02-05-2026, 07:10 PM
मम्मी लेते लेते अपनी नशीली आँखों से मुझे देखे जा रही थी। तभी मैंने मम्मी की ब्रा को ऊपर से नीचे कर दिया। और उनका एक तरफ का दूध बाहर निकल आया। दूध के बाहर निकलते ही मैं मम्मी के बगल में लेट गया।
और बगल में लेट ते ही मैंने मम्मी का दूध अपने मुँह में ले लिया। और बड़े प्यार से एक बच्चे की तरह उनका दूध चूसने लगा। मुझे अपना दूध ऐसे चुस्ते हुए देखकर मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर वो बोली.
![[Image: aqq27m.gif]](https://i.ibb.co/39zd7G2W/aqq27m.gif)
![[Image: aqq297.gif]](https://i.ibb.co/Ldvss5Zn/aqq297.gif)
मम्मी- मेरा बच्चा इतना बड़ा धींगदा हो गया है। मगर देखो तो कैसे छोटे बच्चे की तरह मेरा दूध पे रह रहा है।
मैं- वैसे मम्मी आपको दूध पीना तो पापा को चाहिए था। मगर उन्हें तो सिर्फ डररू ही पीना पसंद है। तो अगर अब वो आपका दूध पीना नहीं चाहता। तो मैं ही इन्हें जेबर के पे लेता हूँ।
मम्मी- हां बेटा तेरे पापा को तो सिर्फ डरू ही रास आती है। इसीलिये हर रोज़ शाम होते ही डररू की भट्टी पर पहुँच जाते हैं।
मैं- मम्मी, पापा को डरू ही पीने दो. आपका दूध मैं ही पीऊंगा। वैसे मेरा ऐसे आपके दूध पीने से आपको बुरा तो नहीं लगता है मम्मी।
मम्मी- नहीं बेटा बिल्कुल बुरा नहीं लगता। तू जितना चाहे उतना मेरे दूध को पी सकता है।
मम्मी का एक दूध चूसते हुए मैंने अपना हाथ मम्मी की ब्रा के अंदर डाल दिया। फ़िर मैं उनके दूसरे दूध को मसलते हुए एक दूध को चूसने लगा। मम्मी की ब्रा एक दम कैसी हुई थी. और मेरा हाथ उसके अंदर घुसा हुआ था। तभी मम्मी बोली.
मम्मी – आराम से बेटा. ऐसे मेरी ब्रा फट जायेगी. तू रुक मैं इसे बाहर निकाल देती हूं।
अपनी बात पूरी करते ही मम्मी ने अपनी ब्रा ऊपर कर दी। और ब्रा के ऊपर होते ही मम्मी के दोनों दूध नीचे से बाहर निकल आये। और अब मैं मम्मी के दूध मसलते हुए उनके दूध को चूस रहा था। मम्मी आराम से लेते हुए मेरे सर को सहला रही थी।
कुछ देर मम्मी के दूध को चूसने के बाद मैं उनकी साड़ी और पेटीकोट को पकड़ के ऊपर करने लगा। और 2 से 3 सेकंड के अंदर ही मैंने मम्मी की साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिए। अब मुझे मम्मी की पेंटी दिखने लगी। फ़िर मैं बोला.
और बगल में लेट ते ही मैंने मम्मी का दूध अपने मुँह में ले लिया। और बड़े प्यार से एक बच्चे की तरह उनका दूध चूसने लगा। मुझे अपना दूध ऐसे चुस्ते हुए देखकर मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर वो बोली.
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मम्मी- मेरा बच्चा इतना बड़ा धींगदा हो गया है। मगर देखो तो कैसे छोटे बच्चे की तरह मेरा दूध पे रह रहा है।
मैं- वैसे मम्मी आपको दूध पीना तो पापा को चाहिए था। मगर उन्हें तो सिर्फ डररू ही पीना पसंद है। तो अगर अब वो आपका दूध पीना नहीं चाहता। तो मैं ही इन्हें जेबर के पे लेता हूँ।
मम्मी- हां बेटा तेरे पापा को तो सिर्फ डरू ही रास आती है। इसीलिये हर रोज़ शाम होते ही डररू की भट्टी पर पहुँच जाते हैं।
मैं- मम्मी, पापा को डरू ही पीने दो. आपका दूध मैं ही पीऊंगा। वैसे मेरा ऐसे आपके दूध पीने से आपको बुरा तो नहीं लगता है मम्मी।
मम्मी- नहीं बेटा बिल्कुल बुरा नहीं लगता। तू जितना चाहे उतना मेरे दूध को पी सकता है।
मम्मी का एक दूध चूसते हुए मैंने अपना हाथ मम्मी की ब्रा के अंदर डाल दिया। फ़िर मैं उनके दूसरे दूध को मसलते हुए एक दूध को चूसने लगा। मम्मी की ब्रा एक दम कैसी हुई थी. और मेरा हाथ उसके अंदर घुसा हुआ था। तभी मम्मी बोली.
मम्मी – आराम से बेटा. ऐसे मेरी ब्रा फट जायेगी. तू रुक मैं इसे बाहर निकाल देती हूं।
अपनी बात पूरी करते ही मम्मी ने अपनी ब्रा ऊपर कर दी। और ब्रा के ऊपर होते ही मम्मी के दोनों दूध नीचे से बाहर निकल आये। और अब मैं मम्मी के दूध मसलते हुए उनके दूध को चूस रहा था। मम्मी आराम से लेते हुए मेरे सर को सहला रही थी।
कुछ देर मम्मी के दूध को चूसने के बाद मैं उनकी साड़ी और पेटीकोट को पकड़ के ऊपर करने लगा। और 2 से 3 सेकंड के अंदर ही मैंने मम्मी की साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिए। अब मुझे मम्मी की पेंटी दिखने लगी। फ़िर मैं बोला.


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