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Incest Shaitani aaina
#8
अपडेट – 7

उसी शाम — जहांगीर के बंगले पर
कार जहांगीर के बड़े और शानदार बंगले पर रुकी। जहांगीर स्वयं गेट पर खड़ा स्वागत करने आया।
जहांगीर (मुस्कुराते हुए): “आइए, आइए! बहुत अच्छा लगा। अंदर चलिए।”
दोनोंअंदर गए। जहांगीर ने उन्हें आराम से बिठाया। चाय-नाश्ता आया। कुछ देर सामान्य बातें हुईं, फिर जहांगीर ने सीधे मुद्दे पर बात की।
जहांगीर (बृजमोहन की तरफ देखकर): “बृजमोहन भाई, मैं सीधे बात करता हूँ। अगला पंचायत चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। मैं चाहता हूँ कि आप की धर्म पत्नी जी इस चुनाव को लड़ें । 
इस बार चुनाव लड़ें। मेरे पूरे समर्थन के साथ। पैसा, लोगों का सहयोग, सब कुछ मैं देख लूँगा।”
बृजमोहन (घबराकर): “ लेकिन सरला ही क्यों …? जहांगीर भाई, वो तो साधारण सी औरत है । उसे कितने लोग जानते होंगे ।  राजनीति का मुझे कुछ पता नहीं।”
जहांगीर (मुस्कुराते हुए, आत्मविश्वास से): “ ऐसी बात नहीं है, उनकी प्रसिद्धि ही मुझे आपके यहाँ खींच लाए । भाभी जी के बारे में कुछ दिन से बहुत सुन रहा था बहुतों के मुंह से । 
बृजमोहन सरला को देखता है । सरला जहांगीर को घूरती है प।
बृजमोहन – क्या सुन रहे थे आप । 
जहांगीर – यही की उनकी क्षेत्र में जान पहचान है । काफी फेमस हैं ये इलाके ने । खूबसूरत तो ये हैं ही दिल की भी अच्छी हैं । बृजमोहन के सामने ही सरला को जहांगीर हवस भरी नजरों सहो गुर्दे में बोला । सरला के चेहरे पे मुस्कुराहट थी । उसने एक होंठ को दांत के नीचे दबा दिया और जहांगीर को कातर नजरों से देखने लगी ।। 
जहांगीर _ आपको बस थोड़ी हिम्मत चाहिए। मैं पीछे हूँ तो आपकी वाइफ की जीत पक्की है। घर की स्थिति भी सुधरेगी, इज्जत बढ़ेगी। सोचिए — सरला जी पंचायत में बैठेंगे, तो रेखा, पिंकी, सरला — सबका भला होगा।”
सरला (बृजमोहन को देखकर): “जी, जहांगीर भाईजान आप, ठीक कह रहे हैं। मौका अच्छा है। मै तैयार हूँ । क्यों जी , ठीक है न
बृजमोहन कुछ देर सोचता रहा, फिर धीरे से सिर हिला दिया।
बृजमोहन: “ठीक है… अगर आप कह रहे हैं और सरला भी चाहती तो ठीक है ,  
सरला – हूँ, यह हुई ना बात। और जहांगीर जी आप को करना पड़ेगा । मुझे राजनीति के बारे में कुछ नहीं पता।
जहांगीर बहुत खुश हुआ। उसने सरला की तरफ देखकर मुस्कुराया।
जहांगीर –मैं सब सिखा दूंगा, आप फिक्र ना करें । 
अगले दिन
सुबह १० बजे वही सफेद इनोवा कार घर के सामने आकर खड़ी हो गई। ड्राइवर ने बताया — “सरला जी को जहांगीर साहब ने बुलाया है। कुछ इलेक्शन से जुड़ी मीटिंग है।”
सरला (बृजमोहन से): “मुझे अकेले जाना है। चुनाव की कुछ मीटिंग है, महिलाओं वाली। तुम चिंता मत करो, शाम तक लौट आऊँगी।”
बृजमोहन (चिंतित होकर): “अकेले? मैं भी चलूँ?”
सरला (मुस्कुराते हुए): “नहीं जी, आपकी जरूरत नहीं है। महिलाओं की मीटिंग है। तुम घर पर रहो। रेखा और पिंकी का ध्यान रखना।”
बृजमोहन कुछ कह नहीं सका। सरला तैयार होकर कार में बैठ गई और चली गई।
शाम को — सरला की वापसी होती है ।
सरला शाम ७:३० बजे लौटी। उसके चेहरे पर एक अलग सी चमक थी। 
बृजमोहन (तुरंत पूछते हुए): “कैसी रही मीटिंग? देर क्यों लग गई? क्या-क्या बात हुई?”
सरला (आराम से बैठते हुए): “बहुत अच्छी रही। जहांगीर भाई ने बहुत कुछ समझाया। महिलाओं को कैसे जोड़ना है, वोट कैसे बटोरने हैं — सब बताया। बहुत सी महिलाएँ आई थीं।”
बृजमोहन (शक भरी नज़र से): “इतनी देर लग गई? … कहां थी ?”
सरला (हल्के से हँसकर): “अरे, अब इन सब कामों में टाइम तो लगेगा, तुम्हारी बीवी प्रधान बनने जा रही है , वो हस्ती है । वो सामान्य व्यवहार कर रही थी ।

