इतना तो तय था कि अब मम्मी भी मेरे लंड को लेने के लिए तैयार थी।
फिर मैं भी कच्चा पहन के नीचे आ गया। फिर हम दोनो खाना खाने लगे। मम्मी की नज़र अभी भी मेरे लंड को ही देख रही थी। और मैं उनको अपना लंड देखता हुआ देख रहा था। कुछ देर खाना खाने के बाद मम्मी बर्तन रखने किचन में चली गई।
और मैं वही बिस्तर पर लेट कर मम्मी का इंतज़ार करने लगा। फिर कुछ ही देर बाद मम्मी भी आके मेरे बगल में लेट गई। मम्मी के लेट ते ही मैंने अपना हाथ उनको पेट पर रख दिया। फिर मैं उनका पेट सहलते हुए बोला।
मैं- मम्मी आप अभी ऊपर मुझे देखकर हेयरन क्यों हो गए? आप तो मुझे पहले भी नंगा देख चुके हो।
मम्मी- हेयरन नहीं होती तो और क्या होती? मैं नीचे से आवाज दे रही हूं। और तू है कि सुन्न ही नहीं रह रहा है. फिर जब ऊपर आके देखा. तो तू नंगा खड़ा होके अपने बाल साफ कर रहा था।
मैं- अच्छा इसीलिये आप हेयरन थे। मुझे तो लगा आप अभी भी मुझसे शरमाते हो।
मम्मी- बेटा हम दोनों के बीच अब शर्म बची है। और कल रात के बाद वैसे भी अब हमारे बीच शरम लायक कुछ नहीं रह गया है।
मम्मी की बात सुनते ही मैंने अपना हाथ खिस्का के उनको पेटीकोट के अंदर डाल दिया। और जैसा ही मेरा हाथ मम्मी की चूत पर पूछा। तो उनकी चूत हल्की हल्की गीली हो चुकी थी। चूत पर हाथ लगते ही मम्मी ने पेटीकोट के ऊपर से मेरा हाथ पकड़ लिया। तभी वो बोली.
मम्मी- ये क्या कर रहा है बेटा तू? तेरा मन नहीं भरता है क्या? बार बार मेरे साथ ऐसा करके.
मैं- मन तो आपका भी नहीं भरा है मम्मी? क्योंकि पापा ने कभी आपको ये सुख दिया ही नहीं है। इसीलिये जब भी मैं आपको नीचे हाथ लगाता हूं। हां आपके दूध को चुस्ता. तो आपके नीचे से भी पानी बहने लगता है।


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