02-05-2026, 12:08 PM
वेणु ने शर्माते हुए मुस्कुराया और बोला,
“मैं कॉन्फिडेंट ही नहीं हूँ कि कुछ दिनों में किसी लड़की को अपना बना पाऊँ।
मैंने अपनी लाइफ में कभी किसी लड़की के साथ कुछ किया ही नहीं है।
न कभी गर्लफ्रेंड रही है, न कुछ।”
उसने नेहा की तरफ देखते हुए आगे कहा
“ओह... पूअर बेबी...”
फिर वो वेणु के पास गई और उसके बालों को धीरे से संवारते हुए बोली,
“बहुत अच्छे हो तुम... बहुत हैंडसम भी हो।”
वेणु ने नेहा की तरफ देखा और एकदम से शर्मा गया। उसके गाल लाल हो गए।
नेहा ने उसके बालों को और अच्छे से सेट करते हुए मुस्कुराते हुए कहा,
“इतना अच्छा लड़का है, फिर भी किसी लड़की को नहीं पटा पाया... ये तो गलत बात है।”
हम तीनों चलते-चलते होटल की तरफ बढ़ रहे थे।
नेहा ने वेणु के बालों में हाथ फेरा — ठीक वैसे जैसे कोई अपने छोटे भाई को शाबाशी देता है।
वेणु की नज़रें पूरी तरह नेहा पर टिकी हुई थीं। वो बार-बार नेहा के चेहरे को देख रहा था, कभी उसके बूब्स को, कभी कमर को, कभी नाभि को।
मैं उसे देख रहा था।
मैं समझ रहा था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है।
उसके दिमाग में यही घूम रहा होगा कि होटल में जाने के बाद क्या होगा।
और ये मेरे दिमाग में भी चल रहा था।
शायद नेहा भी यही सोच रही थी।
अभी हम तीनों को कुछ नहीं पता था।
हम ब्लाइंड थे।
नेहा ने अचंभे से वेणु की तरफ देखा।
“सच में तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी? तुम तो शायद २7 साल के हो...”
वेणु ने तुरंत करेक्ट किया,
“25...”
नेहा ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,
“अच्छा... तो अभी तक तुमने गर्लफ्रेंड नहीं बनाई? मतलब... अह... तुम... वर्जिन हो?”
वेणु थोड़ा सा मुस्कुराया और शर्माते हुए बोला,
“गर्लफ्रेंड नहीं रही... तो ये सब किसके साथ करूँ? ऑफकोर्स मैं वर्जिन हूँ।”
नेहा ने अचंभे से मेरी तरफ देखा।
उसकी आँखें थोड़ी बड़ी हो गई थीं।
मैं भी थोड़ा हैरान था।
हम होटल के गेट पर पहुँचने वाले थे। वेणु अभी भी अपनी बातें जारी रखे हुए था।
“मेरे दोस्तों ने मुझे बहुत डरा दिया था। वो मुझे चिढ़ाते थे कि ‘अगर तुझे पता नहीं कि ये सब कैसे करना है, तो तेरी बीवी को तू कैसे करेगा?’”
वेणु ने हल्के से हँसते हुए आगे कहा,
“उन्होंने मुझे इतना चिढ़ाया कि मैंने सोचा शादी से पहले कुछ न कुछ करके आऊँ। कम से कम ये तो जान लूँ कि होता क्या है।
कम से कम अपनी बीवी के सामने इतना शर्मिंदा ना होऊँ।”
नेहा ने उसे ध्यान से सुनते हुए कहा, “तो ये सारा गोवा ट्रिप... सिर्फ ये सीखने के लिए था?”
वेणु ने शर्माते हुए सिर हिलाया, “हाँ... कुछ तो सीख लेता।”
नेहा ने मेरी तरफ देखा, फिर वेणु की तरफ मुस्कुराते हुए बोली,
“तो तुम तो बहुत सीरियस प्लानिंग करके आए थे।”
वेणु ने हँसकर कहा, “प्लानिंग तो थी... लेकिन ये प्लान नहीं था कि मैं तुम दोनों से मिल जाऊँगा।”
हम गेट पार करके लॉबी में आ गए थे।
लिफ्ट की तरफ बढ़ते हुए वेणु ने नेहा की तरफ देखा और धीरे से कहा,
“अब तो लग रहा है कि किस्मत अच्छी थी।”
हम तीनों होटल के रूम में पहुँच गए।
नेहा ने फ्रिज से तीन ठंडी बीयर की बोतलें निकालीं।
मैं और वेणु एक बड़े सोफे पर बैठ गए थे, और नेहा सिंगल सीटर सोफे पर बैठ गई।
हमने बीयर की बोतलें खोलीं। इतनी देर वॉक करने के बाद थकान कुछ हद तक उतर गई थी।
पहली बोतल हमने एक-एक करके पीना शुरू किया।
थोड़ी देर बाद नेहा ने टीवी ऑन किया और बॉलीवुड म्यूजिक लगा दिया। धीमा, सॉफ्ट वाला म्यूजिक था — वो वाला जो डांस के लिए भी ठीक लगता है।
वेणु ने बीयर का घूँट लिया और बोला, “म्यूजिक अच्छा है।”
हमारी पहली बोतलें खत्म होने वाली थीं।
नेहा अचानक उठी, मेरे पास आई, म्यूजिक पर हल्के-हल्के थिरकते हुए मेरा हाथ पकड़ा और बोली,
“चलो... डांस करो।”
मैं उठ गया और नेहा के पास आ गया। हम दोनों धीरे-धीरे डांस करने लगे — हल्के-हल्के, अच्छे से, म्यूजिक के साथ।
वेणु सोफे पर बैठा हमें देख रहा था। उसकी नज़रें हम दोनों पर थीं।
नेहा मेरे साथ डांस करते हुए हँस रही थी, उसके हाथ मेरे कंधे पर थे। मैं उसकी कमर पर हाथ रखे हुए था।
म्यूजिक धीमा और रोमांटिक था, जिसकी वजह से हम दोनों बहुत क्लोज़ हो गए थे।
थोड़ी देर हम लोग डांस कर रहे थे, बिल्कुल चिपक-चिपक के।
नेहा मेरे सीने से सटी हुई थी, उसके हाथ मेरे कंधे पर थे, मेरे हाथ उसकी कमर पर। हम दोनों बार-बार वेणु की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे थे।
फिर नेहा ने मुझे खींचते हुए सोफे की तरफ ले आई।
हम तीनों अब एक ही थ्री सीटर सोफे पर थे।
मैं और वेणु दोनों किनारों पर बैठे थे और नेहा हमारे बीच में बैठ गई।
थोड़ी देर डांस करने के बाद नेहा हाँफ रही थी।
उसकी साँसें तेज़ थीं। उसका सीना ऊपर-नीचे हो रहा था और उसकी आँखें थोड़ी नशे में चढ़ी हुई थीं।
अचानक नेहा ने मेरे सिर को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
एकदम से वो मेरे मुँह के पास आ गई और मुझे जोरदार किस करने लगी।
बहुत गहरी, बहुत जोरदार किस।
उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई थी और वो बिल्कुल बेसब्री से किस कर रही थी।
वो किस करते-करते लगभग मेरे ऊपर चढ़ गई थी।
उसके शरीर का वज़न मुझ पर था और वो पूरी तरह मुझे चूस रही थी।
मुझे लग रहा था कि वो वेणु को दिखाना चाहती है कि किस करते हैं।
वो जानबूझकर बहुत लाउड और गंदा किस कर रही थी।
वेणु अब थोड़ा और करीब आ चुका था।
वो सोफे पर हमारे बहुत पास बैठ गया था और हमें घूर रहा था।
नेहा पूरी तरह किस में व्यस्त थी, लेकिन मेरा ध्यान वेणु पर भी था।
अचानक मैंने देखा —
वेणु का हाथ धीरे-धीरे आगे बढ़ा और नेहा की जाँघ पर रख गया।
उसकी हथेली नेहा की जाँघ पर थी, ठीक सूट के ऊपर।
वो हल्के से दबा रहा था, लेकिन अभी कुछ ज़्यादा नहीं कर रहा था।
नेहा ने किस नहीं रोका।
वो अभी भी मेरे मुँह को चूस रही थी, लेकिन उसकी साँसें और तेज़ हो गई थीं।
मैं पूरे दिन से नोटिस कर रहा था।
वेणु की नज़र बार-बार नेहा की जाँघों पर जा रही थी।
