02-05-2026, 06:18 PM
जुबान डालते ही गुदगुदी की वजह से रिशा कसमसाने लगीं और राजू के बालों में अपनी उंगलियाँ फेरने लगी.
राजू ने धीरे से अपनी हाथ रिशा के कमर पे ले जा के रिशा को अपनी तरफ घुमाया। रिशा की मस्त मस्त कड़क गोल, भारी चुच्चिया राजू के चेहरे के सामने झूलने लगी। राजू ने एक निपल मुँह में लिया और चूसने लगा। रिशा की पीठ तन गई जिससे उसके स्तन और आगे को तन गए और वो पागल की तरह सिस्कारियां लेने लगी।
"आआआहह!!हाऐईईईईईईईईईई!!" राजू हाथ पीछे ले जा के रिशा की गांड पर फेरने लगा। थोड़ी देर बाद वो गांड को जोर जोर से दबाने लगा। रिशा मदमस्त होती जा रही थी रही थी. जोश में उसने राजू को होठों पे चूम लिया। राजू ने भी रिशा को चुम्बन का जवाब देना शुरू किया। थोड़ी देर में रिशा और राजू गरम हो गए। राजू ने एक हाथ आगे कर रिशा की पैंटी के इलास्टिक में फंसा दिया और फिर धीरे से उसे सरका के रिशा के बदन से अलग कर दिया। अब रिशा पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी। राजू ने अपना हाथ रिशा की गदराई, नंगी जंघो के बीच फंसा दिया और उनकी चिकनी चूत से खेलने लगा। ये सब देख रिशा भी जोश में आ गई और उसने राजू का अंडरवियर खींच कर उतार दिया और उसके लंड को दोनों हथेलियों से थाम लिया।
“हाय राजू...ये तो सुबह से भी ज्यादा बड़ा और खुंखार लग रहा है”
“तुम्हें देख कर और ज्यादा बड़ा हो गया मेरी जान!!..." राजू बोला“
अब इसको मैं कहीं नहीं जाने दूंगी। हर रोज़ इस से अपनी चूत और गांड मरवाऊंगी. जी करता है सुहागरात के तोहफ़े मैं तुझसे पहले अपनी अपनी गांड मारवा लू!!... नही पहले तो मैं इसे थोड़ा प्यार करुंगी'' ऐसा बोल रिशा राजू के सामने उसके घुटनो के बीच बैठ गई और उसके सुपाडे को चूमने लगी... रिशा ने धीरे से अपनी जीभ बाहर निकाली और राजू के लंड से निकलते पानी को चाट लिया... राजू सांसे रोक कर रिशा की इस हरकत को देख रहा था। रिशा अपनी मुलायम मखमली जीभ से उसके सुपाडे को चाटने लगी। जब उसका सुपाड़ा पूरा गीला हो गया तो रिशा ने धीरे से मुंह खोला और राजू का सुपाड़ा मुंह में ले के चूसने लगी। रिशा के रसीले होठों की ठोकर से राजू का लंड और तेज़ फडकने लगा। वो मानो सातवे आसमान पे पहुंच गया था... "ओह!! भाभी!! कितना मजा आ रहा है लंड चुसवाने में!! जी करता है 24 घंटे अपना लौड़ा तुम्हारे मुँह में पेले रहु!! "...ये सुन के रिशा और ज़ोर से राजू का 8" का लौड़ा चूसने लगी। राजू भी कमर हिला हिला के रिशा के मुँह को अपने लौड़े से चोदने लगा
आअहह!! भाभी मैं झड़ने वाला हूँ!!" इतना सुनते ही रिशा ने राजू की गांड को दोनों हाथों से दबा लिया और ज़ोर-ज़ोर से सर हिला के राजू का लंड और अंदर लेने लगी!! राजू से रहा ना गया और उसने रिशा के बालों को अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया और उसके सर को कस कर पकड़ लिया फिर तेजी से अपने लंड को उसके मुँह में पेलने लगा। अब लौड़ा रिशा के गले तक जा पहुंचा था। राजू ने अपने धक्के और तेज़ कर दिए. थोड़ी ही देर में राजू का पानी छूट गया...उसने 1 जोर का धक्का लगाया और उसका लौड़ा दना दन पिचकारियां छोड़ने लगा! रिशा को उसका गाढ़ा रस अपने गले से नीचे उतरता हुआ महसुस हुआ, तो वो उन्माद भरी आवाज निकलने लगी
"मम्म्म्म्म्म्!! म्म्म्म्म्म्म्फ्ह्ह!!..." राजू अभी भी अपना लंड रिशा के मुँह में पेल रहा था। उसने लंड को बाहर खींचा पर सुपाड़ा रिशा के मुंह में ही रहने दिया। रिशा तेजी से उसकी मर्दनगी का रस पीने लगी लेकिन वो इतना ज्यादा था कि थोड़ा अमृत उसके होठों से टपक कर उसकी मुलायम चूचियों पे गिर गया!