कुछ दिन बात सरला कुछ बाहर की महिलाओं के साथ घर आती है । बृजमोहन उनसे मिलता है ।
अब अक्सर इलेक्शन के सिलसिले में बाहर जाने लगी थी । कुछ दिनों से सरला के बहुत बन ठन के ऐसे जाना जैसे किसी शादी में जा रही हो, बृजमोहन के मन में शक पैदा करता है । उसके पूछने पर सरल उसे बताती है कि वह जहांगीर के यहां जा रही है । उसके ब्लाउज छोटे और स्लीवलेस होने लगे थे । चेहरे पर ऐसे मेकअप किया होता जैसे कोई छिनाल अपने कस्टमर के पास जा रही हो मिलने ।

जब सरला ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रही थीं, तब जहांगीर ने पूरा जोर लगाया था। जहांगीर सरला का पुराना "भाईजान" था, लेकिन रिश्ता सिर्फ भाई-बहन का नहीं था। चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर अक्सर सरला के साथ रहता। दूर-दराज के गांवों में, रात के प्रचार कार्यक्रमों में, गाड़ी में लंबी यात्राओं में दोनों साथ होते।
जहांगीर सरला को अकेले में छूता, गले लगाता, कान में फुसफुसाता। सरला शुरू में मना करती, लेकिन धीरे-धीरे उसकी भी इच्छा जागने लगी थी। जहांगीर का दबदबा, पैसा, और मर्दाना अंदाज सरला को आकर्षित करने लगा। कई बार प्रचार के बाद दोनों किसी होटल या दूर गांव के गेस्ट हाउस में रुक जाते। हालांकि वो और लोगों की मौजूदगी के कारण खुल के कुछ नहीं कर पाते थे लेकिन मौका मिलते ही एक दिन उसने सरला को दबोच लिया  ।  जहांगीर वैसे तो बहाने से उसे यहां वहां छू कर सरला के मजे लेता था, लेकिन उसके बाद वो उसे दो बार और दबोच चुका था जिसमें उसने उसके लिप्स को छोड़ा था और ब्लाउज के ऊपर से ही दबाए थे । और सरला भी अब उसकी लिप्स, छाती पर हाथकी गर्माहट का आदी होती जा रही थी।
पार्टी में अफवाहें फैलने लगी थीं — “जहांगीर सरला को प्रधान बनवा रहा है, बदले में उसकी चूत ले रहा है।” लेकिन जहांगीर की रंडीबाज छवि के कारण कोई खुलकर कुछ नहीं बोलता था।

जहांगीर अगले दिन दोपहर में घर आया। पूरे परिवार के सामने वह गंभीर और सहायक बना रहा, लेकिन सरला और जहांगीर के बीच नजरों ही नजरों में खास बात हो रही थी।
जहांगीर जब सरला से बात कर रहा था, तो उसकी नजर बार-बार सरला की साड़ी के ब्लाउज पर और कमर पर जा रही थी। सरला भी शर्माते हुए लेकिन इशारे में जवाब दे रही थी — वह जानबूझकर अपनी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका रही थी, जहांगीर की आँखों में देखकर धीरे से होंठ काट रही थी । 
उसने उसे अगले दिन बंगले पे आने को कहा । सरला ने हल्का सा सिर हिलाकर इंडीकेशन दे दिया।
उसी रात – बृजमोहन के सो जाने के बाद
बृजमोहन थकान के मारे जल्दी सो गया था। सरला बिस्तर पर लेटी हुई थी। तभी उसका फोन वाइब्रेट हुआ। जहांगीर का मैसेज था।
जहांगीर: सरला, आज देखा तुझे… कितनी हॉट लग रही थी साड़ी में। बृजमोहन के बगल में खड़ी थी, लेकिन तेरी नजरें मुझे खा रही थीं।
सरला: तुम भी तो मुझे सबके सामने ऐसे घूर रहे थे, जैसे कभी कोई सुन्दर औरत नहीं देखी हो । घूर रहे थे।  
जहांगीर: हाँ। तेरी साड़ी का पल्लू सरकाते देखा था मैने ? तेरी कमर भी बहुत पतली है , किसी कमसिन लड़की जैसी ।
सरला: अच्छा 
जहांगीर:  तेरी चूत चाहिए मुझे। कब मिल रही है?
सरला – जब तुम कहो 
जहांगीर – ठीक है,कल आजा, फोन करूं 
सरला: बृजमोहन सो गया है। , उठ जाएगा,   अभी नहीं…
जहांगीर: ठीक है। 