हर बार जब नेहा चलती, बैठती, या डांस करती, उसकी आँखें नेहा की जाँघों पर अटक जाती थीं।
हर आदमी की कोई न कोई फेवरेट बॉडी पार्ट होती है।
मुझे अपने दोस्तों से पता था — कुछ लड़कियों के बूब्स पसंद करते हैं, कुछ गांड, कुछ कमर।
मेरे ग्रुप में भी मेरी बहन के बारे में बातें होती थीं। एक दोस्त तो हमेशा कहता था — “तेरी बहन की तंदूरी टाँगें... यार, पूरे दिन इन्हें चाटता रहूँ।”
आज वेणु की नज़रें ठीक उसी तरह नेहा की जाँघों पर थीं।
मैं पूरे दिन से नोटिस कर रहा था।
जब वो दोनों कपल बनकर घूम रहे थे, तब भी वेणु के हाथ बार-बार नेहा की जाँघों पर चले जाते थे।
रगड़ना, छूना, हल्के से दबाना — ये सब spontaneously हो रहा था।
लेकिन अब... रूम में, सोफे पर उसकी हथेली अब नेहा की जाँघ की पूरी लंबाई पर घूम रही थी — नीचे से ऊपर तक, धीरे-धीरे, लगातार।
वो जाँघ को अच्छे से महसूस कर रहा था, उसके नरम गोरे मांस को दबा रहा था, उँगलियों से सहला रहा था।
उसका हाथ अब खुलकर नेहा की जाँघों पर था। पहले वो हिचकिचा रहा था, लेकिन अब वो बेझिझक नेहा की सफेद दूधिया जाँघों को सहला रहा था। उँगलियाँ जाँघ के अंदरूनी हिस्से की तरफ बढ़ रही थीं, धीरे-धीरे रगड़ रही थीं।
वेणु पहले तो हिचकिचा रहा था।
जब उसे पता चला कि मैं नेहा का पति हूँ, तब उसके हाथ नेहा की जाँघ पर रुक-रुककर जा रहे थे।
लेकिन अब... अब वो सोच रहा था कि नेहा का कोई विरोध नहीं है, ये फ्री सिग्नल है।
और शायद ये सच में फ्री सिग्नल था।
हा ने किस तोड़ा।
वो हाँफ रही थी, साँसें तेज़ थीं। उसने मेरी आँखों में देखा और मुस्कुराई।
फिर उसने नीचे देखा — वेणु का हाथ उसकी सफेद दूधिया जाँघों पर था।
नेहा ने हल्के से हँसते हुए वेणु से कहा,
“तुम इतने भी शरीफ नहीं हो जितने दिखते हो...”
नेहा अभी भी मेरे ऊपर थी।
उसने अचानक अपना शरीर आगे झुकाया, वेणु के चेहरे के बहुत करीब गई और उसके बालों को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
वेणु की साँसें रुक गईं।
मेरा दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था।
मैं पहली बार अपनी बीवी को किसी और आदमी को किस करते हुए देखने वाला था — मेरे सामने, इतने करीब।
रे सामने... अजीब सा एहसास था।
मैं देख रहा था...
नेहा ने वेणु के चेहरे के पास अपना मुँह ले जाया।
दोनों के होंठ मिल गए।
वेणु ने पहले थोड़ा हिचकिचाते हुए किस करने की कोशिश की — अनाड़ी तरीके से, जैसे वो सच में कभी किसी को किस नहीं कर चुका हो।
किस ज्यादा prominent नहीं लग रहा था।
होंठ बस कुछ पलों के लिए मिले रहे।
फिर नेहा ने अपना चेहरा पीछे हटा लिया और हँस पड़ी।
वो हँसते हुए बोली,
“वो सही कह रहा था... उसने कभी किसी को किस नहीं किया... उसे किस करना नहीं आता।”
नेहा ने वेणु को एक बार फिर ध्यान से देखा।
इस बार उसकी नज़र पहले से ज़्यादा गहरी थी।
फिर वो मेरी तरफ मुड़ी, मेरे ऊपर झुक गई और धीरे-धीरे मुझे किस करना शुरू कर दिया।
ये किस पहले वाले से अलग था।
वो धीमा, स्लो मोशन में किस कर रही थी — जैसे वेणु को दिखा रही हो कि सही तरीके से किस कैसे करते हैं।
उसने पहले मेरे होंठों को चूमा, फिर अपनी जीभ मेरे मुँह में डाली, धीरे-धीरे घुमाई।
मैं भी उसके साथ लिपटा, अपने होंठ और जीभ से जवाब दे रहा था — लेकिन धीरे-धीरे, ताकि वेणु देख सके।
नेहा मुझे इस्तेमाल कर रही थी — जैसे मैं डमी हूँ।
वो वेणु को सिखा रही थी कि किस कैसे करना है... जो आगे जाकर मेरी ही बीवी को किस करेगा।
किस लगभग 5 मिनट तक चला।
नेहा मेरे ऊपर चढ़ी हुई थी और मुझे पैशन से किस कर रही थी।
उसके होंठ मेरे होंठों पर थे, जीभ मेरे मुँह में घूम रही थी।
मैं पहली बार अपनी बीवी के मुँह से दूसरे आदमी का स्वाद चख रहा था।
ये एहसास बहुत अजीब, बहुत गहरा और बहुत उत्तेजक था।
फिर नेहा ने किस तोड़ा।
वो हाँफ रही थी। उसने मेरी आँखों में देखा, मुस्कुराई, और फिर वेणु की तरफ मुड़ी।
इस बार उसने सिर नहीं झुकाया।
वो सीधे वेणु के ऊपर चढ़ गई — ठीक वैसे जैसे मेरे ऊपर चढ़ी थी।
उसके बूब्स वेणु की छाती से दब गए।
नेहा ने वेणु को धीरे-धीरे किस करना शुरू किया।
वो मुझे दिखा रही थी — जैसे मैं डमी हूँ।
पहले होंठों पर, फिर धीरे से जीभ, ठीक वैसी ही स्पीड और स्टाइल में जैसा मैंने उसे किस किया था।
वेणु तेज़ सीखने वाला निकला।
वो अब ठीक उसी तरह किस कर रहा था — जैसा मैंने नेहा को किया था।
वो भी धीरे-धीरे, गहराई से, जीभ का इस्तेमाल करते हुए।
ये मेरी ज़िंदगी में पहली बार था।
ये सपने जैसा लग रहा था।
मैंने कितनी बार इस पल की कल्पना की थी।
कितनी बार सोचा था कि अगर मैं अपनी बीवी को किसी और के साथ देखूँ तो क्या होगा।
लेकिन अब जब ये सच में हो रहा था, तो ये मेरी कल्पना से कहीं ज़्यादा खूबसूरत और तीव्र लग रहा था।
नेहा वेणु के ऊपर चढ़ी हुई थी।
वो उसे domination में किस कर रही थी — जैसे कोई टीचर अपने स्टूडेंट को सिखा रही हो।
उसकी जीभ वेणु के मुँह में घुस रही थी, लार इकट्ठा कर रही थी, और फिर उसे वेणु के मुँह में डाल रही थी।
दोनों के मुँह से लार का आदान-प्रदान हो रहा था।
नेहा का तरीका बहुत confident और controlling था।
मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता कि मेरे अंदर क्या चल रहा था।
एक तरफ जलन थी, दूसरी तरफ इतनी तेज़ उत्तेजना कि मेरा पूरा शरीर काँप रहा था।
ये देखना कि मेरी बीवी किसी और को इस तरह किस कर रही है — मेरे सामने, इतने करीब — ये सपनों से भी ज़्यादा powerful था।
मैं उन्हें 15 मिनट तक किस करते देखता रहा।
कभी धीमा, कभी तेज़।
जब लगता था कि किस खत्म होने वाला है, तो उनकी गति फिर बढ़ जाती।
इंटेंसिटी बढ़ जाती।
दोनों टीनएज लवर्स की तरह किस कर रहे थे — भूखे, बेसब्र, और पूरी तरह खोए हुए।
आखिर में नेहा ने किस तोड़ा।
वो हाँफ रही थी।
वो वापस हमारे बीच में आकर बैठ गई — २ सीटर सोफे पर।
अब वो दोनों तरफ से हम दोनों को छू रही थी।
उसकी साँसें अभी भी तेज़ थीं।
उसने हाँफते हुए कहा,
“बीयर...”
