02-05-2026, 09:35 PM
मैं- मम्मी, क्या आपका मन नहीं करता? कि पापा भी आपको वही ख़ुशी दे। जो आप उनका मुँह में लेके उन्हें देती थी।
मम्मी- करता है बेटा? एक औरत को भी वो ख़ुशी मिलनी चाहिए। जो एक मर्द को मिलती है. मगर हमारे ज़माने में एक औरत अपने पति से ये सब बातें कभी नहीं कहती हैं।
मैं- मम्मी, ये बातें कहने की नहीं, बच्चे समझने की होती हैं।
आपनी बात बोलते ही मैं उठ के बैठ गया। और सीधा जाके मम्मी के जोड़ी के पास बैठ गया। मम्मी मुझे लेते लेते देख रही थी। तभी मैं उनकी दोनों तांगे पकड़ के फेला दी। और इसे पहले मम्मी कुछ बोलती। मैंने अपना मुँह उनकी चूत पर लगा दिया।
![[Image: 4.gif]](https://i.ibb.co/BK6fnBK5/4.gif)
मम्मी की चूत पर मुँह लगता ही उन्हें एक गहरी साँस ली। फ़िर वो मेरा मुँह हटते हुए बोली.
मम्मी – ये ये क्या कर रहा है बेटा?
मैं- वही कर रहा हूँ मम्मी. जो आप भी हमेशा पापा से चाहते थे। मगर उन्हें सिर्फ आपने ही सोचा। और आपकी इच्छा का अनहोनी पर ध्यान नहीं रखा। मगर आज मैं आपकी वो इच्छा भी पूरी कर दूंगा।
मेरी बात सुनके मम्मी चुप हो गई। मैंने फिर से अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया। मम्मी की चूत के बड़े बड़े बाल मेरे मुँह पर लग रहे थे। मगर इस वक्त मुझे सिर्फ मम्मी की चूत से बेहता कामरस दिख रहा था।
जैसे मैं चाट चाट के पे रहा था. मम्मी की चूत की तेज महक मुझे उनकी चूत चाटने के लिए पसंद आ रही थी। मैं अपनी जिभ चलाये जा रहा था। मेरी जीब मम्मी की चूत के दाने से लौड रही थी। जो उनकी चूत से बाहर निकला हुआ था।
![[Image: 5.gif]](https://i.ibb.co/qYGzHQ2M/5.gif)
मैंने अभी तक मम्मी की चूत ठीक से नहीं देखी थी। मगर उपयोग चुआ जरूरी था. मम्मी की चूत चू के इतना तो पता चल गया था कि उनकी चूत का दाना बाहर निकला हुआ है। मेरी जिभ मम्मी की चूत के दाने पर पड़ते ही वो 'मम्म' की आवाज कर रही थी।
मैं अपनी जिभ चलाये जा रहा था। तभी एक दम से मम्मी उठ के बैठ गई। और उन्होंने मेरा सर पकड़ के अपनी चूत से हटा दिया। फिर वो बोली.
मम्मी- बेटा, ऐसा मत कर। मेरे नीचे अपना मुँह मत लगा। वो गंदी जगह होती है.
मैं- कुछ भी गंदा नहीं है मम्मी. बाल्की किसी औरत का कामरस पीने का मौका बहुत किस्मत वाले मर्दों को मिलता है। और आपके नीचे से बहता ये कामरस मुझे बता रहा है कि आप भी हमेशा से यही चाहते थे। मम्मी आप आराम से लेट जाओ। और इस दोस्त का मजा लो. जो आप भी हमेशा से चाहते थे।
अपनी बात बोलते ही मैंने मम्मी के सीने पर हाथ रख कर उन्हें पीछे लिटा दिया। और उनको लेट ते ही मैंने फिर से अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया। मैं मम्मी की चूत का चमड़ा खीच खीच के चूस रहा था।
![[Image: 6.gif]](https://i.ibb.co/LXHmZt0d/6.gif)
![[Image: 7.gif]](https://i.ibb.co/s9smjpch/7.gif)
मम्मी नीचे बिछी हुई कथरी को पकाड़े हुए थे। मम्मी ने आपने डोनो घुटने मोड में रंगे थे। मेरा मुँह उनको दोनो जोड़ी के बीच उनकी चूत को लैप लैप चाट रहा था।
मम्मी की चूत चाटते हुए मैं एक हाथ से उनकी चूत के दाने को रगड़ने लगा। फिर मैं अपनी जिभ मम्मी की चूत से चलता हुआ। सीधा उनकी गांड के छेद पर ले आया। और जैसे ही मेरी जिभ मम्मी के गांड के छेद पर लगी। तबहि मम्मी उछल पड़ी. फिर वो कप कपति आवाज में धीरे से बोली.