तभी राजू ने देखा के रिशा लंड चूसने के साथ-साथ अपनी चूत में भी उंगली कर रही थी!! उससे रहा नहीं गया और उसने रिशा को उठा के बिस्तार पे पटक दिया... और उसकी टांग फेला के उसकी चिकनी चूत चाटने लगा। रिशा अभी भी अपनी चूत में उंगली कर रही थी... राजू ने भी अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में पेल दी... इससे रिशा पागल सी हो गई और गांड उठा के अपनी चूत राजू के मुँह पर रगड़ने लगी... "हाय मेरे राजा!! कितना मज़ा आ रहा है!! सारी कसर निकालूंगी आज तो... चोदो मुझे अपनी जीभ से चोदो!! चोदो ना!! इतना सुनते ही राजू ने अपनी जीभ रिशा के चूत में पेल दी और उसे जीभ से ही चोदना शुरू कर दिया!!... "राजू और ज़ोर से!! और ज़ोर से!! मैं तो दीवानी हो गयी तेरी री!! आज से मैं तेरी रांड हुई!! मेरी गांड और चूत दोनो तेरे हुए!! जो करना है कर ले!! आआअहह!! आआअह्ह्ह्ह!! आआआआआआआआअह्हह्हह्हह्ह!! हाहाएIII!!
राजू की जीभ के कमाल से रिशा की चूत ने भी पांच मिनट में पानी फेंक दिया। रिशा ने अपना पानी राजू की नाक और मुंह पर छोड़ दिया। राजू गर्म चूत का नमकीन पानी ऐसे चाट-चाट कर पी रहा था, जैसे एक बूंद भी बाहर नहीं गिरने देगा
अब रिशा थककर बदहवास होकर बिस्तर पर गिर गई. कुछ देर सुस्ताने के बाद राजू और रिशा 69 पोज़ में एक दूसरे को अंगो को फिर से चाटने लगे. अब रिशा लंड को क्रीमरोल की तरह खाने लगी और राजू चूत में होंठ और नाक रखकर लेट गया।गर्म सांस से चूत की गर्मी बढ़ रही थी. राजू ने उंगली से चुत की फांको को फेलाया और दोबारा से अपनी जीभ अंदर घुमा दी
रिशा ने भी राजू के लंड को चूस-चूस कर फिर से कड़क कर दिया।
राजू फिर से जोश में आ गया। अब और बर्दाश्त करना दोनों के लिए मुश्किल हो रहा था. राजू ने उठकर रिशा को किस करना शुरू कर दिया।
वो रिशा की मोटी चूची, सेक्सी गर्दन, गोरी-गोरी कमर पर होठों और दांतों से काट-काट कर चूम रहा था।
रिशा का शरीर फिर सुलगने लगा और वो राजू को उकसाने के लिए “देवर जी, जोर से करो” ऐसे बोलने लगी।
राजू भी चूची के निप्पल को दांतों से खींचकर रिशा की आह निकालकर मजा ले रहा था।
अगला हमला रिशा की चिकनी मोटी जांघों पर हुआ जिसे
राजू हल्के-हल्के से होठों से चूम-चूम कर मजा दे रहा था।
पूरे पैरों को चूमकर राजू कमर पर किस करने लगा।
बुर से निकला पानी राजू ने अपनी गर्म भाभी की नाभि में भर दिया।
रिशा “सी सी आह देवर जी…” रिशा तड़प गई।
राजू ने रिशा की टांगों को उठाकर अपने कंधों पर रखा और चूत को फिर से अपने मुंह में भरकर चूसने लगा।
रिशा की गर्मी और आह-आह वाली सिसकारियां तेज हो गई।
रिशा राजू सिर को अपनी चूत में ऐसे दबा रही थी, जैसे राजू को पूरा अंदर घुसा लेंगी और राजू शिकारी कुत्ता बनकर अपनी भाभी की चूत को चूस-चूस कर बुरा हाल कर रहा था।
रिशा...”देवर जी अब और सहन नहीं होता..पेल दो अपना लौड़ा अपनी भाभी की चूत में और मना लो अपनी सुहागरात”
राजू रिशा की गांड मारने का मन बना कर आया था लेकिन कहीं पहले गांड मारने से बात बिगड ना जाए इसलिए राजू ने पहले चूत चोदने का ही फैसला किया! राजू ने उसकी टांग उठाकर हवा में की और अपने मोटे लंड को चूत पर रखकर धक्का लगाया।
चूत पूरी गीली थी … लंड चार इंच अंदर तक घुस गया। रिशा के मुँह से दबी सी सिस्की निकल गई...”आराम से राजू”