उसकी बोतल खाली हो चुकी थी।
इस बार वेणु उठा और बीयर लाने गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा और बहुत धीरे से फुसफुसाया,
“तुम ठीक हो?”
मैंने मुस्कुराकर “हम्म” कहा।
नेहा ने मेरी शॉर्ट्स के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ लिया और हल्के से दबाते हुए पूछा,
“मजा आ रहा है?”
मैंने फिर मुस्कुराया।
नेहा ने जल्दी से, वेणु पर एक नज़र रखते हुए (ताकि वो न सुन ले), बहुत धीरे से फुसफुसाया,
“कितनी दूर तक जाना चाहते हो?”
मैं कुछ जवाब नहीं दे पाया।
मेरे पास कोई जवाब नहीं था।
मैंने देखा कि वेणु वापस आ रहा था।
नेहा ने मेरी तरफ देखा, इंतज़ार कर रही थी कि मैं कुछ कहूँ।
नेहा ने फिर से धीरे से फुसफुसाया,
“हार्ड फन... या सॉफ्ट फन?”
मैं कुछ नहीं जानता था।
हमने कभी इस बारे में चर्चा नहीं की थी।
लेकिन मुझे तुरंत कुछ तो कहना था।
मैंने बस इतना कहा — “सॉफ्ट फन...”
जैसे ही मैंने कहा, वेणु वापस आ गया।
वेणु ने हमारे पास आकर पूछा,
“तुम लोग क्या फुसफुसा रहे थे? कुछ गड़बड़ है क्या?”
नेहा ने तुरंत मुस्कुराकर कहा,
“नहीं... कुछ नहीं।”
फिर वो उठी, वेणु के साथ खड़ी हुई और उसके कंधे पर हाथ रखकर बोली,
“चलो... डांस करते हैं।”
स्लो म्यूजिक चल रहा था।
वेणु को डांस में उतना इंटरेस्ट नहीं था।
उसकी सारी दिलचस्पी सिर्फ नेहा में थी।
उसका एक हाथ नेहा की कमर पर था, दूसरा हाथ उसकी गांड पर हल्के से रखा हुआ था — बस रखा हुआ, ज़्यादा दबाव नहीं।
वो बहुत safe खेल रहा था, लेकिन उसकी नज़रें लगातार नेहा के चेहरे पर थीं।
वो फिर से उसे किस करना चाहता था।
नेहा उसे tease कर रही थी।
जब भी वेणु अपना चेहरा उसके करीब लाता, नेहा हल्के से सिर हटा लेती और मुस्कुरा देती।
आखिरकार नेहा ने उसे इजाजत दे दी।
वेणु ने नेहा को और पास खींचा।
दोनों के होंठ फिर से मिल गए।
ये किस पहले वाले से ज़्यादा गहरा और धीमा था।
मैं सोफे पर बैठा सब देख रहा था।
मेरी बीवी... मेरी नेहा... एक अनजान लड़के के हाथों में, उसकी बाहों में।
वेणु उसे छू रहा था, उसकी जीभ से खेल रहा था, उसके होंठों को चूस रहा था।
मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया।
मैंने शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसे मसलना शुरू कर दिया — ठीक वैसे जैसे मैं अकेले में पॉर्न देखकर करता था।
लेकिन इस बार पॉर्न नहीं था।
ये लाइव था।
मेरी बीवी मेरे सामने लाइव पॉर्न बन रही थी।
मैं नेहा को उस पॉर्न में इमेजिन करके ही हाथ चलाता था।
आज वो मेरे सामने थी।
रियल।
मेरा लंड शॉर्ट्स के अंदर पूरी तरह सख्त हो चुका था।
मैं धीरे-धीरे उसे रगड़ रहा था, नज़रें नेहा और वेणु पर टिकी हुई थीं।
मुझे लग रहा था कि मुझे नेहा को ये सब करने के लिए मनाना पड़ेगा।
हज़ारों विचार मेरे दिमाग में आ रहे थे।
हज़ारों प्लानिंग।
हर बार यही डर लगता था — नेहा क्या सोचेगी?
कहीं वो मुझे छोड़ न दे, कहे कि “तुम चूतिया हो”।
दो दिन भी नहीं लगेंगे नेहा को मुझसे बेहतर, हैंडसम और बड़ा मर्द ढूंढने में।
मैं अपने दिमाग में खो गया था।
फिर मैंने फोकस किया जो सामने हो रहा था।
स्लो म्यूजिक पर डांस चल रहा था।
डीप किसिंग।
रोमांटिक।
वेणु का एक हाथ अब नेहा की गांड को मसल रहा था।
दूसरा हाथ उसकी नाभि को कुरेद रहा था।
अचानक वेणु के होंठ नेहा के होंठों से हटे और सीधे उसके कान के पास गए।
उसने कुछ कहा — मुझे सुनाई नहीं दिया।
फिर वापस होंठों पर आ गया।
नेहा ने अपने हाथ पीछे ले गए... शर्ट के अंदर से उसके बूब्स और भी उभरकर सामने आ गए।
किस करते हुए नेहा की साँसें तेज़ हो गई थीं।
मैं समझ गया — वेणु ने उसके कान में कुछ कहा होगा जो नेहा को पसंद आया।
स करते-करते वेणु के दोनों हाथ नेहा की शर्ट के बटन पर काम करने लगे।
एक... दो... तीन...