जहांगीर के लोगो भी उन दोनों के रिश्ते के बारे में बाते करते थे । ब्रिज को भी ये दिख रहा था, लेकिन वो चुप था।  एक शाम
 ठेके पर जहांगीर के कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी हुई थी। ज्यादातर ,., युवा थे — रशीद, सलीम (अलग), फैयाज, इमरान — और कुछ हिन्दू भी थे — रामू, बबलू और बृजमोहन का पुराना दोस्त राम सिंह। बोतलें खुल चुकी थीं, माहौल गरम था।
रशीद: (शराब का घूंट लेकर जोर से हँसते हुए) “साला जहांगीर भाई ने सरला को प्रधान बनवा दिया, लेकिन असली सौदा तो उसकी चूत का था! चुनाव के समय रोज रात को गाड़ी में, होटल में, खेतों में सरला को चोदता था।”
फैयाज: (जोर से) “हाँ यार! मैंने खुद देखा था। सरला साड़ी ऊपर करके जहांगीर भाई के आगे झुकी हुई थी। भाई उसकी चूत में लंड घुसा रहे थे और सरला चीख रही थी — ‘भाईजान… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत!’”
इमरान: (हँसते हुए) “रंडी है साली सरला। जहांगीर भाई की लंड खाने के लिए प्रधान बन गई। अब देखो उसकी बेटी पिंकी भी उसी का खून है। सलीम ने कार में उसकी चूत फाड़ दी और वीडियो लीक हो गया। माँ-बेटी दोनों एक जैसी छिनाल!”
रामू : “अरे भाई, जहांगीर साहब तो माल हैं। जितनी भी औरतें आती हैं, सबको नंगा करके छोड़ देते हैं। सरला को तो खूब चोदा होगा। चुनाव प्रचार के नाम पर रात-रात भर उसकी चूत में घुसता होगा।”
बबलू: “साला बृजमोहन क्या कर रहा था? अपनी बीवी को जहांगीर के साथ घूमने देता था और चुपचाप बैठा रहता था। अब उसकी बेटी की चुदाई का वीडियो पूरे मोहल्ले में घूम रहा है।”
राम सिंह (बृजमोहन का दोस्त, शराब पीते हुए): “अरे यार, बृजमोहन मेरा दोस्त है… लेकिन सच बोलूँ तो सरला ने उसे पूरी तरह चूका दिया। जहांगीर भाई की लंड खाकर प्रधान बनी, और अब बेटी भी उसी राह पर चल पड़ी।”
रशीद: (और तेज होकर) “जहांगीर साहब कल आ रहे हैं ना? देखना, सरला फिर से भाईजान के आगे घुटनों पर बैठ जाएगी। साड़ी ऊपर करके चूत दिखाएगी। बृजमोहन साला फिर चुपचाप देखेगा।”
फैयाज: सुन हैं उसकी तीन बेटियां भी हैं,  बहुत खूबसूरत हैं
रशीद –  “ हां हैं, बड़ी वाली का नाम मीना है, मंझली वाली का नाम रेखा है, और सबसे छोटी वाली पिंकी है, तीनो फाड़ू हैं , बीच वाली तो इतनी खूबसूरत है कि,  देखते ही खड़ा हो जाए , और सबसे बड़ी वाली के ये तो ऐसे हैं कि जैसे खरबूजे
फैयाज – " सच में , माँ-बेटी सबको जहांगीर भाई चोदें तो मजा आ जाए। सरला की चूत अभी भी टाइट होगी, और बाकी की तो अभी फ्रेश है।”
सभी जोर-जोर से हँसने लगे। ठेके पर उनकी अश्लील और गंदी बातें दूर तक गूँज रही थीं।
राम सिंह (मन ही मन): “कल बृजमोहन को सब बता दूँगा… ये सब सुनकर उसका क्या हाल होगा।”
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Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 30-04-2026, 04:18 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 30-04-2026, 06:54 PM
RE: Shaitani aaina - by rajeev13 - 30-04-2026, 08:08 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 30-04-2026, 08:10 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 30-04-2026, 08:39 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 02-05-2026, 03:34 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 02-05-2026, 03:43 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 02-05-2026, 09:50 PM
RE: Shaitani aaina - by Praveen84 - 26-05-2026, 08:25 AM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 13-06-2026, 11:55 PM
RE: Shaitani aaina - by Rocksanna999 - 15-06-2026, 02:31 PM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 16-06-2026, 01:47 AM
RE: Shaitani aaina - by Rocksanna999 - 16-06-2026, 08:38 AM
RE: Shaitani aaina - by Hot_randi_rishita - 16-06-2026, 02:06 PM
RE: Shaitani aaina - by Rocksanna999 - 16-06-2026, 10:29 PM
RE: Shaitani aaina - by Raj14592 - 16-06-2026, 11:11 PM
RE: Shaitani aaina - by Rocksanna999 - 17-06-2026, 04:51 PM
RE: Shaitani aaina - by 123@abc - 17-06-2026, 07:48 PM
RE: Shaitani aaina - by Rocksanna999 - 20-06-2026, 12:22 PM
RE: Shaitani aaina - by Rocksanna999 - 6 hours ago



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