राजू ने धीरे से अपनी हाथ रिशा के कमर पे ले जा के रिशा को अपनी तरफ घुमाया। रिशा की मस्त मस्त कड़क गोल, भारी चुच्चिया राजू के चेहरे के सामने झूलने लगी। राजू ने एक निपल मुँह में लिया और चूसने लगा। रिशा की पीठ तन गई जिससे उसके स्तन और आगे को तन गए और वो पागल की तरह सिस्कारियां लेने लगी।
"आआआहह!!हाऐईईईईईईईईईई!!" राजू हाथ पीछे ले जा के रिशा की गांड पर फेरने लगा। थोड़ी देर बाद वो गांड को जोर जोर से दबाने लगा। रिशा मदमस्त होती जा रही थी रही थी. जोश में उसने राजू को होठों पे चूम लिया। राजू ने भी रिशा को चुम्बन का जवाब देना शुरू किया। थोड़ी देर में रिशा और राजू गरम हो गए। राजू ने एक हाथ आगे कर रिशा की पैंटी के इलास्टिक में फंसा दिया और फिर धीरे से उसे सरका के रिशा के बदन से अलग कर दिया। अब रिशा पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी। राजू ने अपना हाथ रिशा की गदराई, नंगी जंघो के बीच फंसा दिया और उनकी चिकनी चूत से खेलने लगा। ये सब देख रिशा भी जोश में आ गई और उसने राजू का अंडरवियर खींच कर उतार दिया और उसके लंड को दोनों हथेलियों से थाम लिया।
“हाय राजू...ये तो सुबह से भी ज्यादा बड़ा और खुंखार लग रहा है”
“तुम्हें देख कर और ज्यादा बड़ा हो गया मेरी जान!!..." राजू बोला“
अब इसको मैं कहीं नहीं जाने दूंगी। हर रोज़ इस से अपनी चूत और गांड मरवाऊंगी. जी करता है सुहागरात के तोहफ़े मैं तुझसे पहले अपनी अपनी गांड मारवा लू!!... नही पहले तो मैं इसे थोड़ा प्यार करुंगी'' ऐसा बोल रिशा राजू के सामने उसके घुटनो के बीच बैठ गई और उसके सुपाडे को चूमने लगी... रिशा ने धीरे से अपनी जीभ बाहर निकाली और राजू के लंड से निकलते पानी को चाट लिया... राजू सांसे रोक कर रिशा की इस हरकत को देख रहा था। रिशा अपनी मुलायम मखमली जीभ से उसके सुपाडे को चाटने लगी। जब उसका सुपाड़ा पूरा गीला हो गया तो रिशा ने धीरे से मुंह खोला और राजू का सुपाड़ा मुंह में ले के चूसने लगी। रिशा के रसीले होठों की ठोकर से राजू का लंड और तेज़ फडकने लगा। वो मानो सातवे आसमान पे पहुंच गया था... "ओह!! भाभी!! कितना मजा आ रहा है लंड चुसवाने में!! जी करता है 24 घंटे अपना लौड़ा तुम्हारे मुँह में पेले रहु!! "...ये सुन के रिशा और ज़ोर से राजू का 8" का लौड़ा चूसने लगी। राजू भी कमर हिला हिला के रिशा के मुँह को अपने लौड़े से चोदने लगा
आअहह!! भाभी मैं झड़ने वाला हूँ!!" इतना सुनते ही रिशा ने राजू की गांड को दोनों हाथों से दबा लिया और ज़ोर-ज़ोर से सर हिला के राजू का लंड और अंदर लेने लगी!! राजू से रहा ना गया और उसने रिशा के बालों को अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया और उसके सर को कस कर पकड़ लिया फिर तेजी से अपने लंड को उसके मुँह में पेलने लगा। अब लौड़ा रिशा के गले तक जा पहुंचा था। राजू ने अपने धक्के और तेज़ कर दिए. थोड़ी ही देर में राजू का पानी छूट गया...उसने 1 जोर का धक्का लगाया और उसका लौड़ा दना दन पिचकारियां छोड़ने लगा! रिशा को उसका गाढ़ा रस अपने गले से नीचे उतरता हुआ महसुस हुआ, तो वो उन्माद भरी आवाज निकलने लगी
"मम्म्म्म्म्म्!! म्म्म्म्म्म्म्फ्ह्ह!!..." राजू अभी भी अपना लंड रिशा के मुँह में पेल रहा था। उसने लंड को बाहर खींचा पर सुपाड़ा रिशा के मुंह में ही रहने दिया। रिशा तेजी से उसकी मर्दनगी का रस पीने लगी लेकिन वो इतना ज्यादा था कि थोड़ा अमृत उसके होठों से टपक कर उसकी मुलायम चूचियों पे गिर गया!