तीन बटन खोल दिए — किस करते हुए ही।
चौथे बटन तक पहुँचते-पहुँचते वो झुक गया मेरी बीवी के बूब्स पर।
उसने शर्ट के और नीचे के बटन खोलने शुरू कर दिए।
जहाँ तक बटन खुले थे, वहाँ तक वो किस कर रहा था —
पहले गर्दन पर, फिर क्लिवेज पर, रेड ब्रा के ऊपर से, फिर पेट पर, फिर नाभि पर।
वेणु घुटनों पर आ गया था ये सब करते हुए।
मुझे लगा था कि वो शर्ट तक ही रुकेगा।
लेकिन फिर मैंने देखा — उसने नेहा की शॉर्ट का बटन खोलना शुरू कर दिया।
नेहा अभी भी खड़ी थी, शर्ट आधी खुली हुई, बूब्स ब्रा में उभरे हुए, और वेणु उसके सामने घुटनों पर बैठा शॉर्ट का बटन खोल रहा था।
नेहा कभी वेणु को देख रही थी, कभी मुझे।
उसकी शॉर्ट धीरे-धीरे नीचे खिसक रही थी।
मैचिंग रेड पैंटी अब साफ़ दिख रही थी।
वेणु किस जारी रखे हुए था।
अब वो नेहा के घुटनों से ऊपर जा रहा था।
अच्छे से जाँघों पर किस करने के बाद वो ट्रायंगल पर पहुँच गया।
नेहा को देखा।
फिर उसने पैंटी के ऊपर से ही नेहा की चूत पर एक हल्का सा किस किया।
नेहा ने तुरंत उसके बालों को पकड़ लिया और उसे वापस खड़ा कर दिया।
फिर नेहा ने उसके कान के पास अपना चेहरा ले जाकर कुछ फुसफुसाया।
वेणु अचंभे में रह गया। वो समझ नहीं पा रहा था क्या हो रहा है।
उसने नेहा की तरफ से हटकर मेरी तरफ देखा और इशारे करते हुए कहा,
“क्या... क्या मैं आपकी वाइफ के बूब्स को हाथ लगा सकता हूँ?”
मैं समझ गया — नेहा ने उसे कहा है ऐसा करने के लिए।
नेहा मेरी इजाजत चाहती है।
मैंने उत्तेजना में हाँ में सिर हिला दिया और बोला,
“मगर बस ऊपर से... ब्रा के अंदर मत जाना।”
मैंने बस उसके मजे लेने के लिए कहा था।
मुझे पता था कि अब ये नहीं रुकने वाले।
मेरा एक हाथ में सिगरेट था और दूसरे हाथ में मेरा लंड आ चुका था।
मैं शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसे मसल रहा था।
मेरी बीवी व्हाइट शर्ट को बस कंधों पर लटकाए हुए थी।
रेड ब्रा और पैंटी में वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
मेरे हाँ बोलते ही वेणु ने ब्रा के ऊपर से नेहा के बूब्स दबाना शुरू कर दिया।
वो उन्हें अच्छे से मसल रहा था, दबा रहा था।
नेहा मुझे देख रही थी।
उसके हाथ वेणु के बालों में थे।
वेणु के शॉर्ट्स में अब तंबू बन चुका था।
वो नेहा के पीछे चला गया।
दोनों अब मुझे face करके खड़े थे।
उसके दोनों हाथों में मेरी बीवी के बूब्स थे।
स्लो म्यूजिक की रिदम में वो उन्हें दबा रहा था — ऊपर से नीचे, धीरे-धीरे मसल रहा था।
मुझे लग रहा था कि वो पीछे से नेहा की गांड पर अपना लंड रगड़ रहा है।
नेहा का एक हाथ पीछे गया।
मैंने उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदलते देखे — आँखें आधी बंद, होंठ थोड़े खुले, साँसें तेज़।
उसके हाथ नेहा की कमर के पीछे थे, तो मुझे नहीं पता था कि उसने क्या महसूस किया।
नेहा का मुँह खुला हुआ था, साँसें तेज़ थीं।
वेणु अब काफी आगे बढ़ चुका था।
उसने नेहा की ब्रा के दोनों कप को नीचे कर दिया था।
अब नेहा के नंगे निप्पल्स बाहर थे।
वेणु उन निप्पल्स से खेल रहा था — जैसे गैस के नॉब को ऑन-ऑफ करते हैं, वैसे ही उँगलियों से दबा रहा था, घुमा रहा था, सहला रहा था।
मैं देखना चाहता था कि नेहा के हाथ में क्या महसूस किया, लेकिन बोलने में हिचक रहा था।
नेहा शायद समझ गई।
वो वेणु के सामने से हटी, लेकिन हाथ अब भी शॉर्ट्स के ऊपर थे।
फिर उसने मुझे वेणु का लंड दबाकर दिखाया।
शॉर्ट्स के पतले कपड़े के ऊपर से लंड की आउटलाइन साफ़ दिखने लगी।
वो स्ट्रॉन्ग था।
एक पिंट की बीयर की बोतल जितना मोटा और लंबा।
नेहा उसे मुझे दिखा रही थी और साथ में रगड़ रही थी।
उसकी नाज़ुक उँगलियाँ पूरे लंड की लंबाई को रगड़ रही थीं — ऊपर से नीचे तक।
फिर अचानक वेणु ने नेहा के बालों को पकड़ लिया और उसे भूखे बच्चे की तरह किस करने लगा।
बहुत उत्तेजना में, बहुत बेसब्री से।
नेहा के हाथ अभी भी उसके लंड पर थे।
वेणु की सिसकारी निकली।
मैंने देखा कि उसका शॉर्ट आगे से गीला हो रहा था।
वो झड़ चुका था।
मैं जानता था... जब ये सब मेरे लिए इतना ज़्यादा था (जो रोज़ नेहा को नंगी देखता था), तो एक वर्जिन के लिए तो नामुमकिन था।
वेणु ने किस तोड़ा।
उसने नेहा का हाथ पकड़ लिया — शायद हटाने के लिए।
“आपका हाथ गंदा हो जाएगा... सॉरी...”
नेहा ने हाथ नहीं हटाया।
उसने उल्टा उसी जगह हाथ फेरा जहाँ सबसे ज़्यादा गीला था।
नेहा ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,
“कोई बात नहीं... होता है...”
वेणु शर्मिंदा लग रहा था।
लेकिन नेहा उसका हौसला बढ़ा रही थी।
थोड़ी देर बाद नेहा ने वेणु की तरफ देखा और बोली,
“सैम के शॉर्ट्स तुम्हें फिट आ जाएँगे... तुम चेंज कर लो।”
वो मेरे बैग से कुछ कपड़े निकालकर वेणु को दे दी।
फिर मेरे पास आकर बैठ गई।
रूम में शांति थी।
“बेबी... मैंने इसका पानी निकाल दिया,” नेहा ने खिलखिलाते हुए बोला — जैसे कोई आम बात हो।
जैसे मैंने आज केक बनाया है या कपड़े प्रेस कर दिए।
हम दोनों वेणु को चेंज करते हुए देख रहे थे।
उसका लंड नंगा था।
झड़ने के बाद भी वो तना हुआ था।
उसने कपड़े पहने।
कुछ सोचते हुए बोला,
“मैं बाहर से सिगरेट लेकर आता हूँ...”
“हमारे पास है,” मैंने कहा।
“मेरा ब्रांड अलग है...” कहते हुए वो जल्दबाजी में रूम से निकल गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
पहले मुझे किस किया।
फिर वो धीरे-धीरे मेरी टांगों के बीच अपना सिर ले आई।
शॉर्ट्स को नीचे करने लगी।
मैंने कहा, “रुक जाओ... वेणु को आने दो... उसे दिखाना अपना ये स्किल।”
नेहा ने लंड पर जीभ फेरते हुए कहा,
“वो नहीं आएगा।”
“मैं कॉन्फिडेंट ही नहीं हूँ कि कुछ दिनों में किसी लड़की को अपना बना पाऊँ।
मैंने अपनी लाइफ में कभी किसी लड़की के साथ कुछ किया ही नहीं है।
न कभी गर्लफ्रेंड रही है, न कुछ।”
उसने नेहा की तरफ देखते हुए आगे कहा
“ओह... पूअर बेबी...”