मम्मी- करता है बेटा? एक औरत को भी वो ख़ुशी मिलनी चाहिए। जो एक मर्द को मिलती है. मगर हमारे ज़माने में एक औरत अपने पति से ये सब बातें कभी नहीं कहती हैं।
मैं- मम्मी, ये बातें कहने की नहीं, बच्चे समझने की होती हैं।
आपनी बात बोलते ही मैं उठ के बैठ गया। और सीधा जाके मम्मी के जोड़ी के पास बैठ गया। मम्मी मुझे लेते लेते देख रही थी। तभी मैं उनकी दोनों तांगे पकड़ के फेला दी। और इसे पहले मम्मी कुछ बोलती। मैंने अपना मुँह उनकी चूत पर लगा दिया।
![[Image: 4.gif]](https://i.ibb.co/BK6fnBK5/4.gif)
मम्मी की चूत पर मुँह लगता ही उन्हें एक गहरी साँस ली। फ़िर वो मेरा मुँह हटते हुए बोली.
मम्मी – ये ये क्या कर रहा है बेटा?
मैं- वही कर रहा हूँ मम्मी. जो आप भी हमेशा पापा से चाहते थे। मगर उन्हें सिर्फ आपने ही सोचा। और आपकी इच्छा का अनहोनी पर ध्यान नहीं रखा। मगर आज मैं आपकी वो इच्छा भी पूरी कर दूंगा।
मेरी बात सुनके मम्मी चुप हो गई। मैंने फिर से अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया। मम्मी की चूत के बड़े बड़े बाल मेरे मुँह पर लग रहे थे। मगर इस वक्त मुझे सिर्फ मम्मी की चूत से बेहता कामरस दिख रहा था।
जैसे मैं चाट चाट के पे रहा था. मम्मी की चूत की तेज महक मुझे उनकी चूत चाटने के लिए पसंद आ रही थी। मैं अपनी जिभ चलाये जा रहा था। मेरी जीब मम्मी की चूत के दाने से लौड रही थी। जो उनकी चूत से बाहर निकला हुआ था।
![[Image: 5.gif]](https://i.ibb.co/qYGzHQ2M/5.gif)
मैंने अभी तक मम्मी की चूत ठीक से नहीं देखी थी। मगर उपयोग चुआ जरूरी था. मम्मी की चूत चू के इतना तो पता चल गया था कि उनकी चूत का दाना बाहर निकला हुआ है। मेरी जिभ मम्मी की चूत के दाने पर पड़ते ही वो 'मम्म' की आवाज कर रही थी।
मैं अपनी जिभ चलाये जा रहा था। तभी एक दम से मम्मी उठ के बैठ गई। और उन्होंने मेरा सर पकड़ के अपनी चूत से हटा दिया। फिर वो बोली.
मम्मी- बेटा, ऐसा मत कर। मेरे नीचे अपना मुँह मत लगा। वो गंदी जगह होती है.
मैं- कुछ भी गंदा नहीं है मम्मी. बाल्की किसी औरत का कामरस पीने का मौका बहुत किस्मत वाले मर्दों को मिलता है। और आपके नीचे से बहता ये कामरस मुझे बता रहा है कि आप भी हमेशा से यही चाहते थे। मम्मी आप आराम से लेट जाओ। और इस दोस्त का मजा लो. जो आप भी हमेशा से चाहते थे।
अपनी बात बोलते ही मैंने मम्मी के सीने पर हाथ रख कर उन्हें पीछे लिटा दिया। और उनको लेट ते ही मैंने फिर से अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया। मैं मम्मी की चूत का चमड़ा खीच खीच के चूस रहा था।
![[Image: 6.gif]](https://i.ibb.co/LXHmZt0d/6.gif)
![[Image: 7.gif]](https://i.ibb.co/s9smjpch/7.gif)
मम्मी नीचे बिछी हुई कथरी को पकाड़े हुए थे। मम्मी ने आपने डोनो घुटने मोड में रंगे थे। मेरा मुँह उनको दोनो जोड़ी के बीच उनकी चूत को लैप लैप चाट रहा था।
मम्मी की चूत चाटते हुए मैं एक हाथ से उनकी चूत के दाने को रगड़ने लगा। फिर मैं अपनी जिभ मम्मी की चूत से चलता हुआ। सीधा उनकी गांड के छेद पर ले आया। और जैसे ही मेरी जिभ मम्मी के गांड के छेद पर लगी। तबहि मम्मी उछल पड़ी. फिर वो कप कपति आवाज में धीरे से बोली.


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