01-05-2026, 12:31 PM
भाभी - अच्छा क्या पसंद हैं तुम्हे मुझ मैं
मैं - भाभी आप तो सर से पैर तक क़यामत हो
आपके बाल, गुलाबी गाल , और...........
भाभी - और......
मैं - नहीं भाभी आगे मैं नहीं बोल पाऊंगा
आप मरोगी मुझे
भाभी मेरे मजी लेने लगी पर उन्हें नहीं पता था की मैं उनकी लेने की सोच रहा हूँ
भाभी - क्या सोचने लगा बता न और क्या
मैं - भाभी आप ....... पूरी की पूरी हुस्न की देवी हो। कसम से क़यामत हो आप
मैं शादी करूंगा तो आप से ही ...... मेरा मतलब आपके जैसी लड़के से ही
भाभी - चल अब बातें मत बना और काम पर जा
मैं - हाँ भाभी जिंदगी मैं यही बचा हैं
भाभी हस्ते हुए - लंच के जल्दी आ जाना मुझे मार्किट भी जाना हैं तो ले कर चलना आज
हमारी बाते हुई ही थी की मम्मी भी मंदिर से आ गयी
और मैं उन्हें प्रणाम कर निकल गया
रस्ते मैं मैं ये सोच रहा था की कैसे भाभी को लाइन पर लाया जाये
ऐसे ही तीन चार घंटे निकल गए
और मैं लंच के लिए घर आया
घर आकर देखा तो मम्मी पड़ोस वाली ऑन्टी के यहाँ गयी थी
मैंने भाभी के कमरे मैं जा कर देखा तो मज्जा आ गया
वो उलटी लेट कर मोबाइल मैं कुछ देख रही थी जो मुझे समझ नहीं आया
उन्होंने पैर उठा रखे थे तो उनकी साड़ी और पेटीकोट घुटनो तक उठा हुआ था
टंगे थोड़ी चौड़ी थी तो उनकी जांघे दिखाई दे रही थी
मैं सोचने लगा थोड़ा और पैर फैला ले तो इस रंडी की चड्डी भी दिख सकती हैं
और चड्डी न पहनी हो तो ................... अह्ह्ह्ह... जन्नत
मैं - भाभी आप तो सर से पैर तक क़यामत हो
आपके बाल, गुलाबी गाल , और...........
भाभी - और......
मैं - नहीं भाभी आगे मैं नहीं बोल पाऊंगा
आप मरोगी मुझे
भाभी मेरे मजी लेने लगी पर उन्हें नहीं पता था की मैं उनकी लेने की सोच रहा हूँ
भाभी - क्या सोचने लगा बता न और क्या
मैं - भाभी आप ....... पूरी की पूरी हुस्न की देवी हो। कसम से क़यामत हो आप
मैं शादी करूंगा तो आप से ही ...... मेरा मतलब आपके जैसी लड़के से ही
भाभी - चल अब बातें मत बना और काम पर जा
मैं - हाँ भाभी जिंदगी मैं यही बचा हैं
भाभी हस्ते हुए - लंच के जल्दी आ जाना मुझे मार्किट भी जाना हैं तो ले कर चलना आज
हमारी बाते हुई ही थी की मम्मी भी मंदिर से आ गयी
और मैं उन्हें प्रणाम कर निकल गया
रस्ते मैं मैं ये सोच रहा था की कैसे भाभी को लाइन पर लाया जाये
ऐसे ही तीन चार घंटे निकल गए
और मैं लंच के लिए घर आया
घर आकर देखा तो मम्मी पड़ोस वाली ऑन्टी के यहाँ गयी थी
मैंने भाभी के कमरे मैं जा कर देखा तो मज्जा आ गया
वो उलटी लेट कर मोबाइल मैं कुछ देख रही थी जो मुझे समझ नहीं आया
उन्होंने पैर उठा रखे थे तो उनकी साड़ी और पेटीकोट घुटनो तक उठा हुआ था
टंगे थोड़ी चौड़ी थी तो उनकी जांघे दिखाई दे रही थी
मैं सोचने लगा थोड़ा और पैर फैला ले तो इस रंडी की चड्डी भी दिख सकती हैं
और चड्डी न पहनी हो तो ................... अह्ह्ह्ह... जन्नत


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