फिर वो वेणु के पास गई और उसके बालों को धीरे से संवारते हुए बोली,
“बहुत अच्छे हो तुम... बहुत हैंडसम भी हो।”
वेणु ने नेहा की तरफ देखा और एकदम से शर्मा गया। उसके गाल लाल हो गए।
नेहा ने उसके बालों को और अच्छे से सेट करते हुए मुस्कुराते हुए कहा,
“इतना अच्छा लड़का है, फिर भी किसी लड़की को नहीं पटा पाया... ये तो गलत बात है।”
हम तीनों चलते-चलते होटल की तरफ बढ़ रहे थे।
नेहा ने वेणु के बालों में हाथ फेरा — ठीक वैसे जैसे कोई अपने छोटे भाई को शाबाशी देता है।
वेणु की नज़रें पूरी तरह नेहा पर टिकी हुई थीं। वो बार-बार नेहा के चेहरे को देख रहा था, कभी उसके बूब्स को, कभी कमर को, कभी नाभि को।
मैं उसे देख रहा था।
मैं समझ रहा था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है।
उसके दिमाग में यही घूम रहा होगा कि होटल में जाने के बाद क्या होगा।
और ये मेरे दिमाग में भी चल रहा था।
शायद नेहा भी यही सोच रही थी।
अभी हम तीनों को कुछ नहीं पता था।
हम ब्लाइंड थे।
नेहा ने अचंभे से वेणु की तरफ देखा।
“सच में तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी? तुम तो शायद २7 साल के हो...”
वेणु ने तुरंत करेक्ट किया,
“25...”
नेहा ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,
“अच्छा... तो अभी तक तुमने गर्लफ्रेंड नहीं बनाई? मतलब... अह... तुम... वर्जिन हो?”
वेणु थोड़ा सा मुस्कुराया और शर्माते हुए बोला,
“गर्लफ्रेंड नहीं रही... तो ये सब किसके साथ करूँ? ऑफकोर्स मैं वर्जिन हूँ।”
नेहा ने अचंभे से मेरी तरफ देखा।
उसकी आँखें थोड़ी बड़ी हो गई थीं।
मैं भी थोड़ा हैरान था।
हम होटल के गेट पर पहुँचने वाले थे। वेणु अभी भी अपनी बातें जारी रखे हुए था।
“मेरे दोस्तों ने मुझे बहुत डरा दिया था। वो मुझे चिढ़ाते थे कि ‘अगर तुझे पता नहीं कि ये सब कैसे करना है, तो तेरी बीवी को तू कैसे करेगा?’”
वेणु ने हल्के से हँसते हुए आगे कहा,
“उन्होंने मुझे इतना चिढ़ाया कि मैंने सोचा शादी से पहले कुछ न कुछ करके आऊँ। कम से कम ये तो जान लूँ कि होता क्या है।
कम से कम अपनी बीवी के सामने इतना शर्मिंदा ना होऊँ।”
नेहा ने उसे ध्यान से सुनते हुए कहा, “तो ये सारा गोवा ट्रिप... सिर्फ ये सीखने के लिए था?”
वेणु ने शर्माते हुए सिर हिलाया, “हाँ... कुछ तो सीख लेता।”
नेहा ने मेरी तरफ देखा, फिर वेणु की तरफ मुस्कुराते हुए बोली,
“तो तुम तो बहुत सीरियस प्लानिंग करके आए थे।”
वेणु ने हँसकर कहा, “प्लानिंग तो थी... लेकिन ये प्लान नहीं था कि मैं तुम दोनों से मिल जाऊँगा।”
हम गेट पार करके लॉबी में आ गए थे।
लिफ्ट की तरफ बढ़ते हुए वेणु ने नेहा की तरफ देखा और धीरे से कहा,
“अब तो लग रहा है कि किस्मत अच्छी थी।”
हम तीनों होटल के रूम में पहुँच गए।
नेहा ने फ्रिज से तीन ठंडी बीयर की बोतलें निकालीं।
मैं और वेणु एक बड़े सोफे पर बैठ गए थे, और नेहा सिंगल सीटर सोफे पर बैठ गई।
हमने बीयर की बोतलें खोलीं। इतनी देर वॉक करने के बाद थकान कुछ हद तक उतर गई थी।
पहली बोतल हमने एक-एक करके पीना शुरू किया।
थोड़ी देर बाद नेहा ने टीवी ऑन किया और बॉलीवुड म्यूजिक लगा दिया। धीमा, सॉफ्ट वाला म्यूजिक था — वो वाला जो डांस के लिए भी ठीक लगता है।
वेणु ने बीयर का घूँट लिया और बोला, “म्यूजिक अच्छा है।”
हमारी पहली बोतलें खत्म होने वाली थीं।
नेहा अचानक उठी, मेरे पास आई, म्यूजिक पर हल्के-हल्के थिरकते हुए मेरा हाथ पकड़ा और बोली,
“चलो... डांस करो।”
मैं उठ गया और नेहा के पास आ गया। हम दोनों धीरे-धीरे डांस करने लगे — हल्के-हल्के, अच्छे से, म्यूजिक के साथ।
वेणु सोफे पर बैठा हमें देख रहा था। उसकी नज़रें हम दोनों पर थीं।
नेहा मेरे साथ डांस करते हुए हँस रही थी, उसके हाथ मेरे कंधे पर थे। मैं उसकी कमर पर हाथ रखे हुए था।
म्यूजिक धीमा और रोमांटिक था, जिसकी वजह से हम दोनों बहुत क्लोज़ हो गए थे।
थोड़ी देर हम लोग डांस कर रहे थे, बिल्कुल चिपक-चिपक के।
नेहा मेरे सीने से सटी हुई थी, उसके हाथ मेरे कंधे पर थे, मेरे हाथ उसकी कमर पर। हम दोनों बार-बार वेणु की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे थे।
फिर नेहा ने मुझे खींचते हुए सोफे की तरफ ले आई।
हम तीनों अब एक ही थ्री सीटर सोफे पर थे।
मैं और वेणु दोनों किनारों पर बैठे थे और नेहा हमारे बीच में बैठ गई।
थोड़ी देर डांस करने के बाद नेहा हाँफ रही थी।
उसकी साँसें तेज़ थीं। उसका सीना ऊपर-नीचे हो रहा था और उसकी आँखें थोड़ी नशे में चढ़ी हुई थीं।
अचानक नेहा ने मेरे सिर को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
एकदम से वो मेरे मुँह के पास आ गई और मुझे जोरदार किस करने लगी।
बहुत गहरी, बहुत जोरदार किस।
उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई थी और वो बिल्कुल बेसब्री से किस कर रही थी।
वो किस करते-करते लगभग मेरे ऊपर चढ़ गई थी।
उसके शरीर का वज़न मुझ पर था और वो पूरी तरह मुझे चूस रही थी।
मुझे लग रहा था कि वो वेणु को दिखाना चाहती है कि किस करते हैं।
वो जानबूझकर बहुत लाउड और गंदा किस कर रही थी।
वेणु अब थोड़ा और करीब आ चुका था।
वो सोफे पर हमारे बहुत पास बैठ गया था और हमें घूर रहा था।
नेहा पूरी तरह किस में व्यस्त थी, लेकिन मेरा ध्यान वेणु पर भी था।
अचानक मैंने देखा —
वेणु का हाथ धीरे-धीरे आगे बढ़ा और नेहा की जाँघ पर रख गया।
उसकी हथेली नेहा की जाँघ पर थी, ठीक सूट के ऊपर।
वो हल्के से दबा रहा था, लेकिन अभी कुछ ज़्यादा नहीं कर रहा था।
नेहा ने किस नहीं रोका।
वो अभी भी मेरे मुँह को चूस रही थी, लेकिन उसकी साँसें और तेज़ हो गई थीं।
मैं पूरे दिन से नोटिस कर रहा था।
वेणु की नज़र बार-बार नेहा की जाँघों पर जा रही थी।
हर बार जब नेहा चलती, बैठती, या डांस करती, उसकी आँखें नेहा की जाँघों पर अटक जाती थीं।
हर आदमी की कोई न कोई फेवरेट बॉडी पार्ट होती है।