तभी राजू ने देखा के रिशा लंड चूसने के साथ-साथ अपनी चूत में भी उंगली कर रही थी!! उससे रहा नहीं गया और उसने रिशा को उठा के बिस्तार पे पटक दिया... और उसकी टांग फेला के उसकी चिकनी चूत चाटने लगा। रिशा अभी भी अपनी चूत में उंगली कर रही थी... राजू ने भी अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में पेल दी... इससे रिशा पागल सी हो गई और गांड उठा के अपनी चूत राजू के मुँह पर रगड़ने लगी... "हाय मेरे राजा!! कितना मज़ा आ रहा है!! सारी कसर निकालूंगी आज तो... चोदो मुझे अपनी जीभ से चोदो!! चोदो ना!! इतना सुनते ही राजू ने अपनी जीभ रिशा के चूत में पेल दी और उसे जीभ से ही चोदना शुरू कर दिया!!... "राजू और ज़ोर से!! और ज़ोर से!! मैं तो दीवानी हो गयी तेरी री!! आज से मैं तेरी रांड हुई!! मेरी गांड और चूत दोनो तेरे हुए!! जो करना है कर ले!! आआअहह!! आआअह्ह्ह्ह!! आआआआआआआआअह्हह्हह्हह्ह!! हाहाएIII!!
राजू की जीभ के कमाल से रिशा की चूत ने भी पांच मिनट में पानी फेंक दिया। रिशा ने अपना पानी राजू की नाक और मुंह पर छोड़ दिया। राजू गर्म चूत का नमकीन पानी ऐसे चाट-चाट कर पी रहा था, जैसे एक बूंद भी बाहर नहीं गिरने देगा
अब रिशा थककर बदहवास होकर बिस्तर पर गिर गई. कुछ देर सुस्ताने के बाद राजू और रिशा 69 पोज़ में एक दूसरे को अंगो को फिर से चाटने लगे. अब रिशा लंड को क्रीमरोल की तरह खाने लगी और राजू चूत में होंठ और नाक रखकर लेट गया।गर्म सांस से चूत की गर्मी बढ़ रही थी. राजू ने उंगली से चुत की फांको को फेलाया और दोबारा से अपनी जीभ अंदर घुमा दी
रिशा ने भी राजू के लंड को चूस-चूस कर फिर से कड़क कर दिया।
राजू फिर से जोश में आ गया। अब और बर्दाश्त करना दोनों के लिए मुश्किल हो रहा था. राजू ने उठकर रिशा को किस करना शुरू कर दिया।
वो रिशा की मोटी चूची, सेक्सी गर्दन, गोरी-गोरी कमर पर होठों और दांतों से काट-काट कर चूम रहा था।
रिशा का शरीर फिर सुलगने लगा और वो राजू को उकसाने के लिए “देवर जी, जोर से करो” ऐसे बोलने लगी।
राजू भी चूची के निप्पल को दांतों से खींचकर रिशा की आह निकालकर मजा ले रहा था।
अगला हमला रिशा की चिकनी मोटी जांघों पर हुआ जिसे
राजू हल्के-हल्के से होठों से चूम-चूम कर मजा दे रहा था।
पूरे पैरों को चूमकर राजू कमर पर किस करने लगा।
बुर से निकला पानी राजू ने अपनी गर्म भाभी की नाभि में भर दिया।
रिशा “सी सी आह देवर जी…” रिशा तड़प गई।
राजू ने रिशा की टांगों को उठाकर अपने कंधों पर रखा और चूत को फिर से अपने मुंह में भरकर चूसने लगा।
रिशा की गर्मी और आह-आह वाली सिसकारियां तेज हो गई।
रिशा राजू सिर को अपनी चूत में ऐसे दबा रही थी, जैसे राजू को पूरा अंदर घुसा लेंगी और राजू शिकारी कुत्ता बनकर अपनी भाभी की चूत को चूस-चूस कर बुरा हाल कर रहा था।
रिशा...”देवर जी अब और सहन नहीं होता..पेल दो अपना लौड़ा अपनी भाभी की चूत में और मना लो अपनी सुहागरात”
राजू रिशा की गांड मारने का मन बना कर आया था लेकिन कहीं पहले गांड मारने से बात बिगड ना जाए इसलिए राजू ने पहले चूत चोदने का ही फैसला किया! राजू ने उसकी टांग उठाकर हवा में की और अपने मोटे लंड को चूत पर रखकर धक्का लगाया।
चूत पूरी गीली थी … लंड चार इंच अंदर तक घुस गया। रिशा के मुँह से दबी सी सिस्की निकल गई...”आराम से राजू”


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