मुझे अपने दोस्तों से पता था — कुछ लड़कियों के बूब्स पसंद करते हैं, कुछ गांड, कुछ कमर।
मेरे ग्रुप में भी मेरी बहन के बारे में बातें होती थीं। एक दोस्त तो हमेशा कहता था — “तेरी बहन की तंदूरी टाँगें... यार, पूरे दिन इन्हें चाटता रहूँ।”
आज वेणु की नज़रें ठीक उसी तरह नेहा की जाँघों पर थीं।
मैं पूरे दिन से नोटिस कर रहा था।
जब वो दोनों कपल बनकर घूम रहे थे, तब भी वेणु के हाथ बार-बार नेहा की जाँघों पर चले जाते थे।
रगड़ना, छूना, हल्के से दबाना — ये सब spontaneously हो रहा था।
लेकिन अब... रूम में, सोफे पर उसकी हथेली अब नेहा की जाँघ की पूरी लंबाई पर घूम रही थी — नीचे से ऊपर तक, धीरे-धीरे, लगातार।
वो जाँघ को अच्छे से महसूस कर रहा था, उसके नरम गोरे मांस को दबा रहा था, उँगलियों से सहला रहा था।
उसका हाथ अब खुलकर नेहा की जाँघों पर था। पहले वो हिचकिचा रहा था, लेकिन अब वो बेझिझक नेहा की सफेद दूधिया जाँघों को सहला रहा था। उँगलियाँ जाँघ के अंदरूनी हिस्से की तरफ बढ़ रही थीं, धीरे-धीरे रगड़ रही थीं।
वेणु पहले तो हिचकिचा रहा था।
जब उसे पता चला कि मैं नेहा का पति हूँ, तब उसके हाथ नेहा की जाँघ पर रुक-रुककर जा रहे थे।
लेकिन अब... अब वो सोच रहा था कि नेहा का कोई विरोध नहीं है, ये फ्री सिग्नल है।
और शायद ये सच में फ्री सिग्नल था।
हा ने किस तोड़ा।
वो हाँफ रही थी, साँसें तेज़ थीं। उसने मेरी आँखों में देखा और मुस्कुराई।
फिर उसने नीचे देखा — वेणु का हाथ उसकी सफेद दूधिया जाँघों पर था।
नेहा ने हल्के से हँसते हुए वेणु से कहा,
“तुम इतने भी शरीफ नहीं हो जितने दिखते हो...”
नेहा अभी भी मेरे ऊपर थी।
उसने अचानक अपना शरीर आगे झुकाया, वेणु के चेहरे के बहुत करीब गई और उसके बालों को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
वेणु की साँसें रुक गईं।
मेरा दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था।
मैं पहली बार अपनी बीवी को किसी और आदमी को किस करते हुए देखने वाला था — मेरे सामने, इतने करीब।
रे सामने... अजीब सा एहसास था।
मैं देख रहा था...
नेहा ने वेणु के चेहरे के पास अपना मुँह ले जाया।
दोनों के होंठ मिल गए।
वेणु ने पहले थोड़ा हिचकिचाते हुए किस करने की कोशिश की — अनाड़ी तरीके से, जैसे वो सच में कभी किसी को किस नहीं कर चुका हो।
किस ज्यादा prominent नहीं लग रहा था।
होंठ बस कुछ पलों के लिए मिले रहे।
फिर नेहा ने अपना चेहरा पीछे हटा लिया और हँस पड़ी।
वो हँसते हुए बोली,
“वो सही कह रहा था... उसने कभी किसी को किस नहीं किया... उसे किस करना नहीं आता।”
नेहा ने वेणु को एक बार फिर ध्यान से देखा।
इस बार उसकी नज़र पहले से ज़्यादा गहरी थी।
फिर वो मेरी तरफ मुड़ी, मेरे ऊपर झुक गई और धीरे-धीरे मुझे किस करना शुरू कर दिया।
ये किस पहले वाले से अलग था।
वो धीमा, स्लो मोशन में किस कर रही थी — जैसे वेणु को दिखा रही हो कि सही तरीके से किस कैसे करते हैं।
उसने पहले मेरे होंठों को चूमा, फिर अपनी जीभ मेरे मुँह में डाली, धीरे-धीरे घुमाई।
मैं भी उसके साथ लिपटा, अपने होंठ और जीभ से जवाब दे रहा था — लेकिन धीरे-धीरे, ताकि वेणु देख सके।
नेहा मुझे इस्तेमाल कर रही थी — जैसे मैं डमी हूँ।
वो वेणु को सिखा रही थी कि किस कैसे करना है... जो आगे जाकर मेरी ही बीवी को किस करेगा।
किस लगभग 5 मिनट तक चला।
नेहा मेरे ऊपर चढ़ी हुई थी और मुझे पैशन से किस कर रही थी।
उसके होंठ मेरे होंठों पर थे, जीभ मेरे मुँह में घूम रही थी।
मैं पहली बार अपनी बीवी के मुँह से दूसरे आदमी का स्वाद चख रहा था।
ये एहसास बहुत अजीब, बहुत गहरा और बहुत उत्तेजक था।
फिर नेहा ने किस तोड़ा।
वो हाँफ रही थी। उसने मेरी आँखों में देखा, मुस्कुराई, और फिर वेणु की तरफ मुड़ी।
इस बार उसने सिर नहीं झुकाया।
वो सीधे वेणु के ऊपर चढ़ गई — ठीक वैसे जैसे मेरे ऊपर चढ़ी थी।
उसके बूब्स वेणु की छाती से दब गए।
नेहा ने वेणु को धीरे-धीरे किस करना शुरू किया।
वो मुझे दिखा रही थी — जैसे मैं डमी हूँ।
पहले होंठों पर, फिर धीरे से जीभ, ठीक वैसी ही स्पीड और स्टाइल में जैसा मैंने उसे किस किया था।
वेणु तेज़ सीखने वाला निकला।
वो अब ठीक उसी तरह किस कर रहा था — जैसा मैंने नेहा को किया था।
वो भी धीरे-धीरे, गहराई से, जीभ का इस्तेमाल करते हुए।
ये मेरी ज़िंदगी में पहली बार था।
ये सपने जैसा लग रहा था।
मैंने कितनी बार इस पल की कल्पना की थी।
कितनी बार सोचा था कि अगर मैं अपनी बीवी को किसी और के साथ देखूँ तो क्या होगा।
लेकिन अब जब ये सच में हो रहा था, तो ये मेरी कल्पना से कहीं ज़्यादा खूबसूरत और तीव्र लग रहा था।
नेहा वेणु के ऊपर चढ़ी हुई थी।
वो उसे domination में किस कर रही थी — जैसे कोई टीचर अपने स्टूडेंट को सिखा रही हो।
उसकी जीभ वेणु के मुँह में घुस रही थी, लार इकट्ठा कर रही थी, और फिर उसे वेणु के मुँह में डाल रही थी।
दोनों के मुँह से लार का आदान-प्रदान हो रहा था।
नेहा का तरीका बहुत confident और controlling था।
मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता कि मेरे अंदर क्या चल रहा था।
एक तरफ जलन थी, दूसरी तरफ इतनी तेज़ उत्तेजना कि मेरा पूरा शरीर काँप रहा था।
ये देखना कि मेरी बीवी किसी और को इस तरह किस कर रही है — मेरे सामने, इतने करीब — ये सपनों से भी ज़्यादा powerful था।
मैं उन्हें 15 मिनट तक किस करते देखता रहा।
कभी धीमा, कभी तेज़।
जब लगता था कि किस खत्म होने वाला है, तो उनकी गति फिर बढ़ जाती।
इंटेंसिटी बढ़ जाती।
दोनों टीनएज लवर्स की तरह किस कर रहे थे — भूखे, बेसब्र, और पूरी तरह खोए हुए।
आखिर में नेहा ने किस तोड़ा।
वो हाँफ रही थी।
वो वापस हमारे बीच में आकर बैठ गई — २ सीटर सोफे पर।
अब वो दोनों तरफ से हम दोनों को छू रही थी।
उसकी साँसें अभी भी तेज़ थीं।
उसने हाँफते हुए कहा,
“बीयर...”
उसकी बोतल खाली हो चुकी थी।
इस बार वेणु उठा और बीयर लाने गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा और बहुत धीरे से फुसफुसाया,
“तुम ठीक हो?”
मैंने मुस्कुराकर “हम्म” कहा।
नेहा ने मेरी शॉर्ट्स के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ लिया और हल्के से दबाते हुए पूछा,
“मजा आ रहा है?”
मैंने फिर मुस्कुराया।
नेहा ने जल्दी से, वेणु पर एक नज़र रखते हुए (ताकि वो न सुन ले), बहुत धीरे से फुसफुसाया,
“कितनी दूर तक जाना चाहते हो?”
मैं कुछ जवाब नहीं दे पाया।
मेरे पास कोई जवाब नहीं था।
मैंने देखा कि वेणु वापस आ रहा था।
नेहा ने मेरी तरफ देखा, इंतज़ार कर रही थी कि मैं कुछ कहूँ।
नेहा ने फिर से धीरे से फुसफुसाया,
“हार्ड फन... या सॉफ्ट फन?”
मैं कुछ नहीं जानता था।
हमने कभी इस बारे में चर्चा नहीं की थी।
लेकिन मुझे तुरंत कुछ तो कहना था।
मैंने बस इतना कहा — “सॉफ्ट फन...”
जैसे ही मैंने कहा, वेणु वापस आ गया।
वेणु ने हमारे पास आकर पूछा,
“तुम लोग क्या फुसफुसा रहे थे? कुछ गड़बड़ है क्या?”
नेहा ने तुरंत मुस्कुराकर कहा,
“नहीं... कुछ नहीं।”
फिर वो उठी, वेणु के साथ खड़ी हुई और उसके कंधे पर हाथ रखकर बोली,
“चलो... डांस करते हैं।”
स्लो म्यूजिक चल रहा था।
वेणु को डांस में उतना इंटरेस्ट नहीं था।
उसकी सारी दिलचस्पी सिर्फ नेहा में थी।
उसका एक हाथ नेहा की कमर पर था, दूसरा हाथ उसकी गांड पर हल्के से रखा हुआ था — बस रखा हुआ, ज़्यादा दबाव नहीं।
वो बहुत safe खेल रहा था, लेकिन उसकी नज़रें लगातार नेहा के चेहरे पर थीं।
वो फिर से उसे किस करना चाहता था।
नेहा उसे tease कर रही थी।
जब भी वेणु अपना चेहरा उसके करीब लाता, नेहा हल्के से सिर हटा लेती और मुस्कुरा देती।
आखिरकार नेहा ने उसे इजाजत दे दी।
वेणु ने नेहा को और पास खींचा।
दोनों के होंठ फिर से मिल गए।
ये किस पहले वाले से ज़्यादा गहरा और धीमा था।
मैं सोफे पर बैठा सब देख रहा था।
मेरी बीवी... मेरी नेहा... एक अनजान लड़के के हाथों में, उसकी बाहों में।
वेणु उसे छू रहा था, उसकी जीभ से खेल रहा था, उसके होंठों को चूस रहा था।
मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया।
मैंने शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसे मसलना शुरू कर दिया — ठीक वैसे जैसे मैं अकेले में पॉर्न देखकर करता था।
लेकिन इस बार पॉर्न नहीं था।
ये लाइव था।
मेरी बीवी मेरे सामने लाइव पॉर्न बन रही थी।
मैं नेहा को उस पॉर्न में इमेजिन करके ही हाथ चलाता था।
आज वो मेरे सामने थी।
रियल।
मेरा लंड शॉर्ट्स के अंदर पूरी तरह सख्त हो चुका था।
मैं धीरे-धीरे उसे रगड़ रहा था, नज़रें नेहा और वेणु पर टिकी हुई थीं।
मुझे लग रहा था कि मुझे नेहा को ये सब करने के लिए मनाना पड़ेगा।
हज़ारों विचार मेरे दिमाग में आ रहे थे।
हज़ारों प्लानिंग।
हर बार यही डर लगता था — नेहा क्या सोचेगी?
कहीं वो मुझे छोड़ न दे, कहे कि “तुम चूतिया हो”।
दो दिन भी नहीं लगेंगे नेहा को मुझसे बेहतर, हैंडसम और बड़ा मर्द ढूंढने में।
मैं अपने दिमाग में खो गया था।
फिर मैंने फोकस किया जो सामने हो रहा था।
स्लो म्यूजिक पर डांस चल रहा था।
डीप किसिंग।
रोमांटिक।
वेणु का एक हाथ अब नेहा की गांड को मसल रहा था।
दूसरा हाथ उसकी नाभि को कुरेद रहा था।
अचानक वेणु के होंठ नेहा के होंठों से हटे और सीधे उसके कान के पास गए।
उसने कुछ कहा — मुझे सुनाई नहीं दिया।
फिर वापस होंठों पर आ गया।
नेहा ने अपने हाथ पीछे ले गए... शर्ट के अंदर से उसके बूब्स और भी उभरकर सामने आ गए।
किस करते हुए नेहा की साँसें तेज़ हो गई थीं।
मैं समझ गया — वेणु ने उसके कान में कुछ कहा होगा जो नेहा को पसंद आया।
स करते-करते वेणु के दोनों हाथ नेहा की शर्ट के बटन पर काम करने लगे।
एक... दो... तीन...
तीन बटन खोल दिए — किस करते हुए ही।
चौथे बटन तक पहुँचते-पहुँचते वो झुक गया मेरी बीवी के बूब्स पर।
उसने शर्ट के और नीचे के बटन खोलने शुरू कर दिए।
जहाँ तक बटन खुले थे, वहाँ तक वो किस कर रहा था —
पहले गर्दन पर, फिर क्लिवेज पर, रेड ब्रा के ऊपर से, फिर पेट पर, फिर नाभि पर।
वेणु घुटनों पर आ गया था ये सब करते हुए।
मुझे लगा था कि वो शर्ट तक ही रुकेगा।
लेकिन फिर मैंने देखा — उसने नेहा की शॉर्ट का बटन खोलना शुरू कर दिया।
नेहा अभी भी खड़ी थी, शर्ट आधी खुली हुई, बूब्स ब्रा में उभरे हुए, और वेणु उसके सामने घुटनों पर बैठा शॉर्ट का बटन खोल रहा था।
नेहा कभी वेणु को देख रही थी, कभी मुझे।
उसकी शॉर्ट धीरे-धीरे नीचे खिसक रही थी।
मैचिंग रेड पैंटी अब साफ़ दिख रही थी।
वेणु किस जारी रखे हुए था।
अब वो नेहा के घुटनों से ऊपर जा रहा था।
अच्छे से जाँघों पर किस करने के बाद वो ट्रायंगल पर पहुँच गया।
नेहा को देखा।
फिर उसने पैंटी के ऊपर से ही नेहा की चूत पर एक हल्का सा किस किया।
नेहा ने तुरंत उसके बालों को पकड़ लिया और उसे वापस खड़ा कर दिया।
फिर नेहा ने उसके कान के पास अपना चेहरा ले जाकर कुछ फुसफुसाया।
वेणु अचंभे में रह गया। वो समझ नहीं पा रहा था क्या हो रहा है।
उसने नेहा की तरफ से हटकर मेरी तरफ देखा और इशारे करते हुए कहा,
“क्या... क्या मैं आपकी वाइफ के बूब्स को हाथ लगा सकता हूँ?”
मैं समझ गया — नेहा ने उसे कहा है ऐसा करने के लिए।
नेहा मेरी इजाजत चाहती है।
मैंने उत्तेजना में हाँ में सिर हिला दिया और बोला,
“मगर बस ऊपर से... ब्रा के अंदर मत जाना।”
मैंने बस उसके मजे लेने के लिए कहा था।
मुझे पता था कि अब ये नहीं रुकने वाले।
मेरा एक हाथ में सिगरेट था और दूसरे हाथ में मेरा लंड आ चुका था।
मैं शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसे मसल रहा था।
मेरी बीवी व्हाइट शर्ट को बस कंधों पर लटकाए हुए थी।
रेड ब्रा और पैंटी में वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
मेरे हाँ बोलते ही वेणु ने ब्रा के ऊपर से नेहा के बूब्स दबाना शुरू कर दिया।
वो उन्हें अच्छे से मसल रहा था, दबा रहा था।
नेहा मुझे देख रही थी।
उसके हाथ वेणु के बालों में थे।
वेणु के शॉर्ट्स में अब तंबू बन चुका था।
वो नेहा के पीछे चला गया।
दोनों अब मुझे face करके खड़े थे।
उसके दोनों हाथों में मेरी बीवी के बूब्स थे।
स्लो म्यूजिक की रिदम में वो उन्हें दबा रहा था — ऊपर से नीचे, धीरे-धीरे मसल रहा था।
मुझे लग रहा था कि वो पीछे से नेहा की गांड पर अपना लंड रगड़ रहा है।
नेहा का एक हाथ पीछे गया।
मैंने उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदलते देखे — आँखें आधी बंद, होंठ थोड़े खुले, साँसें तेज़।
उसके हाथ नेहा की कमर के पीछे थे, तो मुझे नहीं पता था कि उसने क्या महसूस किया।
नेहा का मुँह खुला हुआ था, साँसें तेज़ थीं।
वेणु अब काफी आगे बढ़ चुका था।
उसने नेहा की ब्रा के दोनों कप को नीचे कर दिया था।
अब नेहा के नंगे निप्पल्स बाहर थे।
वेणु उन निप्पल्स से खेल रहा था — जैसे गैस के नॉब को ऑन-ऑफ करते हैं, वैसे ही उँगलियों से दबा रहा था, घुमा रहा था, सहला रहा था।
मैं देखना चाहता था कि नेहा के हाथ में क्या महसूस किया, लेकिन बोलने में हिचक रहा था।
नेहा शायद समझ गई।
वो वेणु के सामने से हटी, लेकिन हाथ अब भी शॉर्ट्स के ऊपर थे।
फिर उसने मुझे वेणु का लंड दबाकर दिखाया।
शॉर्ट्स के पतले कपड़े के ऊपर से लंड की आउटलाइन साफ़ दिखने लगी।
वो स्ट्रॉन्ग था।
एक पिंट की बीयर की बोतल जितना मोटा और लंबा।
नेहा उसे मुझे दिखा रही थी और साथ में रगड़ रही थी।
उसकी नाज़ुक उँगलियाँ पूरे लंड की लंबाई को रगड़ रही थीं — ऊपर से नीचे तक।
फिर अचानक वेणु ने नेहा के बालों को पकड़ लिया और उसे भूखे बच्चे की तरह किस करने लगा।
बहुत उत्तेजना में, बहुत बेसब्री से।
नेहा के हाथ अभी भी उसके लंड पर थे।
वेणु की सिसकारी निकली।
मैंने देखा कि उसका शॉर्ट आगे से गीला हो रहा था।
वो झड़ चुका था।
मैं जानता था... जब ये सब मेरे लिए इतना ज़्यादा था (जो रोज़ नेहा को नंगी देखता था), तो एक वर्जिन के लिए तो नामुमकिन था।
वेणु ने किस तोड़ा।
उसने नेहा का हाथ पकड़ लिया — शायद हटाने के लिए।
“आपका हाथ गंदा हो जाएगा... सॉरी...”
नेहा ने हाथ नहीं हटाया।
उसने उल्टा उसी जगह हाथ फेरा जहाँ सबसे ज़्यादा गीला था।
नेहा ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,
“कोई बात नहीं... होता है...”
वेणु शर्मिंदा लग रहा था।
लेकिन नेहा उसका हौसला बढ़ा रही थी।
थोड़ी देर बाद नेहा ने वेणु की तरफ देखा और बोली,
“सैम के शॉर्ट्स तुम्हें फिट आ जाएँगे... तुम चेंज कर लो।”
वो मेरे बैग से कुछ कपड़े निकालकर वेणु को दे दी।
फिर मेरे पास आकर बैठ गई।
रूम में शांति थी।
“बेबी... मैंने इसका पानी निकाल दिया,” नेहा ने खिलखिलाते हुए बोला — जैसे कोई आम बात हो।
जैसे मैंने आज केक बनाया है या कपड़े प्रेस कर दिए।
हम दोनों वेणु को चेंज करते हुए देख रहे थे।
उसका लंड नंगा था।
झड़ने के बाद भी वो तना हुआ था।
उसने कपड़े पहने।
कुछ सोचते हुए बोला,
“मैं बाहर से सिगरेट लेकर आता हूँ...”
“हमारे पास है,” मैंने कहा।
“मेरा ब्रांड अलग है...” कहते हुए वो जल्दबाजी में रूम से निकल गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
पहले मुझे किस किया।
फिर वो धीरे-धीरे मेरी टांगों के बीच अपना सिर ले आई।
शॉर्ट्स को नीचे करने लगी।
मैंने कहा, “रुक जाओ... वेणु को आने दो... उसे दिखाना अपना ये स्किल।”
नेहा ने लंड पर जीभ फेरते हुए कहा,
“वो नहीं आएगा।”


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